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  • Show-Cause Notice Issued to School: दिल्ली सरकार ने छात्रा के साथ दुष्कर्म मामले में स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया!

    Show-Cause Notice Issued to School: दिल्ली सरकार ने छात्रा के साथ दुष्कर्म मामले में स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया!

    Show-Cause Notice Issued to School: दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग ने एक निजी स्कूल परिसर के अंदर तीन साल की बच्ची के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में स्कूल को कारण बताओ नोटिस भेजा जारी करने के साथ ही स्कूल की मान्यता वापस लेने और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) जमीन लीज़ रद्द करने की चेतावनी दी है।

    गत आठ मई 2026 को स्कूल को जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि नर्सरी क्लास की एक छात्रा के साथ स्कूल के समय में स्कूल परिसर के अंदर कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई, जो “स्कूल प्रशासन , पर्यवेक्षक कर्मचारी और प्रबंधन की ओर से बच्चों की सुरक्षा के प्रति अपनी कानूनी और नैतिक ज़िम्मेदारियों को निभाने में गंभीर चूक” को दिखाता है।

    शुरुआती जांच में पता चला कि स्कूल ज़रूरी जगहों पर सीसीटीवी कैमरे न लगाने या न लगाने सहित, सही सर्विलांस और निगरानी प्रणाली बनाए रखने में एवं प्रशासन कथित तौर पर बच्चों की सुरक्षा के लिए सही सुरक्षा गार्ड और बचाव के उपाय लागू करने में विफल रहा।

    नोटिस में आगे कहा गया है कि नर्सरी और प्री-प्राइमरी क्लास, मुख्य मान्यता प्राप्त स्कूल परिसर से लगभग एक किलोमीटर दूर एक अलग निजी जगह से चलाई जा रही हैं, और इसके लिए किसी अधिकारी से कोई मंज़ूरी नहीं ली गई है। यह डीडीए द्वारा ज़मीन आवंटन की शर्तों का उल्लंघन है।

    नोटिस में जिन अन्य उल्लंघनों का ज़िक्र किया गया है, उनमें बिना कानूनी मंज़ूरी के मुख्य परिसर से दूर कक्षाएं चलाकर छोटे बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डालना, संरचनात्मक स्थिरता और अग्निशमन सुरक्षा नियमों का पालन न करना, और शिक्षा निदेशालय से ज़रूरी बातें छिपाना शामिल है।

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    नोटिस में लिखा है, “शिक्षा उपनिदेशक (जिला पश्चिम-B) ने स्कूल प्रबंधन को कारण बताने का निर्देश दिया है कि दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम और नियमों के तहत कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए, जिसमें नियम 24(4) के तहत प्रबंधन का अधिग्रहण करना या मान्यता वापस लेना शामिल है। नोटिस में डीडीए की ज़मीन की लीज़ रद्द करने की सिफारिश की भी चेतावनी दी गई है।”

    इसमें आगे लिखा है कि स्कूल को 11 मई, 2026 तक घटना की रिपोर्ट, स्टाफ की ड्यूटी की जानकारी, बच्चों की सुरक्षा पॉलिसी, सीसीटीवी रिकॉर्ड, एफआईआर कॉपी, बचाव के सुझाए गए तरीके, निजी जगह इस्तेमाल करने की मंज़ूरी, इमारत और आग से सुरक्षा के प्रमाणपत्र और दूसरे दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया गया है।

    नोटिस में लिखा है, ‘अगर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो स्कूल की मान्यता रद्द कर दी जाएगी, प्रबंधन अपने हाथ में ले लिया जाएगा, या बिना किसी और नोटिस के ज़मीन की लीज़ रद्द करने की सिफारिश की जाएगी।’
    उल्लेखनीय है कि पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक निजी स्कूल के अंदर 57 साल के एक स्टाफ कर्मचारी ने कथित तौर पर तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया।

    यह घटना एक मई को तब सामने आई जब पीड़िता की मां ने जनकपुरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक बच्ची स्कूल में प्रवेश के दूसरे दिन 30 अप्रैल को स्कूल गई थी। घर लौटने के बाद, उसने दर्द की शिकायत की और कहा कि उसे एक सुनसान इलाके में ले जाया गया जहाँ उस आदमी ने उसके साथ मारपीट की।

