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Politics is the art of looking for trouble, finding it everywhere, diagnosing it incorrectly and applying the wrong remedies.

  • BJP Faces Internal Rift Over New Varanasi District President: वाराणसी BJP में जिलाध्यक्ष की नियुक्ति पर मचा घमासान, बड़े नेताओं की खींचतान तेज

    BJP Faces Internal Rift Over New Varanasi District President: वाराणसी BJP में जिलाध्यक्ष की नियुक्ति पर मचा घमासान, बड़े नेताओं की खींचतान तेज

    अश्विनी कुमार दुबे

    मुंबई। भारतीय जनता पार्टी की वाराणसी जिला इकाई में नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। लंबे समय से फैसले के टलने के पीछे संगठन के भीतर बढ़ती खींचतान और बड़े नेताओं के प्रभाव के चलते उनके प्रतिनिधियों को आगे बढ़ाने की कोशिशों को कारण माना जा रहा है। इससे 25–30 वर्षों से पार्टी के साथ खड़े पुराने कार्यकर्ताओं में उपेक्षा की भावना गहरी होती दिख रही है।

    पिंडरा विधायक व पूर्व कांग्रेसी नेता डाॅ अवधेश सिंह

    पूर्व केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पाण्डेय

    चार बड़े नेता – चार प्रतिनिधि, बढ़ी खींचतान

    सूत्रों के मुताबिक, भाजपा के वर्तमान एमएलसी और जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा अपने प्रतिनिधि तथा सपा से आए रामप्रकाश सिंह ‘विरु’ को जिलाध्यक्ष बनवाने की तैयारी में लगे हैं।

    वहीं, पिंडरा विधायक और कांग्रेस पृष्ठभूमि वाले डॉ. अवधेश सिंह, अपने करीबी पवन सिंह को दौड़ में सबसे आगे लाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

    योगी सरकार के प्रभावशाली मंत्री अनिल राजभर की पसंद संजय सिंह बताई जा रही है।
    इसके अलावा, पूर्व केंद्रीय मंत्री महेंद्र पांडेय भी अपने करीबी और विवादित भूमि कारोबारी अखंड प्रताप सिंह को अध्यक्ष बनाने की मशक्कत में जुटे हैं।

    चार नेताओं के चार अलग-अलग नामों की अनुशंसा ने संगठन में गुटबाजी को तेज कर दिया है, जिससे निर्णय लगातार अटकता जा रहा है।


    योगी सरकार में मंत्री अनिल राजभर

    पुराने कार्यकर्ताओं में बढ़ी उपेक्षा की भावना

    जिलाध्यक्ष पद की रेस में पूरी तरह नेताओं के प्रतिनिधियों के शामिल होने से उन समर्पित कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है, जिन्होंने वर्षों तक पार्टी की जड़ों को सींचा है।
    सवाल यह उठ रहा है कि—

    क्या भाजपा अपने पुराने समर्पित कार्यकर्ताओं को फिर से दरकिनार करने जा रही है?

    पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश तेजी से फैल रहा है कि नेतृत्व केवल शक्ति केंद्रित गुटों और उनके प्रतिनिधियों को तरजीह दे रहा है, जबकि संगठन को जमीन पर मजबूत बनाने वाले पुराने चेहरे पीछे छूटते जा रहे हैं।


    योगी सरकार में मंत्री अनिल राजभर

    मोदी के संसदीय क्षेत्र में पद का महत्व बढ़ा दबाव

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र होने के कारण वाराणसी जिलाध्यक्ष का पद अत्यंत रणनीतिक माना जाता है।
    यही वजह है कि प्रदेश नेतृत्व किसी तरह की चूक नहीं करना चाहता। गुटों को साधने और विवाद को शांत करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अलग-अलग नेताओं के दबाव में निर्णय बार-बार आगे बढ़ता जा रहा है।


    जल्द मिल सकता है नया अध्यक्ष, लेकिन कौन?

    संगठन सूत्रों का कहना है कि गहन खींचतान के बावजूद जल्द ही जिलाध्यक्ष की घोषणा हो सकती है।
    लेकिन बड़ा सवाल जस का तस है—

    • क्या पद नेताओं के प्रतिनिधियों को मिलेगा?
    • या तीन दशक से पार्टी का झंडा उठाने वाले किसी पुराने चेहरे को मौका मिलेगा?

    फिलहाल यह वाराणसी भाजपा की सबसे बड़ी राजनीतिक पहेली बनी हुई है।

  • Trump Maduro ultimatum Venezuela-US tension: अब देश छोड़ दो, वरना हालात और बिगड़ेंगे:डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति मादुरो को दिया अल्टीमेटम

    Trump Maduro ultimatum Venezuela-US tension: अब देश छोड़ दो, वरना हालात और बिगड़ेंगे:डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति मादुरो को दिया अल्टीमेटम

    अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। सूत्रों के अनुसार, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को एक फोन कॉल में साफ शब्दों में चेतावनी दी है—“अब देश छोड़ दो, वरना हालात और बिगड़ेंगे।”

    जानकारी के मुताबिक यह बातचीत हाल ही में हुई, जिसमें ट्रंप ने मादुरो के शासन को “अवैध और दमनकारी” करार दिया। ट्रंप ने कहा कि वेनेज़ुएला की जनता “तानाशाही से मुक्ति चाहती है” और मादुरो को सत्ता छोड़कर देश से बाहर जाना चाहिए ताकि वहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल हो सके।

