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  • Dr. Shrikant Shinde: मतदाता सूची अभियान में जुटें शिवसैनिक, काम करने वालों को ही मिलेगा संगठन में मान-सम्मान: डॉ. श्रीकांत शिंदे

    Dr. Shrikant Shinde: मतदाता सूची अभियान में जुटें शिवसैनिक, काम करने वालों को ही मिलेगा संगठन में मान-सम्मान: डॉ. श्रीकांत शिंदे

    Dr. Shrikant Shinde: राज्य में 24 वर्षों बाद होने जा रहे मतदाता सूची के व्यापक पुनरीक्षण अभियान को गंभीरता से लेते हुए शिवसेना संसदीय दल के नेता एवं सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत के साथ इस अभियान में जुटने का आह्वान किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संगठन में पद और सम्मान केवल काम करने वालों को मिलेगा, सिफारिश करने वालों को नहीं।

    शिवसंवाद दौरे के तहत खानदेश पहुंचे डॉ. शिंदे ने चाळीसगाव और अमळनेर में आयोजित समीक्षा बैठकों में कहा कि आगामी तीन महीनों तक पार्टी के बीएलए और समन्वयकों को मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि फर्जी मतदाताओं के नाम हटाने और समर्थक मतदाताओं के नाम सूची में सुनिश्चित करने के लिए कार्यकर्ता घर-घर जाकर सत्यापन प्रक्रिया पर नजर रखें।

    बैठकों में सांसद मिलिंद देवरा, मंत्री गुलाबराव पाटिल, विधायक दिलीप लांडे, किशोरअप्पा पाटिल, अमोल पाटिल, चंद्रकांत सोनावणे, चंद्रकांत पाटिल, शिवसेना सचिव भाऊसाहेब चौधरी, राज्य संगठन प्रमुख एवं पूर्व सांसद आनंद परांजपे, पूर्व विधायक शिरीष चौधरी, पूर्व सांसद उन्मेष पाटिल सहित जिले के अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।

    चाळीसगाव में पाचोरा, एरंडोल और चाळीसगाव विधानसभा क्षेत्रों की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. शिंदे ने कहा कि 30 जून से घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन किया जाएगा। ऐसे में बीएलओ के कार्यों पर बीएलए और समन्वयकों को सतर्क निगरानी रखनी होगी।

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    उन्होंने कहा कि शिवसेना में कार्य करने वालों को ही अवसर दिया जाता है। इसी सोच के तहत सामान्य परिवार से आने वाली ज्योतीताई वाघमारे को राज्यसभा भेजा गया और किसान नेता बच्चू कडू को विधान परिषद में स्थान मिला। उन्होंने कहा कि भविष्य में संगठनात्मक नियुक्तियां भी केवल कार्य और योगदान के आधार पर की जाएंगी।

    डॉ. शिंदे ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि चाळीसगाव क्षेत्र में शिवसेना का भगवा और अधिक मजबूती से लहराएगा। उन्होंने कहा कि उन्मेष पाटिल के पार्टी में आने से क्षेत्र में संगठन को नई ताकत मिली है।

    अमळनेर में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने बीएलए-1 और बीएलए-2 के कार्यों की निगरानी के लिए समन्वयक नियुक्त करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी समर्थक का नाम मतदाता सूची से छूट जाता है तो उसका तत्काल अनुसरण किया जाए। जलगांव जिले में शिवसेना का वर्चस्व बनाए रखने के लिए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को मिलकर काम करना होगा।

    इस अवसर पर पालकमंत्री गुलाबराव पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार ने किसान कर्जमाफी, एनडीआरएफ नियमों में राहत तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जनता का विश्वास जीता है। इसी कारण महायुति को राज्य में ऐतिहासिक जनसमर्थन प्राप्त हुआ।

    दो दिनों में 19 विधानसभा क्षेत्रों की समीक्षा
    शिवसंवाद दौरे के दौरान सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने नंदुरबार, धुले और जलगांव जिलों के कुल 19 विधानसभा क्षेत्रों की समीक्षा की। इससे पूर्व वे मराठवाड़ा क्षेत्र के जालना, नांदेड़, परभणी, हिंगोली और बीड जिलों का भी दौरा कर संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा कर चुके हैं।

  • CJP Draws in Teenagers: सीजेपी ने किशोरों को किया आकर्षित, ‘जीवन के पहले प्रदर्शन’ में पहुंचे युवा!

