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  • Chandigarh Khelo Games 2026: 25 मई से चंडीगढ़ में खेल प्रतिभाओं का महासंग्राम शुरू

    Chandigarh Khelo Games 2026: 25 मई से चंडीगढ़ में खेल प्रतिभाओं का महासंग्राम शुरू

    Chandigarh Khelo Games 2026: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 25 मई को पंजाब यूनिवर्सिटी के जिम्नेजियम हॉल में आयोजित “चंडीगढ़ खेलो गेम्स 2026” का भव्य उद्घाटन करेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष जितेंदर पल मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री को औपचारिक निमंत्रण देकर आयोजन की जानकारी साझा की।

    मल्होत्रा ने बताया कि यह खेल महोत्सव विशेष रूप से अंडर-19 खिलाड़ियों के लिए आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करना और उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखकर खेलों की ओर प्रेरित करना है।

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    राज्य में 25 मई से एक जून तक चलने वाले इस आयोजन में फुटबॉल, बास्केटबॉल, कबड्डी, रग्बी, नेटबॉल, वॉलीबॉल, जूडो, कराटे, टेबल टेनिस और ट्रैक एंड फील्ड सहित 11 खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। एथलेटिक्स में 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर दौड़, लंबी कूद और ऊंची कूद जैसी स्पर्धाएं भी शामिल रहेंगी। प्रतियोगिताओं में 2000 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।

    उद्घाटन समारोह 25 मई को शाम पांच बजे पंजाब यूनिवर्सिटी के जिम्नेजियम हॉल में आयोजित होगा। मल्होत्रा ने कहा कि भाजपा खेल प्रकोष्ठ का उद्देश्य ऐसे खिलाड़ियों को तैयार करना है, जो भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चंडीगढ़ और देश का नाम रोशन करें। इस अवसर पर खेल प्रकोष्ठ के संयोजक प्रभजीत लाम्बा, प्रदेश महामंत्री संजीव राणा, शक्ति प्रकाश देवशाली, मीनाक्षी ठाकुर और सरगुन अरोड़ा भी मौजूद रहेंगे।

  • AAP Criticizes Delhi Govt: आप ने राशन कार्ड को लेकर दिल्ली सरकार की आलोचन!

    AAP Criticizes Delhi Govt: आप ने राशन कार्ड को लेकर दिल्ली सरकार की आलोचन!

    AAP Criticizes Delhi Govt: आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली में राशन कार्ड को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार दो लाख नए राशन कार्ड बनाने की बात कह रही है, लेकिन इसके पीछे आठ लाख पुराने राशन कार्ड काटने का “फर्जीवाड़ा” छिपा हुआ है।

    आप के वरिष्ठ नेता एवं विधायक संजीव झा ने सोमवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दिल्ली में पहले करीब 72 लाख राशन कार्ड थे। सरकार ने आठ लाख राशन कार्ड खत्म कर संख्या 64 लाख कर दी और अब दो लाख नए कार्ड बनाने की घोषणा की जा रही है।

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    उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गरीबों के हित में काम कर रही होती तो कुल राशन कार्डों की संख्या 74 लाख तक पहुंचनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन आठ लाख राशन कार्डों को हटाया गया है, वे गरीब परिवारों के थे और सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर किन आधारों पर ये कार्ड काटे गए।

    आप नेता ने कहा कि इससे पहले बुजुर्गों की पेंशन योजना में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और अब राशन कार्डों में भी उसी तरह की गड़बड़ी की आशंका है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब “जिसकी पहुंच, उसका काम” वाला सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार और दलाली बढ़ेगी।

    उन्होंने कहा कि आप की सरकार के दौरान राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया सॉफ्टवेयर आधारित और पारदर्शी थी, जिसमें किसी सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ती थी। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से आग्रह किया कि गरीबों को परेशान न किया जाए और राशन कार्ड जैसी जरूरी सुविधा में पारदर्शिता बनाए रखी जाए।

  • NEET-UG Paper Leak: नीट-यूजी 2026 बायोलॉजी पेपर लीक मामले में एक और मास्टरमाइंड गिरफ्तार!

    NEET-UG Paper Leak: नीट-यूजी 2026 बायोलॉजी पेपर लीक मामले में एक और मास्टरमाइंड गिरफ्तार!

