मुंबई। भक्ति और आध्यात्मिकता के महासागर में डूबो देने वाला श्रीमद्भागवत कथा का पंचम दिवस मुंबई के भायंदर (पूर्व) स्थित बालासाहेब ठाकरे मैदान में बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के दिव्य सानिध्य में चल रही यह कथा 2 नवंबर से आरंभ होकर 8 नवंबर 2025 तक आयोजित की जा रही है।
भव्य स्वागत : 21 फीट लंबी पुष्पमाला से किया अभिनंदन
कथा के पंचम दिवस पर मुंबई आयोजक समिति ने पूज्य महाराज श्री का विशेष स्वागत किया। महाराज श्री को 21 फीट लंबी और 35 किलो वज़न की पुष्पमाला पहनाकर भव्य रूप से अभिनंदन किया गया। समूचा पंडाल “जय श्री राधे-कृष्णा” के जयकारों से गूंज उठा।
विशेष अतिथियों की उपस्थिति
कथा में प्रसिद्ध अभिनेता राज प्रेमी पधारे और उन्होंने व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त कर कथा श्रवण किया। इसके साथ ही सुप्रसिद्ध भजन गायक रूहानी जी ने अपने सुरीले भजनों से उपस्थित भक्तों को भावविभोर कर दिया।
पूज्य ठाकुर जी महाराज का दिव्य संदेश
पूज्य श्री ठाकुर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा —
“जब-जब इस संसार में अधर्म, अन्याय और अंधकार का विस्तार होता है, तब-तब भगवान स्वयं अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। भगवान श्रीराम ने रावण का अंत किया और श्रीकृष्ण ने कंस का — क्योंकि ईश्वर सदा धर्म की रक्षा के लिए आते हैं।”
उन्होंने कहा कि —
“मनुष्य का जीवन केवल भोग और मोह-माया के लिए नहीं, बल्कि ईश्वर की भक्ति और धर्म की स्थापना के लिए है। जो संतान अपने माता-पिता का सम्मान करती है, वही सच्चा भक्त कहलाता है।”
महाराज श्री ने भक्तों को सत्य, सेवा और सद्गुणों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि —
“सत्य कठिन अवश्य है, पर वही हमें ईश्वर के निकट ले जाता है। जो ज्ञान दूसरों के जीवन में प्रकाश फैलाए, वही सच्चा ज्ञान है।”
मुंबई। चेंबूर स्थित लोकमान्य शिक्षण संस्थान द्वारा संचालित श्री नारायणराव आचार्य विद्यानिकेतन स्कूल ऑफ शरद आचार्य क्रीड़ा केंद्र के 19 छात्र-छात्राओं ने भारत का नाम रोशन किया है। गोवा में आयोजित “14वीं एशियन एक्रोबैटिक जिमनास्टिक चैंपियनशिप” में इन खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 स्वर्ण, 7 रजत और 5 कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया।
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर चेंबूर के छात्रों की धमक
31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में चेंबूर के इन छात्रों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत का झंडा ऊंचा किया। खिलाड़ियों को मुख्य प्रशिक्षक महेंद्र चेंबूरकर और लोकमान्य शिक्षण संस्थान के ट्रस्टी सुबोध आचार्य के मार्गदर्शन में तैयार किया गया था। खिलाड़ियों ने न केवल जिमनास्टिक के कठिन अभ्यासों में महारत दिखाई, बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और आत्मविश्वास से सबका दिल जीता।
मुंबई में हुआ जोरदार स्वागत
प्रतियोगिता से लौटने के बाद सोमवार, 3 नवंबर को स्कूल परिसर में खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। इस समारोह का आयोजन समाजसेवी जयप्रकाश (जेपी) अग्रवाल की ओर से किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्थानीय शिवसेना विधायक तुकाराम काते ने आतिशबाजी के बीच तिरंगा लहराकर खिलाड़ियों का अभिनंदन किया और सभी विजेताओं को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया।
विधायक तुकाराम काते बोले — “चेंबूर के बच्चे बने भारत का गौरव”
विधायक तुकाराम काते ने कहा —
“जिस तरह भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भारत का नाम रोशन किया है, उसी तरह चेंबूर के इन छात्र-छात्राओं ने खेलों में देश का मान बढ़ाया है। कठिन परिस्थितियों में भी इन बच्चों ने जो सफलता हासिल की है, वह प्रेरणादायक है।”
उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे चेंबूर की कंपनियों से खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास करेंगे, ताकि आने वाले समय में ये युवा खिलाड़ी और ऊंचाइयां छू सकें।
प्रशिक्षकों और शिक्षकों का योगदान
कार्यक्रम आयोजक जयप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता उनके प्रशिक्षकों और शिक्षकों के अथक परिश्रम का परिणाम है। टीम को अंतर्राष्ट्रीय कोच राहुल ससाणे, अंतर्राष्ट्रीय कोच एवं अंपायर योगेश पवार, जिला खेल पुरस्कार विजेता सुनील रणपिसे और राष्ट्रीय कोच रमेश सकट का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
पदक विजेताओं की सूची
इन खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत के लिए पदक जीते — रेवंत रणपिसे, श्लोक पडवल, महादेव गावडे, श्लोक ठोंबरे, काव्या कुंडे, हर्ष अग्रवाल, सान्वी शिंदे, आदित्य दिघे, दीक्षांत ससाणे, अथर्व जानस्कर, नमो उनियाल, अश्विन गोसावी, रुणल रणपिसे, त्रुतुजा जगदाले, आदित्य खास, आकाश गोसावी, वैदेही मयेकर, अर्ना पाटिल और आचल गुरुव।
समाज का समर्थन और गौरव
इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र नागराळे, भाजपा वार्ड अध्यक्ष राम शिंदे, विद्याधर पाटिल, संजय नलावडे सहित कई गणमान्य व्यक्ति और अभिभावक उपस्थित थे। कार्यक्रम में बच्चों की उपलब्धि पर सबने गर्व व्यक्त किया और भविष्य में और अधिक उपलब्धियां हासिल करने की शुभकामनाएं दीं।
बीएमसी और फूड विभाग ने ली जनता को मीठा जहर खिलाने की ली सुपारी, शिकायतों के बावजूद नटराज फूड प्रोडक्ट्स पर कार्रवाई नहीं
मुंबई: शहर में मिलावटी मक्खन का गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। सीपी टैंक के खत्तर गली में नटराज फूड प्रोडक्ट्स का मालिक योगेंद्रनाथ तिवारी द्वारा बनाए जा रहे नकली और मिलावटी मक्खन की शिकायतें कई बार बीएमसी और फूड विभाग तक पहुँचीं, मगर कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई यानि नाश्ता-पानी चालू है। परिणामस्वरूप यह “मौत का कारोबार” अब खुलेआम चल रहा है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
जनता के स्वास्थ्य पर सीधा हमला
विशेषज्ञों के अनुसार इस मिलावटी मक्खन में industrial fat, synthetic essence और non-edible oil जैसे रासायनिक तत्वों का प्रयोग किया जा रहा है, जो किडनी, लंग्स और लीवर को गंभीर नुकसान पहुँचा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों में पेट दर्द, सांस लेने में तकलीफ, त्वचा की एलर्जी और कमजोरी जैसी शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं।
शिवसेना नेता पं. सुधांशु भट्ट का सख्त रुख
शिवसेना नेता पं. सुधांशु भट्ट ने इस घोटाले को “जनता की सेहत से खिलवाड़ और प्रशासन की आपराधिक लापरवाही” बताया है। उन्होंने बीएमसी आयुक्त, राज्य फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) और स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र भेजकर नटराज फूड प्रोडक्ट्स का मालिक योगेंद्रनाथ तिवारी पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
कानूनी रूप से संभव कार्रवाई
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि विभाग सख्ती दिखाए तो निम्न धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जा सकती है —
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 (FSSA) की धारा 59 ➤ मिलावट से हानि पहुँचाने पर रु 10 लाख तक जुर्माना और आजीवन कारावास तक का प्रावधान।
भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 272, 273, 274,275, 120Bव 420 ➤ मिलावटी खाद्य पदार्थ तैयार करने, बेचने और धोखाधड़ी करने पर जेल व आर्थिक दंड।
FSSAI लाइसेंस रद्दीकरण या निलंबन ➤ कंपनी का लाइसेंस तत्काल रद्द कर उत्पादन इकाई को सील किया जा सकता है।
बीएमसी और फूड विभाग की भूमिका पर सवाल
बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो उत्पादन बंद हुआ और न ही बिक्री पर रोक लगी। इससे स्पष्ट है कि विभागीय अधिकारियों और मिलावट माफिया के बीच सांठगांठ गहरी है।
ज़हरीला मक्खन माफिया बेलगाम! बीएमसी–FDA की मिलीभगत से चल रहा मौत का कारोबार | नटराज फूड प्रोडक्ट्स पर कार्रवाई नहीं
नागरिकों की नाराज़गी
अपना पूर्वांचल महासंघ के अध्यक्ष एड. अशोक दुबे ने कहा —
“ऐसे स्वास्थ्य संबंधी मामलों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। अधिकारियों को जीरो टॉलरेंस नीति अपनानी चाहिए। अगर प्रशासन उचित कार्रवाई नहीं करती है तो उच्च न्यायालय में इस विषय पर PIL दाखिल की जा सकती है।”
कपड़ा व्यापारी वसंत जैन ने कहा —
“ज़हरीला मक्खन डोसा, सैंडविच और अन्य खाद्य पदार्थों में हर रोज़ परोसा जा रहा है। हर चम्मच मीठा ज़हर बन चुका है।”
अब सवाल यह है — बीएमसी और FDA कब जागेंगे? क्या जनता को राहत देने के बजाय ये विभाग मिलावट माफिया के संरक्षण में हैं?
मुंबई: मुंबई में यातायात जाम की पुरानी समस्या को दूर करने और शहर के उत्तर-दक्षिण संपर्क को सुदृढ़ बनाने के लिए एक बड़ी घोषणा की गई है। उत्तन-विरार समुद्री पुल परियोजना को अब वधावन बंदरगाह तक विस्तारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई बुनियादी ढाँचा कैबिनेट समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
🌉 मुंबई के उत्तर-दक्षिण संपर्क को नई दिशा
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि उत्तन-विरार समुद्री पुल परियोजना की कुल लंबाई 55.12 किलोमीटर होगी। इसमें मुख्य समुद्री पुल 24.35 किलोमीटर लंबा होगा। इसके साथ ही,
9.32 किमी उत्तन लिंक रोड,
2.5 किमी वसई लिंक रोड, और
18.95 किमी विरार लिंक रोड का भी निर्माण किया जाएगा।
इसके अलावा, इस सड़क को वधावन बंदरगाह तक जोड़ने के लिए एक नई संपर्क सड़क विकसित की जाएगी, जिससे यह परियोजना न केवल मुंबई बल्कि पालघर ज़िले के तटीय इलाकों के लिए भी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी।
🛣️ मुंबई का ट्रैफिक नेटवर्क होगा सुगम
फडणवीस ने कहा कि वर्तमान में मुंबई की प्रमुख सड़कें — वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, एस.वी. रोड और लिंक रोड — अपनी क्षमता से अधिक यातायात वहन कर रही हैं। इस समुद्री पुल और लिंक रोड के निर्माण से शहर के उत्तर से दक्षिण तक आवागमन आसान होगा और दैनिक ट्रैफ़िक जाम में बड़ी राहत मिलेगी।
🏗️ मुंबई के अन्य प्रमुख प्रोजेक्ट्स भी गति पर
बैठक में बताया गया कि मुंबई में उत्तर-दक्षिण सड़क संपर्क परियोजना का कार्य तीव्र गति से चल रहा है।
