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  • Thane News: प्रजापति समाज विकास मंडल की कार्यकारिणी बैठक संपन्न, नई नियुक्तियों पर लगी मुहर

    Thane News: प्रजापति समाज विकास मंडल की कार्यकारिणी बैठक संपन्न, नई नियुक्तियों पर लगी मुहर

    नवी मुंबई। प्रजापति समाज विकास मंडल रजि., एक राष्ट्रीय सामाजिक संस्था (एनजीओ) की कार्यकारिणी बैठक पनवेल में संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्र प्रताप प्रजापति की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के साथ भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

    बैठक के दौरान 11 जनवरी को आयोजित 21वें वार्षिक सम्मेलन की समीक्षा की गई। सम्मेलन को लेकर सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से विचार किया गया और आने वाले कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए कई सुझावों को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।

    राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्र प्रताप प्रजापति ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों और सहयोगी महानुभावों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से संस्था सामाजिक सेवा के अपने उद्देश्यों को मजबूती से आगे बढ़ा रही है।

    बैठक में संगठन को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से दो नई महत्वपूर्ण नियुक्तियों की भी घोषणा की गई।

    • राज किशोर प्रजापति को अलीबाग तालुका का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
    • लव कुमार प्रजापति को पनवेल महानगरपालिका क्षेत्र के लिए युवा प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाया गया।

    इस अवसर पर राष्ट्रीय मुख्य महासचिव गजेंद्र प्रजापति, रायगढ़ जिला महासचिव इंदर प्रजापति, न्यू पनवेल शहर अध्यक्ष गोवर्धन प्रजापति, सुबोध प्रजापति, इंद्र कुमार प्रजापति, पिंटू प्रजापति, संजय प्रजापति, सियाराम प्रजापति, राकेश कुमार प्रजापति, रोहित प्रजापति सहित अनेक पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।

    बैठक के अंत में समाजहित में एकजुट होकर कार्य करने और संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प दोहराया गया।

  • Rahul Gandhi: कांग्रेस ने नवजोत कौर सिद्धू को किया बाहर, राहुल गांधी पर ‘पप्पू’ टिप्पणी से पंजाब की राजनीति में भूचाल

    Rahul Gandhi: कांग्रेस ने नवजोत कौर सिद्धू को किया बाहर, राहुल गांधी पर ‘पप्पू’ टिप्पणी से पंजाब की राजनीति में भूचाल

    चंडीगढ़ (Chandigarh)। पंजाब की राजनीति में पिछले दो महीनों से जारी अनिश्चितता और बयानबाज़ी का दौर अब एक बड़े राजनीतिक धमाके के साथ खत्म हो गया है। कांग्रेस नेतृत्व ने पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव भूपेश बघेल ने शुक्रवार को इस फैसले की औपचारिक घोषणा की। हालांकि इससे पहले 31 जनवरी को नवजोत कौर सिद्धू खुद पार्टी से इस्तीफा दे चुकी थीं, लेकिन कांग्रेस का यह सख्त कदम साफ संकेत देता है कि अब पार्टी सिद्धू परिवार की खुली बयानबाज़ी को और सहन करने के मूड में नहीं है।

    पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाए जाने के बाद नवजोत कौर सिद्धू के तेवर और आक्रामक हो गए हैं। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखे हमले करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के लिए बेहद अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें ‘पप्पू’ कहा। यह शब्द आमतौर पर कांग्रेस विरोधी खेमे द्वारा राहुल गांधी के मज़ाक के लिए प्रयोग किया जाता है। इस बयान के बाद कांग्रेस और सिद्धू परिवार के रिश्तों में दरार पूरी तरह सार्वजनिक हो गई है।

    ‘500 करोड़ का सूटकेस’ बयान से बढ़ा विवाद

    इस पूरे विवाद की जड़ें दिसंबर 2025 में दिए गए उस बयान से जुड़ी हैं, जिसमें नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री का चेहरा वही बनता है, जो 500 करोड़ रुपये का सूटकेस लेकर आता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू तभी सक्रिय राजनीति में लौटेंगे, जब उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया जाएगा। उस समय उन्होंने कांग्रेस पर गुटबाज़ी का आरोप लगाते हुए कहा था कि पार्टी के भीतर कई नेता खुद ही कांग्रेस को हराने में लगे हुए हैं।

    क्या भाजपा में होगी ‘घर वापसी’?

