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  • Commitment and Contract:आश्वासन और अनुबंध

    Commitment and Contract:आश्वासन और अनुबंध

    अख़तर अली

    बहुत से कामों के लिये अनुबंध होता है और बहुत से कामों के लिये आश्वासन होता है। अनुबंध वाले काम समय पर सफ़लता के साथ संपूर्ण हो जाते हैं और आश्वासन वाले काम कभी आरंभ ही नही होते।

    अनुबंध सोच समझ कर किया जाता है और आश्वासन में भला सोचने समझने की क्या दरकार? आश्वासन सबसे अधिक किये जाने वाला मज़ाक है जिसे कोई भी, कहीं भी, किसी से भी कर सकता है। अनुबंध में अनुबंध का अध्ययन भी करते रहना होता है कि काम अनुबंध के अनुसार ही हो। आश्वासन में इस तरह का तनाव नही होता क्योंकि आश्वासन का अनुबंध नही होता है।

    बदलाव प्रकृति का नियम है। आश्वासन में भी बदलाव हुआ है। पहले आश्वासन देने वाले कोई और थे, आज कोई और हैं, कल कोई और होंगे‌। यही बदलाव आश्वासन ग्रहण करने वालों भी हुआ है।

    अनुबंध में स्पष्टता और आश्वासन में दुष्टता है। न उधर की स्पष्टता दुष्टता में बदलती है न इधर की दुष्टता स्पष्टता में। जब आश्वासन में धोखा मिला होगा तभी अनुबंध जन्मा होगा। काम करने वाले अनुबंध करते है। आश्वासन दे रहे हैं तो समझ जाना इन्हें काम नही करना है।

    अनुबंध दो होशियार पक्षों के बीच में होता है जबकि आश्वासन होशियार और मूर्ख के बीच की घटना है। होशियार का आश्वासन सुन मूर्ख ताली बजाते हैं और जय जयकार करते हैं। अगर कहीं मूर्खो का हुजूम ख़ुशी मनाते, झूमते, गाते दिखे तो समझ जाना इन्हें बड़ा भारी आश्वासन मिला है।

    आश्वासन देने वाले हेलीकाप्टर में आते है, आश्वासन देते हैं और जाने के जैसे ही हेलीकाप्टर में बैठते है दिया गया आश्वासन भूल जाते हैं। वे अपना ब्रीफ़केस नही भूलते, चश्मा नही भूलते, रुमाल नही भूलते, मोबाईल नही भूलते बस दिया गया आश्वासन भूल जाते हैं। आश्वासन को भूलने के लिये भूलने की बीमारी का होना ज़रूरी नही है। जिनकी याददाश्त तेज़ है उन्हें भी आश्वासन भूलने में क्षण भर का समय भी नही लगता।

    बहुत चमकीला है आश्वासन का मीना बाज़ार। अभी कई दशकों तक चलता रहेगा यह कारोबार क्योंकि ऐसे लोगों की संख्या चक्रवृद्धि ब्याज की तरह बढ़ती जा रही है जिनके कानों में आश्वासन रस घोल देता है। जब लुटने को लोग तैयार बैठे हैं तो लुटेरों को क्या दोष देना। यह ऐसा पाप है जो पुण्य जैसा लगता है।

    अनुबंध तो लिखित करार है लेकिन मनमाने आश्वासन पर नियंत्रण ज़रूरी है। चुनाव आयोग की तरह आश्वासन आयोग होना चाहिये जो नेताओं के दिये गये आश्वासनों का लेखा-जोखा रखें | नये आश्वासन तभी दिये जा सके जब पुराने आश्वासन पूरे हो जायें। बात बात पर आश्वासन देना प्रतिबंधित हो। जिस नेता के आश्वासन का रिकार्ड ख़राब हो उसकी चुनाव लड़ने की पात्रता समाप्त हो जाये। नामांकन दाखिल करते समय आश्वासन आयोग की एन .ओ.सी. आवश्यक हो। आयोग हर नेता को हिदायत दे कि ज़ुबान दुर्लभ अंग है इसका इस्तेमाल झूठे आश्वासन देने के लिये न करें।