    हालांकि मादुरो सरकार ने इस कथित कॉल को “फर्जी” बताया है और कहा है कि विपक्ष तथा अमेरिकी राजनीति में चल रहे चुनावी माहौल का फायदा उठाने के लिए इस तरह की कहानियां फैलाई जा रही हैं। वेनेज़ुएलाई अधिकारियों ने कहा कि मादुरो “जनता के समर्थन” से चुने गए हैं और किसी भी विदेशी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं।

    ट्रंप और मादुरो के बीच संबंध हमेशा तनावपूर्ण रहे हैं। अपने कार्यकाल के दौरान भी ट्रंप प्रशासन ने वेनेज़ुएला पर कठोर आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे। अब इस नए विवाद से एक बार फिर लैटिन अमेरिका में भू-राजनीतिक उथल-पुथल बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

    अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह कॉल वास्तव में हुई है, तो आने वाले दिनों में वेनेज़ुएला में राजनीतिक हलचल और तेज हो सकती है। दूसरी ओर, मादुरो सरकार ने देश में “स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने” का भरोसा दिलाया है।

    शर्तों की वजह से अटका समाधान

    सूत्रों के मुताबिक बातचीत के दौरान मादुरो ने दो प्रमुख मांगें रखीं:

    1. वैश्विक स्तर पर पूर्ण माफी, ताकि उन पर और उनकी टीम पर लगे सभी मौजूदा आरोप हट जाएं।
    2. वेनेज़ुएला की सेना पर उनका नियंत्रण बना रहे, चाहे भविष्य में देश में स्वतंत्र चुनाव ही क्यों न हों।

    अमेरिका ने दोनों शर्तों को प categorically खारिज कर दिया और दोहराया कि मादुरो को “तुरंत पद छोड़ना चाहिए”। इसके बाद मादुरो प्रशासन ने बातचीत बहाल करने की कोशिश की, लेकिन अमेरिकी पक्ष की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।

    रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति मादुरो शासन पर अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक और सैन्य दबाव बनाती है।


    कैरेबियन में बढ़ी हलचल

    बातचीत टूटने के बाद अमेरिका ने न केवल अपने बयान कड़े किए, बल्कि अपनी सैन्य गतिविधियां भी तेज कर दीं। ट्रंप ने संकेत दिए कि अमेरिकी सैन्य अभियान कभी भी शुरू हो सकते हैं। इसके बाद कैरेबियन क्षेत्र में अमेरिकी युद्धपोतों और लड़ाकू विमानों की गतिविधि अचानक बढ़ गई।

    अमेरिका का आरोप है कि वेनेज़ुएला से निकलने वाली ड्रग तस्करी की वजह से अमेरिकी समाज में लगभग 1 लाख मौतें हुई हैं।
    सीनेटर डेव मैकॉरमिक ने इसे “फेंटेनाइल, कोकीन और ओपिऑयड का युद्ध” बताते हुए मादुरो सरकार पर संकट बढ़ाने का आरोप लगाया।

    दूसरी ओर, आलोचकों ने अमेरिकी कार्रवाई को एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल बताया है। कांग्रेस एक विवादित डबल-टैप हमले की जांच भी कर रही है, जिसने बहस को और गरमा दिया है।


    जवाबी कदम और बढ़ता गतिरोध

    अमेरिका द्वारा एयरस्पेस प्रतिबंध लगाने के बाद वेनेज़ुएला ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई विदेशी एयरलाइनों के परिचालन अधिकार रद्द कर दिए। मादुरो सरकार का कहना है कि अमेरिका की मौजूदा नीति “औपनिवेशिक आक्रामकता” जैसी है और वह कैरेबियन में तनाव बढ़ाकर वेनेज़ुएला को झुकाना चाहता है।

    एयरस्पेस बंद होने का असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी पड़ा है—

    • कई रूट बदले गए,
    • यात्रियों को घंटों अतिरिक्त समय लगा,
    • और एयरलाइंस को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।

    अंतरराष्ट्रीय उड्डयन संगठनों ने हालात पर चिंता जताई है और स्थिति को “गंभीर और अस्थिर करने वाली” बताया है।


    आगे क्या?

    अमेरिका और वेनेज़ुएला के रिश्ते जिस दिशा में बढ़ रहे हैं, उससे विशेषज्ञों को आशंका है कि कैरेबियन क्षेत्र आने वाले हफ्तों में नई भू-राजनीतिक टकराहट का केंद्र बन सकता है।
    अभी तक न तो कॉल की आधिकारिक पुष्टि हुई है और न ही किसी पक्ष ने पीछे हटने के संकेत दिए हैं।

  • Bhadohi News: भदोही जनपद भाजपा के प्रवासी पद की जिम्मेदारी रामविलास पाल को मिली

    Bhadohi News: भदोही जनपद भाजपा के प्रवासी पद की जिम्मेदारी रामविलास पाल को मिली

    ठाणे: भारतीय जनता पार्टी ने संगठन विस्तार और जनसंपर्क को मज़बूती देने के उद्देश्य से भदोही जनपद में प्रवासी पद की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता रामविलास पाल को सौंपी है।

