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  • Shweta Salvi Surrenders: 6.49 करोड़ रुपये के घोटाले की मुख्य आरोपी श्वेता सालवी ने आखिरकार किया सरेंडर!

    Shweta Salvi Surrenders: 6.49 करोड़ रुपये के घोटाले की मुख्य आरोपी श्वेता सालवी ने आखिरकार किया सरेंडर!

    Shweta Salvi Surrenders: ‘सुभद्रा मेटल्स प्रा. लि.’ में वरिष्ठ लेखापाल (सीनियर अकाउंटेंट) के पद पर रहते हुए कथित रूप से 6 करोड़ 49 लाख रुपये के आर्थिक गबन और धोखाधड़ी करने के मामले की मुख्य आरोपी श्वेता रुपेश सालवी ने आखिरकार कालाचौकी पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार, मुंबई सत्र न्यायालय और मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद श्वेता सालवी ने सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया और आरोपी को 15 दिनों के भीतर संबंधित पुलिस स्टेशन या न्यायालय में सरेंडर करने का निर्देश दिया था। इसके बाद आज उसने कालाचौकी पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।

    क्या है मामला?
    आरोप है कि श्वेता सालवी ने कंपनी के निदेशकों का विश्वास जीतकर बैंक चेक, डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) और बैंक ओटीपी का अवैध रूप से उपयोग किया। उसने निदेशकों के फर्जी हस्ताक्षर कर करीब 15 वित्तीय संस्थानों और निजी साहूकारों से लगभग 3 करोड़ 60 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया और यह राशि अपने, अपने पति, भाई तथा अन्य सहयोगियों के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी।

    जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी के विक्रेताओं (वेंडर्स) को भुगतान किए जाने का झांसा देने के लिए व्हाट्सएप पर फर्जी यूटीआर (UTR) नंबर भेजे गए। मामले में कंपनी के चार्टर्ड अकाउंटेंट चंद्रशेखर मोरे और उनकी पत्नी तेजस्विनी मोरे पर भी आर्थिक लाभ लेकर सहयोग करने के आरोप लगाए गए हैं।

    पुलिस हिरासत में होगी गहन पूछताछ
    घोटाला उजागर होने के बाद से श्वेता सालवी फरार चल रही थी। इस दौरान उसके कुछ रिश्तेदारों द्वारा कंपनी के निदेशकों को कथित रूप से धमकाने की शिकायतें भी सामने आई थीं।

    पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उसे अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास करेंगी कि 6.49 करोड़ रुपये की राशि कहां-कहां स्थानांतरित की गई, उससे कौन-कौन सी संपत्तियां खरीदी गईं और इस कथित संगठित आर्थिक अपराध में अन्य किन लोगों की भूमिका रही है।

    मामले की जांच विजयकुमार शिंदे के मार्गदर्शन में तानाजी कुंभार द्वारा की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

  • 50 STP Plants Shut Down: हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में 50 से ज़्यादा एसटीपी प्लांट बंद!

    50 STP Plants Shut Down: हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में 50 से ज़्यादा एसटीपी प्लांट बंद!

    50 STP Plants Shut Down: घोड़बंदर इलाके में पानी की कमी बढ़ने के साथ ही यह बात सामने आई है कि यहां हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में 50 से ज़्यादा एसटीपी प्लांट बंद हैं।विधायक संजय केलकर ने इस प्लांट को शुरू करने के लिए एडिशनल कमिश्नर प्रशांत रोडे और संबंधित अधिकारियों से मुलाकात की और निर्देश दिए। इस प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए एक एक्शन प्लान तैयार किया गया है और इसे एक हफ्ते के अंदर लागू किया जाएगा।

    विधायक संजय केलकर ने बंद प्लांट्स को लेकर मनपा में एक जॉइंट मीटिंग की। इस मौके पर एडिशनल कमिश्नर प्रशांत रोडे, सिटी इंजीनियर के साथ-साथ सिटी डेवलपमेंट डिपार्टमेंट, पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के अधिकारी और हीरानंदानी एस्टेट, रितु पार्क के प्रतिनिधि, स्थानीय नगरसेवक विकास पाटिल, कैलाश म्हात्रे आदि मौजूद थे।