साउथ कोस्ट रोड,
बांद्रा-वर्ली सी लिंक, और
अटल सेतु (मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक) का कार्य पूर्ण हो चुका है।
वहीं,
ऑरेंज गेट सुरंग,
वर्सोवा-बांद्रा सी ब्रिज,
नॉर्थ कोस्ट रोड,
सेवरी-वर्ली एलिवेटेड रोड, और
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कनेक्शन का कार्य प्रगति पर है।
🌆 यातायात सुधार और विकास की नई दिशा
उत्तन-विरार सी ब्रिज और विरार-अलीबाग बहुउद्देशीय कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स के पूरा होने पर मुंबई महानगर क्षेत्र का संपूर्ण यातायात नेटवर्क आधुनिक और कुशल बनेगा। इन परियोजनाओं से न केवल यात्रा समय घटेगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
मुंबई: महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने गुरुवार को 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायत चुनावों की घोषणा करते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि बार-बार मतदान करने वाले मतदाता अब वोट नहीं डाल सकेंगे। ऐसे मतदाताओं की पहचान के लिए एक विशेष टूल और नई प्रणाली लागू की गई है।
बार-बार मतदान करने वालों की पहचान
चुनाव आयोग ने बताया कि इस बार मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए बार-बार वोट देने वालों की पहचान की जाएगी। इसके लिए आयोग ने एक नया डिजिटल टूल तैयार किया है, जो मतदाता सूची में दोहराए गए नामों को स्वतः पहचान लेगा।
मतदाताओं के लिए मोबाइल ऐप
मतदाताओं की सुविधा के लिए आयोग ने एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है। इस ऐप पर मतदाता अपने नाम, मतदान केंद्र, क्षेत्रवार उम्मीदवारों की सूची, और उम्मीदवारों की आपराधिक, शैक्षिक व वित्तीय जानकारी देख सकेंगे।
डबल स्टार से होगी पहचान
आयोग ने बताया कि बार-बार मतदान करने वाले मतदाता के नाम के आगे “डबल स्टार ( ** )” लगाया जाएगा। इससे ऐसे मतदाताओं की पहचान आसानी से की जा सकेगी। जिन मतदाताओं के नाम के आगे यह चिन्ह होगा, वे वोट नहीं दे पाएंगे।
एक नाम रद्द किया जाएगा
राज्य चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में अधिकारी मतदाता से संपर्क करेंगे। यदि मतदाता संतोषजनक जवाब नहीं देता, तो उसका एक नाम मतदाता सूची से रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही, बार-बार वोट देने वालों से एक घोषणापत्र (Declaration Form) भरवाया जाएगा, जिसमें उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे सिर्फ एक ही मतदान केंद्र पर वोट देंगे।
⚖️ पारदर्शिता की दिशा में कदम
आयोग का यह कदम दोहरी प्रविष्टि और फर्जी मतदान पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इससे मतदान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी तथा एक व्यक्ति द्वारा कई बार वोट देने की संभावना समाप्त होगी।
मुंबई: आगामी स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनावों में संभावित हार को देखते हुए महाविकास आघाड़ी (MVA) मतदाता सूची पर संदेह का झूठा नैरेटिव फैलाकर नया राजनीतिक कट रच रही है — ऐसा आरोप भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने लगाया है।
भाजपा की ओर से मविआ और मनसे के सत्य मोर्चे के जवाब में गिरगांव चौपाटी पर मूक आंदोलन आयोजित किया गया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने काले पट्टे बांधकर महाविकास आघाड़ी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