    रामविलास पाल वर्ष 1991 से 1998 तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत ग्राम प्रधान के रूप में की थी।

    इसके बाद पार्टी संगठन में लगातार सक्रिय रहते हुए उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियाँ निभाईं। वर्ष 2019 से 2025 तक वे जौनपुर जिला भाजपा अध्यक्ष के पद पर कार्यरत रहे और संगठन को मज़बूती प्रदान की।

    अब पार्टी ने उन्हें भदोही जनपद में प्रचार-प्रसार और जनसंपर्क अभियान को सशक्त करने के लिए प्रवासी पद की कमान सौंपी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, रामविलास पाल के अनुभव और नेतृत्व से स्थानीय संगठन को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।

  • वंदे मातरम के 150 साल पर सियासत गरमाई: बीजेपी ने अबू आजमी और उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना, पार्थ पवार भूमि घोटाले से महाराष्ट्र में मचा भूचाल

    वंदे मातरम के 150 साल पर सियासत गरमाई: बीजेपी ने अबू आजमी और उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना, पार्थ पवार भूमि घोटाले से महाराष्ट्र में मचा भूचाल

    मुंबई: आज “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर जहां देशभर में राष्ट्रभक्ति का माहौल रहा, वहीं महाराष्ट्र की सियासत में इस मौके पर जबरदस्त तूफान आ गया।
    बीजेपी ने इस ऐतिहासिक दिन पर विपक्षी दलों को देशभक्ति के मुद्दे पर घेरते हुए करारा हमला बोला है।

    बीजेपी प्रवक्ता केशव उपाध्याय ने समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी और उद्धव ठाकरे गुट पर निशाना साधते हुए कहा—

    “वंदे मातरम भारत की आत्मा है। जो लोग इस गीत को गाने से इंकार करते हैं, वे देश की संस्कृति और संविधान दोनों का अपमान कर रहे हैं। अबू आजमी और उद्धव ठाकरे जैसे नेता वोट बैंक की राजनीति के लिए देशभक्ति तक को बंधक बना रहे हैं। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

    उन्होंने आगे कहा कि “महाराष्ट्र की मिट्टी ने हमेशा देश के लिए बलिदान दिए हैं, ऐसे में वंदे मातरम का विरोध करना केवल राष्ट्रद्रोह नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के गौरव का भी अपमान है।”

    इसी बीच उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार का नाम एक बड़े भूमि घोटाले में सामने आने से राज्य की राजनीति में भूचाल मच गया है।
    सूत्रों के मुताबिक, पुणे जिले में सरकारी जमीन को अवैध तरीके से निजी बिल्डरों के हवाले करने का मामला प्रकाश में आया है।
    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पर संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

    फडणवीस ने कहा—

    “राज्य सरकार किसी भी भ्रष्टाचार या जमीन के घोटाले को बर्दाश्त नहीं करेगी, चाहे आरोपी कोई भी क्यों न हो। जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”

    इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने भी सख्त बयान देते हुए कहा—

    “महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार और वोट बैंक की राजनीति का गठजोड़ साफ दिख रहा है। एक तरफ वंदे मातरम का अपमान हो रहा है, दूसरी तरफ सत्ता के लोग घोटालों में लिप्त हैं — जनता अब सब समझ चुकी है।”

    वहीं, राज्यसभा सांसद विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि “वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर देशभर में राष्ट्रभाव का उत्सव होना चाहिए था, लेकिन कुछ लोग आज भी तुष्टिकरण में लगे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देशभक्ति पर भी राजनीति की जा रही है।”

    राजनीतिक हलकों में अब चर्चा गर्म है कि बीजेपी इस राष्ट्रवादी भावनाओं के मुद्दे को आगामी चुनावों में बड़े अभियान के रूप में भुना सकती है, जबकि एनसीपी और सपा डिफेंसिव मोड में नज़र आ रही हैं।

  • लड़के के नाम पर पुणे में 40 एकड़ सरकारी ज़मीन हड़पने वाले अजित पवार को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए: हर्षवर्धन सपकाल

    लड़के के नाम पर पुणे में 40 एकड़ सरकारी ज़मीन हड़पने वाले अजित पवार को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए: हर्षवर्धन सपकाल

    मुंबई: महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उनकी मंत्रिमंडल से तत्काल बर्खास्तगी की मांग की है। सपकाळ ने कहा कि अजित पवार के पुत्र पार्थ पवार की कंपनी ने पुणे में वतन की 40 एकड़ सरकारी जमीन को भ्रष्ट तरीके से हड़प लिया, जिसकी कीमत हजारों करोड़ रुपए है, पर यह जमीन मात्र 300 करोड़ रुपए में बेची गई, और स्टांप ड्यूटी सिर्फ 500 रुपए चुकाई गई।


    सरकारी जमीन का सौदा कैसे हुआ?: कांग्रेस का सवाल

    सपकाळ ने सवाल उठाया कि जब यह जमीन राज्य सरकार के अधिकार में थी, तो उसका यह निजी सौदा हुआ ही कैसे? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को साहस दिखाते हुए “भ्रष्ट उपमुख्यमंत्री अजित पवार की तत्काल बर्खास्तगी” करनी चाहिए।


