“SCOE” NSS यूनिट की 2024-25 की ‘ईयर ऑफ इम्पैक्ट’: सेवा और बदलाव की अविस्मरणीय यात्रा

खारघर। सारस्वत कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (SCOE), खारघर की एनएसएस (NSS) इकाई ने शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में सामुदायिक भागीदारी, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देकर एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।प्रिंसिपल डॉ. मंजुषा देशमुख, नवी मुंबई एरिया समन्वयक डॉ. सुनीता पाल और एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर संजय सिंह के मार्गदर्शन में स्वयंसेवकों ने 95 से अधिक विविध गतिविधियों में भाग लेकर नवी मुंबई और आसपास के हजारों लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला।वर्ष की शुरुआत अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से हुई और इसके बाद बेलापुर, वाशी, कामोठे तथा कॉलेज परिसर में रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। युवाओं को संवेदनशील विषयों पर जागरूक करने के लिए पॉक्सो अधिनियम सेमिनार, बाल मनोविज्ञान वेबिनार और अंगदान पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देते हुए सीवुड्स, खारघर, गिरगांव चौपाटी और कलावंती दुर्ग में मैंग्रोव व किले की सफाई अभियान चलाए गए। ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे वृक्षारोपण अभियान और हरित पहलुओं ने कॉलेज की पर्यावरण-सचेत सोच को और मजबूत किया।राष्ट्रीय पर्व भी पूरे उत्साह से मनाए गए। ‘हर घर तिरंगा’, गांधी जयंती पर भजन संध्या और गणतंत्र दिवस पर ‘आर्टशाला’ कार्यक्रम इसका उदाहरण रहे।

एनएसएस स्थापना दिवस पर कॉलेज परिसर में भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।स्वयंसेवकों ने नेरुल और कामोठे के मतदान केंद्रों पर चुनाव ड्यूटी में भी भाग लिया और मतदाताओं को मार्गदर्शन, बुजुर्गों की मदद और भीड़ प्रबंधन जैसी सेवाएं दीं। त्योहारों के दौरान बाजारों में यातायात नियंत्रण और स्वच्छता अभियानों में भी योगदान दिया।समाजसेवा के साथ-साथ उत्सवों को समावेशी बनाने पर भी ध्यान रहा। जन्माष्टमी पर अनाथालय का दौरा, आदिवासी महिलाओं को सहयोग हेतु राखी बिक्री, और ‘दिवाली विद माय भारत’ अभियान (जिसमें वंचितों के लिए कपड़े और स्टेशनरी दान किए गए) इसके उदाहरण हैं।

स्वयंसेवकों को व्यावहारिक अनुभव दिलाने के लिए सॉफ्ट स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम, अस्पताल दौरे और पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान में भी शामिल किया गया।वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण धामणी गांव में आयोजित सात दिवसीय एनएसएस आवासीय शिविर रहा, जिसमें बांध निर्माण, स्वच्छता अभियान, जागरूकता रैलियां, वृक्षारोपण, कौशल निर्माण सत्र और सामुदायिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए गए।

यह शिविर ‘मैं नहीं, बल्कि तुम’ के आदर्श को साकार करता दिखा।संपूर्ण वर्ष की गतिविधियाँ “SCOE” एनएसएस इकाई की सेवा-भावना, नेतृत्व क्षमता और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।

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