    CJP Draws in Teenagers: सीजेपी ने किशोरों को किया आकर्षित, ‘जीवन के पहले प्रदर्शन’ में पहुंचे युवा!

    CJP Draws in Teenagers: सोशल मीडिया के जरिये सामने आयी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से नीट-पेपर लीक को लेकर शनिवार को जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में सैकड़ों की तादाद में लोग इकट्ठा हुए। हाथ में पोस्टर-पर्चे लिये कुछ लोगों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की, तो कुछ ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को खत्म करने की मांग की।

    जंतर-मंतर दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों का केंद्र है। सरकार की नीतियों के प्रति अपनी नाराज़गी व्यक्त करने के लिए हर शख्स एवं समूह इसकी ओर रुख करता है, हालांकि सीजेपी का यह प्रदर्शन खास था। यहां सिर्फ समाज के वरिष्ठ प्रतिभागी ही नहीं, बल्कि किशोर, यहां तक की स्कूली बच्चे भी मौजूद रहे।

    ऐसे ही एक छात्र समर्थ अपने जीवन के पहले विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने जंतर-मंतर पहुंचे। बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाले समर्थ की उम्र सिर्फ 17 वर्ष है लेकिन जब उसे यह पता चला कि यह विरोध प्रदर्शन शिक्षा के मुद्दे पर आयोजित हो रहा है तो उसने अपनी मां से ज़िद की कि वह जंतर-मंतर जाना चाहते हैं। उसकी यह ज़िद मान ली गयी।

    समर्थन ने इस प्रदर्शन में शामिल होने के अनुभव पर यूनीवार्ता से कहा, “यह मेरे जीवन का पहला विरोध प्रदर्शन है। सालों से बहुत से ऐसे मुद्दे हैं जिनसे गुस्सा आता है। सीजेपी ने हमें एक मंच दिया जहां हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठा सकते हैं। हमारी यही मांग है कि हमारा भविष्य सुरक्षित रहे और व्यवस्था साफ हो जिसमें हम ठीक तरह परीक्षा दे सकें और आगे चलकर जीवन में कुछ बन सकें। कम से कम परीक्षाएं तो ठीक से हों।”

    समर्थ ने अभी 12वीं कक्षा में प्रवेश किया है और आने वाले साल में वह बोर्ड परीक्षा देंगे। यही वजह है कि वह हाल ही में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के परीक्षा परिणाम में हुई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) संबंधी अव्यवस्था को लेकर भी चिंतित हैं। उन्होंने कहा, “अगर मैं सोचूं कि इस साल मैंने बोर्ड परीक्षा नहीं दी तो मेरे लिए चिंता का विषय नहीं है, तो यह गलत होगा।

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    आने वाले साल में मुझे भी परीक्षा देनी है। सीबीएसई एक बड़ा बोर्ड है और देशभर के बच्चे इस परीक्षा में हिस्सा लेते हैं। ओएसएम व्यवस्था इसलिए लायी गयी थी कि चेकिंग पारदर्शी हो। अगर यही प्रणाली ठीक से काम नहीं करेगी तो छात्रों का आक्रोशित होना लाजमी है।”

    दूसरी ओर, हंसराज कॉलेज में पढ़ने वाले 19 वर्षीय निखिल गुप्ता भी एक नयी पहल को अनुभव करने के लिए जंतर-मंतर पहुंचे। वह अक्सर विरोध प्रदर्शनों में शामिल नहीं होते, लेकिन युवाओं और विद्यार्थियों से संबंधित मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन हुआ तो जंतर-मंतर चले आए। उन्होंने कहा, “यह (पेपर लीक) चिंता का विषय है। सीबीएसई-नीट की परीक्षाएं ठीक से न होना देश के युवाओं को प्रभावित करता है।”

    निखिल ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तलब करने वाली सीजेपी की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वह सीजेपी का घोषणा-पत्र पढ़ चुके हैं और पार्टी की मांगों से इत्तफाक भी रखते हैं। राष्ट्रीय राजधानी की चिलचिलाती गर्मी और धूप में 13 वर्षीय अपरस कौर भी शिक्षा व्यवस्था की खामियों के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त करने जंतर-मंतर पहुंचीं। नौंवी कक्षा में पढ़ने वाली अपरस के हाथ में एक बैनर था, जिस पर काले वॉटर कलर से लिखा था, ‘बच्चे कोई प्रयोग नहीं हैं।’