    एसटीपी प्लांट्स से पानी को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है और इससे करीब 25 परसेंट पानी की बचत होती है। लेकिन,विधायक संजय केलकर ने मीटिंग में बताया कि हीरानंदानी एस्टेट, रितु पार्क वगैरह हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में 15 प्लांट काम नहीं कर रहे हैं और 30 प्लांट शुरू नहीं हुए हैं। यह प्लांट पानी को रीसायकल करके 25 परसेंट पीने का पानी बचा सकता है।

    संबंधित ख़बरें: Bhim Army Demands: बदर समिति की रिपोर्ट रद्द करो, अनुसूचित जाति उपवर्गीकरण प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाओ – भीम आर्मी

    इससे इस इलाके में अभी जो पानी की कमी है, वह कम हो जाएगी, इसलिए मिस्टर केलकर ने मांग की कि म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को इस प्लांट को शुरू करने की पहल करनी चाहिए। इस समय हुई चर्चा के बाद इस प्लांट को शुरू करने के लिए एक एक्शन प्लान तैयार किया गया। मिस्टर केलकर ने मीडिया को बताया कि इस पर एक हफ्ते तक काम किया जाएगा और फिर एक रिव्यू मीटिंग होगी।

    16 छोटी इंडस्ट्रीज़ को राहत
    वागले इलाके में फिरोदाई कंपाउंड में इंडस्ट्रियल सेक्टर की करीब 16 छोटी इंडस्ट्रीज़ को ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने क्लस्टर स्कीम लागू करने के लिए 48 घंटे के अंदर गिराने का नोटिस दिया है। इस कार्रवाई से 350 से ज़्यादा वर्कर्स और उनके 1400 से ज़्यादा मेंबर्स की रोजी-रोटी पर बुरा असर पड़ने की संभावना है।

    बुधवार को विधायक संजय केलकर ने साइट का इंस्पेक्शन किया था और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी दी थी। गुरुवार को उन्होंने मनपा में कमिश्नर सौरभ राव से मुलाकात की और छोटे बिजनेसमैन की शिकायतें बताईं। इस मौके पर कमिश्नर ने कहा कि सही हल निकाला जाएगा और इन छोटे बिजनेसमैन के साथ नाइंसाफी नहीं होगी।

  • Bhim Army Demands: बदर समिति की रिपोर्ट रद्द करो, अनुसूचित जाति उपवर्गीकरण प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाओ – भीम आर्मी

    Bhim Army Demands: बदर समिति की रिपोर्ट रद्द करो, अनुसूचित जाति उपवर्गीकरण प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाओ – भीम आर्मी

    Bhim Army Demands: अनुसूचित जाति आरक्षण में उपवर्गीकरण के विरोध में गुरुवार को भीम आर्मी की ओर से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) से मंत्रालय तक विशाल मोर्चा निकाला गया। मोर्चे के माध्यम से महाराष्ट्र सरकार द्वारा गठित न्यायमूर्ति अनंत बदर समिति की रिपोर्ट को तत्काल रद्द करने तथा अनुसूचित जातियों के उपवर्गीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई।

    भीम आर्मी द्वारा सरकार को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि महाराष्ट्र की 59 अनुसूचित जातियों में से किसी भी जाति के प्रतिनिधि को समिति में शामिल नहीं किया गया। साथ ही व्यापक जनसुनवाई, आपत्तियां और संबंधित पक्षों से परामर्श किए बिना रिपोर्ट तैयार की गई है, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है।

    संगठन ने आरोप लगाया कि समिति की पूरी रिपोर्ट, अनुभवजन्य आंकड़े, कार्यप्रणाली और सिफारिशें अब तक सार्वजनिक नहीं की गई हैं। ऐसे में पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं मानी जा सकती। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित संवैधानिक मानकों का पालन किए बिना सरकार जल्दबाजी में उपवर्गीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।

    संबंधित ख़बरें: Sneha Patil Fierce Campaign: भिवंडी में बढ़ते प्रदूषण पर भाजपा नगरसेविका स्नेहा पाटिल का हल्लाबोल!