    नवजोत कौर सिद्धू के निष्कासन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि नवजोत सिंह सिद्धू का अगला राजनीतिक कदम क्या होगा। हालांकि सिद्धू तकनीकी रूप से अब भी कांग्रेस में हैं, लेकिन उनकी पत्नी के हालिया बयानों को उनके भविष्य की दिशा का संकेत माना जा रहा है। बीते कुछ हफ्तों में नवजोत कौर ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा की खुलकर तारीफ की। इससे राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं कि सिद्धू परिवार एक बार फिर भाजपा की ओर लौट सकता है, जहां से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई थी।

    विद्रोह से पुराना नाता

    सिद्धू परिवार का राजनीतिक इतिहास बगावती तेवरों से भरा रहा है। 2012 में भाजपा के टिकट पर अमृतसर पूर्व से जीतने के बाद भी डॉ. नवजोत कौर ने अपनी ही अकाली-भाजपा सरकार पर फंड वितरण में भेदभाव और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। 2014 में जब भाजपा ने नवजोत सिंह सिद्धू का टिकट काटकर अरुण जेटली को अमृतसर से उम्मीदवार बनाया, तो रिश्ते और बिगड़ गए। 2016 में सिद्धू के आम आदमी पार्टी में जाने की चर्चाएं भी चलीं, लेकिन बात नहीं बनी। आखिरकार 2017 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले दोनों कांग्रेस में शामिल हो गए।

    कैप्टन से टकराव और कांग्रेस में अंत

    कांग्रेस सरकार में मंत्री बनने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू और तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच टकराव खुलकर सामने आया। बेअदबी मामलों को लेकर सिद्धू ने अपनी ही सरकार को घेरा, जिसके चलते अंततः कैप्टन को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा। इसके बाद चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री बनने पर भी नवजोत कौर सिद्धू ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उनके पति इस पद के लिए बेहतर विकल्प थे।

    फिलहाल नवजोत सिंह सिद्धू ने इस पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन पंजाब की राजनीति में यह खामोशी किसी बड़े सियासी तूफान का संकेत मानी जा रही है। राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमलों के बाद कांग्रेस में सिद्धू परिवार के लिए दरवाज़े लगभग बंद नजर आ रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या सिद्धू एक बार फिर भगवा खेमे में वापसी करेंगे या पंजाब की राजनीति में कोई नई चाल चलेंगे।

  • Medical Help :हजारों फीट की ऊंचाई पर ‘देवदूत’ बना मेडिकल छात्र, विमान में यात्री की बचाई जान

    Medical Help :हजारों फीट की ऊंचाई पर ‘देवदूत’ बना मेडिकल छात्र, विमान में यात्री की बचाई जान

    नालासोपारा। आसमान में उड़ते विमान(Fight) के भीतर अचानक एक यात्री की तबीयत बिगड़ गई। चक्कर, सांस लेने में दिक्कत और तेजी से गिरती ब्लड शुगर ने हालात को बेहद गंभीर बना दिया। हजारों फीट की ऊंचाई पर जब हर पल कीमती था, तब एक मेडिकल छात्र(Medical Help By Student) यात्री के लिए किसी देवदूत से कम साबित नहीं हुआ। पालघर जिले के वेदांत मेडिकल कॉलेज (Vedant Medical College) के अंतिम वर्ष के छात्र और वसई निवासी डॉ. आर्यन लोलयेकर ने अपनी सूझबूझ और साहस से उस यात्री की जान बचा ली।

    यह घटना 3 फरवरी को गोवा से मुंबई जा रहे इंडिगो एयरलाइंस के विमान में हुई। दोपहर 3:50 बजे दाबोली एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद एक सहयात्री को अचानक सांस लेने में तकलीफ होने लगी। जांच में पता चला कि उसके रक्त में शुगर का स्तर तेजी से गिर रहा था। हालात बिगड़ते देख विमान के क्रू मेंबर्स ने तुरंत घोषणा की—“क्या विमान में कोई डॉक्टर है?”