    पार्थ पवार की कंपनी ‘अमेडिया’ पर गंभीर आरोप

    कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि पार्थ पवार की ‘Amedia’ (अमेडिया) नामक कंपनी ने यह सौदा किया है।

    • इस कंपनी की अधिकृत पूंजी मात्र ₹1 लाख है।
    • कंपनी ने पुणे के कोरेगांव पार्क क्षेत्र में स्थित इस वतन जमीन को अत्यंत कम दाम में खरीदा।
    • आश्चर्यजनक रूप से, इस कंपनी को आईटी पार्क बनाने की अनुमति सरकार के उद्योग संचालनालय ने केवल 48 घंटे में दे दी।

    सपकाळ ने कहा —

    “सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाली वतन की जमीन को निजी कंपनी को कैसे बेचा जा सकता है? और स्टांप ड्यूटी माफ क्यों की गई? यह स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार का मामला है।”

    उन्होंने मांग की कि इस पूरे जमीन सौदे को तत्काल रद्द किया जाए, संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जाए और उच्चस्तरीय जांच की जाए।


    शेतकऱ्यांना मोफत नको, पण खुद की जमीन फुकटात: सपकाळ का तंज

    हर्षवर्धन सपकाळ ने अजित पवार पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि —

    “जो उपमुख्यमंत्री किसानों को ‘सदैव मुफ्त मत मांगो’ जैसी नसीहत देते हैं, वही अब सरकारी जमीनें फ्री में लूट रहे हैं। किसानों के लिए जब कर्जमाफी की बात आती है तो उन्हें दर्द होता है, लेकिन खुद के लिए 21 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी माफ करा लेते हैं।”

    उन्होंने इसे “एक बड़े जमीन घोटाले (Land Scam)” की संज्ञा दी और मुख्यमंत्री से मांग की कि वे इस पर स्पष्ट जवाब और कार्रवाई करें।

  • Bihar Election Phase-1: बिहार में “जंगलराज बनाम मंगलराज” की लड़ाई जारी….

    Bihar Election Phase-1: बिहार में “जंगलराज बनाम मंगलराज” की लड़ाई जारी….

    बिहार विधानसभा चुनाव — फेज-1: सुबह 9 बजे तक औसतन 13.13% वोटिंग, सहरसा और बेगुसराय में उत्साह

    पटना: बिहार के पहले चरण के मतदान के पहले दो घंटे (सुबह 7 बजे से 9 बजे तक) का अपडेट आ गया है — राज्य की 121 सीटों पर औसतन 13.13 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ है। यह आंकड़ा निर्वाचन अधिकारियों और मीडिया लाइव अपडेट से साझा किया गया है।

    प्रमुख बिंदु

    • सुबह 9 बजे तक कुल औसत मतदान: 13.13%.
    • सबसे अधिक उपस्थिति: सहरसा — 15.27%, दूसरे नंबर पर बेगुसराय — 14.60%. सबसे कम पंजीकृत मतदान प्रतिशत कुछ क्षेत्रों में रहा — विवरण नीचे।
    • कुल प्रथम चरण के मतदाता (प्रविष्टि) लगभग 3.75 करोड़ (37.5 million) हैं; पहले चरण के 121 सीटों पर 45,341 बूथ बनाए गए हैं।
    • छह विधानसभा क्षेत्रों के 2,135 बूथों पर वोटिंग समय एक घंटे कम (सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे) रखा गया है — इनमें सिमरी बख्तियारपुर, महिषी, तारापुर, मुंगेर, जमालपुर और सूर्यगढ़ा शामिल हैं। बाकी बूथों पर मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा।

    जिलावार और सीटवार मुख्य आँकड़े (सुबह 9 बजे तक)

    बेगुसराय क्षेत्र (औसत/सीटें):
    बेगुसराय — 14.60%, बछवाड़ा — 14.46%, बखरी — 13.10%, बेगूसराय (दूसरी सीट) — 15.11%, चेरिया-बरियारपुर — 16.13%, मटिहानी — 13.79%, साहेबपुर कमाल — 14.60%, तेघरा — 15.19%.

    भोजपुर: औसत 13.11% (आगिआंव 13.32, आरा 10.15, जगदीशपुर 14.25 आदि)।

    दरभंगा: औसत 12.48% (आदि)। लखीसराय क्षेत्र में रिपोर्ट के अनुसार कुछ सीटों पर कम मतदान देखा गया — लखीसराय जिले का औसत 13.39% जबकि लखीसराय विधानसभा क्षेत्र की रिपोर्ट में 7.00% का जिक्र भी आ रहा है.


    कौन-कौन से दिग्गज मैदान में हैं

    पहले चरण में कई चर्चित नेता भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं — इनमें महागठबंधन के तेजस्वी यादव, उपमुख्यमन्त्री सम्राट चौधरी, वर्तमान सरकार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा सहित भोजपुरी अभिनेता-गायक खेसारी लाल यादव, मैथिली गायिका मैथिली ठाकुर आदि शामिल हैं। इन बड़े नामों की उपस्थिति वाले जिलों में मीडिया और सुरक्षा इंतज़ाम खास ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।


    चुनाव आयोग की तैयारियाँ और निर्देश

    निर्वाचन आयोग ने हर बूथ पर वेबकास्टिंग, वीआईएस (मतदाता सूचना पर्ची) और ईवीएम-रिपोर्टिंग के तकनीकी इंतज़ाम लागू किये हैं। पहले चरण के बूथों में ग्रामीण इलाकों पर विशेष निगरानी और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित हो सके। उम्मीदवारों और मतदाताओं से आग्रह है कि वे अपना पहचान-पत्र लेकर ही बूथ पर जाएँ।


    छोटा विश्लेषण — सुबह की हलचल क्या बता रही है?

