Category: Politics

Politics is the art of looking for trouble, finding it everywhere, diagnosing it incorrectly and applying the wrong remedies.

  • Mumbai BJP:मुंबई भाजपा की नई कार्यकारिणी घोषित: आचार्य पवन त्रिपाठी महासचिव, उदयप्रताप सिंह फिर बने प्रवक्ता; प्रमोद मिश्र को उत्तर भारतीय मोर्चा अध्यक्ष की जिम्मेदारी

    Mumbai BJP:मुंबई भाजपा की नई कार्यकारिणी घोषित: आचार्य पवन त्रिपाठी महासचिव, उदयप्रताप सिंह फिर बने प्रवक्ता; प्रमोद मिश्र को उत्तर भारतीय मोर्चा अध्यक्ष की जिम्मेदारी

    मुंबई (Mumbai): मुंबई भाजपा अध्यक्ष एडवोकेट अमित साटम द्वारा पार्टी की नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। जारी सूची के अनुसार श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी को मुंबई भाजपा का महासचिव नियुक्त किया गया है, जबकि उदयप्रताप सिंह को एक बार फिर पार्टी का प्रवक्ता बनाया गया है।

    पार्टी की नीतियों और उपलब्धियों को मीडिया तथा जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए उदयप्रताप सिंह को दोबारा यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। पत्रकार विकास संघ द्वारा ‘पत्रकार मित्र पुरस्कार’ से सम्मानित उदयप्रताप सिंह ने अपनी नियुक्ति पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम सहित पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ पार्टी की विचारधारा और नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य जारी रखेंगे।

    इसी के साथ संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से भाजपा ने कई अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियों की भी घोषणा की है। पार्टी ने प्रमोद मिश्र को मुंबई भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा का अध्यक्ष बनाया है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के निवासी प्रमोद मिश्र ने वर्ष 2009 में वार्ड स्तर से भाजपा में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी। संगठन में सक्रिय भूमिका के चलते उन्हें पहले युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष, उत्तर भारतीय मोर्चा के महासचिव तथा वर्ष 2023 में मुंबई भाजपा का सचिव बनाया गया था। नई जिम्मेदारी मिलने पर प्रमोद मिश्र ने मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम तथा महासचिव आचार्य पवन त्रिपाठी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे उत्तर भारतीय समाज को संगठित कर पार्टी संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास करेंगे।

    नई कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष पद पर अभिजीत सामंत, अमरजीत मिश्रा, महेश पारकर, राजश्री पालांडे, रश्मि मिरचंदानी, रवि राजा, पंकज यादव और किरण शेलार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं महासचिव पद पर राजेश शिरवडकर, आचार्य पवन त्रिपाठी, श्वेता पारुलकर और विनोद शेलार को नियुक्त किया गया है।

    सचिव पद पर संतोष मेढेकर, रविमणि खरटमल, प्रतीक कर्पे, जयश्री खरात, बिंदु त्रिवेदी, जितेंद्र राउत, अखिलेश चौबे और जिगर कराणी को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं प्रवक्ता के रूप में अनिकेत निकम, निरंजन शेट्टी, सुमिता सुमन सिंह, राहुल दीनानाथ तिवारी, अजय सिंह, उदय प्रताप सिंह और किशोर जोशी को नियुक्त किया गया है।

    कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी किरीट भंसाली को दी गई है, जबकि कार्यालय प्रमुख के रूप में दिनेश जगताप को नियुक्त किया गया है। मोर्चा स्तर पर भी कई नियुक्तियां की गई हैं। युवा मोर्चा अध्यक्ष के रूप में दीपक सिंह, महिला मोर्चा अध्यक्ष के रूप में योजना टोकले, ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष के रूप में सनी सानप तथा अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष के रूप में शरद कांबले को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    इसके अलावा उत्तर भारतीय मोर्चा अध्यक्ष के रूप में प्रमोद मिश्र, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष के रूप में कासिम खान तथा झोपड़पट्टी मोर्चा अध्यक्ष के रूप में धनंजय कोल्हेकर को नियुक्त किया गया है।