    घोषणा सुनते ही एमबीबीएस के अंतिम वर्ष में पढ़ रहे डॉ. आर्यन लोलयेकर बिना एक पल गंवाए आगे आए। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए विमान में उपलब्ध आपातकालीन(Emergency) ऑक्सीजन सिलेंडर की मदद से यात्री को कृत्रिम श्वसन देना शुरू किया। करीब 45 मिनट बाद विमान मुंबई में सुरक्षित उतरा, जहां इंडिगो के ग्राउंड स्टाफ ने मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।

    डॉ. आर्यन की तत्परता से यात्री की हालत स्थिर हो गई। विमान में मौजूद यात्रियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका आभार जताया। इस अनुभव को साझा करते हुए डॉ. आर्यन ने कहा, “यात्री की हालत देखकर एक पल को डर जरूर लगा, लेकिन मेडिकल शिक्षा ने मुझे हिम्मत दी। अगर समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलता, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। एक जान बचा सका, यही सबसे बड़ा संतोष है।”

    इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सही समय पर लिया गया फैसला और सेवा का जज्बा किसी की जिंदगी बचा सकता है।

  • Railway News: बेंगलुरु–मुंबई प्रीमियम ट्रेन सेवा जल्द शुरू, कर्नाटक को रेलवे बजट में रिकॉर्ड निवेश

    Railway News: बेंगलुरु–मुंबई प्रीमियम ट्रेन सेवा जल्द शुरू, कर्नाटक को रेलवे बजट में रिकॉर्ड निवेश

    बेंगलुरु: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को बताया कि बेंगलुरु से मुंबई के लिए प्रीमियम ट्रेन(Premium Train) सेवा बहुत जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक को इस वर्ष के रेलवे बजट में 7,748 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जो कांग्रेस नेतृत्व वाली पिछली सरकार के आवंटन से लगभग नौ गुना अधिक है।

    रेल मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य में रेलवे का कुल निवेश अब 52,950 करोड़ रुपए तक पहुँच गया है। बड़े पैमाने पर इस निवेश में रेल पटरियों का दोहरीकरण, स्टेशन पुनर्विकास, सुरक्षा, घोषणाएं, बेंगलुरु उपनगरीय क्षेत्र और कई नई परियोजनाएं शामिल हैं।

    अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कई खंडों का दोहरीकरण किया जा रहा है, और जल्द ही नई ट्रेन सेवाएँ भी उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विद्युतीकरण के लिए परीक्षण और प्रमाणन प्रक्रिया चल रही है, और जैसे ही यह पूरी होगी, विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।

    भूमि अधिग्रहण को लेकर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकार की सहमति लेने का प्रयास लगातार कर रही है, क्योंकि भूमि का अधिकार राज्य सरकार के पास है। उन्होंने सभी परियोजनाओं में सहकारी संघवाद की भूमिका पर जोर दिया और कहा कि उनका उद्देश्य जनता और राज्यों के हित में काम करना है।

    रेल मंत्री ने यह भी कहा कि के-राइड के प्रबंध निदेशक नियुक्त होने के बाद बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना में प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि अब डिजाइन तैयार हैं और निविदा दस्तावेज़ भी तैयार कर लिए गए हैं।

    यशवंतपुर-कोलार लाइन को लेकर उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पहले अपनी सहमति वापस ले ली थी, लेकिन बेंगलुरु के विकास और बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार राज्य से पुनः सहमति लेने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु की क्षमता को दोगुना करना आवश्यक है और इसके लिए अधिक रेलवे लाइनें बनाना जरूरी हैं।

  • Bhiwandi Haj Yatri: हज यात्रियों के लिए विशेष टीकाकरण अभियान शुरू, 700 से अधिक जायरीन लाभान्वित