    दुष्कर्म के आरोपी स्कूल केयरटेकर को एक मई को गिरफ्तार किया गया था और बाद में अभियोजन के विरोध के बावजूद सात मई को द्वारका की एक अदालत ने उसे ज़मानत दे दी। पुलिस स्कूल परिसर से सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।

  • Rajnath Singh: युद्ध में बढ़त के लिए ‘आश्चर्य का तत्व’ विकसित करें कमांडर – राजनाथ सिंह

    Rajnath Singh: युद्ध में बढ़त के लिए ‘आश्चर्य का तत्व’ विकसित करें कमांडर – राजनाथ सिंह

    नयी दिल्ली: रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य के बीच भारतीय सेनाओं से भविष्य के युद्धों के लिए पूरी तरह तैयार रहने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि युद्ध में बढ़त बनाए रखने और दुश्मन से आगे रहने के लिए कमांडरों को “आश्चर्य का तत्व” विकसित करना होगा।

    संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य के संघर्ष केवल पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि हाइब्रिड खतरों, साइबर युद्ध, अंतरिक्ष और विद्युतचुंबकीय क्षेत्रों में एक साथ संचालित अभियानों से प्रभावित होंगे। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वायत्त प्रणालियों, डेटा विश्लेषण और सुरक्षित संचार नेटवर्क में क्षमताएं मजबूत करने पर जोर दिया।

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    रक्षा मंत्री ने Operation Sindoor को भारत की त्वरित, सटीक और संयुक्त सैन्य प्रतिक्रिया का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह अभियान भारत की बढ़ती सामरिक क्षमताओं और नए सैन्य दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्ध केवल हथियारों से नहीं बल्कि नवाचारी सोच और बेहतर समन्वय से जीते जाएंगे। उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता, तकनीकी प्रगति और एकीकृत संचालन क्षमता की सराहना की। साथ ही चेतावनी दी कि शत्रु के अप्रत्याशित कदमों से सतर्क रहते हुए हमेशा उससे दो कदम आगे रहना आवश्यक है।

    सम्मेलन के दौरान रक्षा मंत्री ने “ऑपरेशन सिंदूर” पर आधारित एक वृत्तचित्र फिल्म जारी की तथा “विजन 2047” के हिंदी संस्करण और “एकीकृत संचार संरचना के लिए संयुक्त सिद्धांत” का विमोचन भी किया। सम्मेलन में Anil Chauhan, Dinesh Kumar Tripathi, Upendra Dwivedi और A. P. Singh सहित रक्षा मंत्रालय और तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

  • MP Highway Project: तीन सुरंगों से बदलेगी मध्य भारत की तस्वीर, इंदौर-ओंकारेश्वर सफर होगा आसान

    नयी दिल्ली: Ministry of Road Transport and Highways ने कहा है कि Madhya Pradesh में इंदौर-खंडवा मार्ग पर बन रही तीन आधुनिक सुरंगों और चार लेन राजमार्ग परियोजना से यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। मंत्रालय के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद Indore से Omkareshwar तक का सफर घटकर लगभग एक घंटा रह जाएगा। इससे दुर्गम घाट क्षेत्रों में दुर्घटनाओं और यातायात जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। (MP Highway Project)

    जानकारी के मुताबिक इंदौर-इच्छापुर कॉरिडोर के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-347 बीजी के 33.4 किलोमीटर लंबे तेजाजी नगर-बलवारा खंड को दो लेन से चार लेन में बदला जा रहा है। करीब 924 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना 88 प्रतिशत पूरी हो चुकी है और इसके इस वर्ष के अंत तक तैयार होने की संभावना है।

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    परियोजना के तहत दुर्गम घाट क्षेत्रों में नई ऑस्ट्रियन टनलिंग विधि (NATM) से तीन सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें 575 मीटर लंबी भेरूघाट सुरंग, 480 मीटर लंबी बैग्राम सुरंग और 550 मीटर लंबी चोराल घाट सुरंग शामिल हैं। इन सुरंगों से दुर्घटना संभावित घाट क्षेत्रों में यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम होगा।