    NEET-UG Paper Leak: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा के जीव विज्ञान के प्रश्न लीक मामले में शामिल एक और मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। सीबीआई के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीबीआई ने गहन पूछताछ के बाद एक अन्य मुख्य आरोपी पुणे (महाराष्ट्र) की वरिष्ठ वनस्पति विज्ञान शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे को दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया है। वह नीट-यूजी 2026 परीक्षा प्रक्रिया में शामिल थीं और उन्हें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किया था।

    अधिकारी ने बताया कि उनके पास वनस्पति विज्ञान और जन्तु विज्ञान के प्रश्न पत्रों तक पूरी पहुंच थी। गत अप्रैल के दौरान उन्होंने पुणे की ही मनीषा वाघमारे के माध्यम से संभावित नीट उम्मीदवारों को इकट्ठा किया और पुणे में अपने निवास पर छात्रों के लिए विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित कीं। मनीषा को दो दिन पहले 14 मई को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन कक्षाओं के दौरान उन्होंने वनस्पति विज्ञान और जन्तु विज्ञान के कई प्रश्नों को समझाया और उजागर किया, साथ ही छात्रों को उन्हें अपनी कॉपियों में लिखने और पाठ्यपुस्तकों में चिह्नित करने को कहा।

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    खबर है कि इनमें से अधिकतर प्रश्न तीन मई को आयोजित वास्तविक नीट-यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्न पत्र से मेल खाते थे। पिछले 24 घंटों के दौरान, सीबीआई ने देशभर में छह स्थानों पर तलाशी ली और कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन जब्त किये हैं। जब्त की गयी सामग्री का विस्तृत विश्लेषण फिलहाल जारी है। शिक्षा मंत्रालय के तहत उच्च शिक्षा विभाग ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा में पेपर लीक के संबंध में दर्ज लिखित शिकायत के आधार पर सीबीआई ने 12 मई को मामला दर्ज किया था।

    इसके तुरंत बाद विशेष टीमें गठित की गयीं और देशभर में कई स्थानों पर तलाशी ली गयी। इस दौरान कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की गयी। इस मामले में अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्या नगर से नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से पांच आरोपियों को पहले ही अदालत में पेश किया जा चुका है और विस्तृत पूछताछ के लिए उन्हें सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

    शुक्रवार को गिरफ्तार किये गये दो अन्य आरोपियों को पुणे की एक अदालत में पेश किया गया और ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बाद उन्हें दिल्ली ले जाया गया। अब उन्हें दिल्ली की एक अदालत में पेश किया जा रहा है। अब तक की गयी जांच में कथित तौर पर रसायन शास्त्र और जीव विज्ञान पेपर लीक के वास्तविक स्रोत का पता चला है। साथ ही उन बिचौलियों का भी खुलासा हुआ है, जो उन छात्रों को जुटाने में शामिल थे, जिन्होंने कथित तौर पर उन विशेष कोचिंग कक्षाओं में शामिल होने के लिए लाखों रुपये दिये थे, जहां नीट-यूजी 2026 परीक्षा में आने वाले संभावित प्रश्नों को लिखवाया और उन पर चर्चा की गयी थी।

  • Tamil Nadu Drug Surveillance: स्कूल-कॉलेजों के आसपास ड्रग्स बिक्री रोकने के लिए बढ़ाई गई निगरानी!

    Tamil Nadu Drug Surveillance: स्कूल-कॉलेजों के आसपास ड्रग्स बिक्री रोकने के लिए बढ़ाई गई निगरानी!

    Tamil Nadu Drug Surveillance: तमिलनाडु सरकार ने विद्यार्थियों और युवाओं को नशीले पदार्थों का शिकार बनने से रोकने के उद्देश्य से बड़े अभियान के तहत प्रदेश भर में नशीली दवाओं और शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ व्यापक कार्रवाई करते हुए स्कूलों, कॉलेजों और छात्र छात्रावासों के पास निगरानी बढ़ा दी है।

    मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए, मद्यनिषेध और उत्पाद शुल्क आयुक्तालय ने शनिवार को जिला स्तरीय अधिकारियों को तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टीएएसएमएसी) के शराब केंद्रों, लाइसेंस प्राप्त मदिरालयों और नशीले पदार्थों तथा अवैध शराब के व्यापार से जुड़े अन्य संवेदनशील स्थानों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया।