    उन्होंने अपनी नाराजगी को शब्दों में पिरोते हुए कहा, “मैं प्रदर्शन में आयी हूं क्योंकि हमारे साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ मेरे मन में आक्रोश है। शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। अगर वह इस्तीफा नहीं दे सकते तो व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी लें। मैं बड़ी होकर एक डिजाइनर-इलस्ट्रेटर बनना चाहती हूं। वहां तक पहुंचने के लिए मुझे कई पड़ाव पार करने होंगे। अगर एक आम नागरिक की इतनी जिम्मेदारी तय की जा सकती है तो मंत्रियों की क्यों नहीं।”

    अपरस बताती हैं कि जब उन्हें पता चला कि उनके माता-पिता विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हैं, तो उन्होंने भी साथ जाने की इच्छा जाहिर की। अपने जीवन के पहले विरोध प्रदर्शन में अपरस ने अनुभव किया कि एक लोकतंत्र का नागरिक होना कैसा है। उन्होंने कहा, “मुझे अच्छा लग रहा है कि मैं अपनी आवाज़ उठा पा रही हूं। अपनी अभिव्यक्ति की आज़ादी का इस्तेमाल कर रही हूं।”

  • Arzoo Swabhiman Nagarik Samiti: विश्व पर्यावरण दिवस पर अरज़ू स्वाभिमान नागरिक समिति का जनजागृति कार्यक्रम आयोजित!

    Arzoo Swabhiman Nagarik Samiti: विश्व पर्यावरण दिवस पर अरज़ू स्वाभिमान नागरिक समिति का जनजागृति कार्यक्रम आयोजित!

    Arzoo Swabhiman Nagarik Samiti: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अरज़ू स्वाभिमान नागरिक समिति द्वारा दादर स्थित अरज़ू हॉल में एक विशेष जनजागृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास आठवले, नेताजी सुभाषचंद्र बोस के भतीजे चंद्रकुमार बोस, समाजसेवक एवं पूर्व उपमहापौर बाबुभाई भवनजी तथा समिति के अध्यक्ष राजेंद्र मेहता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामदास आठवले एवं चंद्रकुमार बोस ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। स्वच्छता, वृक्षारोपण और हरित अभियानों को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

    संबंधित खबर: Mahavitaran’s 21st Anniversary: भांडुप सर्कल में उत्साह और सादगी के साथ मनाई गई महावितरण की 21वीं सालगिरह!

    इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने अरज़ू स्वाभिमान नागरिक समिति द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की। विशेष रूप से झोपड़पट्टीवासियों एवं आम नागरिकों को झोपड़पट्टी संबंधी दस्तावेजों तथा अन्य कानूनी कागजात तैयार करने में दी जा रही सहायता को सराहनीय बताया गया।

    समिति द्वारा बताया गया कि ये दस्तावेज़ राज्य सरकार की “माझा घर माझा अधिकार” योजना के अंतर्गत होने वाले सर्वेक्षण में उपयोगी सिद्ध होंगे तथा पात्र नागरिकों को सरकारी आवास योजनाओं के तहत आवास प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। कार्यक्रम में महाराष्ट्र की जनता से अपील की गई कि वे इस पहल का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर तैयार रखें। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और नागरिक सशक्तिकरण के संदेश के साथ हुआ।

  • Mahavitaran’s 21st Anniversary: भांडुप सर्कल में उत्साह और सादगी के साथ मनाई गई महावितरण की 21वीं सालगिरह!

    Mahavitaran’s 21st Anniversary: भांडुप सर्कल में उत्साह और सादगी के साथ मनाई गई महावितरण की 21वीं सालगिरह!