    मंत्रालय ने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद Khandwa, Burhanpur, Jalgaon और इंदौर के बीच संपर्क बेहतर होगा। साथ ही Simhastha Kumbh 2028 के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही भी सुचारु हो सकेगी। परियोजना में आधुनिक जल निकासी प्रणाली, क्रैश बैरियर, सड़क सुरक्षा संकेतक, वर्षा जल प्रबंधन और हरित पट्टी विकास जैसी सुविधाएं भी शामिल की गई हैं, ताकि राजमार्ग को सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सके।

  • UP Weather Update: उत्तर भारत में आंधी-बारिश का नया दौर, राजस्थान-गुजरात में हीटवेव का अलर्ट

    UP Weather Update: उत्तर भारत में आंधी-बारिश का नया दौर, राजस्थान-गुजरात में हीटवेव का अलर्ट

    नयी दिल्ली: India Meteorological Department ने शुक्रवार को देश के कई हिस्सों के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत में 11 से 14 मई के बीच आंधी-तूफान और तेज हवाओं का नया दौर शुरू हो सकता है। वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।(UP Weather Update)

    मौसम विभाग के अनुसार Jammu and Kashmir, Himachal Pradesh और Uttarakhand में 11 से 14 मई के दौरान बारिश, बिजली कड़कने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विशेष रूप से 12 और 13 मई को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है।

    Punjab, Haryana और Delhi NCR में भी 11 मई की शाम से हल्की बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां शुरू होने के आसार हैं।दक्षिण भारत में Kerala, Tamil Nadu, Puducherry और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में मानसून पूर्व गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

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    पूर्वी भारत में West Bengal, Bihar और Jharkhand में 8 और 9 मई को 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। दूसरी ओर पश्चिम भारत में गर्मी का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले सात दिनों तक पश्चिमी राजस्थान, सौराष्ट्र और कच्छ में लू चलने की स्थिति बनी रहेगी। Gujarat के कई हिस्सों में भी 9 से 14 मई के बीच भीषण गर्मी पड़ सकती है। पिछले 24 घंटों में Jaisalmer 45.1 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया।

    दिल्ली में अगले तीन दिनों तक आसमान साफ रहने और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने का अनुमान है। 10 मई तक अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि 11 मई की शाम या रात से धूल भरी आंधी और हल्की बारिश से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि ओलावृष्टि और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और बागवानी फसलों को सहारा दें।

  • India-Australia Relations: भारत और ऑस्ट्रेलिया ने समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर

    India-Australia Relations: भारत और ऑस्ट्रेलिया ने समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर

    नयी दिल्ली: India और Australia के बीच 10वीं रक्षा नीति वार्ता शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित हुई, जिसमें दोनों देशों ने व्यापक सामरिक साझेदारी (India-Australia Relations) को और मजबूत करने तथा समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

    रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) के अनुसार भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव Amitabh Prasad ने किया, जबकि ऑस्ट्रेलियाई पक्ष का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय नीति के प्रथम सहायक सचिव Bernard Philip ने किया।

    बैठक में दोनों देशों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हुई प्रगति का स्वागत किया। वर्ष 2025 में आयोजित भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों की वार्ता को दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और मजबूत रणनीतिक संबंधों का प्रतीक बताया गया।

    दोनों पक्षों ने संयुक्त सैन्य अभ्यासों की बढ़ती आवृत्ति और जटिलता पर संतोष जताया तथा समुद्री सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही, वर्ष 2024 के वार्षिक नेताओं के शिखर सम्मेलन के फैसलों की समीक्षा करते हुए रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा को और मजबूत बनाने पर सहमति बनी।

    वार्ता में रक्षा औद्योगिक सहयोग, रक्षा व्यापार मिशन, संयुक्त स्टाफ वार्ता और प्रशिक्षण आदान-प्रदान कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने रक्षा उद्योग एकीकरण को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ सहयोग मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई।

  • Rahul Gandhi Levels Serious Allegations: ग्रेट निकोबार में ‘विकास’ के नाम पर विनाश; राहुल गाँधी का बड़ा आरोप!