रविंद्र चव्हाण ने कहा —
“महायुती सरकार जनता के सपनों का महाराष्ट्र बनाने में जुटी है, जबकि महाविकास आघाड़ी अराजकता फैलाकर राज्य को पीछे धकेलने की साजिश कर रही है। विदेशी फंडिंग और समाजविरोधी संगठनों की मदद से यह लोग अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं।”
लोढा का खुला चैलेंज
भाजपा मंत्री मंगलप्रभात लोढा ने कहा —
“अस्लम शेख, अमिन पटेल और अबू आसिम आज़मी के क्षेत्रों में कम से कम 5,000 बांग्लादेशी और रोहिंग्या मतदाता हैं। अगर यह दावा गलत साबित हुआ तो मैं इस्तीफा दूंगा — और अगर सही निकला तो इन्हें इस्तीफा देना चाहिए।” लोढा ने बताया कि इस मामले में वे सोमवार को चुनाव आयोग से औपचारिक शिकायत करेंगे।
“यह असत्य का तमाशा है” — अमित साटम
भाजपा विधायक अमित साटम ने कहा कि महाविकास आघाड़ी आत्ममंथन करने की बजाय झूठ फैलाने में लगी है।
“मतदाता उन्हें नकार रहे हैं, और वे समाज में विभाजन पैदा करने की राजनीति कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।
शरद पवार की असुविधा पर सुप्रिया सुळे का गुस्सा
सत्य मोर्चा रैली के दौरान एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार को मंच तक पहुंचने में परेशानी हुई, जिससे सांसद सुप्रिया सुळे भड़क उठीं। पवार की गाड़ी मंच तक नहीं पहुंच पाई और उन्हें डिवाइडर पार करना पड़ा। सुळे ने आयोजकों को फटकार लगाई और पुलिस से बात कर वाहन को स्टेज तक बुलवाया।
शर्मिला ठाकरे का भाजपा पर वार
मोर्चे में शामिल शर्मिला ठाकरे (राज ठाकरे की पत्नी) ने सवाल उठाया —
“जब हम चुनाव आयोग से सवाल करते हैं, तो जवाब भाजपा देती है। क्या चुनाव आयोग भाजपा का कार्यालय है?” उन्होंने भाजपा के मूक आंदोलन पर तंज कसते हुए कहा, “आपका आंदोलन तो मूक है, फिर इतनी बड़बड़ क्यों?”
मोर्चे में अमित ठाकरे, उनकी पत्नी मिताली ठाकरे और बड़ी संख्या में मनसे कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
मानवता की मिसाल
मोर्चे के दौरान एक एंबुलेंस के लिए भीड़ ने रास्ता खाली कर मानवीयता की मिसाल पेश की। वहीं, फैशन स्ट्रीट के दुकानदारों ने सुरक्षा के चलते अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
नागपुर। राज्यभर में वकीलों पर लगातार हो रहे हमलों के खिलाफ बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र एंड गोवा ने बड़ा कदम उठाते हुए 3 नवंबर को एक दिन के न्यायिक कार्य बहिष्कार (court boycott) का ऐलान किया है। काउंसिल ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और वकील संरक्षण कानून को तत्काल लागू करने की मांग के समर्थन में लिया गया है।
मुंबई में 29 अक्टूबर को हुई बार काउंसिल की सर्वसाधारण सभा में इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से ठराव पारित किया गया।
🔹 बार काउंसिल का ठराव
काउंसिल ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में राज्य के कई हिस्सों में वकीलों पर हमले की घटनाएं बढ़ी हैं। हाल ही में अहिल्यानगर जिले के शेवगांव तालुका में एक गवाह ने उलट-परीक्षा (cross examination) के दौरान गुस्से में आकर एक वकील पर प्राणघातक हमला किया। इससे पहले भी राज्य के विभिन्न जिलों में कई वकीलों के साथ मारपीट की गई थी और कुछ की हत्या तक हो चुकी है।
इन घटनाओं को देखते हुए काउंसिल ने कहा कि राज्य सरकार को अब और देरी न करते हुए वकील संरक्षण कानून लागू करना चाहिए। इस संबंध में ठराव की प्रतियां मुंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और सभी जिला न्यायालयों के प्रधान न्यायाधीशों को भेजी गई हैं।