    पार्टी ने विभिन्न प्रकोष्ठों और सेल के संयोजकों की भी घोषणा की है। लीगल सेल के संयोजक एडवोकेट अमित मेहता तथा सह-संयोजक एडवोकेट मदन गुप्ता बनाए गए हैं। आईटी एवं सोशल मीडिया सेल के संयोजक नचिकेत सहस्रबुद्धे और सह-संयोजक पल्लवी ताम्हाणकर होंगे, जबकि गुजराती सेल के संयोजक बिमल भूता और सह-संयोजक सी.वी. शाह को जिम्मेदारी दी गई है।

    इसी प्रकार इंडस्ट्रीज सेल के संयोजक भरत अडवानी, शिक्षा सेल के संयोजक डॉ. राजू बंडगर, सांस्कृतिक सेल के संयोजक जेसल कोठारी, उत्तराखंड सेल के संयोजक महेंद्रसिंह गोसाई, पारसी सेल के संयोजक खुर्शेद खेकवाड, सिंधी सेल के संयोजक रोहित भगनानी तथा मच्छीमार सेल के संयोजक निकेश वेती को नियुक्त किया गया है।

    इसके अतिरिक्त परराज्य व्यवहार प्रकोष्ठ के संयोजक जतिन देसाई, बिहार प्रकोष्ठ के संयोजक मनोज झा, कोकण आघाड़ी की अध्यक्ष सुहास आडिवरेकर, कामगार आघाड़ी के अध्यक्ष अभिजीत राणे, पश्चिम महाराष्ट्र आघाड़ी के अध्यक्ष पांडुरंग थोरात, वरिष्ठ कार्यकर्ता आघाड़ी के संयोजक दिलीप गोडांबे तथा सहकार आघाड़ी के संयोजक सुनील बागुलकर को जिम्मेदारी दी गई है।

    साथ ही भटक विमुक्त आघाड़ी के अध्यक्ष चंद्रकांत शिंदे, माजी सैनिक आघाड़ी के अध्यक्ष सुभाष देवरकर और रिक्शा व टैक्सी चालक आघाड़ी के अध्यक्ष के.के. तिवारी को भी संगठन में महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है।

    भाजपा नेताओं का कहना है कि नई कार्यकारिणी के गठन से मुंबई में संगठनात्मक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और विभिन्न समाजों तथा वर्गों के बीच पार्टी का आधार और मजबूत होगा।

  • Rajyasabha: सोलापुर की गलियों से राज्यसभा तक: मजदूर परिवार की बेटी डॉ. ज्योति वाघमारे को शिवसेना ने बनाया उम्मीदवार

    Rajyasabha: सोलापुर की गलियों से राज्यसभा तक: मजदूर परिवार की बेटी डॉ. ज्योति वाघमारे को शिवसेना ने बनाया उम्मीदवार

    मुंबई: शिवसेना ने सामान्य और दलित परिवार से आने वाली डॉ. ज्योति वाघमारे को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। डॉ. वाघमारे ने आज उपमुख्यमंत्री और शिवसेना के मुख्य नेता एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया। इस अवसर पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, सांसद और मंत्री उपस्थित थे, जिनमें डॉ. श्रीकांत शिंदे, मंत्री दादाजी भुसे, मंत्री संजय शिरसाट, विधायक डॉ. मनीषा कायंदे, गजानन कीर्तिकर और आनंदराव अडसूळ शामिल थे।

    डॉ. ज्योति वाघमारे ने नामांकन भरते समय भावुकता व्यक्त की और कहा कि उन्हें अब तक विश्वास नहीं हो रहा है कि एक सामान्य और गरीब परिवार की लड़की को राज्यसभा की उम्मीदवारी मिली है। उनके पिता दलित पैंथर आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ता थे और परिवार की आजीविका के लिए मेहनत-मजदूरी करते थे। डॉ. वाघमारे ने कहा, “यह सिर्फ मेरी व्यक्तिगत उम्मीदवारी नहीं है, बल्कि पिछड़े समाज और राज्य की ढाई करोड़ बहनों की उम्मीदवारी है। यह बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान निर्माण के सपनों का प्रतीक भी है।”