    यह निर्देश छात्रों के आवागमन वाले क्षेत्रों में प्रतिबंधित पदार्थों तक पहुंच को रोकने के लिए एक समन्वित प्रयास का हिस्सा है। मद्यनिषेध और उत्पाद शुल्क आयुक्त एस. पी. कार्तिका ने परिपत्र जारी करके निर्देश दिये हैं कि उपायुक्त और सहायक आयुक्त (उत्पाद शुल्क) यह सुनिश्चित करें कि शैक्षणिक संस्थानों, परिवहन केंद्रों और छात्रावास परिसरों के पास लगातार निरीक्षण हों। इसका मुख्य उद्देश्य दवाओं, नशीले पदार्थों और अवैध शराब की बिक्री, भंडारण और आवाजाही को रोकना है।

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    सरकार ने इस बात पर जोर दिया है कि इस पहल का उद्देश्य एक नशामुक्त समाज का निर्माण करना और बच्चों, युवाओं तथा महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस रणनीति के हिस्से के रूप में, अधिकारियों से शिक्षकों, अभिभावकों, गैर-सरकारी संगठनों, निवासी कल्याण संघों और महिला स्वयं सहायता समूहों को शामिल करके स्थानीय खुफिया तंत्र विकसित करने के लिए कहा गया है ताकि आवासीय और शैक्षणिक क्षेत्रों में सक्रिय अवैध आपूर्ति श्रृंखलाओं की पहचान करने में मदद मिल सके।

    अधिकारियों को उन क्षेत्रों में छापेमारी तेज करने का भी निर्देश दिया गया है जहां अवैध शराब बनाने और नकली शराब की बिक्री की संभावना अधिक होती है, साथ ही तस्करी और अवैध भंडारण तंत्र के खिलाफ कार्रवाई बढ़ाने को कहा गया है। इसके साथ ही अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक दर पर शराब बेचने और 21 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को शराब की आपूर्ति करने जैसे उल्लंघनों की जांच के लिए ‘टीएएसएमएसी’ केंद्रों और एफ.एल.2 लाइसेंस प्राप्त परिसरों में औचक निरीक्षण अनिवार्य कर दिया गया है।

    परिपत्र में चेतावनी दी गई है कि प्रवर्तन में किसी भी तरह की लापरवाही या ढील मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जो सभी स्तरों पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के सरकार के इरादे को दर्शाती है। यह नवीनतम कदम प्रवर्तन को कड़ा करने और शैक्षणिक वातावरण को नशीली दवाओं तथा अवैध शराब के बढ़ते खतरे से सुरक्षित रखने के लिए राज्य प्रशासन के व्यापक प्रयास को दर्शाता है।

    मुख्यमंत्री ने पहली बार पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद एक बड़े नीतिगत निर्णय के तहत शैक्षणिक संस्थानों, पूजा स्थलों और बस स्टैंडों के पास चल रही 700 से अधिक ‘टीएएसएमएसी’ दुकानों को बंद करने का आदेश दिया था और इस बात पर जोर दिया था कि 21 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को शराब की आपूर्ति नहीं की जानी चाहिए।

  • Irrigation Pipeline Dispute: सिंचाई परियोजना पर बवाल, विरोध के बावजूद छठी बार बिछाई गई पाइपलाइन!

    Irrigation Pipeline Dispute: सिंचाई परियोजना पर बवाल, विरोध के बावजूद छठी बार बिछाई गई पाइपलाइन!

    Irrigation Pipeline Dispute: राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के करणीसर-सहजीपुरा गांव में घग्गर नदी से किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिये पानी पहुंचाने वाली पाइपलाइन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। शनिवार को प्रशासन ने भारी पुलिस सुरक्षा के साथ छठी बार पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू किया, लेकिन गांव में दो गुटों के बीच तनाव अब भी बरकरार है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशासन पहले पांच बार यह पाइपलाइन बिछा चुका है, लेकिन हर बार कुछ अज्ञात लोग पाइपलाइन तोड़ देते या उखाड़ देते हैं। आज भी पुलिस जाब्ते के साथ तहसीलदार हरीश सारण, सदर थाना प्रभारी राकेश सांखला और अन्य पुलिस कर्मी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने पाइपलाइन की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगवा दिए हैं फिर भी स्थानीय स्तर पर आक्रोश कम नहीं हुआ है।

    ग्रामीणों ने फिर स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर इस बार भी पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाया गया तो वे बड़े आंदोलन पर उतर सकते हैं। गांव में इस मुद्दे को लेकर दो गुट बन गए हैं। एक गुट पाइपलाइन का समर्थन कर रहा है जबकि दूसरा गुट इसका विरोध कर रहा है। पूर्व में वामपंथी दलों और विभिन्न किसान संगठनों ने इस मुद्दे पर हनुमानगढ़ जिला मिनी सचिवालय के समक्ष कई दिनों तक धरना प्रदर्शन किया था।

    संबंधित ख़बरें: DM Inspects Pauri Health Centers: पौड़ी में डीएम ने किया स्वास्थ्य केंद्रों में निरीक्षक, कई कर्मचारी मिले अनुपस्थित!

    प्रदर्शनकारियों ने पुतले जलाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया और प्रशासन पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया। इस मामले में पाइपलाइन तोड़ने या उखाड़ने वाले लोगों के खिलाफ थाने में मामला भी दर्ज कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई स्थाई सुधार नहीं आया है। जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन ने इस समस्या का स्थाई समाधान निकालने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।

    किसान इस पाइपलाइन से घग्गर नदी का पानी अपने खेतों तक पहुंचाने की मांग कर रहे हैं, जिससे उनकी सिंचाई की समस्या हल हो सके। प्रशासन का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने से क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को फायदा होगा और पानी की बर्बादी भी रुकेगी। दूसरी ओर विरोध करने वाले लोग अपनी कुछ स्थानीय समस्याएं और आशंकाएं जता रहे हैं।

    वर्तमान में गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर रखी है। यह देखना होगा कि छठी बार बिछाई जा रही पाइपलाइन कितने दिन टिक पाती है और प्रशासन आखिरकार इस विवाद का क्या स्थाई समाधान निकाल पाता है।

  • DM Inspects Pauri Health Centers: डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं की जांच की, अस्पतालों में मिली भारी लापरवाही!

    DM Inspects Pauri Health Centers: डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं की जांच की, अस्पतालों में मिली भारी लापरवाही!

    DM Inspects Pauri Health Centers: उत्तराखंड के पौड़ी में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देश पर उप जिलाधिकारी सतपुली रेखा आर्य ने शनिवार को क्षेत्र के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक तथा कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जबकि व्यवस्थागत खामियां और साफ-सफाई की बदहाल स्थिति भी सामने आई। डीएम ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व में जिलाधिकारी द्वारा सीएचसी सतपुली का निरीक्षण किए जाने के बाद स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में डीएम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रीठाखाल का निरीक्षण किया। यहां तैनात तीन कर्मचारियों में केवल फार्मासिस्ट उपस्थित मिले, जबकि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी 11 मई से लगातार अनुपस्थित पाए गए। एएनएम भी ड्यूटी पर नहीं मिलीं। निरीक्षण के दौरान ओपीडी में मात्र तीन मरीज दर्ज पाए गए। पीएचसी संगलाकोटी में चार कर्मचारियों में से केवल वार्ड बॉय और एएनएम मौजूद मिले।

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    प्रभारी चिकित्सक 10 मई से अनुपस्थित बताए गए, जबकि फार्मासिस्ट भी मौके पर नहीं मिले। यहां पेयजल व्यवस्था भी बाधित पाई गई। वहीं, पीएचसी पोखड़ा के निरीक्षण में एक चिकित्सक सहित आरबीएसके टीम के सभी सदस्य अनुपस्थित मिले। क्षेत्र भ्रमण रजिस्टर मांगे जाने पर संबंधित कर्मचारी अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। रीठाखाल स्थित आयुष विंग में भी दोनों तैनात कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और फार्मासिस्ट मौके पर मौजूद नहीं थे।

    यहां बायोमेट्रिक मशीन भी बंद मिली। निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों में बायोमेट्रिक मशीनें निष्क्रिय पाई गईं तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज की जा रही थी। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्र परिसरों में झाड़ी कटान और साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। उप जिलाधिकारी रेखा आर्य ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि निरीक्षण आख्या जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी को भेजी जाएगी, ताकि संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

  • Reliance ADA Group Case: सीबीआई ने रिलायंस एडीए ग्रुप मामले में तीन शहरों में तलाशी ली!

    Reliance ADA Group Case: सीबीआई ने रिलायंस एडीए ग्रुप मामले में तीन शहरों में तलाशी ली!