    Rahul Gandhi Levels Serious Allegations: ग्रेट निकोबार में ‘विकास’ के नाम पर विनाश; राहुल गाँधी का बड़ा आरोप!

    मुंबई/नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने ग्रेट निकोबार द्वीप की अपनी हालिया यात्रा के बाद केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस परियोजना को सरकार “विकास” बता रही है, वह दरअसल देश की प्राकृतिक और आदिवासी विरासत के साथ एक बड़ा अन्याय है। (Rahul Gandhi Levels Serious Allegations)

    राहुल गांधी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ग्रेट निकोबार के जंगल उनके जीवन में देखे गए सबसे अद्भुत वनों में से हैं—ऐसे पेड़ जो पीढ़ियों से खड़े हैं और ऐसी पारिस्थितिकी जो सदियों में विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि यहां के आदिवासी समुदाय और बसने वाले लोग बेहद सरल और सुंदर हैं, लेकिन उनसे उनका अधिकार छीना जा रहा है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना के तहत लाखों पेड़ों की कटाई की तैयारी है और करीब 160 वर्ग किलोमीटर वर्षावन को नष्ट किया जा रहा है। उनके अनुसार, स्थानीय समुदायों की आवाज को नजरअंदाज कर उनके घर और आजीविका पर संकट खड़ा किया गया है।

    राहुल गांधी ने कहा, “यह विकास नहीं है, बल्कि विकास की भाषा में छिपा विनाश है।” उन्होंने इसे देश के पर्यावरण और आदिवासी विरासत के खिलाफ सबसे बड़े अपराधों में से एक बताते हुए कहा कि इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे इस मुद्दे को समझें और आवाज उठाएं, ताकि ग्रेट निकोबार की प्राकृतिक धरोहर और वहां के लोगों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।

  • Aizawl Municipal Corporation Elections: ऐजोल नगर निगम चुनावों में 19 में से 17 वार्ड जीते जेपीएम ने; महिला महापौर बनने की संभावना!

    ऐजोल: मिजोरम के ऐजोल में सत्तारूढ़ ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) ने ऐजोल नगर निगम (AMC) के चुनाव में 19 में से 17 वार्डों में शानदार जीत दर्ज की है। गत 21 अप्रैल को हुए नगर निगम चुनावों में, कुल 1,50,640 वोटों में से 71,470 वोटों के साथ जेडपीएम एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभर कर सामने आयी उसे कुल वोटों का 47.44 प्रतिशत है।

    विपक्षी मिज़ो नेशनल फ्रंट केवल एक वार्ड जीतने में कामयाब रहा, उसे 46,131 वोट (30.62 प्रतिशत) मिले, जबकि मिज़ोरम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) ने भी 31,097 वोटों के साथ एक वार्ड में जीत दर्ज की जो कुल वोट शेयर का 20.05 प्रतिशत है। तीनों प्रमुख पार्टियों जेडपीएम, एमएनएफ और एमपीसीसी ने सभी 19 वार्डों में उम्मीदवार उतारे थे , हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने केवल 11 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन एक भी सीट जीतने में असफल रही तथा उसे केवल 880 वोटों (0.58 प्रतिशत) का मामूली वोट शेयर ही प्राप्त हुआ।

    चुनाव में कोई स्वतंत्र उम्मीदवार मैदान में नहीं था। एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम यह रहा कि इस चुनाव में एएमसी में महिलाओं के प्रतिनिधित्व में ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त की। टों से जीत हासिल की और दो जेडपीएम से और एक एमएनएफ से जीत दर्ज की। महिलाओं की इस जीत के साथ यह सबसे अधिक लैंगिक प्रतिनिधित्व वाली परिषद बन गई है।

    सत्ताधारी जेडपीएम पार्टी सं संकेत प्राप्त हो रहे हैं कि दूसरी बार पार्षद बनीं और पार्टी की महिला शाखा की अध्यक्ष आर. ललावमपुई महापौर पद की प्रबल दावेदार हैं। अगर वह निर्वाचित होती हैं तो वह ऐजोल की पहली महिला महापौर बनेंगी और यह शहर के नागरिक प्रशासन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।