    उन्होंने शिवसेना के मुख्य नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने हमेशा “लाड़ली बहनों” के पीछे मजबूती से खड़े होने का उदाहरण दिया। डॉ. वाघमारे ने बताया कि जब वह स्कूल में पढ़ती थी, तब उनके पैरों में चप्पल भी नहीं होती थी। सोलापुर की गलियों से राज्यसभा तक का यह सफर उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।

    शिवसेना में सामान्य कार्यकर्ताओं को ताकत देने का संदेश

    एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवसेना हमेशा साधारण और गरीब परिवारों की बेटियों को आगे लाती रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रहते हुए लागू की गई लाडली बहन योजना ने कई परिवारों को आर्थिक सहारा दिया। डॉ. ज्योति वाघमारे को राज्यसभा भेजना इसी नीति का हिस्सा है, जिससे दबे-कुचले वर्ग की आवाज संसद में सुनाई दे सके।

    डॉ. ज्योति वाघमारे: शिक्षा और अनुभव

    • अंग्रेज़ी साहित्य में पीएचडी धारक
    • दसवीं परीक्षा में ८४% अंक
    • बारहवीं परीक्षा में पुणे मंडल में पिछड़ा वर्ग श्रेणी में प्रथम स्थान
    • अर्धमागधी विषय में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान
    • महिलाओं के मुद्दों पर किए गए शोध को राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार
    • 10 वर्षों से अधिक समय तक प्राध्यापिका के रूप में कार्य

    भाषाई क्षमता

    • मराठी, हिंदी, अंग्रेज़ी, तेलुगु और कन्नड़ — पाँच भाषाओं पर गहरी पकड़

    सामाजिक और राजनीतिक योगदान

    डॉ. ज्योति वाघमारे सोलापुर की आंबेडकरी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं। उनके पिता दलित पैंथर आंदोलन के कार्यकर्ता थे। उन्होंने मानवाधिकार अभियान, विद्रोही सांस्कृतिक आंदोलन और आंबेडकरी आंदोलन से सामाजिक कार्य की शुरुआत की। शुरुआती दौर में कुछ समय के लिए न्यूज़ एंकर भी रही।

    उच्च शिक्षा का उपयोग करते हुए महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, छत्रपति शिवाजी महाराज और महात्मा बसवेश्वर के जीवन पर व्याख्यान दिए। उन्होंने वालचंद महाविद्यालय में प्राध्यापिका के रूप में भी कार्य किया।

    राजनीतिक पहचान

    • शिवसेना में अप्रैल 2023 में प्रवेश, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व को स्वीकार किया
    • राज्य प्रवक्ता और धाराशिव जिला संपर्क प्रमुख की जिम्मेदारी
    • विभिन्न मंचों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा
    • विपक्षियों को तीखे और स्पष्ट जवाब देने वाली प्रभावशाली प्रवक्ता
    • राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर दबे-कुचले वर्ग और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने की तैयारी

    डॉ. ज्योति वाघमारे का राज्यसभा सदस्य बनना न केवल सोलापुर और पश्चिम महाराष्ट्र के लिए बल्कि पूरे राज्य में शिवसेना की सामाजिक और राजनीतिक पहुंच को भी मजबूत करेगा।

  • Rajya Sabha Election: महाराष्ट्र की राज्यसभा सीटों के लिए बीजेपी ने घोषित की नई सूची: पुराने वफादार और जातीय संतुलन पर फोकस

    Rajya Sabha Election: महाराष्ट्र की राज्यसभा सीटों के लिए बीजेपी ने घोषित की नई सूची: पुराने वफादार और जातीय संतुलन पर फोकस