    सुबह के पहले दो घंटे में 13% के आसपास औसत मतदान को सामान्य तौर पर मध्यम शुरुआत माना जा सकता है — न तो बेहद कम और न ही बहुत ऊँचा। कुछ जिलों (सहरसा, बेगुसराय, मुजफ्फरपुर, वैशाली) में अपेक्षाकृत तेज़ रफ्तार देखी जा रही है, जबकि शहरी या केंद्र-स्थलित कुछ सीटों पर (जैसे पटना के कुछ हिस्से) उपस्थिति अपेक्षाकृत कम है — यह शाम तक बदल भी सकती है। चुनाव-विशेषज्ञ बुधवार की शाम के आंकड़ों से ट्रेंड निकालेंगे।

    बिहार विधानसभा चुनाव फेज-1 वोटिंग, सुबह 9 बजे तक का मतदान प्रतिशत: 

    जिलेवार बात करें तो, 

    बेगुसराय: 14.60 फीसदी
    बछवाड़ा- 14.46
    बखरी- 13.10
    बेगुसराय- 15.11
    चेरिया- बरियारपुर- 16.13
    मटिहानी- 13.79
    साहेबपुर कमाल- 14.60
    तेघरा- 15.19

    भोजपुर: 13.11 फीसदी
    अगिआंव- 13.32
    आरा- 10.15
    बड़हरा- 12.73
    जगदीशपुर- 14.25
    संदेश- 14.01
    शाहपुर- 14.37
    तरारी- 13.20

    बक्सर: 13.28 फीसदी
    ब्रह्मपुर- 14.11
    बक्सर- 12.93
    डुमरांव- 12.50
    राजपुर- 13.48
     
    दरभंगा: 12.48 फीसदी
    अलीनगर- 12.57
    बहादुरपुर- 12.85
    बेनीपुर- 11.20
    दरभंगा- 11.52
    दरभंगा ग्रामीण- 13.21 
    गौरा बौराम- 12.26
    हयाघाट- 12.34
    जाले- 13.60
    केओटी- 13.01
    कुशेश्वर अस्थान- 12.26

    गोपालगंज: 13.97 फीसदी
    बैकुंठपुर- 14.32
    बरौली- 12.37
    भोरे- 13.55
    गोपालगंज- 12.99
    हथुआ- 16.20
    कुचायकोट- 14.40

    खगड़िया: 14.15 फीसदी
    अलौली- 13.78
    बेलदौर- 14.50
    खगड़िया- 13.99
    परबत्ता- 14.25

    लखीसराय: 7.00 फीसदी
    लखीसराय- 13.39
    सूर्यगढ़ा- 

    मधेपुरा: 13.74 फीसदी
    आलमनगर- 13.93
    बिहारीगंज- 13.83
    मधेपुरा- 13.31
    सिंहेश्वर- 13.89

    मुंगेर: 13.37 फीसदी
    जमालपुर- 12.21
    मुंगेर- 12.84
    तारापुर- 15.08

    मुजफ्फरपुर: 14.38 फीसदी
    औराई-  13.78
    बरूराज- 14.80
    बोचाह- 15.12
    गायघाट- 13.56
    कांटी- 13.91
    कुरहानी- 14.51
    मीनापुर- 14.68
    मुजफ्फरपुर- 11.89
    पारू- 15.12
    साहेबगंज- 15.86
    सकरा- 15.29

    नालंदा: 12.45 फीसदी
    अस्थावां- 10.74
    बिहारशरीफ- 11.11
    हरनौत- 12.97
    हिलसा- 13.02
    इस्लामपुर- 12.34
    नालंदा- 12.52
    राजगीर- 13.62

    पटना: 11.22 फीसदी
    बख्तियारपुर- 12.78
    बांकीपुर- 5.85
    बाढ़- 12.82
    बिक्रम- 14.11
    दानापुर- 10.44
    दीघा- 6.91
    फतुहा- 13.53
    कुम्हरार- 6.68
    मनेर- 13.93
    मसौढ़ी- 15.65
    मोकामा- 13.01
    पालीगंज- 15.23
    पटना साहिब- 10.61
    फुलवारी- 11.21

    सहरसा: 15.27 फीसदी
    महिषी- 15.42
    सहरसा- 15.21
    सिमरी बख्तियारपुर- 16.32
    सोनबरसा- 14.04

    समस्तीपुर: 12.86 फीसदी
    विभूतिपुर- 11.52
    हसनपुर- 13.43
    कल्याणपुर- 14.00
    मोहिउद्दीननगर- 13.74
    मोरवा- 12.67
    रोसेरा- 12.19
    समस्तीपुर- 13.35
    सरायरंजन- 13.04
    उजियारपुर- 12.02
    वारिसनगर- 12.75