  • मुंबई लोकल ट्रेनों में 15 कोच, ऑटोमैटिक दरवाज़े और भीड़ नियंत्रण की मांग को लेकर सांसद नरेश म्हस्के और संजय दीना पाटिल ने रेल मंत्री को सौंपा ज्ञापन

    मुंबई लोकल ट्रेनों में 15 कोच, ऑटोमैटिक दरवाज़े और भीड़ नियंत्रण की मांग को लेकर सांसद नरेश म्हस्के और संजय दीना पाटिल ने रेल मंत्री को सौंपा ज्ञापन

    मुंबई-ठाणे (संवाददाता): मुंबई उपनगरीय रेलवे सेवाओं में बढ़ती भीड़ और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सांसद Naresh Mhaske ने केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw के समक्ष महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने सभी लोकल ट्रेनों को जल्द से जल्द 15-कोच में बदलने, ट्रेनों में ऑटोमैटिक डोर क्लोजिंग सिस्टम अनिवार्य करने और स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन के लिए अलग कंट्रोल रूम स्थापित करने का सुझाव दिया।यह मुद्दे दिल्ली में संसद भवन में आयोजित सेंट्रल रेलवे एडवाइजरी कमेटी की बैठक में उठाए गए, जिसकी अध्यक्षता Ashwini Vaishnaw ने की। इस बैठक में महाराष्ट्र से सांसद Naresh Mhaske और Sanjay Dina Patil सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

    बैठक में रेलवे की सुरक्षा, भर्ती, नीतियों और विकास कार्यों पर चर्चा हुई। इस दौरान Naresh Mhaske ने मुंबई लोकल ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ के कारण यात्रियों की जान को हो रहे खतरे की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि 12-कोच ट्रेनों में क्षमता से चार गुना अधिक यात्री सफर करने को मजबूर हैं, जिससे ट्रेन से गिरकर मौत, गंभीर चोट और स्थायी विकलांगता के मामले सामने आते हैं।सांसद ने सुझाव दिया कि 15-कोच ट्रेनों की संख्या तुरंत बढ़ाई जाए, सभी ट्रेनों में ऑटोमैटिक दरवाज़े लगाए जाएं और प्लेटफॉर्म की ऊंचाई व चौड़ाई बढ़ाने के कार्य को तेज किया जाए। इसके अलावा, स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग कंट्रोल रूम स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।

    बैठक में Naresh Mhaske ने ठाणे लोकसभा क्षेत्र की अन्य समस्याएं भी उठाईं। उन्होंने बताया कि CIDCO और रेलवे के बीच समन्वय की कमी के कारण बेलापुर क्षेत्र में रेलवे स्टेशनों का विकास कार्य अटका हुआ है। इस पर Ashwini Vaishnaw ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिससे अब बेलापुर के स्टेशनों के विकास को मंजूरी मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

    इस अवसर पर सांसदों ने ठाणे, मीरा-भायंदर, वाशी और मुंबई महानगर क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों से जुड़ी समस्याओं को लेकर रेल मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा।

  • Lok Sabha: देश और सेना के खिलाफ बोलने वालों को 20 नहीं, 200 बार भी रोकेंगे: श्रीकांत शिंदे

    Lok Sabha: देश और सेना के खिलाफ बोलने वालों को 20 नहीं, 200 बार भी रोकेंगे: श्रीकांत शिंदे

    नई दिल्ली | शिवसेना के संसदीय दल के नेता और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने लोकसभा में लोकसभा(Lok Sabha) अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश और सेना के खिलाफ बोलने वालों को 20 बार नहीं बल्कि 200 बार भी रोका जाएगा।

    डॉ. शिंदे ने कहा कि विपक्ष के नेता का पद देश की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और इसकी एक मजबूत परंपरा रही है। लेकिन आज विपक्ष के नेता संसद सत्र शुरू होते ही छुट्टियों पर चले जाते हैं। इसी वजह से वे “लीडर ऑफ ऑपोजिशन नहीं बल्कि लीडर ऑफ वेकेशन” बन गए हैं।

    उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अक्सर संसद के महत्वपूर्ण सत्रों के दौरान विदेश दौरों पर रहते हैं। पिछले वर्ष बजट सत्र के दौरान वे जर्मनी में थे, उससे पहले के साल वियतनाम में और मार्च 2023 के बजट सत्र के समय ब्रिटेन में मौजूद थे। वर्ष 2018 के बजट सत्र के दौरान भी वे सिंगापुर और मलेशिया गए हुए थे।

    डॉ. शिंदे ने आरोप लगाया कि संसद में कई महत्वपूर्ण मुद्दों के दौरान भी राहुल गांधी सदन में उपस्थित नहीं थे। उन्होंने कहा कि 2015 में भूमि अधिग्रहण विधेयक, 2016 में आधार विधेयक, 2017 में ट्रिपल तलाक विधेयक, 2019 में अनुच्छेद 370 और 2025 में वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक जैसे अहम मुद्दों पर भी राहुल गांधी सदन में मौजूद नहीं थे।

    लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का जिक्र करते हुए डॉ. शिंदे ने कहा कि इससे पहले 1954, 1966 और 1987 में तीन बार लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था और अब चौथी बार यह प्रस्ताव सामने आया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता को बोलते समय 20 बार रोके जाने का आरोप लगाया गया है, लेकिन अगर कोई देश और भारतीय सेना के खिलाफ बोलने की कोशिश करेगा तो उसे 20 नहीं बल्कि 200 बार भी रोका जाएगा।

    कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि संसद के अंदर और बाहर कांग्रेस की नीति अक्सर देश के खिलाफ रही है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना और सेना ने अद्भुत साहस दिखाया, लेकिन इस पर गर्व करने के बजाय कांग्रेस के कुछ नेता यह बताने में लगे थे कि पाकिस्तान ने भारत के कितने विमान गिराए।

    डॉ. शिंदे ने यह भी कहा कि विदेश जाकर भारत की छवि खराब करना राहुल गांधी की राजनीति का हिस्सा बन गया है और उनके भारत विरोधी बयान पाकिस्तान में भी दिखाए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने 22 साल के राजनीतिक जीवन में राहुल गांधी ने संसद में एक भी निजी विधेयक पेश नहीं किया है।

    उन्होंने यह भी बताया कि 2009 से 2014 के बीच राहुल गांधी केवल दो बार सदन में बोले, जबकि 2014 से 2019 के बीच उन्होंने 14 बार और 2019 से 2024 के बीच 8 बार बोलने का अवसर लिया। 15वीं, 16वीं और 17वीं लोकसभा में उनकी अनुपस्थिति 50 प्रतिशत से अधिक रही।

    डॉ. शिंदे ने कहा कि जो लोग पहले अपनी ही सरकार के विधेयकों को सार्वजनिक रूप से फाड़ते थे, वही आज संसद और लोकतंत्र बचाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति आधे से ज्यादा समय सदन से अनुपस्थित रहा हो, वह लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव कैसे ला सकता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि जब पाकिस्तान ने पहलगाम में हमला किया था, तब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए उसे करारा जवाब दिया, लेकिन विपक्ष के नेता ने भारतीय सेना के साहस पर ही सवाल उठाए। उन्होंने सर्वदलीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल का भी विरोध किया, जबकि सांसद शशि थरूर, सुप्रिया सुले और कनिमोझी ने उस प्रतिनिधिमंडल में शामिल होकर देश का पक्ष रखा।


    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 26 देशों ने किया सम्मानित

    डॉ. श्रीकांत शिंदे ने कहा कि दुनिया के 26 देशों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने भूटान से लेकर इजरायल तक 19 देशों में जाकर संसद या महत्वपूर्ण मंचों को संबोधित किया है। इतिहास में पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री को विश्व स्तर पर इतना सम्मान मिला है।

    उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 1954 में जब तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, तब प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि इस प्रस्ताव का समर्थन वही लोग कर सकते हैं जिनमें बौद्धिक क्षमता की कमी हो।

  • पश्चिम एशिया तनाव का असर: महंगे सिलेंडर के बाद अब कमर्शियल LPG की कमी से होटल-रेस्टोरेंट उद्योग परेशान

    पश्चिम एशिया तनाव का असर: महंगे सिलेंडर के बाद अब कमर्शियल LPG की कमी से होटल-रेस्टोरेंट उद्योग परेशान