बार काउंसिल ने सभी जिला और तालुका वकील संघों से अपील की है कि वे 3 नवंबर को न्यायिक कार्यों से दूर रहकर इस आंदोलन में सहभागी बनें।
🔹 कानून के मसौदे पर सुधार प्रस्ताव
बार काउंसिल ने बताया कि वकील संरक्षण कानून का प्रारूप (ड्राफ्ट) पहले ही राज्यभर के वकील संघों को भेजा गया था, जिनसे कई महत्वपूर्ण सुझाव और सुधार प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
संशोधित मसौदा राज्य के महाधिवक्ता (Advocate General) को भेजा गया है, लेकिन अब तक उस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। ठराव में कहा गया कि यदि सरकार शीघ्र कदम नहीं उठाती, तो वकीलों का यह आंदोलन आगे और व्यापक रूप ले सकता है।
🔹 वकीलों की एकजुटता का संदेश
काउंसिल ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि न्यायिक प्रणाली की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए है। राज्य के सभी बार एसोसिएशनों से अपील की गई है कि वे शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से आंदोलन में भाग लें ताकि सरकार पर वकीलों की मांगों को मानने का दबाव बने।
मुंबई: महाराष्ट्र में विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर एक बार फिर मतदाता सूची की पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं। कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य और पूर्व मंत्री बाला साहेब थोरात ने मुंबई में आयोजित महाविकास आघाड़ी (MVA) के भव्य सर्वदलीय ‘सत्य का मोर्चा’ को संबोधित करते हुए कहा कि “यह मोर्चा सिर्फ़ चुनाव आयोग के खिलाफ नहीं, बल्कि उन लोगों के खिलाफ है जो चुनाव आयोग को नियंत्रित करते हैं।”
थोरात ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में बोगस मतदाता सूचियों का बड़े पैमाने पर उपयोग हुआ था और अब वही सूचियाँ स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनावों के लिए भी इस्तेमाल की जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि इन सूचियों को तुरंत दुरुस्त किया जाए और तभी स्थानीय चुनाव कराए जाएँ।
उन्होंने कहा, “देशभर में मतचोरी हुई है — यह बात लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सबूतों के साथ उजागर की थी, लेकिन केंद्रीय चुनाव आयोग ने उस पर केवल औपचारिक और भ्रामक जवाब दिया। आयोग का उत्तर भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में सबसे बोगस जवाबों में से एक है।”
थोरात ने आगे बताया कि उनके संगमनेर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण भाग में ही 9,500 से अधिक फर्जी मतदाता पाए गए हैं। “हमने आपत्ति दर्ज कराते हुए दुरुस्ती की मांग की, लेकिन तहसीलदार का कहना है कि उनके पास संशोधन का कोई अधिकार नहीं है। यदि यही सूची नगरपालिकाओं, महानगरपालिकाओं और जिला परिषद चुनावों में इस्तेमाल की जाएगी, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने राज्य चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष की ओर से बार-बार आग्रह के बावजूद आयोग कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया है।
इस बीच, सत्ता पक्ष द्वारा निकाले गए ‘मूक मोर्चा’ पर तंज कसते हुए थोरात ने कहा, “जब हम ‘सत्य का मोर्चा’ निकाल रहे हैं, तो सत्ताधारी दल मूक मोर्चा निकाल रहे हैं — कहीं इसमें चुनाव आयोग भी शामिल तो नहीं?”
