Rajyasabha: सोलापुर की गलियों से राज्यसभा तक: मजदूर परिवार की बेटी डॉ. ज्योति वाघमारे को शिवसेना ने बनाया उम्मीदवार

सोलापुर की मजदूर बेटी डॉ. ज्योति वाघमारे अब राज्यसभा में दबे-कुचले वर्ग की आवाज बनेंगी, शिवसेना का समाज के कमजोर वर्ग को सशक्त बनाने का संदेश

Written by

in

, , , ,

मुंबई: शिवसेना ने सामान्य और दलित परिवार से आने वाली डॉ. ज्योति वाघमारे को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। डॉ. वाघमारे ने आज उपमुख्यमंत्री और शिवसेना के मुख्य नेता एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया। इस अवसर पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, सांसद और मंत्री उपस्थित थे, जिनमें डॉ. श्रीकांत शिंदे, मंत्री दादाजी भुसे, मंत्री संजय शिरसाट, विधायक डॉ. मनीषा कायंदे, गजानन कीर्तिकर और आनंदराव अडसूळ शामिल थे।

डॉ. ज्योति वाघमारे ने नामांकन भरते समय भावुकता व्यक्त की और कहा कि उन्हें अब तक विश्वास नहीं हो रहा है कि एक सामान्य और गरीब परिवार की लड़की को राज्यसभा की उम्मीदवारी मिली है। उनके पिता दलित पैंथर आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ता थे और परिवार की आजीविका के लिए मेहनत-मजदूरी करते थे। डॉ. वाघमारे ने कहा, “यह सिर्फ मेरी व्यक्तिगत उम्मीदवारी नहीं है, बल्कि पिछड़े समाज और राज्य की ढाई करोड़ बहनों की उम्मीदवारी है। यह बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान निर्माण के सपनों का प्रतीक भी है।”

उन्होंने शिवसेना के मुख्य नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने हमेशा “लाड़ली बहनों” के पीछे मजबूती से खड़े होने का उदाहरण दिया। डॉ. वाघमारे ने बताया कि जब वह स्कूल में पढ़ती थी, तब उनके पैरों में चप्पल भी नहीं होती थी। सोलापुर की गलियों से राज्यसभा तक का यह सफर उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।

शिवसेना में सामान्य कार्यकर्ताओं को ताकत देने का संदेश

एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवसेना हमेशा साधारण और गरीब परिवारों की बेटियों को आगे लाती रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रहते हुए लागू की गई लाडली बहन योजना ने कई परिवारों को आर्थिक सहारा दिया। डॉ. ज्योति वाघमारे को राज्यसभा भेजना इसी नीति का हिस्सा है, जिससे दबे-कुचले वर्ग की आवाज संसद में सुनाई दे सके।

डॉ. ज्योति वाघमारे: शिक्षा और अनुभव

  • अंग्रेज़ी साहित्य में पीएचडी धारक
  • दसवीं परीक्षा में ८४% अंक
  • बारहवीं परीक्षा में पुणे मंडल में पिछड़ा वर्ग श्रेणी में प्रथम स्थान
  • अर्धमागधी विषय में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान
  • महिलाओं के मुद्दों पर किए गए शोध को राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार
  • 10 वर्षों से अधिक समय तक प्राध्यापिका के रूप में कार्य

भाषाई क्षमता

  • मराठी, हिंदी, अंग्रेज़ी, तेलुगु और कन्नड़ — पाँच भाषाओं पर गहरी पकड़

सामाजिक और राजनीतिक योगदान

डॉ. ज्योति वाघमारे सोलापुर की आंबेडकरी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं। उनके पिता दलित पैंथर आंदोलन के कार्यकर्ता थे। उन्होंने मानवाधिकार अभियान, विद्रोही सांस्कृतिक आंदोलन और आंबेडकरी आंदोलन से सामाजिक कार्य की शुरुआत की। शुरुआती दौर में कुछ समय के लिए न्यूज़ एंकर भी रही।

उच्च शिक्षा का उपयोग करते हुए महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, छत्रपति शिवाजी महाराज और महात्मा बसवेश्वर के जीवन पर व्याख्यान दिए। उन्होंने वालचंद महाविद्यालय में प्राध्यापिका के रूप में भी कार्य किया।

राजनीतिक पहचान

  • शिवसेना में अप्रैल 2023 में प्रवेश, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व को स्वीकार किया
  • राज्य प्रवक्ता और धाराशिव जिला संपर्क प्रमुख की जिम्मेदारी
  • विभिन्न मंचों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा
  • विपक्षियों को तीखे और स्पष्ट जवाब देने वाली प्रभावशाली प्रवक्ता
  • राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर दबे-कुचले वर्ग और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने की तैयारी

डॉ. ज्योति वाघमारे का राज्यसभा सदस्य बनना न केवल सोलापुर और पश्चिम महाराष्ट्र के लिए बल्कि पूरे राज्य में शिवसेना की सामाजिक और राजनीतिक पहुंच को भी मजबूत करेगा।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *