Political Turmoil in Diva: दिवा की राजनीति में हलचल, 9 पार्षदों पर अयोग्यता की तलवार!

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Political Turmoil in Diva: एडवोकेट रोहिदास मुंडे ने बताया कि नगर निगम आम चुनाव 2026 में दिवा क्षेत्र से निर्वाचित शिंदे समूह के कुछ पार्षदों के खिलाफ चुनाव संबंधी याचिका अदालत में दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इन पार्षदों ने अपने चुनाव संबंधी हलफनामे में अपनी संपत्ति, निर्माण, वित्तीय जानकारी और अन्य आवश्यक मामलों की पूरी जानकारी नहीं दी है। यह भी बताया गया है कि कुछ स्थानों पर अवैध निर्माण और संपत्तियों को छिपाने का मुद्दा भी अदालत के समक्ष उठाया गया है।

विभिन्न निर्णयों के अनुसार, चुनाव शपथ पत्र में गलत या अधूरी जानकारी देना एक गंभीर मामला माना जाता है। अधिवक्ता रोहिदास मुंडे ने स्पष्ट किया कि यदि जन प्रतिनिधि मतदाताओं से तथ्य छिपाते हैं, तो संबंधित चुनाव रद्द किया जा सकता है और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के अनुसार अयोग्यता की कार्रवाई की जा सकती है।

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विशेष रूप से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 में धारा 33ए, धारा 36 और भारतीय न्यायपालिका द्वारा समय-समय पर पारित आदेशों के अनुसार, किसी भी उम्मीदवार के लिए सही और पूर्ण जानकारी देना अनिवार्य है। गलत जानकारी देना या तथ्यों को छिपाना मतदाताओं को गुमराह करने का कार्य माना जाता है।

इस मामले मे एडवोकेट रोहिदास मुंडे ने बताया कि पार्षदों रमाकांत मढवी, शैलेश पाटिल, आदेश भगत, दीपक जाधव, साक्षी मढवी, दर्शना म्हात्रे,अर्चना पाटिल, दीपाली भगत और स्नेहा पाटिल के खिलाफ अदालत में एक चुनाव याचिका दायर की गई है।

“मामला अदालत में विचाराधीन है और संबंधित उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव याचिका दायर की गई है। याचिका में हलफनामे में दी गई जानकारी को लेकर आपत्तियां उठाई गई हैं।” जिसे लेकर दीवा के नो पार्षदों पर लटकती तलवार बताई जा रही है।

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