    Mahavitaran’s 21st Anniversary: महावितरण की 21वीं सालगिरह आज भांडुप सर्कल में उत्साह और सादगी भरे माहौल में मनाई गई। प्रोग्राम की अध्यक्षता भांडुप सर्कल के चीफ इंजीनियर संजय पाटिल ने की। इस मौके पर असिस्टेंट जनरल मैनेजर प्रवीण रहांगडाले, असिस्टेंट जनरल मैनेजर नमिता गजदार, सिस्टम एनालिस्ट कीर्ति जोशी, डिप्टी चीफ इंडस्ट्रियल रिलेशन्स ऑफिसर महेंद्र बागुल और दूसरे सीनियर अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।प्रोग्राम की शुरुआत सामूहिक इलेक्ट्रिकल सेफ्टी शपथ के साथ हुई।

    इसके बाद, मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए चीफ इंजीनियर संजय पाटिल ने कहा कि राज्य के विकास में पावर सेक्टर की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है और महावितरण के अधिकारी और कर्मचारी बदलते समय की नई चुनौतियों का सामना करने के लिए काबिलियत से काम कर रहे हैं।पिछले कुछ दशकों में पावर सेक्टर ने बहुत तरक्की की है। पहले, मुख्य मकसद ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंचाना था।

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    समय के साथ चुनौतियां बदलीं और 2005 में पावर सेक्टर को पावर जेनरेशन, पावर ट्रांसमिशन और पावर डिस्ट्रीब्यूशन की अलग-अलग कंपनियों में बांट दिया गया। आज, महावितरण एशिया की दूसरी सबसे बड़ी पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी है और राज्य में लगभग तीन करोड़ कस्टमर्स को सर्विस देती है।उन्होंने कहा कि अगले दशक में बिजली की डिमांड बहुत ज़्यादा बढ़ेगी और इसके लिए ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना, कस्टमर्स को अच्छी क्वालिटी की बिजली सप्लाई करना और राज्य के डेवलपमेंट को तेज़ करना महावितरण की ज़िम्मेदारी है।

    उन्होंने बताया कि डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक गाड़ियां, स्मार्ट मीटर, रूफटॉप सोलर स्कीम और ई-गाड़ियों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एनर्जी सेक्टर में बड़ा बदलाव ला रहे हैं और इन सभी बदलावों के लिए तैयार रहना ज़रूरी है।उन्होंने यह भी कहा कि महावितरण ने सोलर एग्रीकल्चरल पंप स्कीम के तहत एक महीने में रिकॉर्ड 45,000 कनेक्शन देकर गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। प्रधानमंत्री का सूर्यघर योजना, स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट और अलग-अलग कस्टमर-ओरिएंटेड पहलों की सफलता के पीछे अधिकारियों, कर्मचारियों और आम लोगों का अहम योगदान बताया।

    सरकार की महत्वाकांक्षी और लोगों-ओरिएंटेड योजनाओं को लागू करने में हिस्सा लेने का मौका मिलना गर्व की बात है और हमें अपनी नौकरी के ज़रिए समाज सेवा का काम करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने सभी से बिजली के नुकसान को कम करने, बिजली चोरी रोकने और रेवेन्यू बढ़ाने के लिए ज़्यादा ज़िम्मेदारी से काम करने की अपील की, ताकि कंपनी को आर्थिक रूप से ज़्यादा फ़ायदेमंद बनाया जा सके।

  • Thane Shivrajyabhishek Ceremony: ज़िला परिषद ठाणे में शिवराज्याभिषेक समारोह जोश के साथ मनाया गया!

    Thane Shivrajyabhishek Ceremony: ज़िला परिषद ठाणे में शिवराज्याभिषेक समारोह जोश के साथ मनाया गया!

    Thane Shivrajyabhishek Ceremony: हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस के मौके पर आज, 06 जून, 2026 को ज़िला परिषद ठाणे में शिवस्वराज्य दिवस बड़े जोश और प्रेरणा देने वाले माहौल में मनाया गया। महाराष्ट्र सरकार के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता, दूरदृष्टि और जनकल्याण प्रशासन के काम का गुणगान किया गया। छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक 6 जून, 1674 को रायगढ़ किले में हुआ था।

    स्वराज्य, आत्म-सम्मान, जनकल्याण और अच्छे शासन की शुरुआत करने वाली इस ऐतिहासिक घटना की याद में पूरे राज्य में शिवस्वराज्य दिवस मनाया जाता है। इस संबंध में ज़िला परिषद ठाणे में एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया।प्रोग्राम की शुरुआत चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रंजीत यादव के दीपक जलाने और छत्रपति शिवाजी महाराज और राजमाता जिजाऊ की तस्वीरों पर फूल चढ़ाने से हुई। इसके बाद, स्वराज्य गुड़ी बनाकर उसकी पूजा की गई।