    Bhiwandi Haj Yatri: हज यात्रियों के लिए विशेष टीकाकरण अभियान शुरू, 700 से अधिक जायरीन लाभान्वित

    भिवंडी (Bhiwandi)।
    मुस्लिम धर्म की पवित्र हज यात्रा पर जाने वाले जायरीन की सेहत और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका के चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांच अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत अब तक जिले के 700 से अधिक हज यात्रियों (Bhiwandi Haj Yatri) को आवश्यक रोग-प्रतिरोधक टीके लगाए जा चुके हैं।

    भिवंडी ऐसा एकमात्र केंद्र है, जहाँ पिछले चार वर्षों से हज यात्रियों के लिए लगातार यह विशेष टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है। इस सुविधा का लाभ केवल भिवंडी शहर के ही नहीं, बल्कि भिवंडी ग्रामीण, कल्याण, मुंब्रा और ठाणे से आने वाले हज यात्री भी उठा रहे हैं।

    शुक्रवार से शुरू हुए इस अभियान में अब तक कुल 702 हज यात्रियों का टीकाकरण किया जा चुका है। यह अभियान अगले दो दिनों तक जारी रहेगा। फार्मासिस्ट आसिफ अंसारी के अनुसार, आने वाले दिनों में करीब 300 और हज यात्रियों के टीकाकरण की उम्मीद है।

    इस अभियान को सफल बनाने के लिए चिकित्सा अधिकारी डॉ. आयशा, फार्मासिस्ट आसिफ अंसारी, पंकज सिंह, राजश्री दाभाडे सहित नर्सिंग स्टाफ की पूरी टीम विशेष मेहनत कर रही है।

    प्रशासनिक टीम ने बताया कि,

    “हज यात्रियों की सेहत और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले के अलग-अलग हिस्सों से जायरीन यहां आकर टीकाकरण करवा रहे हैं, जो इस केंद्र की विश्वसनीयता और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को दर्शाता है।”

    भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका की ओर से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी हज यात्रियों को समय पर आवश्यक टीके, प्राथमिक स्वास्थ्य जांच और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे सुरक्षित और स्वस्थ हज यात्रा पूरी कर सकें।

  • Thane News: तुर्भे में युवती से छेड़छाड़, आदतन आरोपी संदीप तीर्थे गिरफ्तार

    Thane News: तुर्भे में युवती से छेड़छाड़, आदतन आरोपी संदीप तीर्थे गिरफ्तार

    नवी मुंबई (Thane News)।
    तुर्भे इलाके में एक युवती से छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। तुर्भे स्टोर परिसर में रहने वाले संदीप तीर्थे पर आरोप है कि उसने जनवरी 2026 में तुर्भे रेलवे स्टेशन परिसर में युवती का पीछा करते हुए अश्लील हरकतें कीं और उसकी मर्यादा को ठेस पहुंचाई।

    पीड़िता जब घर जाने के लिए शेयरिंग ऑटोरिक्शा का इंतजार कर रही थी, तब आरोपी ने उसका पीछा करते हुए “मैं तुम्हें पसंद करता हूं” जैसे आपत्तिजनक शब्द कहे। इसके बाद 5 फरवरी 2026 की शाम करीब 7:30 बजे आरोपी ने दोबारा युवती को परेशान किया। ऑटोरिक्शा में अन्य कोई यात्री मौजूद न होने का फायदा उठाकर आरोपी ने “शुभांगी, तुम मेरे पास आकर बैठो” कहते हुए जबरन नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश की, जिससे युवती भयभीत हो गई।

    घटना के बाद युवती ने पूरी जानकारी अपने पिता को दी। जब परिजन आरोपी से पूछताछ करने के लिए पावणे नाका परिसर पहुंचे, तो आरोपी ने युवती के भाई के साथ हाथापाई कर मारपीट भी की।