    मुंबई: पश्चिम एशिया में बढ़ते ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता का असर अब भारत के जमीनी हालात पर भी साफ दिखाई देने लगा है। हाल ही में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद जहां घरेलू उपभोक्ता पहले ही परेशान हैं, वहीं अब कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी ने होटल और रेस्टोरेंट उद्योग की चिंता बढ़ा दी है।

    देश के कई बड़े शहरों — मुंबई, चेन्नई और बंगलूरू — से यह खबरें सामने आ रही हैं कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की नियमित सप्लाई बाधित हो रही है। इससे होटल और रेस्टोरेंट की रसोई चलाना मुश्किल हो गया है और कारोबार पर सीधा असर पड़ने लगा है। उद्योग से जुड़े संगठनों का कहना है कि अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो कई छोटे होटल और ढाबों का काम ठप होने की नौबत आ सकती है।

    सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी

    7 मार्च 2026 से देशभर में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है।

    सिलेंडर प्रकारपुराना रेट (मुंबई)नया रेट (मुंबई)बढ़ोतरी
    घरेलू LPG (14.2 किलो)₹852.50₹912.50₹60
    कमर्शियल LPG (19 किलो)लगभग ₹1,692लगभग ₹1,836₹115–₹144

    कीमत बढ़ने के बाद कई इलाकों में सिलेंडर की सप्लाई को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

    होटल उद्योग ने सरकार से किया हस्तक्षेप का आग्रह

    होटल और रेस्टोरेंट उद्योग की प्रमुख संस्था फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FHRAI) ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

    संस्था का कहना है कि जमीनी स्तर पर गैस सिलेंडर की सप्लाई में भारी रुकावट आ रही है। कई गैस डिस्ट्रीब्यूटर 5 मार्च के कथित सरकारी आदेश का हवाला देकर कमर्शियल सिलेंडर देने से मना कर रहे हैं, जिससे होटल और रेस्टोरेंट चलाना मुश्किल हो रहा है।

    FHRAI के महासचिव जैसन चाको ने कहा कि सरकार को इस मामले में तुरंत स्पष्ट निर्देश जारी करने चाहिए ताकि यह साफ हो सके कि होटल और फूड सर्विस सेक्टर के लिए गैस सप्लाई पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

    रेस्टोरेंट संगठनों ने भी जताई चिंता

    रेस्टोरेंट उद्योग की दूसरी प्रमुख संस्था भारतीय राष्ट्रीय रेस्तरां संघ (NRAI) ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि कई गैस सप्लायर रेस्टोरेंट उद्योग की मांग पूरी करने में असमर्थता जता रहे हैं, जिससे कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

    NRAI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि खबरों के अनुसार सरकार ने स्पष्ट किया है कि रेस्टोरेंट उद्योग के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पर कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई सप्लायर गैस देने से मना कर रहे हैं।

    मुंबई में भी बढ़ी परेशानी

    मुंबई में होटल व्यवसाईयों का कहना है कि सिलेंडर की सप्लाई समय पर नहीं मिल रही है। कुछ जगहों पर सिलेंडर मिलने में 2 से 5 दिन की देरी के साथ तय कीमत से 300-500रुपए ज्यादा में मिल रही है, जिससे रसोई संचालन प्रभावित हो रहा है। छोटे रेस्टोरेंट और ढाबों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर बनती जा रही है। होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर लोगों को भोजन उपलब्ध कराने जैसी जरूरी सेवा से जुड़ा है। यदि गैस सप्लाई में रुकावट जारी रहती है तो इसका असर सीधे आम नागरिकों तक पहुंचेगा और खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं।

    निगरानी बढ़ाने की मांग

    सामाजिक संगठनों और उद्योग प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं ताकि कमर्शियल और घरेलू दोनों तरह के सिलेंडरों की सप्लाई बिना बाधा जारी रहे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार को सप्लाई चेन की निगरानी, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई और शिकायत तंत्र को मजबूत करने की जरूरत है, ताकि महंगाई और गैस संकट का बोझ आम लोगों और कारोबारियों पर कम किया जा सके।

    समाजसेवी व पत्रकार जगदीश पुरोहित