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    वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीरों पर पुष्पांजलि दी और उनके काम को पुष्पांजलि दी।एक ग्रुप में राष्ट्रगान और राज्यगान गाया गया। टीचर रवींद्र तारे और साथी टीचरों ने पाववाड़ा गाया और पूरा परिसर “जय भवानी, जय शिवाजी” और “छत्रपति शिवाजी महाराज की जय” जैसे नारों से भर गया। प्रोग्राम के दौरान, शिव के जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर रोशनी डाली गई।इस मौके पर गाइडेंस देते हुए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रंजीत यादव ने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज ने जो पब्लिक वेलफेयर, जस्टिस, ट्रांसपेरेंसी और गुड गवर्नेंस के आदर्श बनाए, वे आज भी एडमिनिस्ट्रेशन के लिए इंस्पायरिंग हैं।

    महाराज ने गवर्नेंस के उस कॉन्सेप्ट को अमल में लाया जिसमें आम लोगों की भलाई को सबसे ज़्यादा प्रायोरिटी दी जाती है। उनके विचारों के आदर्श को एक उदाहरण के तौर पर लेते हुए, हम सभी को एक सिटिज़न-ओरिएंटेड, ट्रांसपेरेंट और अकाउंटेबल एडमिनिस्ट्रेशन बनाने की कोशिश करनी चाहिए। शिवराज्याभिषेक दिवस सिर्फ एक ऐतिहासिक याद नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा दिन है जो गुड गवर्नेंस, ड्यूटी और देशभक्ति की प्रेरणा देता है।

  • Rohini Khadse: अभिजीत दिपके की सुरक्षा सुनिश्चित करे सरकार, मुख्यमंत्री केंद्र से करें बात; रोहिणी खडसे ने जताई चिंता!

    Rohini Khadse: अभिजीत दिपके की सुरक्षा सुनिश्चित करे सरकार, मुख्यमंत्री केंद्र से करें बात; रोहिणी खडसे ने जताई चिंता!

    Rohini Khadse: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की महिला प्रदेशाध्यक्ष रोहिणी खडसे ने सोशल मीडिया पर सक्रिय और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आग्रह किया है कि दिपके की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार से तत्काल चर्चा की जाए।

    रोहिणी खडसे ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि अभिजीत दिपके 6 जून को भारत लौट रहे हैं और उनके ऊपर हमले की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में राज्य और केंद्र सरकार को उनकी सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

    खडसे ने कहा कि नीट (NEET) परीक्षा को लेकर छात्रों में व्याप्त नाराजगी और सरकार की नीतियों के विरोध में अभिजीत दिपके ने युवाओं को संगठित कर एक आंदोलन खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अभियान के कारण दिपके को पूर्व में धमकियां भी मिल चुकी हैं।

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    उन्होंने कहा कि अभिजीत दिपके महाराष्ट्र के नागरिक हैं और लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने तथा आंदोलन करने का अधिकार है। इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

    रोहिणी खडसे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अपील करते हुए कहा कि अभिजीत दिपके के भारत आगमन को देखते हुए उनकी सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान दिया जाए तथा केंद्र सरकार से समन्वय कर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।

    उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को अपने विचार व्यक्त करने के कारण असुरक्षा का सामना नहीं करना चाहिए और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना सरकार का कर्तव्य है।

  • Bhiwandi: भिवंडी में सड़क पर मलबा और रैपिड मिट्टी फेंकने वालों की खैर नहीं, डंपर मालिक पर हुई कार्रवाई!

    Bhiwandi: भिवंडी में सड़क पर मलबा और रैपिड मिट्टी फेंकने वालों की खैर नहीं, डंपर मालिक पर हुई कार्रवाई!