    मैंने नेता जी से कहा– भय्या आश्वासन का अनुबंध होना चाहिये तो उन्होंने तुरंत अनुबंध का आश्वासन दे दिया |

  • Rachanakar Bharat Foundation Speech Competition: रचनाकार भारत फाउंडेशन की भाषण प्रतियोगिता में गूंजी प्रेमचंद के साहित्य की प्रासंगिकता

    Rachanakar Bharat Foundation Speech Competition: रचनाकार भारत फाउंडेशन की भाषण प्रतियोगिता में गूंजी प्रेमचंद के साहित्य की प्रासंगिकता

    कोलकाता | प्रतिनिधि

    अंतर्राष्ट्रीय संस्था रचनाकार भारत फाउंडेशन द्वारा आयोजित भाषण प्रतियोगिता श्रृंखला की तीसरी कड़ी रविवार को कोलकाता में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। प्रतियोगिता का विषय “21वीं सदी में प्रेमचंद के साहित्य की प्रासंगिकता” रखा गया, जिसमें विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए।

    कार्यक्रम की शुरुआत संस्था की अध्यक्ष रचना सरन के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने प्रतिभागियों, निर्णायकों और उपस्थित श्रोताओं का स्वागत करते हुए प्रतियोगिता के उद्देश्य एवं मूल्यांकन के मानदंडों की जानकारी दी।

    कार्यक्रम का संयुक्त संचालन संस्था के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र सिंह एवं शिक्षिका प्रिया श्रीवास्तव ने किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में ब्रजेश कुमार त्रिपाठी (रेलवे अधिकारी), विवेक लाल (शिक्षक), डॉ. रेशमी पांडा मुखर्जी (व्याख्याता एवं शिक्षाविद), प्रिया श्रीवास्तव (कवयित्री) तथा रचना सरन शामिल रहीं।

    प्रतियोगिता के समापन पर निर्णायकों ने प्रेमचंद के साहित्य की समकालीन प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए। डॉ. रेशमी पांडा मुखर्जी ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का विश्लेषण करते हुए उनकी खूबियों और सुधार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने वर्तमान समय में प्रेमचंद के साहित्य की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि विवेक लाल ने ऐसे साहित्यिक आयोजनों के महत्व को रेखांकित किया। नुपुर श्रीवास्तव ने भी विषय से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

    प्रतियोगिता में रानी कुमारी महतो ने प्रथम, सुमन कुमारी राम ने द्वितीय और वर्षा सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

    कार्यक्रम के विशेष अतिथि युगांडा से आए विश्व प्रसिद्ध कवि एवं रचनाकार भारत फाउंडेशन के विदेश विभाग के प्रभारी अजय गोयल रहे। संस्था के संस्थापक सभापति सुरेश चौधरी एवं अन्य सदस्यों ने उनका मुक्ताहार, स्मृति-चिह्न और दुपट्टा भेंट कर सम्मान किया। अजय गोयल ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए, जबकि सभी प्रतिभागियों को स्मृति-चिह्न और सहभागिता प्रमाणपत्र दिए गए। कार्यक्रम के अंत में अजय गोयल ने अपने मधुर गीतों की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों का मनोरंजन किया।

    संस्था ने बताया कि यह भाषण प्रतियोगिता प्रत्येक माह आयोजित की जाती है और इसमें 16 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। पूरे आयोजन का संयोजन विनोद यादव ने किया, जिसकी उपस्थित जनों ने सराहना की।

  • Muktanchal 50th Special Issue Launch: हावड़ा में ‘मुक्तांचल’ के 50वें विशेषांक का लोकार्पण, कोलकाता की साहित्यिक विरासत पर मंथन

    Muktanchal 50th Special Issue Launch: हावड़ा में ‘मुक्तांचल’ के 50वें विशेषांक का लोकार्पण, कोलकाता की साहित्यिक विरासत पर मंथन