    सारण: 13.30 फीसदी
    अमनौर- 13.51
    बनियापुर- 14.10
    छपरा- 11.20
    एकमा- 13.08
    गरखा- 13.08
    मांझी- 14.25
    मढ़ौरा- 14.01
    परसा- 13.96
    सोनपुर- 12.28
    तरैया- 13.83

    शेखपुरा: 12.97 फीसदी
    बारबीघा- 12.27
    शेखपुरा- 13.58

    सिवान: 13.35 फीसदी
    बरहरिया- 15.12
    दरौली- 13.05
    दरौंदा- 12.95
    गोरियाकोठी- 13.26
    महाराजगंज- 14.00
    रघुनाथपुर- 12.92
    सिवान- 12.56
    जीरादेई- 12.94

    वैशाली: 14.30 फीसदी
    हाजीपुर- 13.22
    लालगंज- 14.96
    महनार- 13.11 
    महुआ- 14.49
    पातेपुर- 14.66
    राघोपुर- 13.78
    राजापाकर- 14.91
    वैशाली- 15.30

    दीघा में सबसे ज्यादा वोटर्स

    बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 18 जिलों की 121 विधानसभा सीट मतदान हो रहा है. निर्वाचन आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां की हैं. निर्वाचन क्षेत्रों के लिहाज से दीघा विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 4,57,657 मतदाता हैं, जबकि बरबीघा में सबसे कम 2,31,998 मतदाता पंजीकृत हैं.

    इन सीटों पर एक घंटे कम होगी वोटिंग

    निर्वाचन आयोग ने छह विधानसभा सीट पर मतदान के समय में एक घंटे की कमी की है. इन 2135 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा. इनमें सिमरी बख्तियारपुर (410 बूथ), महिषी (361 बूथ), तारापुर (412 बूथ), मुंगेर (404 बूथ), जमालपुर (492 बूथ) और सूर्यगढ़ा (56 बूथ) शामिल हैं. यह फैसला इन क्षेत्रों की संवेदनशीलता, प्रखंड मुख्यालय से दूरी और स्थानीय प्रशासन के सुझावों के आधार पर लिया गया है.

    बाकी 115 सीट के 43,206 बूथों पर मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा. पहले चरण में कुल 3 करोड़ 75 लाख 13 हजार 302 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं. इनमें 1 करोड़ 98 लाख 35 हजार 325 पुरुष, 1 करोड़ 76 लाख 77 हजार 219 महिलाएं और 758 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं. 

    बिहार विधानसभा चुनाव फेज-1 के चर्चित उम्मीदवार

    मतदान के लिए कुल 45,341 बूथ बनाए गए हैं, जिनमें 45,324 मुख्य बूथ और 17 सहायक बूथ होंगे. पहले चरण में कई चर्चित उम्मीदवारों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में कैद होगी. इनमें महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा, लोकगायिका मैथिली ठाकुर, भोजपुरी फिल्म स्टार खेसारी लाल यादव, जनशक्ति जनता दल के तेज प्रताप यादव, जनता दल (यूनाइटेड) प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और भोला यादव शामिल हैं.

  • Maharashtra News:बार-बार मतदान करने वाले मतदाता अब वोट नहीं डाल सकेंगे:महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग

    Maharashtra News:बार-बार मतदान करने वाले मतदाता अब वोट नहीं डाल सकेंगे:महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग

    मुंबई: महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने गुरुवार को 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायत चुनावों की घोषणा करते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि बार-बार मतदान करने वाले मतदाता अब वोट नहीं डाल सकेंगे। ऐसे मतदाताओं की पहचान के लिए एक विशेष टूल और नई प्रणाली लागू की गई है।

    बार-बार मतदान करने वालों की पहचान

    चुनाव आयोग ने बताया कि इस बार मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए बार-बार वोट देने वालों की पहचान की जाएगी। इसके लिए आयोग ने एक नया डिजिटल टूल तैयार किया है, जो मतदाता सूची में दोहराए गए नामों को स्वतः पहचान लेगा।

    मतदाताओं के लिए मोबाइल ऐप

    मतदाताओं की सुविधा के लिए आयोग ने एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है। इस ऐप पर मतदाता अपने नाम, मतदान केंद्र, क्षेत्रवार उम्मीदवारों की सूची, और उम्मीदवारों की आपराधिक, शैक्षिक व वित्तीय जानकारी देख सकेंगे।

    डबल स्टार से होगी पहचान

    आयोग ने बताया कि बार-बार मतदान करने वाले मतदाता के नाम के आगे “डबल स्टार ( ** )” लगाया जाएगा। इससे ऐसे मतदाताओं की पहचान आसानी से की जा सकेगी। जिन मतदाताओं के नाम के आगे यह चिन्ह होगा, वे वोट नहीं दे पाएंगे।

    एक नाम रद्द किया जाएगा

    राज्य चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में अधिकारी मतदाता से संपर्क करेंगे। यदि मतदाता संतोषजनक जवाब नहीं देता, तो उसका एक नाम मतदाता सूची से रद्द कर दिया जाएगा।
    साथ ही, बार-बार वोट देने वालों से एक घोषणापत्र (Declaration Form) भरवाया जाएगा, जिसमें उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे सिर्फ एक ही मतदान केंद्र पर वोट देंगे।