    Bhiwandi: भिवंडी मनपा क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से रैपिड मिट्टी और निर्माण मलबा फेंकने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मनपा स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर शांतीनगर पुलिस ने वाहन मालिक और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।जिसे लेकर हड़कंप मच गया है।

    भिवंडी मनपा जनसंपर्क विभाग के अनुसार, 3 जून 2026 को दोपहर करीब 3:04 बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाबला कंपाउंड रोड, अप्सरा टॉकीज के पीछे स्थित क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान डंपर क्रमांक MH-04-LQ-9089 द्वारा बड़ी मात्रा में रैपिड मिट्टी तथा निर्माण एवं ध्वस्तीकरण (सी एंड डी) कचरा सार्वजनिक स्थान पर बिना अनुमति डाले जाने का मामला सामने आया।

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    अधिकारियों ने बताया कि इस अवैध डंपिंग के कारण इलाके में धूल प्रदूषण, गंदगी, यातायात में बाधा और नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका उत्पन्न हो गई थी। मौके पर पंचनामा कर फोटो और अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए गए। आयुक्त के निर्देश पर मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित वाहन मालिक और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ शांतीनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

    आरोपियों पर ठोस कचरा प्रबंधन नियम, निर्माण एवं ध्वस्तीकरण कचरा प्रबंधन नियम, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। मनपा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर की किसी भी सार्वजनिक जगह पर रैपिड मिट्टी, निर्माण मलबा या किसी भी प्रकार का कचरा फेंकना दंडनीय अपराध है।

    ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों, वाहन मालिकों, ठेकेदारों और संस्थाओं के खिलाफ आर्थिक दंड के साथ-साथ आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी।मनपा ने नागरिकों से शहर को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

  • CEO Yadav Surprise Visit: अचानक निरीक्षण में कई कर्मचारी गायब, CEO यादव ने जारी किए नोटिस!

    CEO Yadav Surprise Visit: अचानक निरीक्षण में कई कर्मचारी गायब, CEO यादव ने जारी किए नोटिस!

    CEO Yadav Surprise Visit: ज़िला परिषद कार्यालय में डिसिप्लिन, ज़िम्मेदारी और एफ़िशिएंसी को और मज़बूत करने के मकसद से,मुख्य कार्यकारी अधिकारी रंजीत यादव ने आज ज़िला परिषद ठाणे मुख्यालय का अचानक दौरा किया और अलग-अलग विभाग अधिकारी और कर्मचारियों की उपस्थिति का जांच किया।इस मौके पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने अलग-अलग विभाग की अटेंडेंस शीट का इंस्पेक्शन किया और असल में मौजूद अधिकारी और कर्मचारियों को वेरिफ़ाई किया।

    ऑफ़िस टाइम में गैरहाज़िर या बिना इजाज़त के गैरहाज़िर रहने वाले अधिकारी और कर्मचारियों का अलग रिकॉर्ड रखा गया है और संबंधित लोगों को शो कॉज़ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।इंस्पेक्शन के दौरान, अलग-अलग विभाग में काम का रिव्यू किया गया।मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने साफ़ किया कि लोगों से मिले एप्लीकेशन, शिकायतों और केस का समय पर निपटारा करना,कार्यालय के काम में बेवजह की देरी से बचना और हर अधिकारी और कर्मचारी को अपनी ज़िम्मेदारियों का सख्ती से पालन करना ज़रूरी है।

    ज़िला परिषद एक ज़रूरी सिस्टम है जो शिक्षा, हेल्थ, पानी की सप्लाई, महिला और बाल विकास, समाज कल्याण, खेती और अलग-अलग विकास योजनाओं के ज़रिए ग्रामीण इलाकों के लोगों को सीधी सर्विस देता है। इसलिए, उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों की रेगुलर मौजूदगी और तुरंत सर्विस लोगों के लिए बहुत ज़रूरी है।इस मौके पर, सभी विभाग हेड को अपने डिपार्टमेंट में मौजूदगी, काम की क्वालिटी और पेंडिंग केस का रेगुलर रिव्यू करने के निर्देश दिए गए।

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    साथ ही, ऑफिस के समय का सख्ती से पालन करते हुए लोगों को समय पर सर्विस देने के निर्देश दिए गए।मुख्य कार्यकारी अधिकारी रंजीत यादव ने कहा, “ज़िला परिषद प्रशासन लोगों की सेवा के लिए है। ऑफिस में अनुशासन, समय की पाबंदी और ज़िम्मेदारी की भावना हर अधिकारी और कर्मचारी की पहली ड्यूटी है।

    बिना इजाज़त के गैरहाज़िरी, काम में देरी या लापरवाही होने पर कार्रवाई की जाएगी। एक ट्रांसपेरेंट, जवाबदेह और लोगों को ध्यान में रखकर एडमिनिस्ट्रेशन बनाने के लिए ऐसे सरप्राइज़ इंस्पेक्शन रेगुलर तौर पर होते रहेंगे।यह भी साफ़ किया गया कि लोगों को अच्छी और समय पर सर्विस देने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

  • Sanjay Kelkar Warning: वागले में 16 छोटी इंडस्ट्रीज़ क्लस्टर में कुर्बान होंगी; संजय केलकर ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी दी!