    हावड़ा | प्रतिनिधि

    विद्यार्थी मंच एवं मुक्तांचल के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को हावड़ा में मुक्तांचल पत्रिका के स्वर्णिम 50वें विशेषांक ‘कलकत्ता से कोलकाता’ का लोकार्पण एवं ‘साहित्यिक अड्डा’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर साहित्यकारों, आलोचकों, शिक्षाविदों, पत्रकारों, रंगकर्मियों, शोधार्थियों और युवा रचनाकारों ने कोलकाता की साहित्यिक-सांस्कृतिक विरासत, हिंदी साहित्य की परंपरा और समकालीन सामाजिक चुनौतियों पर व्यापक विचार-विमर्श किया।

    कार्यक्रम का शुभारंभ मुक्तांचल की संपादक एवं विद्यार्थी मंच की अध्यक्ष डॉ. मीरा सिन्हा के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने कहा कि विशेषांक ‘कलकत्ता से कोलकाता’ केवल एक शहर की कहानी नहीं, बल्कि दो सदियों के सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक बदलावों का दस्तावेज है। उन्होंने बताया कि इस विशेषांक में शहर के इतिहास, प्रमुख व्यक्तित्वों और सांस्कृतिक विकास की विविध झलकियों को समेटने का प्रयास किया गया है।

    Muktanchal 50th Special Issue Launch

    प्रख्यात आलोचक डॉ. शंभुनाथ ने मुक्तांचल के 50 अंकों की निरंतर प्रकाशन यात्रा को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि साहित्यिक पत्रिकाएं समाज की वैचारिक चेतना को जीवित रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने हावड़ा और कोलकाता की साहित्यिक परंपरा तथा हिंदी साहित्य के संघर्षशील इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल दौर में ऐसे आयोजनों का महत्व और बढ़ गया है।

    वरिष्ठ आलोचक डॉ. अमरनाथ ने कहा कि समय के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों में बदलाव आया है, लेकिन साहित्य आज भी समाज को दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने मुक्तांचल को गंभीर, परिपक्व और संग्रहणीय पत्रिका बताते हुए संपादकीय दृष्टि की सराहना की।

    डॉ. अमित कुमार ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का अपना-अपना ‘कलकत्ता’ होता है और यह शहर संघर्ष, संस्कृति, विचार और मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक है। वहीं सुप्रसिद्ध कथाकार शर्मीला जालान ने कहा कि मुक्तांचल और अन्य साहित्यिक मंच समाज में सकारात्मक वैचारिक वातावरण तैयार कर रहे हैं।

    कार्यक्रम में डॉ. पंकज साहा, महेश जायसवाल, मृत्युंजय श्रीवास्तव, डॉ. चित्रा माली, सुरेश शॉ, प्रकाश अग्रवाल, डॉ. विजया सिंह, जितेंद्र जितांशु, मीनाक्षी सांगनेरिया, विनय जायसवाल और दिव्या प्रसाद सहित अनेक साहित्यकारों ने कोलकाता के साहित्यिक इतिहास, स्त्री-विमर्श, रंगमंच, पत्रकारिता और हिंदी साहित्य की समकालीन चुनौतियों पर अपने विचार रखे।

    साहित्यिक सत्र में वरिष्ठ ग़ज़लकार सेराज़ ख़ान बातिश ने अपनी नई ग़ज़लों का पाठ किया, जबकि विद्यार्थी मंच के सचिव विवेक लाल ने अरुण कमल की चर्चित कविता “जाऊँगा मैं जाऊँगा, कोलकाता जाऊँगा” का सस्वर पाठ किया। विद्यार्थियों रागिनी पांडेय, स्वराज पांडेय, सुकन्या तिवारी, राव्या श्रीवास्तव और रोहित शर्मा ने भी कविता-पाठ कर श्रोताओं की सराहना प्राप्त की।