    मुंबई। भारतीय जनता पार्टी ने महाराष्ट्र से खाली होने वाली राज्यसभा(Rajya sabha Election) सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची सार्वजनिक कर दी है। इस बार पार्टी ने “पुराने वफादार” और “जातीय संतुलन” को ध्यान में रखते हुए चार प्रमुख चेहरों को सूचीबद्ध किया है, जिनमें केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, माया ईवनाते और रामराव वडकुते शामिल हैं। इस चयन ने राजनीतिक विश्लेषकों को भी चौंका दिया है।

    1. विनोद तावड़े: संगठन के भरोसेमंद ‘संकटमोचक’
    कोंकण क्षेत्र के गिरगांव से आने वाले तावड़े का राजनीतिक सफर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से शुरू हुआ। महाराष्ट्र में शिक्षा और सांस्कृतिक मंत्री रहे तावड़े 2019 में विधानसभा टिकट कटने के बाद कुछ समय हाशिए पर दिखे, लेकिन संगठन में उनके काम को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया। तावड़े को राज्यसभा भेजकर बीजेपी का लक्ष्य मराठा और शहरी मध्यम वर्ग को साधना है।

    2. रामदास आठवले: दलित राजनीति का मजबूत चेहरा
    केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) के प्रमुख आठवले बीजेपी के पुराने और वफादार सहयोगियों में गिने जाते हैं। दलित पैंथर आंदोलन से जुड़े आठवले तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। राज्यसभा में उनकी वापसी महाराष्ट्र के दलित, विशेषकर बौद्ध वोट बैंक को पार्टी से जोड़ने का संदेश देती है।

    3. माया चिंतामण ईवनाते: महिला और आदिवासी नेतृत्व का प्रतिनिधित्व
    माया ईवनाते का नाम इस सूची का ‘सरप्राइज एलिमेंट’ है। नागपुर की पूर्व मेयर और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य रह चुकी माया ईवनाते को बीजेपी ने महिला नेतृत्व, आदिवासी प्रतिनिधित्व और विदर्भ क्षेत्र के लिए चुना है। आदिवासी समुदाय में उनका प्रभाव और दिल्ली में मंत्रालय का अनुभव उन्हें राज्यसभा के लिए उपयुक्त बनाता है।

    4. रामराव वडकुते: एनसीपी छोड़ भाजपा में शामिल हुए सक्रिय नेता
    मराठवाड़ा के धनगर समुदाय से आने वाले रामराव वडकुते पहले एनसीपी में सक्रिय थे, लेकिन 2019 में विधानसभा टिकट न मिलने के बाद उन्होंने भाजपा जॉइन किया। वडकुते महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी माने जाते हैं। उनकी राज्यसभा नॉमिनेशन से बीजेपी को मराठवाड़ा क्षेत्र में आरक्षण और सामाजिक संतुलन का लाभ मिलेगा।

    इस सूची के माध्यम से बीजेपी ने पुराने वफादारों को सम्मानित करने के साथ-साथ जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का संतुलन बनाए रखने की रणनीति अपनाई है।

  • NMMC: नवी मुंबई मनपा में परिवहन समिति(Transport Committee) चुनाव पर हंगामा, आधे घंटे के लिए महासभा स्थगित

    NMMC: नवी मुंबई मनपा में परिवहन समिति(Transport Committee) चुनाव पर हंगामा, आधे घंटे के लिए महासभा स्थगित

    रेणू पांडे | नवी मुंबई

    नवी मुंबई महानगरपालिका की महासभा में परिवहन समिति सदस्य के चुनाव को लेकर जोरदार हंगामा हुआ, जिसके चलते सभा की कार्यवाही करीब आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।