    इस मामले में तुर्भे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी संदीप तीर्थे को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से ही एपीएमसी पुलिस स्टेशन और तुर्भे पुलिस स्टेशन में कई मामले दर्ज हैं।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आरोपी की दहशत के कारण इलाके में भय का माहौल बना हुआ है। उस पर फर्जी शिकायतें दर्ज कर लोगों को ब्लैकमेल करने के भी आरोप हैं। फिलहाल तुर्भे पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि उसने इससे पहले और कितनी युवतियों को इसी तरह परेशान किया है।

  • Thane News-बालकुम में ट्रैफिक दबाव 80% तक बढ़ा, सिस्टम सीमित: विधायक संजय केलकर

    Thane News-बालकुम में ट्रैफिक दबाव 80% तक बढ़ा, सिस्टम सीमित: विधायक संजय केलकर

    ठाणे(Thane)। बालकुम इलाके में तेजी से बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के मुकाबले ट्रैफिक व्यवस्था सीमित रहने से नागरिकों की परेशानियां और दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। इसी को लेकर ठाणे के विधायक संजय केलकर ने पुराने मुंबई–आगरा रोड का निरीक्षण कर ट्रैफिक विभाग, मनपा और एमएमआरडीए अधिकारियों के साथ मौके पर चर्चा की और जरूरी सुधारों को समयबद्ध तरीके से लागू करने के सख्त निर्देश दिए।

    बालकुम में पीरामल वैकुंठ, दोस्ती वेस्ट काउंटी, रुनवाल गार्डन सिटी, कल्पतरु और लोढ़ा अमारा जैसे बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के कारण आबादी और वाहनों में करीब 80 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है, लेकिन ट्रैफिक सिस्टम में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इससे पैदल यात्रियों, वाहन चालकों और खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों व गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    विधायक केलकर ने बताया कि सड़क के दोनों ओर स्कूल, मनपा का स्वास्थ्य केंद्र और प्रसूति अस्पताल होने के बावजूद सुरक्षित क्रॉसिंग की व्यवस्था नहीं है। भारी वाहनों की आवाजाही से जाम और हादसों की आशंका बनी रहती है। उन्होंने चौक पर सिग्नल प्रणाली लगाने और सड़क चौड़ीकरण जैसे उपायों पर तुरंत अमल करने का सुझाव दिया।

    निरीक्षण के दौरान ट्रैफिक विभाग(Traffic Department) के वरिष्ठ निरीक्षक सोंडे, मनपा के अधिशासी अभियंता संजय कदम और एमएमआरडीए के अभियंता रितेश पाटिल सहित अन्य अधिकारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

  • RSS News :आरएसएस 100 वर्ष कार्यक्रम में मोहन भागवत का स्पष्ट संदेश-                                                                 संघ न तो पैरामिलिट्री है, न राजनीतिक पार्टी

    RSS News :आरएसएस 100 वर्ष कार्यक्रम में मोहन भागवत का स्पष्ट संदेश- संघ न तो पैरामिलिट्री है, न राजनीतिक पार्टी

    मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के “संघ यात्रा के 100 वर्ष–नए क्षितिज” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने संघ की भूमिका और विचारधारा को लेकर उठने वाली भ्रांतियों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि संघ को दूर से देखने पर गलतफहमी हो सकती है, इसलिए संघ को समझने के लिए उसकी शाखाओं और स्वयंसेवकों के जीवन को देखना जरूरी है।

    मोहन भागवत ने स्पष्ट किया कि संघ के स्वयंसेवक रूट मार्च करते हैं, लाठी-काठी सीखते हैं और घोष की धुन बजती है, लेकिन संघ न तो कोई पैरामिलिट्री संगठन है, न अखाड़ा और न ही संगीतशाला। उन्होंने कहा कि संघ में राजनीति से जुड़े स्वयंसेवक जरूर हैं, लेकिन संघ स्वयं कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है।

    उन्होंने जोर देकर कहा कि संघ का काम अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे देश और समाज के लिए है। संघ न तो किसी के विरोध में बना है और न ही किसी से प्रतिस्पर्धा के लिए। संघ को न लोकप्रियता चाहिए और न सत्ता, उसका उद्देश्य केवल समाज को संगठित करना है।