    इस अवसर पर गाथा प्रकाशन से प्रकाशित वरिष्ठ कवि राजकुमार कुंभज के नए कविता-संग्रह ‘अंत नहीं, अंतिम नहीं, कुछ भी’ का भी लोकार्पण किया गया। वक्ताओं ने इसे समकालीन हिंदी कविता में मानवीय संवेदनाओं और जनपक्षधर चेतना का महत्वपूर्ण काव्य-संग्रह बताया।

    वरिष्ठ समाजसेवी रामनिवास द्विवेदी ने मुक्तांचल की निरंतर साहित्यिक यात्रा की सराहना करते हुए इसे हिंदी साहित्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। कार्यक्रम का संचालन विनोद यादव ने किया, जबकि अंत में मुक्तांचल के प्रबंध संपादक सुशील कुमार पांडेय ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

  • Rahul Gandhi On Maharashtra TET Paper Leak New Exam Date Demand: महाराष्ट्र TET पेपर लीक पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला, परीक्षा की नई तारीख़ घोषित करने की मांग

    Rahul Gandhi On Maharashtra TET Paper Leak New Exam Date Demand: महाराष्ट्र TET पेपर लीक पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला, परीक्षा की नई तारीख़ घोषित करने की मांग

    नई दिल्ली/मुंबई | प्रतिनिधि

    लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षा रद्द किए जाने के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए अभ्यर्थियों के हित में तत्काल कदम उठाने की मांग की है। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने संदेश में राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक के कारण करीब 6 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है और परीक्षा रद्द हुए दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी नई परीक्षा तिथि घोषित नहीं की गई है।

    राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक करने वाले खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि ईमानदारी से मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को इसकी सज़ा भुगतनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि ये वही युवा हैं जो देश के भविष्य के शिक्षक बनेंगे और वर्षों की तैयारी, परीक्षा शुल्क तथा परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की कठिनाइयों के बाद अब अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।

    Rahul Gandhi On Maharashtra TET Paper Leak New Exam Date Demand

    उन्होंने मुख्यमंत्री से तीन प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि पहली, महाराष्ट्र TET की नई परीक्षा तिथि तत्काल घोषित की जाए। दूसरी, पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और अभ्यर्थियों को इसका खामियाजा न भुगतना पड़े। तीसरी, जिन अभ्यर्थियों का एक वर्ष इस घटना के कारण प्रभावित हुआ है, उन्हें आयु सीमा में छूट दी जाए।

    राहुल गांधी ने कहा कि संस्था की गलती की सज़ा अभ्यर्थियों को देना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह 17 जुलाई को देहरादून में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे। उनके अनुसार अब समय ऐसी “शिक्षा क्रांति” का है, जिसमें युवाओं को व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि अपनी मेहनत का उचित परिणाम मिले।

    राहुल गांधी का यह बयान महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले को लेकर बढ़ते राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है।

  • Samsung Galaxy Unpacked 2026: 22 जुलाई को लंदन में होगा सैमसंग का बहुप्रतीक्षित Galaxy Unpacked इवेंट

    Samsung Galaxy Unpacked 2026: 22 जुलाई को लंदन में होगा सैमसंग का बहुप्रतीक्षित Galaxy Unpacked इवेंट

    मुंबई | प्रतिनिधि

    सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स 22 जुलाई 2026 को ब्रिटेन की राजधानी लंदन में अपने बहुप्रतीक्षित Galaxy Unpacked इवेंट का आयोजन करेगा। दुनिया के प्रमुख ट्रेंडसेटर शहरों में शामिल लंदन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान कंपनी अपनी गैलेक्सी सीरीज के नए डिवाइस पेश करेगी।

    कंपनी के अनुसार, नए गैलेक्सी डिवाइस उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमताओं और नए डिजाइन के साथ आएंगे। इन डिवाइसों का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को पहले से अधिक व्यक्तिगत, स्मार्ट और सहज अनुभव प्रदान करना है। सैमसंग का कहना है कि उसकी फोल्डेबल स्मार्टफोन श्रृंखला ने इस श्रेणी को नई पहचान दी है और आगामी लॉन्च इसी दिशा में अगला कदम होगा।