    जानकारी के अनुसार, परिवहन समिति (Transport Committee) के सदस्य का चुनाव मतदान प्रक्रिया से कराने के निर्णय का शिवसेना के नगरसेवकों ने कड़ा विरोध किया। जैसे ही मतदान से चुनाव कराने की घोषणा की गई, विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ सदस्यों ने महापौर का घेराव करते हुए राजदंड उठाने के मुद्दे पर भी आपत्ति जताई, जिससे सभागार में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    स्थिति तनावपूर्ण होते देख सत्ताधारी दल की महिला नगरसेविकाएं महापौर की सुरक्षा के लिए उनके आसपास खड़ी हो गईं। अधिकारियों और वरिष्ठ सदस्यों ने हस्तक्षेप कर माहौल शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन बढ़ते हंगामे के चलते अंततः सभा को लगभग आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया।

    गौरतलब है कि परिवहन समिति सदस्य के चुनाव को लेकर पहले से ही राजनीतिक खींचतान चल रही थी, जिसके कारण महासभा में यह विवाद और अधिक उग्र रूप ले बैठा।

  • Navi Mumbai News:राज्यस्तरीय पुरस्कारों से उपेक्षित प्रतिभाओं को मिल रहा मंच: गणेश नाईक

    Navi Mumbai News:राज्यस्तरीय पुरस्कारों से उपेक्षित प्रतिभाओं को मिल रहा मंच: गणेश नाईक

    नवी मुंबई(Navi Mumbai News)। राज्य के वन मंत्री एवं पालघर जिले के पालकमंत्री गणेश नाईक ने कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अनेक लोगों को सम्मान का अवसर नहीं मिल पाता, लेकिन साप्ताहिक ‘धगधगती मुंबई’ पिछले 16 वर्षों से ऐसे लोगों को सामने लाने का सराहनीय कार्य कर रहा है।

    कोपरखैरणे स्थित स्वर्गीय अण्णासाहेब पाटील सभागृह में आयोजित ‘धगधगती मुंबई’(Dhagdhagti Mumbai) के 16वें वर्धापन दिवस एवं राज्यस्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह में वे मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इस अवसर पर अभिनेता विजय पाटकर, पूर्व सांसद डॉ. संजीव नाईक, नवी मुंबई की महापौर सुजाता पाटील, वरिष्ठ पत्रकार अजित जगताप, मुंबई बैंक के संचालक नंदकुमार काटकर, अधिवक्ता स्मिता चिपळूणकर, उद्योजक हनुमंत रांजणे, के. के. शेलार, लोक कलाकार योगेश चिकटगावकर, ‘धगधगती मुंबई’ के संपादक भिमराव धुळप तथा सरपंच रमेश धनावडे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

    भिमराव धुळप पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता के माध्यम से समाज के उपेक्षित वर्गों की आवाज उठाते आ रहे हैं। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को राज्यस्तरीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    मंत्री गणेश नाईक ने कहा कि तळागाळ में काम करने वाले लोगों को पहचान देना और उनका सम्मान करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी मान्यवरों ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए इस पहल को आगे भी जारी रखने का आश्वासन दिया।

  • Marathi Rajbhasha Gaurav Divas: मुंबादेवी में मनसे ने मनाया मराठी राजभाषा गौरव दिवस पर प्रतिष्ठित हस्तियों का किया गया सम्मान

    Marathi Rajbhasha Gaurav Divas: मुंबादेवी में मनसे ने मनाया मराठी राजभाषा गौरव दिवस पर प्रतिष्ठित हस्तियों का किया गया सम्मान

    मुंबई: प्रख्यात साहित्यकार वि. वा. शिरवाडकर (कुसुमाग्रज) की जयंती के उपलक्ष्य में पूरे महाराष्ट्र में ‘मराठी राजभाषा गौरव दिवस'(Marathi Rajbhasha Gaurav Divas) उत्साह के साथ मनाया गया। इसी कड़ी में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) द्वारा मुंबादेवी विधानसभा प्रभाग क्रमांक 220 में एक विशेष गौरव समारोह का आयोजन किया गया।

    विशिष्ट व्यक्तियों का सम्मान

    इस कार्यक्रम के माध्यम से कला, खेल, सामाजिक, प्रशासनिक और उद्यम जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले मराठी भाषी प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। सभी गणमान्य जनों को शॉल, गुलाब पुष्प और सम्मान पत्र प्रदान कर उनके कार्यों की सराहना की गई।