    Sanjay Kelkar Warning: वागले में 16 छोटी इंडस्ट्रीज़ क्लस्टर में कुर्बान होंगी; संजय केलकर ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी दी!

    Sanjay Kelkar Warning: वागले इंडस्ट्रियल एरिया में 16 छोटी इंडस्ट्रीज़ क्लस्टर स्कीम के लिए कुर्बान होंगी और ठाणे मनपा ने 48 घंटे के अंदर जगह खाली करने और गिराने का नोटिस दिया गया है। इस कार्रवाई से 350 से ज़्यादा वर्कर्स और उनके 1400 से ज़्यादा मेंबर्स की रोजी-रोटी पर गंभीर असर पड़ने की संभावना है।विधायक संजय केलकर अब इन छोटे एंटरप्रेन्योर्स के साथ खड़े हो गए हैं और चेतावनी दी है कि क्लस्टर के नाम पर एंटरप्रेन्योर्स को न गिराएं, नहीं तो उन्हें अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर जाना पड़ेगा।

    वागले इलाके के फिरोदाई कंपाउंड के इंडस्ट्रियल एरिया में करीब 16 छोटी इंडस्ट्रीज़ को ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की तरफ से 48 घंटे के अंदर गिराने का नोटिस दिया गया है। इन गंभीर मुद्दों पर जानकारी देने के लिए बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक संजय केलकर मौजूद थे। उन्होंने उस समय यह जानकारी दी।ठाणे मनपा ने वागले एस्टेट, रोड नंबर 22 पर फिरोदाई कंपाउंड में करीब 16 छोटे बिजनेसमैन को नोटिस जारी किया है कि वे 48 घंटे के अंदर अपनी जगह खाली कर दें और तोड़-फोड़ का काम करें।

    इन नोटिसों से छोटे बिजनेसमैन के लिए गंभीर संकट पैदा हो गया है, और ठाणे स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और विधायक संजय केलकर से इस मामले में तुरंत दखल देने और छोटे बिजनेसमैन को मानवीय और सामाजिक नजरिए से बचाने की रिक्वेस्ट की है।इस बीच विधायक संजय केलकर ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति साफ की है और हालांकि वे इस स्कीम के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन केलकर ने चेतावनी दी है कि इस स्कीम के लिए बिजनेसमैन को बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए। ठाणे शहर में इतने गंभीर मुद्दे हैं कि कोई सोच सकता है कि विधानसभा में कौन से मुद्दे उठाए जाएं।

    केलकर ने सवाल उठाया है कि म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को बुलडोजर वहां ले जाने की इतनी जल्दी क्यों है जहां उन्हें ले जाना चाहिए, लेकिन वहां नहीं जहां उन्हें नहीं ले जाना चाहिए। इन इंडस्ट्री में 350 से ज्यादा वर्कर काम करते हैं और 1400 से ज्यादा लोगों और उनके परिवारों की रोजी-रोटी इन इंडस्ट्री पर निर्भर करती है। स्मॉल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन ने कहा है कि इस अचानक कार्रवाई से इंडस्ट्रीज़ को भारी फ़ाइनेंशियल नुकसान होने और कई परिवारों पर गंभीर सामाजिक और आर्थिक असर पड़ने की संभावना है।

    इससे पहले, डॉ. अप्पासाहेब खंबेते की मूर्ति के अनावरण के समय, डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने भरोसा दिलाया था कि “एक भी इंडस्ट्री को हटाया नहीं जाएगा”। इसलिए, स्मॉल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन ने कहा कि यह मामला कल उनके ध्यान में लाया गया था, इस एहसास के साथ कि मौजूदा हालात में दिए गए 48 घंटे के नोटिस के बारे में जानकारी शायद उनके ध्यान में नहीं आई होगी।

  • Devendra Ashish Singh Death: प्रशासन को जगाने की पहल, अमोल केन्द्रे ने उठाई आवाज!