    Reliance ADA Group Case: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस एडीए ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी की जांच के तहत गुरुवार को तीन प्रमुख शहरों मुंबई, गुरुग्राम और बेंगलुरु में सात जगहों पर तलाशी अभियान चलाया।

    यह तलाशी अभियान कंपनी के उस समय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) और 2015-2017 के दौरान काम करने वाले निर्देशकों के घरों पर चलाया गया। यह कार्रवाई मुंबई में सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश द्वारा जारी आज के सर्च वारंट के आधार पर की गई।

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    एजेंसी ने तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए और जांच जारी है। सीबीआई ने पहले अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप के खिलाफ हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के सिलसिले में अलग-अलग सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की शिकायतों के आधार पर सात मामले दर्ज किए थे। इन मामलों में कुल नुकसान 27,337 करोड़ रुपये का है।

    गौरतलब है कि एजेंसी ने पिछले कुछ महीनों में ये मामले दर्ज करने के बाद 31 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया था। रिलायंस कम्युनिकेशंस के दो कार्यकारी अधिकारियों-डी. विश्वनाथ और अनिल काल्या को 20 अप्रैल, 2026 को गिरफ्तार किया गया था। दोनों अभी न्यायिक हिरासत में हैं। अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप से जुड़े मामलों की जांच उच्चतम न्यायालय कर रहा है।

  • Bhopal Station: भोपाल मंडल के स्टेशनों पर बढ़ीं आधुनिक यात्री सुविधाएं!

    Bhopal Station: भोपाल मंडल के स्टेशनों पर बढ़ीं आधुनिक यात्री सुविधाएं!

    Bhopal Station: पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर कई नई व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। रेलवे सूत्रों के अनुसार मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी के मार्गदर्शन में यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

    भोपाल स्टेशन पर यात्रियों के लिए पेड रिटायरिंग सेवा और एग्जीक्यूटिव लाउंज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे यात्रियों को आरामदायक ठहराव और बेहतर प्रतीक्षालय सुविधा मिल रही है। यात्रियों को ट्रेनों की सही स्थिति और कोच संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंडल के 16 स्टेशनों पर कोच गाइडेंस सिस्टम स्थापित किए गए हैं।

    इनमें हरदा रेलवे स्टेशन, इटारसी रेलवे स्टेशन, नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन, भोपाल रेलवे स्टेशन, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन, विदिशा रेलवे स्टेशन, बीना रेलवे स्टेशन और गुना रेलवे स्टेशन सहित अन्य स्टेशन शामिल हैं।

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    इसी प्रकार मंडल के 20 स्टेशनों पर ट्रेन सूचना डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं। वहीं यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इटारसी, भोपाल, नर्मदापुरम, रानी कमलापति, विदिशा और बीना स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

    रेलवे ने भोपाल, रानी कमलापति, सांची, विदिशा, बीना, अशोकनगर, गुना और इटारसी स्टेशनों पर रिटायरिंग रूम की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि भोपाल मंडल यात्रियों को आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है तथा भविष्य में भी सुविधाओं के विस्तार का कार्य जारी रहेगा।

  • Samik Bhattacharya Clarification: कलकत्ता उच्च न्यायालय परिसर में ममता के खिलाफ हुए प्रदर्शन में भाजपा का कोई हाथ नहीं; शमिक ने दी सफाई!

    Samik Bhattacharya Clarification: कलकत्ता उच्च न्यायालय परिसर में ममता के खिलाफ हुए प्रदर्शन में भाजपा का कोई हाथ नहीं; शमिक ने दी सफाई!

    Samik Bhattacharya Clarification: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने कलकत्ता उच्च न्यायालय परिसर के भीतर गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी में अपनी पार्टी की किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है।

    अदालत में बनर्जी के खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगने और कथित अपमानजनक टिप्पणी किए जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भट्टाचार्य ने कहा, “यह भाजपा की संस्कृति नहीं है। वह पूर्व मुख्यमंत्री और एक महिला हैं। भाजपा उनके खिलाफ ‘चोर-चोर’ जैसे नारे लगाने में विश्वास नहीं रखती।”

    यह घटना आज उस समय हुई जब सुश्री बनर्जी राज्य में चुनाव बाद हुई हिंसा का आरोप लगाते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय पहुंची थीं। खुद वकील के तौर पर पेश होते हुए उन्होंने मुख्य न्यायाधीश टी एस शिवगणनम की पीठ के सामने दलील दी कि चुनाव के बाद हुई हिंसा में तृणमूल के कई कार्यकर्ताओं पर हमले हुए हैं।

