Eknath Shinde: महायुति के विकास कार्यों पर जीत की मुहर; एकनाथ शिंदे ने भरोसा जताया कि 17 उम्मीदवार जीतेंगे!

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Eknath Shinde: ठाणे-पालघर विधान परिषद चुनाव में महायुति उम्मीदवार रविंद्र फाटक के निर्विरोध चुने जाने से जीत के द्वार खुल गए हैं और यह महायुति की एकता और विकास पर आधारित राजनीति की जीत है, ऐसा डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा।ठाणे में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिंदे ने कहा कि ठाणे-पालघर समेत अलग-अलग विधान परिषद सीटों पर महायुति उम्मीदवारों को मिला समर्थन राज्य के लोगों का महायुति में बढ़ते विश्वास का संकेत है।

शिवसेना,भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत पवार ग्रुप) के दो-दो उम्मीदवारों समेत महायुति के छह उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले चुनावों में महायुति के सभी 17 उम्मीदवार जीतेंगे। ठाणे-पालघर सीट पर बिना विरोध के चुनाव की परंपरा बताते हुए शिंदे ने कहा कि स्वर्गीय वसंत डावखरे पहले भी बिना विरोध के चुने गए थे। अगर चुनाव होते भी, तो महायुति के पास साफ़ बहुमत था; लेकिन, सभी के एकमत से लिए गए फ़ैसले की वजह से ठाणे की राजनीतिक परंपरा बनी हुई है।

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शिंदे ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि महाविकास अघाड़ी में बड़े पैमाने पर मतभेद और गुटबाज़ी सामने आई है। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर उम्मीदवारों के नाम वापस लेने से महाविकास अघाड़ी की कमज़ोर स्थिति साफ़ हो गई है। उन्होंने दावा किया कि लोकल बॉडी, असेंबली और अब लेजिस्लेटिव काउंसिल के चुनावों में भी महाविकास अघाड़ी के अंदर की कलह सामने आ गई है।

महायुति में तालमेल का उदाहरण देते हुए शिंदे ने कहा कि रायगढ़ में विधायक महेंद्र दलवी,विधायक महेंद्र थोरवे और मंत्री भरत गोगावले ने महायुति उम्मीदवार अनिकेत तटकरे का साथ दिया। पुणे में भी महायुति में तालमेल की वजह से एक उम्मीदवार नाम वापस ले पाया। संभाजीनगर समेत कई जगहों पर शिवसेना उम्मीदवारों के पार्टी हित में नाम वापस लेने से एक बार फिर साबित हो गया है कि महागठबंधन में अच्छा तालमेल है।

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