    मोर्चे के बाद भीम आर्मी के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रालय में मुख्यमंत्री कार्यालय के ओएसडी पाटणकर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही मुख्यमंत्री और भीम आर्मी के प्रतिनिधियों के बीच बैठक आयोजित कराने का आश्वासन दिया।

    भीम आर्मी की प्रमुख मांगें
    ●न्यायमूर्ति अनंत बदर समिति की रिपोर्ट तत्काल रद्द की जाए।
    ●अनुसूचित जाति उपवर्गीकरण प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।
    ●समिति की पूरी रिपोर्ट और अनुभवजन्य आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं।
    ●सभी 59 अनुसूचित जातियों, सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों से व्यापक परामर्श किया जाए।
    ●सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन किए बिना आगे कोई कार्रवाई न की जाए।

    भीम आर्मी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो राज्यभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

  • Sneha Patil Fierce Campaign: भिवंडी में बढ़ते प्रदूषण पर भाजपा नगरसेविका स्नेहा पाटिल का हल्लाबोल!

    Sneha Patil Fierce Campaign: भिवंडी में बढ़ते प्रदूषण पर भाजपा नगरसेविका स्नेहा पाटिल का हल्लाबोल!

    Sneha Patil Fierce Campaign: भिवंडी शहर में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण को लेकर भाजपा नगरसेविका स्नेहा मेहुल पाटिल ने महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष सिद्धेश कदम से मुंबई में मुलाकात कर शहर की गंभीर पर्यावरणीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल आपराधिक मामले दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की।

    ज्ञापन में कहा गया है कि भिवंडी में डाइंग-साइजिंग इकाइयों की चिमनियों से निकलने वाले धुएं और मोती निर्माण कारखानों में रासायनिक पदार्थों के जलने से वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 333 के पार पहुंच गया है। इसके कारण बुजुर्गों, बच्चों और श्वसन रोगियों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

    स्नेहा पाटिल ने आरोप लगाया कि कई साइजिंग कारखानों में कोयले के बजाय प्लास्टिक, प्लाईवुड और रासायनिक कचरे जैसे खतरनाक पदार्थों को खुलेआम जलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की जानकारी में यह सब होने के बावजूद संबंधित इकाइयों को अब तक ‘ग्रीन कैटेगरी’ में रखा गया है। उन्होंने ऐसे उद्योगों को तत्काल ‘रेड कैटेगरी’ में डालकर सील करने की मांग की।

    संबंधित ख़बरें: Major Crackdown on Sand Storage: केवणी और काल्हेर में अवैध रेत भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, 23 कुंडियां ध्वस्त

    ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि शहर में प्रतिदिन 75 मीट्रिक टन क्षमता वाला कचरा प्रसंस्करण प्रकल्प केवल कागजों तक सीमित है और वर्षों से बंद पड़ा है। साथ ही वर्ष 2022 से 2026 तक भिवंडी महानगरपालिका द्वारा एक भी पर्यावरण स्थिति रिपोर्ट जारी नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है।

    स्नेहा पाटिल ने दावा किया कि शहर में वायु गुणवत्ता मापने वाले उपकरण भी बंद रखे गए हैं, जिससे वास्तविक प्रदूषण स्तर सामने नहीं आ पा रहा है। उन्होंने मनपा प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों पर केवल कागजी कार्रवाई कर जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

    उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगामी दिनों में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो भिवंडीवासियों को साथ लेकर “अधिकारी हटाओ, महानगरपालिका को ताला लगाओ” आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। भिवंडी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर उठी यह मांग अब स्थानीय प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।

  • Major Crackdown on Sand Storage: केवणी और काल्हेर में अवैध रेत भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, 23 कुंडियां ध्वस्त

    Major Crackdown on Sand Storage: केवणी और काल्हेर में अवैध रेत भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, 23 कुंडियां ध्वस्त

    Major Crackdown on Sand Storage: जिला प्रशासन ने अवैध रेत खनन और भंडारण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए गुरुवार को केवणी और काल्हेर क्षेत्र में बड़ी संयुक्त कार्रवाई की। आरक्षित वन एवं गुरुचरण क्षेत्र में अवैध रूप से बनाए गए रेत भंडारण स्थलों को ध्वस्त कर रेत माफियाओं को बड़ा झटका दिया गया।

