Police Inertia Despite Jt CP’s Nod Over Brutal Dog Assault: वाराणसी के संयुक्त पुलिस आयुक्त के आदेश को चोलापुर पुलिस ने दिखाया ठेंगा, बेजुबान कुत्ते को अधमरा करने वाले आरोपी कमलेश उर्फ बबलू दुबे को थाने का संरक्षण?

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वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के चोलापुर थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली और संवेदनहीनता को उजागर करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम नेहियां में एक पालतू कुत्ते को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया गया, लेकिन घटना का पुख्ता वीडियो और लिखित शिकायत होने के बावजूद चोलापुर पुलिस आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस आरोपी को खुला संरक्षण दे रही है, जिसके कारण उसके हौसले बुलंद हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित अवनीश दुबे ने वाराणसी के संयुक्त पुलिस आयुक्त (Jt. C.P.) से न्याय की गुहार लगाई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने बीती 08 मई और 22 मई 2026 को संयुक्त पुलिस आयुक्त को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी। दोनों ही बार संयुक्त पुलिस आयुक्त ने चोलापुर थाना प्रभारी (SHO) को सीधे फोन कर मामले में तत्काल कानूनी कदम उठाने के कड़े निर्देश दिए थे, लेकिन उच्चाधिकारी के दो बार फोन करने के बाद भी चोलापुर थाना पुलिस टस से मस नहीं हुई और आज तक मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।

पूरी घटना बीते 09 अप्रैल 2026 की रात लगभग साढ़े दस बजे की बताई जा रही है, जब अवनीश दुबे अपने पड़ोसी ओम प्रकाश दुबे के घर से वापस लौट रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान गांव का ही कमलेश दुबे पुत्र स्वर्गीय लालधर दुबे रास्ते में घात लगाकर बैठा था। उसने पहले अवनीश दुबे पर हमला करने की कोशिश की, और जब वह इसमें असफल रहा तो उसने उनके पालतू कुत्ते को लाठी-डंडों से बेहद बर्बरतापूर्वक पीटना (Police Inertia Despite Jt CP’s Nod Over Brutal Dog Assault) शुरू कर दिया। इस जानलेवा हमले में बेजुबान कुत्ते के सिर में गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान होकर अधमरा हो गया। पीड़ित परिवार के पास इस पूरी हैवानियत का वीडियो साक्ष्य के रूप में मौजूद है, जिसे पुलिस को सौंपने के बाद भी चोलापुर थाना मौन साधे बैठा है।

शिकायत पत्र में आरोपी कमलेश दुबे (उर्फ बबलू दुबे) को अत्यंत खतरनाक प्रवृत्ति का व्यक्ति बताया गया है। इसके साथ ही पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि नेहियां गांव के ही निवासी एक अधिवक्ता, जो एक चर्चित रॉबरी कांड के मुख्य आरोपी हैं, के कारण भी गांव में भय और भारी तनाव का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार ने अब इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। कानूनी जानकारों का भी मानना है कि किसी बेजुबान को इस तरह अंग-भंग करना या जानबूझकर चोट पहुंचाना गंभीर और दंडनीय अपराध है, जिसमें चोलापुर पुलिस की यह लापरवाही सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था को चुनौती दे रही है।

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