    Galaxy Unpacked 2026 का सीधा प्रसारण 22 जुलाई को शाम 6:30 बजे (भारतीय समयानुसार) किया जाएगा। दर्शक इसे Samsung.com, Samsung Newsroom India और सैमसंग के आधिकारिक YouTube चैनल पर लाइव देख सकेंगे।

    कंपनी ने इच्छुक ग्राहकों के लिए samsung.com/unpacked पर प्री-रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी शुरू की है। रजिस्ट्रेशन करने वाले ग्राहकों को Galaxy Unpacked 2026 से पहले विशेष ऑफर, टीजर, ट्रेलर और अन्य महत्वपूर्ण अपडेट प्राप्त होंगे।

  • Toyota Strengthens Education and Healthcare Infrastructure in Uttarakhand: टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने उत्तराखंड में शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे को किया मजबूत, 4 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ

    Toyota Strengthens Education and Healthcare Infrastructure in Uttarakhand: टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने उत्तराखंड में शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे को किया मजबूत, 4 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ

    मुंबई | प्रतिनिधि

    टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (TKM) ने उत्तराखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामुदायिक कल्याण और आजीविका से जुड़ी कई सामुदायिक विकास परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने की घोषणा की है। राज्य सरकार के साथ वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत उधम सिंह नगर के खटीमा और नैनीताल के हल्द्वानी में संचालित इन सीएसआर कार्यक्रमों से 4 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

    Toyota Strengthens Education and Healthcare Infrastructure in Uttarakhand

    कंपनी ने सरकारी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विकास किया है। इसके तहत बच्चों के लिए आधुनिक शिक्षण सामग्री, उच्च गुणवत्ता वाला कक्षा फर्नीचर, स्वच्छ मध्याह्न भोजन तैयार करने के लिए उन्नत रसोई सुविधाएं और बेहतर खेल अवसंरचना उपलब्ध कराई गई है। इन पहलों से 13,532 छात्रों के सीखने के माहौल और समग्र शैक्षणिक अनुभव में सुधार होगा।

    सरकारी स्कूलों में बनेंगी आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं

    शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए टोयोटा ने खटीमा के नौ सरकारी स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण की परियोजना शुरू की है। कंपनी आधुनिक वैज्ञानिक उपकरण, मॉडल और प्रयोगशाला सामग्री उपलब्ध कराएगी, जिससे 7,000 से अधिक विद्यार्थियों को व्यावहारिक विज्ञान शिक्षा का लाभ मिलेगा और विज्ञान विषय में बेहतर शैक्षणिक परिणाम प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

    स्वास्थ्य सेवाओं को भी मिलेगा नया आधार

    टोयोटा किर्लोस्कर मोटर खटीमा उप जिला अस्पताल तथा देवरी और चकरपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक चिकित्सा एवं गैर-चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराकर स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत बना रही है। इस पहल से 3 लाख से अधिक लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और हर वर्ष 1,500 से अधिक मातृत्व मामलों के सुरक्षित एवं प्रभावी प्रबंधन में सहायता मिलेगी।

    सतत विकास के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता

    टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड एवं एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट अफेयर्स) विक्रम गुलाटी ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका किसी भी सशक्त समुदाय की नींव हैं। कंपनी उत्तराखंड सरकार के सहयोग से ऐसे स्थायी और विस्तार योग्य विकास मॉडल तैयार कर रही है, जो बच्चों, महिलाओं और स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर में दीर्घकालिक सकारात्मक बदलाव लाएं।

  • Samsung Galaxy A27 5G: सैमसंग गैलेक्सी A27 5G की भारत में बिक्री शुरू, ₹3,000 तक कैशबैक और जीरो डाउन पेमेंट ऑफर

    Samsung Galaxy A27 5G: सैमसंग गैलेक्सी A27 5G की भारत में बिक्री शुरू, ₹3,000 तक कैशबैक और जीरो डाउन पेमेंट ऑफर