    ⚖️ पारदर्शिता की दिशा में कदम

    आयोग का यह कदम दोहरी प्रविष्टि और फर्जी मतदान पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इससे मतदान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी तथा एक व्यक्ति द्वारा कई बार वोट देने की संभावना समाप्त होगी।

  • बिहार विधानसभा चुनाव: कल पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान, 3.75 करोड़ मतदाता करेंगे मताधिकार का प्रयोग

    बिहार विधानसभा चुनाव: कल पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान, 3.75 करोड़ मतदाता करेंगे मताधिकार का प्रयोग

    पटना, 5 नवंबर 2025 –
    बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान कल, यानी 6 नवंबर को होगा। कुल 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। इनमें से 6 विधानसभा क्षेत्रों के 2135 मतदान केंद्रों पर मतदान का समय एक घंटे कम, यानी शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है।

    चुनाव आयोग के मुताबिक, पहले चरण में 45,341 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। बुधवार को ही सभी मतदान कर्मी डिस्पैच सेंटरों से ईवीएम-वीवीपैट और अन्य सामग्री लेकर बूथों की ओर रवाना हो गए हैं। सभी केंद्रों पर आज रात तक सुरक्षा बलों की तैनाती पूरी कर ली जाएगी। मतदान दिवस पर सुबह 5 बजे मॉक पोल किया जाएगा और इसके बाद सुबह 7 बजे से मतदान शुरू होगा।

    पहले चरण में इन जिलों में मतदान

    पहले चरण का मतदान जिन 18 जिलों में होगा, वे हैं – मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर।

    इन 121 सीटों के लिए कुल 2,496 नामांकन दाखिल किए गए थे, जिनमें से जांच के बाद 1,939 वैध पाए गए। बाद में 70 उम्मीदवारों ने नामांकन वापस ले लिया। छंटनी के बाद कुल 1,314 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 1,192 पुरुष और 122 महिलाएं शामिल हैं। इनमें से 102 सीटें सामान्य श्रेणी की हैं, जबकि 19 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं।

    मतदाताओं का जनसांख्यिकीय चित्र

    पहले चरण में कुल 3,75,13,302 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे —

    • पुरुष मतदाता: 1,98,35,325
    • महिला मतदाता: 1,76,77,219
    • थर्ड जेंडर मतदाता: 758
    • सर्विस वोटर: 1,00,904

    चुनाव आयोग ने दिव्यांगों और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। इस चरण में 3,22,077 दिव्यांग और 5,31,423 वरिष्ठ नागरिक मतदाता (जिनमें 80 वर्ष से अधिक आयु के 5,24,687 और 100 वर्ष से अधिक आयु के 6,736 मतदाता शामिल हैं) वोट डालेंगे।

    इसके अलावा 7,37,765 प्रथम मतदाता भी इस चरण में लोकतंत्र के महापर्व में भाग लेंगे। इनमें से अधिकांश की आयु 18 से 19 वर्ष के बीच है, जबकि 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के 1,96,27,330 युवा मतदाता इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

  • NDA Mook Andolan: मूक आंदोलन कर भाजपा ने किया पलटवार! — रविंद्र चव्हाण बोले, “सत्य मोर्चा नहीं, महाविकास आघाड़ी का नया राजनीतिक कट”

    NDA Mook Andolan: मूक आंदोलन कर भाजपा ने किया पलटवार! — रविंद्र चव्हाण बोले, “सत्य मोर्चा नहीं, महाविकास आघाड़ी का नया राजनीतिक कट”

    मुंबई: आगामी स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनावों में संभावित हार को देखते हुए महाविकास आघाड़ी (MVA) मतदाता सूची पर संदेह का झूठा नैरेटिव फैलाकर नया राजनीतिक कट रच रही है — ऐसा आरोप भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने लगाया है।

    भाजपा की ओर से मविआ और मनसे के सत्य मोर्चे के जवाब में गिरगांव चौपाटी पर मूक आंदोलन आयोजित किया गया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने काले पट्टे बांधकर महाविकास आघाड़ी के खिलाफ प्रदर्शन किया।

    रविंद्र चव्हाण ने कहा —

    “महायुती सरकार जनता के सपनों का महाराष्ट्र बनाने में जुटी है, जबकि महाविकास आघाड़ी अराजकता फैलाकर राज्य को पीछे धकेलने की साजिश कर रही है। विदेशी फंडिंग और समाजविरोधी संगठनों की मदद से यह लोग अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं।”


    लोढा का खुला चैलेंज

    भाजपा मंत्री मंगलप्रभात लोढा ने कहा —

    “अस्लम शेख, अमिन पटेल और अबू आसिम आज़मी के क्षेत्रों में कम से कम 5,000 बांग्लादेशी और रोहिंग्या मतदाता हैं। अगर यह दावा गलत साबित हुआ तो मैं इस्तीफा दूंगा — और अगर सही निकला तो इन्हें इस्तीफा देना चाहिए।”
    लोढा ने बताया कि इस मामले में वे सोमवार को चुनाव आयोग से औपचारिक शिकायत करेंगे।


    “यह असत्य का तमाशा है” — अमित साटम

    भाजपा विधायक अमित साटम ने कहा कि महाविकास आघाड़ी आत्ममंथन करने की बजाय झूठ फैलाने में लगी है।