    Devendra Ashish Singh Death: प्रशासन को जगाने की पहल, अमोल केन्द्रे ने उठाई आवाज!

    Devendra Ashish Singh death: दीवा में स्वर्गीय देवेंद्र आशीष सिंह (उम्र 12 साल) की मौत की पूरी जांच करने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के बारे में। साथ ही, दिवा शहर में फर्जी मेडिकल चलाने वाले फर्जी डॉक्टरो के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के बारे में ताकि किसी और की जान न जाए।

    देवेंद्र आशीष सिंह (उम्र 12 साल) नाम का एक नाबालिग लड़का बदकिस्मती से 01/06/2026 को गुज़र गया। यह घटना बहुत गंभीर है और इस मामले में मेडिकल लापरवाही, बिना इजाज़त मेडिकल प्रैक्टिस या गलत दवा की संभावना है, इसलिए निष्पक्ष और पूरी जांच बहुत ज़रूरी है। जानकारी के मुताबिक, लड़के को एक व्यक्ति ने दवा दी थी।

    दवा देने के कुछ ही मिनटों में लड़के की हालत गंभीर हो गई, वह बेहोश हो गया और कहा जा रहा है कि उसके हाथ-पैर मुड़ गए थे। इसके बाद उसे इलाज के लिए डोंबिवली के एक हॉस्पिटल में ले जाया गया। वहां से उसे मुंबई के KEM हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया। 7 दिनों के इलाज के बाद लड़का कोमा में चला गया और बदकिस्मती से 01/06/2026 को उसकी मौत हो गई।

    इस मामले में इन बातों की पूरी जांच होनी चाहिए:

    • दिवा में बंगाली डॉक्टर ने लड़के को कौन सी दवा दी गई थी?
    • वह दवा किस मेडिकल स्टोर से ली गई थी?
    • क्या दवा डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर दी गई थी? क्या संबंधित व्यक्ति के पास मेडिकल प्रैक्टिस करने के लिए ज़रूरी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन, रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस हैं?
    • क्या संबंधित व्यक्ति ने मेडिकल प्रैक्टिस करने के लिए ज़रूरी लीगल परमिशन ली है?

    स्थायी लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक घटना के बाद संबंधित डॉक्टर गांव गया था पर ऐसा नहीं है वह जगह बदल कर और बंगाली डॉक्टर के नाम से बिल्डर के ऑफिस में इलाज कर रहा था। अगर संबंधित जगह के मालिक, ऑफिस मैनेजर या बिल्डिंग मालिक ने मेडिकल प्रैक्टिस के लिए जगह दी है, तो उनके रोल की भी जांच होनी चाहिए। दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाना चाहिए।

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    देवेंद्र आशीष सिंह बाला ने सिर्फ 12 साल की उम्र में अपनी जान गंवा दी। ऐसा हादसा किसी और के साथ न हो। किसी की जान न जाए। इसके लिए दिवा शहर में बिना इजाज़त के मेडिकल प्रैक्टिस करने वाले सभी डॉक्टरों, संदिग्ध क्लीनिकों, बिना लाइसेंस वाली डिस्पेंसरियों और दवा बेचने वाले सेंटरों के खिलाफ जॉइंट इंस्पेक्शन कैंपेन चलाया जाना चाहिए।

    क्वालिफिकेशन, रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस और लीगल डॉक्यूमेंट्स को वेरिफाई करने के बाद, अगर कोई वायलेशन पाया जाता है, तो संबंधित के खिलाफ इंडियन पीनल कोड (IPC), ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट और दूसरे लागू कानूनों के मुताबिक सख्त एक्शन लिया जाना चाहिए। अमोल धनराज केन्द्रे द्वारा निम्न प्रशासनिक अधिकारीयो को लिखित पत्र भेजे हैं।

    • मिस्टर पुलिस कमिश्नर, ठाणे शहर
    • मिस्टर कलेक्टर
    • मिस्टर कलेक्टर ऑफिस, ठाणे
    • मिस्टर सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर, मुंब्रा पुलिस स्टेशन
    • मिस्टर मेडिकल हेल्थ ऑफिसर, ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन
    • मिस्टर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA), ठाणे