    मुंबई | प्रतिनिधि

    सैमसंग ने भारत में अपने नए गैलेक्सी A27 5G स्मार्टफोन की बिक्री शुरू कर दी है। यह स्मार्टफोन अब सैमसंग के एक्सक्लूसिव स्टोर्स, पार्टनर रिटेल आउटलेट्स, Samsung.com और अन्य प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है। कंपनी ग्राहकों को इस डिवाइस पर 3,000 रुपये तक का कैशबैक और जीरो डाउन पेमेंट जैसी आकर्षक फाइनेंसिंग सुविधाएं भी दे रही है।

    गैलेक्सी A27 5G को लाइट ग्रीन, लाइट पिंक और ब्लैक रंगों में पेश किया गया है। यह स्मार्टफोन तीन मेमोरी वेरिएंट्स—6GB+128GB, 8GB+128GB और 8GB+256GB—में उपलब्ध है। 6GB+128GB वेरिएंट की नेट इफेक्टिव प्राइस (NEP) 28,999 रुपये, 8GB+128GB की 31,999 रुपये और 8GB+256GB वेरिएंट की 37,499 रुपये तय की गई है।

    स्मार्टफोन में 6.7 इंच का 120Hz सुपर AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जिसे कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास विक्टस+ का प्रोटेक्शन प्राप्त है। इसमें 4nm स्नैपड्रैगन 6 Gen 3 मोबाइल प्लेटफॉर्म, LPDDR5X RAM और UFS 3.1 स्टोरेज का संयोजन दिया गया है, जिससे गेमिंग और मल्टीटास्किंग का अनुभव बेहतर होता है।

    फोटोग्राफी के लिए फोन में 50MP OIS प्राइमरी कैमरा, 5MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 2MP मैक्रो कैमरा दिया गया है। यह 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है। वहीं, 12MP फ्रंट कैमरा हाई-क्वालिटी सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए उपलब्ध है। कैमरे में ऑब्जेक्ट इरेज़र, एडिट सजेशन्स और माय फिल्टर जैसे AI फीचर्स भी दिए गए हैं।

    फोन में सर्किल टू सर्च विद गूगल, गूगल जेमिनी, परप्लेक्सिटी इंटीग्रेशन, 22 भाषाओं में रियल-टाइम वॉयस ट्रांसक्रिप्शन और बिक्सबी जैसे AI आधारित फीचर्स शामिल किए गए हैं। लाइव ट्रांसक्रिप्शन सुविधा फिलहाल हिंदी, अंग्रेज़ी और गुजराती में कॉल ट्रांसक्रिप्शन को सपोर्ट करती है।

    गैलेक्सी A27 5G में 5000mAh की बैटरी दी गई है। कंपनी ने इस स्मार्टफोन के लिए 6 वर्षों तक एंड्रॉयड OS और सुरक्षा अपडेट देने का वादा किया है। सुरक्षा के लिए इसमें Samsung Knox उपलब्ध है, जबकि Samsung Wallet के जरिए टैप-एंड-पे, UPI भुगतान और डिजिटल पहचान पत्र सुरक्षित रखने जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं।

  • Skoda Auto Volkswagen India Leadership Change Piyush Arora 2026: स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया में नेतृत्व परिवर्तन, जन बुरेस की नई वैश्विक भूमिका; पियूष अरोड़ा संभालेंगे अतिरिक्त जिम्मेदारी

    Skoda Auto Volkswagen India Leadership Change Piyush Arora 2026: स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया में नेतृत्व परिवर्तन, जन बुरेस की नई वैश्विक भूमिका; पियूष अरोड़ा संभालेंगे अतिरिक्त जिम्मेदारी

    मुंबई | प्रतिनिधि

    स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने अपने सेल्स, मार्केटिंग और डिजिटल विभाग में नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा की है। कंपनी के एग्ज़िक्यूटिव डायरेक्टर (सेल्स, मार्केटिंग एवं डिजिटल) जन बुरेस भारत में अपना वैश्विक असाइनमेंट पूरा करने के बाद सितंबर 2026 से फॉक्सवैगन एजी में नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