    उद्यमी जयवंत कोळेकर का विशेष सत्कार

    कार्यक्रम के दौरान प्रभाग के वरिष्ठ और अनुभवी मराठी उद्यमी (विकासक) श्री जयवंत कोळेकर का विशेष सम्मान किया गया। उन्होंने अपने क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाकर मराठी अस्मिता को गौरवान्वित किया है।

    प्रमुख उपस्थिति

    समारोह में मनसे के प्रमुख पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

    • प्रशांत गांधी (विभाग अध्यक्ष)
    • अनिल शांताराम नागरे (उपविभाग अध्यक्ष)
    • राजेश बनसोडे (उपविभाग सचिव)
    • वैभव राऊत (शाखाध्यक्ष)

    सांस्कृतिक संदेश

    इस आयोजन के जरिए मनसे ने मराठी भाषा, संस्कृति और अस्मिता के संरक्षण व संवर्धन का कड़ा संदेश दिया। उपस्थित ‘महाराष्ट्र सैनिकों’ ने मराठी भाषा के गौरव को अक्षुण्ण रखने का संकल्प दोहराया।


  • BMC: कोकण विकास आघाड़ी के पूर्व पदाधिकारियों ने मुंबई मनपा के नवनियुक्त महापौर ऋतु तावड़े और उपमहापौर संजय घाडी से की शिष्टाचार भेंट

    BMC: कोकण विकास आघाड़ी के पूर्व पदाधिकारियों ने मुंबई मनपा के नवनियुक्त महापौर ऋतु तावड़े और उपमहापौर संजय घाडी से की शिष्टाचार भेंट

    मुंबई : कोकण विकास आघाड़ी के पूर्व पदाधिकारियों ने मुंबई महानगरपालिका की नवनियुक्त महापौर ऋतु तावड़े और उपमहापौर संजय घाडी से शिष्टाचार भेंट कर दी शुभकामनाएं।

    के पूर्व मुंबई महामंत्री राजेंद्र फणसगांवकर ने बृहंमुंबई महानगरपालिका की नवनियुक्त महापौर सौ. रितू ताई तावडे से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर शिवसेना के उपमहापौर संजय घाडी, स्थायी समिति के अध्यक्ष मंगेश पवार तथा शिक्षा समिति की अध्यक्षा राजश्री ताई शिरवडकर से भी मुलाकात की गई।

    भेंट के दौरान मुंबई शहर में चल रहे विकास कार्यों, कोकण क्षेत्र से जुड़े सामाजिक उपक्रमों तथा संगठनात्मक समन्वय को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। फणसगांवकर ने शहर के सर्वांगीण विकास के लिए महानगरपालिका प्रशासन को सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।

    इसके पश्चात उन्होंने बृहंमुंबई महानगरपालिका स्थित भाजपा पक्ष कार्यालय का भी दौरा किया। इस दौरान कोकण विकास आघाड़ी के पूर्व मुंबई अध्यक्ष सुधीर राणे, राजाराम मोरे, नरेंद्र मोरे, महेंद्र लोके, सुरेश बापर्डेकर, रसिका आणेराव, अनिता तावडे, लांबेश तावडे, कृष्णा कांबळी, प्रीती लाड, आर. सावंत तथा अनिल गोपाले सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

    इस शिष्टाचार भेंट को संगठनात्मक मजबूती और आपसी समन्वय को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

  • NCP:एनसीपी (अजित गुट) में बड़ा फैसला: पार्थ पवार राज्यसभा के लिए नामित, सुनेत्रा पवार बनीं पार्टी अध्यक्ष

    NCP:एनसीपी (अजित गुट) में बड़ा फैसला: पार्थ पवार राज्यसभा के लिए नामित, सुनेत्रा पवार बनीं पार्टी अध्यक्ष

    मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की ओर से राज्यसभा सीट को लेकर लगभग अंतिम फैसला हो चुका है। जानकारी के अनुसार दिवंगत अजित पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार को राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया गया है।

    गुरुवार (26 फरवरी) को हुई पार्टी की कोर कमेटी बैठक में सर्वसम्मति से पार्थ पवार के नाम पर मुहर लगाई गई। इसके बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस फैसले की औपचारिक घोषणा की गई।

    सुनेत्रा पवार ने ली उपमुख्यमंत्री पद की शपथ

    इसी के साथ पार्टी संगठन में बड़ा बदलाव भी हुआ है। सुनेत्रा पवार ने राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। इससे पहले उन्होंने राज्यसभा सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद राज्यसभा में एनसीपी की सीट रिक्त हो गई थी।

    https://c.ndtvimg.com/2026-01/5lqebie8_sunetra-pawar-oath-taking-ceremony_625x300_31_January_26.jpg
    https://c.ndtvimg.com/2026-02/489ih3cg_sunetra-pawar_625x300_16_February_26.jpg

    4

    अजित पवार के असामयिक निधन के बाद पार्टी अध्यक्ष का पद खाली था। अब सुनेत्रा पवार को निर्विरोध पार्टी अध्यक्ष चुना गया है। इस फैसले को संगठनात्मक एकजुटता और परिवार के भीतर नेतृत्व बनाए रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

    पार्थ पवार का राजनीतिक सफर

    पार्थ पवार ने वर्ष 2019 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने मावल लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

    https://pbs.twimg.com/media/HAD5W7Sa0AAVa2F.jpg
    https://th-i.thgim.com/public/elections/lok-sabha-2019/jaydw9/article27219316.ece/alternates/FREE_385/23BMPARTHPAWAR

    चुनाव हारने के बाद वे कुछ समय के लिए सक्रिय राजनीति से दूर हो गए थे और पार्टी में कोई औपचारिक पद नहीं लिया था। नामांकन पत्र में उन्होंने लगभग 20 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी। वे बीकॉम स्नातक हैं और आगे की पढ़ाई के लिए लंदन भी गए थे।

    राजनीतिक मायने

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय एनसीपी (अजित गुट) में नेतृत्व की निरंतरता और पारिवारिक विरासत को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एक ओर जहां सुनेत्रा पवार को संगठन की कमान सौंपी गई है, वहीं पार्थ पवार को संसद के उच्च सदन में भेजकर पार्टी भविष्य की रणनीति को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

    आने वाले दिनों में पार्थ पवार के नामांकन की औपचारिक घोषणा और चुनाव प्रक्रिया पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।

  • Nashik Singhastha Kumbh:कुंभ से पहले प्रशासन की रफ्तार ढीली, साधु ग्राम को लेकर संतों ने छेड़ा संघर्ष

    Nashik Singhastha Kumbh:कुंभ से पहले प्रशासन की रफ्तार ढीली, साधु ग्राम को लेकर संतों ने छेड़ा संघर्ष

    नासिक। आगामी सिंहस्थ कुंभ (Nashik Singhastha Kumbh) मेला की आहट के साथ शहर में तैयारियां तेज होती नजर आ रही हैं। सड़कों के चौड़ीकरण, बिजली और पानी आपूर्ति से जुड़े बुनियादी ढांचे के कार्य कई हिस्सों में शुरू हो चुके हैं।

    लेकिन कुंभ मेले के मुख्य केंद्र तपोवन क्षेत्र स्थित साधु ग्राम में अब तक निर्माण कार्य शुरू न होने से साधु-संतों में भारी नाराजगी है।

    अखाड़ा परिषद ने उठाए सवाल

    अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रवक्ताओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब शहर के अन्य इलाकों में काम दिखाई दे रहा है, तो साधु ग्राम को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है?