    “मतदाता उन्हें नकार रहे हैं, और वे समाज में विभाजन पैदा करने की राजनीति कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।


    शरद पवार की असुविधा पर सुप्रिया सुळे का गुस्सा

    सत्य मोर्चा रैली के दौरान एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार को मंच तक पहुंचने में परेशानी हुई, जिससे सांसद सुप्रिया सुळे भड़क उठीं। पवार की गाड़ी मंच तक नहीं पहुंच पाई और उन्हें डिवाइडर पार करना पड़ा। सुळे ने आयोजकों को फटकार लगाई और पुलिस से बात कर वाहन को स्टेज तक बुलवाया।


    शर्मिला ठाकरे का भाजपा पर वार

    मोर्चे में शामिल शर्मिला ठाकरे (राज ठाकरे की पत्नी) ने सवाल उठाया —

    “जब हम चुनाव आयोग से सवाल करते हैं, तो जवाब भाजपा देती है। क्या चुनाव आयोग भाजपा का कार्यालय है?”
    उन्होंने भाजपा के मूक आंदोलन पर तंज कसते हुए कहा, “आपका आंदोलन तो मूक है, फिर इतनी बड़बड़ क्यों?”

    मोर्चे में अमित ठाकरे, उनकी पत्नी मिताली ठाकरे और बड़ी संख्या में मनसे कार्यकर्ता भी शामिल हुए।


    मानवता की मिसाल

    मोर्चे के दौरान एक एंबुलेंस के लिए भीड़ ने रास्ता खाली कर मानवीयता की मिसाल पेश की। वहीं, फैशन स्ट्रीट के दुकानदारों ने सुरक्षा के चलते अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।

  • Ambernath News:अंबरनाथ में ‘100 फ़र्ज़ी मतदाता’ मामले ने मचाया बवाल: प्रवीण गोसावी की 5 लाख की चुनौती!

    Ambernath News:अंबरनाथ में ‘100 फ़र्ज़ी मतदाता’ मामले ने मचाया बवाल: प्रवीण गोसावी की 5 लाख की चुनौती!

    संजय राजगुरु

    अंबरनाथ (Ambernath News): आगामी नगर परिषद और स्थानीय निकाय चुनावों से पहले अंबरनाथ की राजनीति में बड़ा हड़कंप मच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता और नगर परिषद चुनाव के इच्छुक उम्मीदवार प्रवीण गोसावी ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि अंबरनाथ नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 26 (महालक्ष्मी नगर–संतोषी माता नगर क्षेत्र) की मतदाता सूची में करीब “100 मुस्लिम फ़र्ज़ी मतदाता”(Fake Voters) शामिल किए गए हैं। उनके इस दावे ने पूरे शहर में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है।

    गोसावी ने राज्य चुनाव आयोग (Election Commission)को दिए अपने लिखित बयान में कहा है कि 2009 से इस वार्ड की मतदाता सूची में एक ही पते पर लगभग 100 मतदाता दर्ज हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाता है। उन्होंने चुनाव आयोग से इस पूरे प्रकरण की गहन जांच की मांग की है ताकि पता चल सके कि ये मतदाता वास्तव में उसी पते पर रहते भी हैं या नहीं।

    प्रवीण गोसावी(PravinGosavi) ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका आरोप किसी धर्म या समाज के खिलाफ नहीं, बल्कि फर्जी पंजीकरण की व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने कहा, “अगर ये सभी मतदाता असली साबित होते हैं और वास्तव में मौजूद हैं, तो मैं व्यक्तिगत रूप से 5 लाख रुपये का इनाम दूँगा।”

    उन्होंने राज्य चुनाव आयोग (ElectionCommission) को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आयोग बिना संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित किए चुनाव कराता है, तो इससे लोकतंत्र की नींव कमजोर होगी। गोसावी ने कहा, “अगर फर्जी मतदाताओं के ज़रिए मतदान हुआ तो मैं खुद ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की पहल करूंगा। यदि इससे क़ानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होगी।”

    गोसावी के इस दावे के बाद महालक्ष्मी नगर और आसपास के क्षेत्रों में इस मुद्दे पर तीखी चर्चा शुरू हो गई है। उन्होंने इलाके में एक बड़ा बैनर भी लगाया है, जिसमें कथित ‘100 फर्जी मतदाताओं’ की तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। इससे स्थानीय नागरिकों में उत्सुकता और बहस दोनों बढ़ गई हैं। कुछ लोग तो अब मज़ाक में कहने लगे हैं कि “कौन है वो सौ लोग?” ताकि 5 लाख रुपये का इनाम पा सकें।

    राज्य भर में मतदाता सूचियों में फर्जी प्रविष्टियों और त्रुटियों को लेकर विवाद पहले से ही चल रहा है। ऐसे में अंबरनाथ का यह मामला न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि राज्य चुनाव आयोग के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। अब सबकी निगाहें आयोग की जांच पर टिकी हैं , क्या ये 100 मतदाता वास्तव में मौजूद हैं या यह एक राजनीतिक दांव है? आने वाले दिनों में यह मामला अंबरनाथ की राजनीति का सबसे चर्चित मुद्दा बन सकता है।