    कंपनी ने भारत में समूह की विकास यात्रा में जन बुरेस के महत्वपूर्ण योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए उनकी नई भूमिका के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

    इस बदलाव के तहत स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ पियूष अरोड़ा अब एग्ज़िक्यूटिव डायरेक्टर (सेल्स एवं मार्केटिंग) की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभालेंगे। कंपनी के अनुसार यह नई नेतृत्व संरचना रणनीतिक समन्वय को मजबूत करने, निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक तेज़ और प्रभावी बनाने तथा संगठन में जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से लागू की गई है।

    स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया ने कहा कि वह भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार की दीर्घकालिक संभावनाओं को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कंपनी अपने छह प्रमुख ब्रांड—फॉक्सवैगन, स्कोडा, ऑडी, बेंटली, लैम्बॉर्गिनी और पोर्शे—के माध्यम से सतत विकास, ग्राहक-केंद्रित नवाचार और उत्पाद पोर्टफोलियो के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है।

  • Marriage Hall Dispute on Reserved Land: वॉटर होल्डिंग एरिया पर बने कथित अवैध मैरिज हॉल पर उठे सवाल, जांच व कार्रवाई की मांग

    Marriage Hall Dispute on Reserved Land: वॉटर होल्डिंग एरिया पर बने कथित अवैध मैरिज हॉल पर उठे सवाल, जांच व कार्रवाई की मांग

    सामाजिक कामगार संघटना ने महानगरपालिका आयुक्त को सौंपा निवेदन, आरक्षित भूमि पर निर्माण की निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

    आर.एस. नेटवर्क | प्रेम चौबे

     विरार | विरार पूर्व में रेलवे मार्ग से सटे बारिश के पानी के संचयन के लिए आरक्षित ‘वॉटर होल्डिंग एरिया’ पर कथित रूप से बनाए गए एक मैरिज हॉल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सामाजिक कामगार संघटना के अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह ने वसई-विरार शहर महानगरपालिका आयुक्त को लिखित निवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

    निवेदन में शिवप्रताप सिंह ने आरोप लगाया है कि सिडको के विकास आराखड़े में जिस भूमि को वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक जल निकासी के लिए ‘वॉटर होल्डिंग एरिया’ के रूप में आरक्षित किया गया है, उसी स्थान पर कथित रूप से मिट्टी भराव कर मैरिज हॉल और अन्य व्यावसायिक निर्माण किए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भूमि वास्तव में आरक्षित श्रेणी की है, तो वहां निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी गई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

    Marriage Hall Dispute on Reserved Land

    शिकायत के अनुसार, कथित निर्माण और मिट्टी भराव के कारण वर्षा जल के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न हो रही है। इसका प्रभाव आसपास के रिहायशी क्षेत्रों पर पड़ रहा है, जहां प्रत्येक मानसून में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। स्थानीय नागरिकों को घरों में पानी घुसने, संपत्ति के नुकसान और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

    शिवप्रताप सिंह ने महानगरपालिका के संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

    सामाजिक कामगार संघटना ने महानगरपालिका आयुक्त से संबंधित स्थल का संयुक्त निरीक्षण कराने, निर्माण से जुड़े सभी अनुमति दस्तावेजों की जांच करने तथा निर्माण अवैध पाए जाने पर महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन (एमआरटीपी) अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के तहत तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।

    शिवप्रताप सिंह ने कहा कि नागरिकों को हर वर्ष जलभराव की समस्या झेलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि वर्षा जल के प्राकृतिक निकासी मार्ग को पूर्ववत बहाल किया जाए और आरक्षित ‘वॉटर होल्डिंग एरिया’ को उसके मूल स्वरूप में संरक्षित किया जाए।

    हालांकि, इस संबंध में महानगरपालिका अथवा संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी है।