कार्यक्रम में शरद पवार, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे जैसे दिग्गज नेताओं ने भी हिस्सा लिया और भाजपा-महायुती सरकार के साथ-साथ चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा।
“आयोग का सर्वर किसके कार्यालय में?: उद्धव ठाकरे का तीखा सवाल
मुंबई: मुंबई में आयोजित महाविकास आघाड़ी के ‘सत्य का महामोर्चा’ में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गट) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा और मतचोरी की साज़िश चल रही है।
सभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने चौंकाने वाला खुलासा किया — “मेरे और मेरे परिवार के चार सदस्यों के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की गई है। यह कोई सामान्य गलती नहीं बल्कि एक सोची-समझी चाल है। सवाल यह है कि आयोग का सर्वर आखिर किसके कार्यालय में है? कौन तय करता है कि किसका नाम हटाना है और किसे जोड़ना है? यह पूरा खेल लोकतंत्र को कमजोर करने की दिशा में है।”
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन कर झूठे मोबाइल नंबर के माध्यम से उनके परिवार के नाम हटाने का प्रयास किया गया था। चुनाव आयोग की टीम जब सत्यापन के लिए उनके घर पहुँची, तब यह बात सामने आई। उद्धव ने कहा, “यह साज़िश 23 अक्टूबर को रची गई थी — अब हमें न्याय चाहिए और हम इस पूरे मामले में अदालत का दरवाज़ा खटखटाएँगे।”
राज ठाकरे का आरोप: EVM और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी का सबूत मेरे पास है’
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा कि वह 2017 से लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि EVM और मतदाता सूचियाँ दोनों में घोटाला है। उन्होंने दावा किया कि कल्याण ग्रामीण, डोंबिवली, मुरबाड और भिवंडी के 4,500 मतदाताओं ने मुंबई के मलबार हिल मतदारसंघ में भी मतदान किया है। राज ठाकरे ने मंच से कहा, “यह कारस्थानें चुनाव आयोग के माध्यम से चल रही हैं। अगर ऐसे ही चुनाव होंगे तो हम लोकतंत्र में कैसे भरोसा करें? अब जनता को जागरूक होना होगा — एक-एक मतदाता सूची की जाँच करनी होगी, और अगर कहीं डुप्लिकेट या फर्जी नाम मिले तो वहीं उजागर करना होगा।”
उन्होंने अपने पास मौजूद दस्तावेज़ों का ‘सबूतों का ढेर’ मंच पर दिखाया, जिसमें हर लोकसभा क्षेत्र में 50,000 से 1 लाख तक दोहराए गए मतदाता नाम होने का दावा किया गया।
मोर्चे में ‘यमराज’ का अनोखा प्रदर्शन
मोर्चे में एक व्यक्ति ने यमराज के वेश में आकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उसने कहा, “मैं यमलोक से आया हूँ — 80, 90, 117, 124 साल के जो मतदाता इस दुनिया में नहीं हैं, उन्हें अब ले जाने आया हूँ। जो ‘झुकेगा नहीं’ बोलते हैं, पहले उन्हें ही ले जाऊँगा!”
‘लाल सलाम’ से गूंजा मोर्चा परिसर
इस मोर्चे में वामपंथी नेताओं शैलेंद्र कांबळे, अजित नवले, सुभाष लांडे, प्रकाश रेड्डी और मिलिंद रानडे ने ‘लाल सलाम’ के नारे लगाकर माहौल में जोश भर दिया। उनके साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस और उद्धव सेना के कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
राज ठाकरे का लोकल ट्रेन से चर्चगेट तक सफर
राज ठाकरे ने मोर्चे में शामिल होने के लिए दादर से चर्चगेट तक लोकल ट्रेन से सफर किया। भीड़ के कारण उन्होंने दो लोकल ट्रेनें छोड़ीं और तीसरी (10:22 की) ट्रेन में सफर किया। दिलचस्प बात यह रही कि उन्हें “विंडो सीट” मिली और कुछ यात्रियों के कहने पर उन्होंने उनके टिकट पर ऑटोग्राफ भी दिए।
हम अदालत में जाएंगे, जनता का न्याय सबसे बड़ा: उद्धव ठाकरे
भाजपा की आलोचना करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि जब विपक्ष चुनाव आयोग से सवाल करता है, तो सत्ताधारी पूछते हैं — “अदालत में क्यों नहीं जाते?” अब हम अदालत में भी जाएंगे और जनता के न्यायालय में भी जाएंगे। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र की जनता लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ करने वालों को माफ़ नहीं करेगी। अगर मतचोरी करके चुनाव कराने की कोशिश की गई, तो यह जनता अपनी मुट्ठी का जवाब उनके सिर पर देगी।”