    “संघ को समझना है तो शाखा देखिए”
    आरएसएस प्रमुख ने कहा कि संघ को समझने के लिए उसकी शाखाओं, कार्यकर्ताओं के परिवारों और उनके सामाजिक व्यवहार को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी देश का उत्थान या पतन समाज की एकता पर निर्भर करता है, इसका उदाहरण अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन और जर्मनी जैसे देशों के इतिहास से लिया जा सकता है।

    हिंदू शब्द और समाज पर विचार
    मोहन भागवत ने कहा कि ‘हिंदू’ को केवल धर्म या पूजा-पद्धति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह किसी एक समुदाय का नाम नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन है। उन्होंने कहा कि भारत धर्म-प्राण देश है, जहां सबको साथ लेकर चलने की परंपरा रही है।

    बीजेपी और संघ पर टिप्पणी
    संघ प्रमुख ने साफ किया कि बीजेपी संघ की पार्टी नहीं है, हालांकि संघ के स्वयंसेवक उसमें कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि संघ का एकमात्र उद्देश्य संपूर्ण समाज को संगठित करना है।

    अपने संबोधन के अंत में मोहन भागवत ने कहा कि भारत का स्वभाव सनातन है और “सबका सम्मान, सबका स्वीकार” ही हमारी संस्कृति की मूल भावना है। सबको साथ लेकर चलना ही देश की ताकत है।

  • Bangladesh Japan Economic Partnership: चुनाव से पहले यूनुस सरकार की बड़ी ट्रेड डिप्लोमेसी कामयाबी, बांग्लादेश-जापान के बीच ऐतिहासिक आर्थिक साझेदारी समझौता

    Bangladesh Japan Economic Partnership: चुनाव से पहले यूनुस सरकार की बड़ी ट्रेड डिप्लोमेसी कामयाबी, बांग्लादेश-जापान के बीच ऐतिहासिक आर्थिक साझेदारी समझौता

    ढाका/टोक्यो। बांग्लादेश में आगामी चुनावों से पहले यूनुस सरकार ने ट्रेड डिप्लोमेसी के मोर्चे पर एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। भारत के करीबी और भरोसेमंद मित्र जापान के साथ बांग्लादेश ने इकॉनमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (EPA) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस समझौते को बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था के लिए सही समय पर उठाया गया एक मील का पत्थर माना जा रहा है।

    जापान की राजधानी टोक्यो में हुए इस समझौते से न सिर्फ दोनों देशों के बीच व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी, बल्कि निवेश, तकनीकी सहयोग, सर्विस सेक्टर और सप्लाई चेन मैनेजमेंट में भी दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी का रास्ता खुलेगा।


    सिर्फ ड्यूटी-फ्री नहीं, दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग का रोडमैप

    यह समझौता केवल ड्यूटी-फ्री मार्केट एक्सेस तक सीमित नहीं है। इसके तहत दोनों देशों के बीच

    • निवेश सुरक्षा
    • टेक्नोलॉजी ट्रांसफर
    • सर्विस सेक्टर में ट्रेड
    • स्किल्ड ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट
    • और मजबूत सप्लाई चेन सहयोग

    जैसे क्षेत्रों में व्यापक और संरचित सहयोग तय किया गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह डील बांग्लादेश को क्षेत्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत स्थिति दिला सकती है।


    चार साल में पूरा हुआ समझौता, इंटरनेशनल स्टैंडर्ड से भी तेज़

    बांग्लादेश-जापान आर्थिक साझेदारी समझौते की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज़ गति है। यह एग्रीमेंट सिर्फ चार साल में पूरा हुआ, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से बेहद कम समय माना जाता है।

    इसकी शुरुआत 2022 में दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ पर गठित जॉइंट स्टडी टीम से हुई थी। टीम का मकसद लंबे समय के लिए मजबूत और संरचित दोतरफा आर्थिक रिश्तों का फ्रेमवर्क तैयार करना था।