    यह कार्रवाई जिला कलेक्टर श्रीकृष्ण पांचाल, अतिरिक्त जिला कलेक्टर हरिश्चंद्र पाटिल तथा उपविभागीय अधिकारी अमित सानप के मार्गदर्शन में और भिवंडी तहसीलदार अभिजीत खोले के आदेश पर की गई।

    अभियान में मंडल अधिकारी सुधाकर कामडी, शैलेश भोजने, गणेश विशे तथा रवींद्र काले के नेतृत्व में राजस्व विभाग, मैंग्रोव संरक्षण इकाई ठाणे, वन विभाग, भिवंडी ग्रामीण पुलिस, नारपोली पुलिस, पंचायत समिति भिवंडी एवं संबंधित ग्राम पंचायतों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।

    संबंधित ख़बरें: RTE 25% Admission Process: RTE 25 परसेंट एडमिशन प्रोसेस 2026-27 वेटिंग लिस्ट का दूसरा राउंड शुरू!

    कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों की सहायता से खाड़ी से अवैध रूप से निकाली गई रेत के भंडारण के लिए बनाई गई कुंडियों (हौजों) को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन ने केवणी के सर्वे नंबर 181/अ स्थित गुरुचरण क्षेत्र में 15 कुंडियां तथा काल्हेर के सर्वे नंबर 114 स्थित आरक्षित वन क्षेत्र में 8 कुंडियां नष्ट कीं। कुल 23 अवैध रेत भंडारण कुंडियों को जमींदोज किया गया।

    जांच में पाया गया था कि इन कुंडियों में खाड़ी से चोरी-छिपे लाई गई रेत का बड़े पैमाने पर भंडारण किया जा रहा था। प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से अवैध रेत कारोबार की पूरी श्रृंखला को बड़ा झटका लगा है और रेत माफियाओं को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

    राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि भिवंडी तालुका में अवैध रेत खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

  • RTE 25% Admission Process: RTE 25 परसेंट एडमिशन प्रोसेस 2026-27 वेटिंग लिस्ट का दूसरा राउंड शुरू!

    RTE 25% Admission Process: RTE 25 परसेंट एडमिशन प्रोसेस 2026-27 वेटिंग लिस्ट का दूसरा राउंड शुरू!

    RTE 25% Admission Process: राइट टू एजुकेशन एक्ट (RTE) 2009 के तहत प्राइवेट अनएडेड स्कूलों में 25 परसेंट रिज़र्व सीटों के लिए एडमिशन प्रोसेस 2026-27 के लिए वेटिंग लिस्ट के दूसरे राउंड को 04 जून, 2026 से 12 जून, 2026 तक का समय दिया गया है।यह एडमिशन प्रोसेस राज्य सरकार के स्कूल एजुकेशन और स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के निर्देशों के अनुसार और महाराष्ट्र राज्य के डायरेक्टर ऑफ़ एजुकेशन (प्राइमरी) के गाइडेंस में लागू किया जा रहा है।

    पहले राउंड में एडमिशन प्रोसेस पूरा होने के बाद, खाली बची सीटों पर वेटिंग लिस्ट में शामिल एलिजिबल स्टूडेंट्स को एडमिशन का मौका देने के लिए दूसरा राउंड शुरू किया गया है।इस राउंड में चुने गए स्टूडेंट्स के पेरेंट्स RTE एडमिशन पोर्टल पर दी गई जानकारी के अनुसार, तय समय में ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ संबंधित स्कूल में जाकर एडमिशन प्रोसेस पूरा करें। अगर डेडलाइन के अंदर एडमिशन कन्फर्म नहीं होता है, तो संबंधित सीट अगले एलिजिबल स्टूडेंट को दे दी जाएगी।

    संबंधित ख़बरें: FDA Action: वागले में प्रतिबंधित मसाले-तंबाकू बेचने पर दो के खिलाफ केस दर्ज

    पेरेंट्स एडमिशन प्रोसेस के लिए ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स, रहने का प्रूफ, बर्थ सर्टिफिकेट, आधार कार्ड और सरकार द्वारा बताए गए दूसरे डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें। एडमिशन प्रोसेस के दौरान किसी भी तरह की मुश्किल होने पर, संबंधित ग्रुप एजुकेशन ऑफिसर के ऑफिस, एजुकेशन डिपार्टमेंट या RTE हेल्पडेस्क पर संपर्क करें। सरकार का मकसद RTE के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित ग्रुप के स्टूडेंट्स को अच्छी क्वालिटी की पढ़ाई के मौके देना है, और एजुकेशन डिपार्टमेंट ने एलिजिबल पेरेंट्स से इस मौके का फायदा उठाने की अपील की है।

    चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रंजीत यादव ने अपील की, “शिक्षा का अधिकार हर बच्चे का फंडामेंटल हक है। RTE एडमिशन प्रोसेस के ज़रिए, अच्छी क्वालिटी की पढ़ाई का मौका समाज के वंचित और कमजोर तबके तक पहुंच रहा है। वेटिंग लिस्ट के दूसरे राउंड में चुने गए स्टूडेंट्स के पेरेंट्स तय समय में एडमिशन प्रोसेस पूरा करें और इस मौके का फायदा उठाएं।

  • FDA Action: वागले में प्रतिबंधित मसाले-तंबाकू बेचने पर दो के खिलाफ केस दर्ज

    FDA Action: वागले में प्रतिबंधित मसाले-तंबाकू बेचने पर दो के खिलाफ केस दर्ज

    FDA Action: आनंद किशोर पटेल (26) और रितेश कुमार (33) को वागले एस्टेट पुलिस स्टेशन में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत गिरफ्तार किया गया, जब खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन टीम ने 2,723 रुपये मूल्य का सामान जब्त किया और उसे बेच दिया।

    संबंधित ख़बरें: Crackdown on Drug Users: वागले एस्टेट पुलिस ने एक ही दिन में चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की!

    शिकायतकर्ता मंजिरी हनुमंत धवाले (31), खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, ने सूचना प्राप्त होने पर कि सरकार द्वारा प्रतिबंधित सुगंधित सुपारी, पान मसाला और तंबाकू उत्पादों की खुलेआम बिक्री हो रही है, 2 जून को छापेमारी की। छापेमारी में पाया गया कि नेहरू नगर के वागले एस्टेट रोड नंबर 16 स्थित एम. धनाजी पान की दुकान और एम. वृक्षवल्ली पान की दुकान पर प्रतिबंधित उत्पाद बेचे जा रहे थे।

    टीम ने दोनों दुकानों से 2,723 रुपये का सामान जब्त किया। खाद्य एवं औषधि प्रशासन टीम ने वागले एस्टेट पुलिस स्टेशन में एम. धनाजी पान की दुकान के विक्रेता और मालिक आनंद किशोर और एम. वृक्षवल्ली पान की दुकान के विक्रेता और मालिक रितेश कुमार (33) के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

  • Crackdown on Drug Users: वागले एस्टेट पुलिस ने एक ही दिन में चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की!

    Crackdown on Drug Users: वागले एस्टेट पुलिस ने एक ही दिन में चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की!

    Crackdown on Drug Users: ठाणे पुलिस ठाणे कमिश्नरेट की सीमा के भीतर नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों पर कड़ी नजर रख रही है। वहीं दूसरी ओर, ठाणे में नशीले पदार्थों के डीलरों और नशेड़ियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश लागू किया जा रहा है। प्रत्येक पुलिस स्टेशन की सीमा के भीतर नशेड़ियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है, वहीं वागले एस्टेट पुलिस भी सक्रिय रूप से अभियान चला रही है।

    एक ही दिन में गश्ती दल ने चार नशेड़ियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। ठाणे के वागले एस्टेट इलाके में पुलिस गश्ती दल के जाल में पहला मामला मंगलवार, 2 जून, 2026 को शाम लगभग 7:20 बजे अंबिकानगर, सार्वजनिक शौचालय के पास, रोड नंबर 16, हनुमान मंदिर के बगल में, वागले एस्टेट, ठाणे में दर्ज किया गया। मनोरम नगर निवासी आदित्य संजय कदम (28) को नशीले पदार्थों का सेवन करते हुए पुलिस ने गिरफ्तार किया।

    संबंधित ख़बरें: Youth Missing: युवक काशेली पुल से नाले में कूदा; तीन घंटे से तलाशी अभियान चालू!