    संतों ने स्पष्ट किया कि साधु ग्राम के लिए आरक्षित जमीन का अधिग्रहण करने से पहले संबंधित किसानों को तत्काल और उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए।


    प्रमुख मांगें

    1️⃣ मुआवजा:
    भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों को तुरंत आर्थिक भुगतान।

    2️⃣ निर्माण कार्य:
    साधु ग्राम में बुनियादी सुविधाओं का काम युद्धस्तर पर शुरू किया जाए।

    3️⃣ संरक्षण:
    स्थानीय आश्रमों और मठों की मौजूदा व्यवस्था को कोई नुकसान न पहुंचे।

    4️⃣ समन्वय:
    प्रशासन और संतों के बीच नियमित संवाद और पारदर्शी योजना बने।


    संतों की चेतावनी

    तीनों प्रमुख अखाड़ों — दिगंबर, निर्वाणी और निर्मोही — के संतों ने हाल ही में गोवा में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की।
    राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत भक्ति चरणदास महाराज ने कहा कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो साधु-संत सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।

    संतों का कहना है कि कुंभ मेले में लाखों श्रद्धालुओं और साधु-संतों का आगमन होता है और उनके ठहरने की व्यवस्था साधु ग्राम में ही की जाती है। यदि समय पर कार्य पूरे नहीं हुए, तो मेले के सफल आयोजन पर प्रश्नचिह्न लग सकता है।

  • AISF: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन का नासिक में आंदोलन: 18,000 मराठी स्कूल बंद करने के फैसले के खिलाफ बिगुल

    AISF: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन का नासिक में आंदोलन: 18,000 मराठी स्कूल बंद करने के फैसले के खिलाफ बिगुल

    नासिक/मुंबई। महाराष्ट्र में कम छात्र संख्या (पटसंख्या) का हवाला देते हुए लगभग 18,000 सरकारी मराठी स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की खबर ने शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है। इस निर्णय के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) ने नासिक में बड़े आंदोलन की घोषणा कर दी है।

    26 फरवरी को जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन

    एआईएसएफ(AISF) के नेतृत्व में गुरुवार, 26 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजे नासिक के जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन का आरोप है कि स्कूलों में छात्र संख्या स्वाभाविक रूप से कम नहीं हुई, बल्कि वर्षों की सरकारी उपेक्षा के कारण यह स्थिति पैदा की गई है।

    आंदोलनकारियों का कहना है कि:

    • कई स्कूलों की इमारतें जर्जर अवस्था में हैं
    • मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है
    • वर्षों से नई शिक्षक भर्ती बंद है
    • शिक्षकों के रिक्त पद नहीं भरे गए
    • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए

    इन सब कारणों से अभिभावक मजबूर होकर बच्चों को निजी स्कूलों की ओर भेज रहे हैं, जिससे सरकारी स्कूलों की पटसंख्या घटती गई।


    आंदोलन की रूपरेखा

    • दिनांक: गुरुवार, 26 फरवरी 2026
    • समय: दोपहर 12:00 बजे
    • स्थान: जिलाधिकारी कार्यालय, नासिक
    • नेतृत्व: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ)

    निजीकरण का बढ़ता खतरा

    एआईएसएफ का आरोप है कि यह निर्णय शिक्षा के निजीकरण की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। संगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि बड़ी संख्या में मराठी माध्यम के सरकारी स्कूल बंद होते हैं, तो:

    • गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा महंगी हो जाएगी
    • कई छात्र पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं
    • ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा का ढांचा कमजोर पड़ेगा
    • मराठी माध्यम की शैक्षणिक परंपरा को झटका लगेगा

    संगठन का यह भी कहना है कि मराठी भाषा और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने की नीति के तहत यह कदम उठाया जा रहा है।


    जनआंदोलन बनाने की तैयारी

    एआईएसएफ की टीमें नासिक जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में जाकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद कर रही हैं। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल हों, ताकि सरकार को यह निर्णय वापस लेने पर मजबूर किया जा सके।

    संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि स्कूल बंद करने की प्रक्रिया नहीं रोकी गई, तो आंदोलन को जिला स्तर से राज्यव्यापी रूप दिया जाएगा।