    दिसंबर 2023 में सिफारिशें सौंपने के बाद, 12 मार्च 2024 को औपचारिक बातचीत शुरू हुई। 2024 और 2025 के दौरान ढाका और टोक्यो में कुल सात दौर की बातचीत हुई, जिसमें टैरिफ, नॉन-टैरिफ बाधाएं, सर्विस सेक्टर, बौद्धिक संपदा अधिकार, लेबर और पर्यावरण मानकों जैसे मुद्दों पर सहमति बनी।

    सितंबर 2025 में ड्राफ्ट फाइनल हुआ और 22 दिसंबर को बांग्लादेश के कॉमर्स एडवाइजर शेख बशीरुद्दीन तथा जापान के विदेश मंत्री इवाओ होरी ने बातचीत पूरी होने की औपचारिक घोषणा की।


    बांग्लादेश को 7,379 उत्पादों पर ड्यूटी-फ्री एक्सेस

    बांग्लादेश के वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते के लागू होते ही

    • बांग्लादेश को जापान में 7,379 उत्पादों पर ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा
    • जबकि जापान को बांग्लादेश में 1,039 उत्पादों पर यह सुविधा दी जाएगी

    सबसे अहम बात यह है कि बांग्लादेश का प्रमुख निर्यात क्षेत्र रेडीमेड गारमेंट्स समझौते के साथ ही जापान में पूरी तरह ड्यूटी-फ्री हो जाएगा। इसके अलावा गारमेंट सेक्टर के लिए स्टेप-अप प्रोडक्शन ट्रांसफॉर्मेशन का प्रावधान भी शामिल है, जिससे प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।


    सर्विस सेक्टर और निवेश में भी बड़ा विस्तार

    समझौते के तहत सर्विस सेक्टर में भी बड़े स्तर पर प्रतिबद्धताएं की गई हैं।

    • बांग्लादेश जापान के लिए 97 सब-सेक्टर खोलेगा
    • जबकि जापान चार अलग-अलग मैकेनिज्म के जरिए बांग्लादेश के लिए 120 सब-सेक्टर खोलेगा

    इससे बांग्लादेश में जापानी निवेश, तकनीकी सहयोग और कुशल मानव संसाधन के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।


    दोनों देशों के बीच कितना है व्यापार?

    बांग्लादेश बैंक के आंकड़ों के मुताबिक,

    • वित्तीय वर्ष 2024-25 में बांग्लादेश ने जापान से 1.8745 बिलियन डॉलर का आयात किया
    • और जापान को 1.4115 बिलियन डॉलर का निर्यात किया

    वहीं, 2020 से 30 सितंबर 2025 तक बांग्लादेश में जापान का कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 469.6 मिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है।
    वित्तीय वर्ष 2023-24 तक जापान के कमिटेड लोन 32.32 बिलियन डॉलर रहे, जिनमें से 22.36 बिलियन डॉलर माफ किए जा चुके हैं।


    LDC से बाहर निकलने की चुनौती में बड़ी राहत

    जॉइंट स्टडी टीम ने आगाह किया था कि बांग्लादेश के जल्द ही कम विकसित देश (LDC) की श्रेणी से बाहर निकलने के बाद मौजूदा ड्यूटी-फ्री सुविधाएं खत्म हो सकती हैं। ऐसे में जापान जैसी दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था के साथ यह साझेदारी बांग्लादेश के निर्यात सेक्टर की प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए बेहद अहम होगी।

    गारमेंट इंडस्ट्री एसोसिएशन के पूर्व निदेशक मोहिउद्दीन रुबेल के मुताबिक,
    “सिर्फ चार साल में किसी विकसित देश के साथ इतना जटिल समझौता पूरा करना दिखाता है कि स्पष्ट रणनीति, राजनीतिक इच्छाशक्ति और फोकस्ड बातचीत के दम पर बांग्लादेश हाई-इम्पैक्ट अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां बना सकता है।”

  • MP Pappu Yadav : NEET छात्रा की मौत और पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी का तीखा हमला, बोले– “यह राजनीति नहीं, इंसाफ का सवाल है”