ठाणे, 30 अक्टूबर: ठाणे का कोपरी इलाका इन दिनों कीचड़, मिट्टी और अव्यवस्था से जूझ रहा है। जहाँ एक ओर पुनर्विकास परियोजनाओं के नाम पर इमारतों की खुदाई का काम दिन-रात चल रहा है, वहीं सड़क पर फैली मिट्टी और बारिश के पानी ने पूरे इलाके को कीचड़ के दलदल में बदल दिया है।
पैदल चलना, स्कूल के बच्चों का आना-जाना, और दोपहिया वाहनों का आवागमन — सब एक “जोखिम भरा सफ़र” बन गया है। हर दिन किसी न किसी के फिसलने, कपड़े गंदे होने या मामूली चोट लगने की घटनाएँ सामने आ रही हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह से देर रात तक खुदाई और डंपरों के आने-जाने से सड़कों पर मिट्टी की परत जम जाती है। जैसे ही बारिश होती है, सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं। “डंपर चालक मिट्टी को ढककर नहीं ले जाते, जिससे पूरी सड़क पर गाद फैल जाती है,” एक निवासी ने कहा।
कोपरी में बड़े पैमाने पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों की उचित निगरानी न होने से नागरिकों का जीवन दूभर हो गया है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी परेशान हैं। “पैर रखने की जगह नहीं मिलती,” एक महिला निवासी ने नाराज़गी जताई।
स्थानीय नागरिकों ने ठाणे नगर निगम से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। “हर दिन लाखों रुपये वसूलने वाला नगर निगम नागरिकों की दुर्दशा पर चुप क्यों है?” — यह सवाल गुस्साए नागरिकों ने उठाया। उन्होंने प्रशासन से मिट्टी हटाने और सड़कों की सफाई के लिए विशेष टीम तैनात करने की अपील की है।
स्कूल और दफ़्तर के समय में यहाँ भीषण भीड़ रहती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना और बढ़ जाती है। कई रिक्शा और दोपहिया वाहन चालक अब इन सड़कों से गुजरने से बचने लगे हैं।
सुनील नाइक, ठाणे पूर्व ने बताया कि निवासियों को उम्मीद है कि ठाणे नगर निगम इस “कीचड़ मार्च” को गंभीरता से लेगा और पुनर्विकास के नाम पर फैले इस अव्यवस्था पर जल्द नियंत्रण करेगा।
ठाणे: ठाणे जिला परिषद (Zilla Parishad) के सामान्य प्रशासन विभाग में सहायक प्रशासन अधिकारी के पद पर कार्यरत कल्पना तोरावणे शुक्रवार को सेवानिवृत्त हुईं। इस अवसर पर जिला परिषद मुख्यालय (Head office) में आयोजित सम्मान समारोह में उनके उल्लेखनीय कार्यों को याद करते हुए उन्हें भावपूर्ण विदाई दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानाडे, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजिंक्य पवार और उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सामान्य प्रशासन) अविनाश फड़तारे उपस्थित रहे। सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने तोरावणे के अनुशासित, परिश्रमी और ईमानदार कार्यशैली की सराहना की।
अजिंक्य पवार ने अपने संबोधन में कहा कि, “कल्पना तोरावणे ने प्रशासनिक अनुशासन और सेवा भावना (RespectAndHonor)का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनका कार्य आगामी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।” वहीं अविनाश फड़तारे ने उनके सकारात्मक दृष्टिकोण और कार्यकुशलता को ठाणे जिला परिषद की संपत्ति बताया।
कल्पना तोरावणे ने वर्ष 1998 में जिला परिषद सेवा जॉइन की थी। अपने 27 वर्ष के सेवाकाल में उन्होंने विभिन्न पदों पर रहकर प्रशासनिक कार्यों को कुशलतापूर्वक संपादित किया। कार्य के साथ उन्होंने कानून की डिग्री और पत्रकारिता में डिप्लोमा प्राप्त कर यह सिद्ध किया कि “सीखने की कोई उम्र नहीं होती।”
उनके समर्पण और दक्षता के चलते उन्हें “जिला परिषद कर्मचारी ऑफ द ईयर” पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
सेवानिवृत्ति के अवसर पर उनके परिवार और सहकर्मियों ने उन्हें भावनात्मक विदाई दी। कार्यक्रम के अंत में ठाणे जिला परिषद परिवार की ओर से उन्हें स्वस्थ, सुखद और संतोषपूर्ण जीवन की शुभकामनाएँ दी गईं।