    दूसरा मामला शाम लगभग 7:30 बजे, फॉरेक्स इंजीनियरिंग इंडिया कंपनी के सामने, रोड नंबर 21, गणपति मंदिर के बगल में, वागले एस्टेट परिसर के पास, एक बंद इमारत के बगल में दर्ज किया गया। खोपट निवासी आर्यन अजय कदम (23) को गांजा का सेवन करते हुए पकड़ा गया। तीसरा मामला शाम लगभग 7:45 बजे दर्ज किया गया, जहां सौरभ चंद्रशेखर दलवी (28) को नशीले पदार्थों का सेवन करते हुए पाया गया।

    चौथी कार्रवाई: मंगलवार की आधी रात के बाद, फैजल अब्दुल रज्जाक पंतोजी (27) को वागले एस्टेट क्षेत्र के आईटीआई सर्कल में एक रिक्शा में मारिजुआना का सेवन करते हुए पाया गया। नशे के आदी लोगों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में, वागले एस्टेट पुलिस ने मंगलवार को चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की, उनकी चिकित्सा जांच कराई और उनके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।

  • Youth Missing: युवक काशेली पुल से नाले में कूदा; तीन घंटे से तलाशी अभियान चालू!

    Youth Missing: युवक काशेली पुल से नाले में कूदा; तीन घंटे से तलाशी अभियान चालू!

    Youth Missing: बुधवार दोपहर को एक चौंकाने वाली घटना घटी जब चंदनवाड़ी इलाके के 25 वर्षीय युवक विकास शर्मा ने काशेली-ठाणे मार्ग पर स्थित काशेली पुल से नाले में छलांग लगा दी। इस घटना के बाद विभिन्न एजेंसियों द्वारा लगभग तीन घंटे तक तलाशी अभियान चलाया गया; हालांकि, युवक का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

    संबंधित ख़बरें: Naupada Flood Mock Drill: नौपाड़ा में बाढ़ की स्थिति पर रंगीन मॉक ड्रिल; विभिन्न एजेंसियों की भागीदारी!

    दोपहर 1:42 बजे आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ को घटना की सूचना मिलते ही, नरपोली पुलिस, क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, ठाणे आपदा प्रतिक्रिया बल, ठाणे अग्निशमन दल और भिवंडी अग्निशमन दल की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। स्थानीय मछुआरों की नौकाओं की सहायता से खाड़ी क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया गया।

    ठाणे आपदा प्रतिक्रिया बल के कर्मियों ने खाड़ी के किनारे और पानी में गहन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, लगभग तीन घंटे के अथक प्रयासों के बावजूद, आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने सूचित किया कि विकास का कोई पता नहीं चल पाया है। तलाशी अभियान देर रात तक जारी है और पुलिस तथा आपदा प्रबंधन एजेंसियां ​​आगे की कार्रवाई कर रही हैं।

  • Naupada Flood Mock Drill: नौपाड़ा में बाढ़ की स्थिति पर रंगीन मॉक ड्रिल; विभिन्न एजेंसियों की भागीदारी!

    Naupada Flood Mock Drill: नौपाड़ा में बाढ़ की स्थिति पर रंगीन मॉक ड्रिल; विभिन्न एजेंसियों की भागीदारी!

    Naupada Flood Mock Drill: मानसून के मद्देनजर आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए बुधवार को नौपाड़ा पुलिस द्वारा चिखलवाड़ी क्षेत्र में एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। भारी बारिश के कारण चिखलवाड़ी, भास्कर कॉलोनी क्षेत्र के जलभराव वाले इलाकों में दो निवासियों के फंसे होने की काल्पनिक स्थिति बनाकर बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।

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    आपदा प्रबंधन अधिकारी यासीन ताडवी, नौपाड़ा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अभय महाजन, पुलिसकर्मी, अतिक्रमण विभाग, आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, ठाणे आपदा प्रतिक्रिया बल, महावितरण कर्मचारी और नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर और कर्मचारी इस मॉक ड्रिल में शामिल हुए।

    यह रंगारंग अभ्यास, जो शाम 4.02 बजे शुरू हुआ, लगभग 4.35 बजे सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस गतिविधि के माध्यम से विभिन्न प्रणालियों के बीच समन्वय, बचाव कार्यों की तत्परता और आपातकालीन प्रतिक्रिया का परीक्षण किया गया। आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने बताया कि इस मॉक ड्रिल के दौरान कोई भी घायल नहीं हुआ।