    बनर्जी के अनुसार, लगभग 160 पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ या आगजनी की गई और राज्य भर में हिंसा की लगभग 2,000 घटनाएं हुईं। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि वह खुद अपने निर्वाचन क्षेत्र के थानों में सीधे शिकायत दर्ज नहीं करा पा रही थीं और उन्हें ऑनलाइन शिकायतों का सहारा लेना पड़ा।

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    उन्होंने आरोप लगाया कि एक 12 साल की बच्ची को दुष्कर्म की धमकी दी गई जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही। राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता कथित 2,000 घटनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी देने में विफल रहे हैं। सुनवाई खत्म होने के बाद जब वह अदालत कक्ष से बाहर आ रही थीं, तब वकीलों के एक समूह ने कथित तौर पर उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

    इसके तुरंत बाद पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इस हंगामे के बीच सुश्री बनर्जी ने कुछ वकीलों द्वारा उनके साथ मारपीट किये जाने का भी आरोप लगाया। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने कहा, “अगर उच्च न्यायालय के भीतर सुरक्षा की यह स्थिति है, तो समझा जा सकता है कि पूरे राज्य में क्या हो रहा होगा।”

    कल्याण बनर्जी के बयान पर पलटवार करते हुए भट्टाचार्य ने कहा, “भाजपा ने यह स्थिति पैदा नहीं की है। अगर इसके लिए कोई जिम्मेदार है, तो वह खुद तृणमूल कांग्रेस है।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कोई भी अपने कर्मों के फल से नहीं बच सकता, फिर भी हम नहीं चाहते कि ऐसी घटनाएं हों। उन्होंने दावा किया कि विरोध करने वाले और जिनका विरोध हो रहा है, दोनों ही तृणमूल कांग्रेस के ही लोग हैं।

    चुनाव बाद की हिंसा के सवाल पर भाजपा नेता ने कहा, “यहाँ भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है। यह तृणमूल के भीतर ‘संपन्न’ और ‘वंचित’ लोगों के बीच की लड़ाई है। जिन लोगों को तृणमूल के शासन में लाभ नहीं मिला, वे अब उनके खिलाफ बोल रहे हैं जिन्हें लाभ मिला।” राजनीतिक हिंसा पर उन्होंने कहा कि भाजपा के भी तीन कार्यकर्ता मारे गए हैं और इसे रोकने के लिए लोगों को आगे आना होगा।

    एक तीखी टिप्पणी में भट्टाचार्य ने कहा, “आप इसलिए जीवित हैं क्योंकि भाजपा सत्ता में है। हमारे कार्यकर्ता जरूरत पड़ने पर जवाब दे सकते हैं। अन्यथा, जनता के स्वाभाविक गुस्से ने सब कुछ खत्म कर दिया होता। हम इस तरह की राजनीति का अंत देखना चाहते हैं।”

  • NEET Paper Leak in Rishikesh: ऋषिकेश में नीट पेपर लीक के विरोध में एनएसयूआई का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री का फूंका पुतला!

    NEET Paper Leak in Rishikesh: ऋषिकेश में नीट पेपर लीक के विरोध में एनएसयूआई का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री का फूंका पुतला!

    NEET Paper Leak in Rishikesh: उत्तराखंड के ऋषिकेश में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर गुरुवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एनएसयूआई महानगर अध्यक्ष हिमांशु जाटव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में हुई कथित लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की।

    इस दौरान हिमांशु जाटव और युवा कांग्रेस महानगर अध्यक्ष हिमांशु कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पेपर लीक होना शिक्षा व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन सरकार की लापरवाही उनकी मेहनत पर पानी फेर रही है।

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    लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों से युवाओं का सरकार और परीक्षा प्रणाली से विश्वास उठता जा रहा है। नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। पूर्व महासचिव युवा कांग्रेस सौरभ वर्मा और जिला उपाध्यक्ष विशाल स्नेह ने कहा कि नीट परीक्षा पेपर लीक ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक रूप से प्रभावित किया है। यह केवल एक परीक्षा का नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य का सवाल है।

    उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में छात्रसंघ महासचिव अभिषेक त्रिसूलिया, मानव रावत, उदित झा, दीपक साहनी, प्रियांशु रावत, रेहान बंदोलिया, ईशान, भव्य, सुजल थापा सहित कई छात्र एवं युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।