    MP Pappu Yadav : NEET छात्रा की मौत और पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी का तीखा हमला, बोले– “यह राजनीति नहीं, इंसाफ का सवाल है”

    पटना। बिहार की राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और इस मामले में आवाज उठाने वाले पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा और NDA सरकार पर सीधा हमला बोला है।

    राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पटना में NEET की आकांक्षी छात्रा की मौत और उसके बाद की कार्रवाई ने “सिस्टम की गहरी सड़ांध” को एक बार फिर उजागर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की, तो भाजपा-NDA का वही पुराना तरीका सामने आया—मामले को भटकाना, परिजनों को प्रताड़ित करना और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण देना।

    “पप्पू यादव की गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध”

    राहुल गांधी ने कहा कि इस बेटी के लिए न्याय की आवाज बनकर सांसद पप्पू यादव मजबूती से खड़े हुए, लेकिन आज उनकी गिरफ्तारी साफ तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है। इसका मकसद उन सभी आवाज़ों को डराना और दबाना है, जो जवाबदेही की मांग करती हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं लगता, बल्कि यह एक खतरनाक पैटर्न की ओर इशारा करता है, जहां लगातार बेटियां शिकार बन रही हैं और सत्ता आंखें मूंदे बैठी है।
    राहुल गांधी ने लिखा, “यह राजनीति नहीं, इंसाफ का सवाल है। यह बिहार की बेटी की इज्जत और सुरक्षा का सवाल है।”


    प्रियंका गांधी ने पप्पू यादव से की बात, सरकार पर साधा निशाना

    इस पूरे मामले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। शनिवार सुबह उन्होंने पप्पू यादव से फोन पर बात की। पप्पू यादव के एक समर्थक के माध्यम से यह बातचीत कराई गई, जिसमें प्रियंका गांधी ने उन्हें अच्छा वकील करने की सलाह दी।

    बाद में प्रियंका गांधी ने एक्स पर लिखा कि पटना के हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा के साथ रेप और हत्या का मामला झकझोर देने वाला है। उन्होंने कहा कि इस केस के सामने आने के बाद सरकार का रवैया उससे भी ज्यादा डरावना है।

    प्रियंका ने सवाल उठाया,
    “FIR से लेकर जांच और कार्रवाई तक सब कुछ संदिग्ध बना दिया गया है। यह सब किसे बचाने के लिए किया जा रहा है?”

    उन्होंने हाथरस, उन्नाव, अंकिता भंडारी और अब पटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि जहां-जहां महिलाओं के साथ अत्याचार हुआ, वहां भाजपा की सरकारें पीड़ितों के बजाय आरोपियों के साथ खड़ी नजर आईं। पप्पू यादव की गिरफ्तारी को उन्होंने इसी असंवेदनशील रवैये की एक और कड़ी बताया।


    तबीयत बिगड़ने पर पप्पू यादव IGIMS शिफ्ट

    इस बीच, गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव की तबीयत बिगड़ गई। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें पहले पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) ले जाया गया, जहां से बाद में इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (IGIMS) में शिफ्ट किया गया।


    1995 के मामले में हुई गिरफ्तारी

    पुलिस के अनुसार, पप्पू यादव को 1995 के एक कथित जमीन विवाद मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह केस गर्दनीबाग थाना से जुड़ा है और इसमें IPC की धारा 419, 420, 468, 448, 506 और 120B के तहत मामला दर्ज है, जिन्हें अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत माना जा रहा है।

    पटना सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि मामला कोर्ट में ट्रायल के स्तर पर था और सांसद को पेश होना था, लेकिन तय तारीख पर वे उपस्थित नहीं हुए, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी की गई।


    “मुझे नहीं पता मेरे साथ क्या होगा” – पप्पू यादव

    जब पुलिस उन्हें पटना स्थित उनके आवास से कस्टडी में लेने पहुंची, तो पप्पू यादव ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने मीडिया से कहा,
    “मैं ठीक नहीं हूं… मुझे नहीं पता कि मेरे साथ क्या होगा।”