  • Naresh Mhaske attacks Uddhav Thackeray in Thane press conference: उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब के हिंदुत्व से किया समझौता, अब ‘उलेमा बचाओ टोली’ बन गई शिवसेना (उबाठा): सांसद नरेश म्हस्के

    Naresh Mhaske attacks Uddhav Thackeray in Thane press conference: उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब के हिंदुत्व से किया समझौता, अब ‘उलेमा बचाओ टोली’ बन गई शिवसेना (उबाठा): सांसद नरेश म्हस्के

    शिवसेना सांसद का तीखा हमला, वक्फ संशोधन, CAA-NRC, ट्रिपल तलाक और राष्ट्रीय मुद्दों पर उद्धव ठाकरे से पूछे कई सवाल

    आर.एस. नेटवर्क | दिनेश चंद्र रावल

    ठाणे | शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने रविवार को आयोजित पत्रकार परिषद में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे ने सत्ता की राजनीति के लिए हिंदुत्व की मूल विचारधारा से समझौता कर लिया है। उन्होंने कहा कि आज की UBT पहले वाली शिवसेना नहीं रही, बल्कि वह “उलेमा बचाओ टोली” बनकर रह गई है और लगातार मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है।

    म्हस्के ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे हमेशा हिंदुत्व और राष्ट्रहित के मुद्दों पर स्पष्ट, निडर और अडिग रहे, लेकिन उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर उनके विचारों से दूरी बना ली। उनका आरोप था कि 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को जनादेश मिलने के बावजूद मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ सरकार बनाकर हिंदुत्व की विचारधारा से समझौता किया गया।

    उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर उद्धव ठाकरे का रुख बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से पूरी तरह अलग रहा। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC), ट्रिपल तलाक और वक्फ संशोधन विधेयक जैसे विषयों पर उद्धव ठाकरे ने ऐसा रुख अपनाया, जो उनके अनुसार हिंदुत्व और राष्ट्रहित के विपरीत था।

    सांसद म्हस्के ने आरोप लगाया कि वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध कर उद्धव ठाकरे ने मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में वक्फ संपत्तियों के कथित दुरुपयोग और अनियमितताओं पर कभी सवाल नहीं उठाए गए, जबकि राम मंदिरों और हिंदू धार्मिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर लगातार बयानबाजी की जाती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान UBT के सांसदों ने प्रभावी भूमिका नहीं निभाई।

    उन्होंने ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर भी उद्धव ठाकरे की आलोचना करते हुए कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं के सम्मान और न्याय का विषय था, लेकिन इस पर उन्होंने कोई स्पष्ट समर्थन नहीं दिया। वहीं CAA और NRC के मुद्दे पर उन्होंने सवाल उठाया कि उद्धव ठाकरे इन कानूनों का लगातार विरोध क्यों करते रहे और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर उनका रुख क्या था।

    म्हस्के ने कहा कि आज राम मंदिरों में दान पेटियों में कथित चोरी और अन्य मामलों पर सवाल उठाने वाले उद्धव ठाकरे ने वक्फ बोर्ड में कथित भ्रष्टाचार, अतिक्रमण और कुप्रबंधन के मुद्दों पर कभी आवाज नहीं उठाई। उन्होंने पूछा कि यदि हिंदू ट्रस्टों में गैर-हिंदुओं को स्थान नहीं दिया जाता, तो वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों के शामिल किए जाने का विरोध क्यों किया गया।

    उन्होंने महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET), म्हाडा भर्ती और स्वास्थ्य विभाग भर्ती सहित कई भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय राज्य सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही। उन्होंने कहा कि आज NEET पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शनों का समर्थन कर UBT राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है, जबकि अपने कार्यकाल के मामलों पर वह जवाब देने से बच रही है।

    पत्रकार परिषद के दौरान सांसद नरेश म्हस्के ने कहा कि उद्धव ठाकरे को हिंदुत्व, राष्ट्रीय सुरक्षा, वक्फ बोर्ड, CAA-NRC, ट्रिपल तलाक और अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान हुए पेपर लीक जैसे मुद्दों पर जनता के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।