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  • Mahavitaran: पाटण में मिट्टी उत्खनन का बड़ा खेल! हवा में लटके सैकड़ों बिजली खंभे, बड़े हादसे का खतरा

    Mahavitaran: पाटण में मिट्टी उत्खनन का बड़ा खेल! हवा में लटके सैकड़ों बिजली खंभे, बड़े हादसे का खतरा

    असुरक्षित बिजली खंभों से बड़ा हादसा होने की आशंका, क्या महावितरण(Mahavitaran) को खबर भी है?

    सातारा: महाराष्ट्र के सातारा जिले के पाटण तालुका में नदी किनारे चल रहे बड़े पैमाने पर मिट्टी उत्खनन ने एक गंभीर खतरा खड़ा कर दिया है। उत्खनन के कारण खेती और घरों को बिजली देने वाले सैकड़ों बिजली के खंभे बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गए हैं। कई जगह खंभों के चारों ओर की मिट्टी पूरी तरह हटा दी गई है, जिससे वे जमीन में मजबूती से टिके रहने के बजाय हवा में खड़े दिखाई दे रहे हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बरसात में बाढ़ या तेज बारिश हुई तो ये खंभे कभी भी गिर सकते हैं। ऐसे में न केवल बिजली आपूर्ति ठप हो सकती है, बल्कि करंट फैलने से लोगों और पशुओं की जान पर भी खतरा मंडरा सकता है।

    नदी किनारे बड़े पैमाने पर उत्खनन

    जानकारी के मुताबिक पाटण तालुका के नदी किनारे कई इलाकों में भारी मात्रा में मिट्टी निकाली जा रही है। उत्खनन के दौरान कई जगह शेतीपंप और घरों को बिजली देने वाले खंभों के आसपास की मिट्टी पूरी तरह हटा दी गई है।

    परिणाम यह हुआ कि कई बिजली के खंभे अब हवा में खड़े दिखाई दे रहे हैं और किसी भी समय गिर सकते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार ऐसे सैकड़ों खंभे क्षतिग्रस्त स्थिति में हैं।

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या महावितरण को इस बारे में जानकारी है? और अगर है तो अब तक क्या कार्रवाई की गई है, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है।

    प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवाल

    मिट्टी उत्खनन के लिए आमतौर पर राजस्व विभाग, वन विभाग, सिंचन विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित कई विभागों से अनुमति और ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ लेना जरूरी होता है।

    लेकिन इस मामले में यह सवाल उठ रहा है कि क्या महावितरण से अनुमति ली गई थी या उन्हें इसकी जानकारी दी गई थी? अगर नहीं, तो यह प्रशासन की बड़ी लापरवाही मानी जा रही है।

    बाढ़ के समय बढ़ सकता है खतरा

    इस इलाके के कई बिजली खंभे कोयना नदी की बाढ़ रेखा के नीचे आते हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में अगर नदी में बाढ़ आती है या तेज बारिश होती है, तो इन खंभों के गिरने का खतरा और ज्यादा बढ़ जाएगा।

    अगर खंभे गिरते हैं तो बिजली की तारें टूटकर जमीन या पानी में गिर सकती हैं, जिससे आसपास के लोगों, किसानों और पशुओं के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। खासकर अगर करंट पानी में फैल गया तो बड़ी जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता।

    शॉर्ट सर्किट और आग का भी खतरा

    विशेषज्ञों के मुताबिक अगर खंभे कमजोर हो जाएं तो तेज हवा या तूफान में गिर सकते हैं। इससे बिजली की तारें आपस में टकराकर शॉर्ट सर्किट और आग लगने जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं।

    ऐसी स्थिति में पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो सकती है, जिससे किसानों, गांव वालों और स्थानीय व्यवसायों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

    खंभों को फिर से लगाने का खर्च कौन उठाएगा?

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन खतरनाक हो चुके खंभों को दोबारा सुरक्षित तरीके से लगाने की जिम्मेदारी किसकी होगी। आम तौर पर एक बिजली खंभे को लगाने में 25 से 30 हजार रुपये तक खर्च आता है।

    ऐसे में अगर सैकड़ों खंभों को दोबारा लगाना पड़ा तो इसके लिए काफी बड़ा बजट लगेगा। यह खर्च महावितरण उठाएगा या उत्खनन करने वालों से वसूला जाएगा, इस पर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।

    पर्यटन और नदी के प्रवाह पर भी असर

    कोयना नदी के किनारे कृषि पर्यटन और जल पर्यटन विकसित करने की योजनाएं भी चल रही हैं। कई लोगों ने नदी किनारे पर्यटन प्रोजेक्ट, होटल और अन्य व्यवसाय शुरू करने की तैयारी की है।

    लेकिन नदी से बड़े पैमाने पर मिट्टी निकालने से नदी का प्रवाह बदल सकता है, जिससे नावों और जल पर्यटन गतिविधियों के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है।

    इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत जांच कर उत्खनन पर नियंत्रण लगाया जाए और बिजली के खंभों को सुरक्षित किया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।


    भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 क्या कहता है?

    भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की गतिविधि से बिजली के खंभे, तार या अन्य विद्युत उपकरणों को नुकसान पहुंचता है, तो बिजली वितरण कंपनी उस व्यक्ति के खिलाफ कानूनी और आर्थिक कार्रवाई कर सकती है।

    ऐसे मामलों में क्षतिग्रस्त उपकरणों की मरम्मत या पुनर्स्थापना का पूरा खर्च संबंधित व्यक्ति से वसूला जा सकता है।

    अगर मामला गंभीर पाया जाता है तो दोषी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है। इस कानून के तहत सार्वजनिक बिजली संपत्ति को नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध है, जिसमें जुर्माना, नुकसान की भरपाई और कुछ मामलों में जेल की सजा का भी प्रावधान है।

  • Riva Express में आशुतोष पर धारदार हथियार से वार का आरोप, बताया-नाक काटने की कोशिश का आरोप

    प्रयागराज/फतेहपुर: रीवा एक्सप्रेस में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसमें संत आशुतोष ब्रह्मचारी पर ट्रेन के अंदर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह घायल अवस्था में दिखाई दे रहे हैं।

    बताया जा रहा है कि कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार हथियार से हमला किया और उनकी नाक काटने की कोशिश की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

    फतेहपुर और सिराथू के बीच हुई घटना

    मिली जानकारी के अनुसार यह घटना सुबह करीब 5 बजे की बताई जा रही है। उस समय रीवा एक्सप्रेस फतेहपुर और कौशांबी जिले के सिराथू रेलवे स्टेशन के बीच से गुजर रही थी।

    आशुतोष ब्रह्मचारी के अनुसार, वह ट्रेन से प्रयागराज जा रहे थे, तभी अचानक कुछ लोग उनके पास आए और उन पर हमला कर दिया। उनका आरोप है कि हमलावरों ने धारदार हथियार से उनकी नाक को निशाना बनाते हुए वार करने की कोशिश की।

    हमले के बाद उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए ट्रेन के भीतर दौड़कर टॉयलेट में खुद को बंद कर लिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना दी।

    घायल हालत में अस्पताल में भर्ती

    हमले के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में उनके चेहरे पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं।

    घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक ट्रेन में मौजूद यात्रियों से पूछताछ की जा रही है और हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

  • 8 मार्च 2026: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानिए दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों में आज क्या है कीमत

    8 मार्च 2026: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानिए दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों में आज क्या है कीमत

    नई दिल्ली: देश की सरकारी तेल कंपनियों ने 8 मार्च 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी हैं। तेल कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे ईंधन के रेट अपडेट करती हैं। इन कीमतों को तय करते समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति को ध्यान में रखा जाता है।

    फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लंबे समय से कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले वैट और अन्य टैक्स के कारण अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतें अलग बनी हुई हैं।


    प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल-डीजल के भाव

    8 मार्च 2026 को जारी ताजा रेट के मुताबिक देश के प्रमुख शहरों में कीमतें इस प्रकार हैं:

    • नई दिल्ली: पेट्रोल ₹94.72, डीजल ₹87.62 प्रति लीटर
    • मुंबई: पेट्रोल ₹104.21, डीजल ₹92.15 प्रति लीटर
    • लखनऊ: पेट्रोल ₹94.69, डीजल ₹87.80 प्रति लीटर
    • कोलकाता: पेट्रोल ₹103.94, डीजल ₹90.76 प्रति लीटर
    • चेन्नई: पेट्रोल ₹100.75, डीजल ₹92.34 प्रति लीटर
    • बेंगलुरु: पेट्रोल ₹102.92, डीजल ₹89.02 प्रति लीटर
    • जयपुर: पेट्रोल ₹104.72, डीजल ₹90.21 प्रति लीटर
    • पटना: पेट्रोल ₹105.58, डीजल ₹93.80 प्रति लीटर
    • चंडीगढ़: पेट्रोल ₹94.30, डीजल ₹82.45 प्रति लीटर

    कैसे तय होती है पेट्रोल-डीजल की कीमत

    भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत कई आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर करती है। इनमें सबसे अहम कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमत होती है, जिसे भारत बड़े पैमाने पर विदेशों से आयात करता है।

    अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल महंगा होता है तो उसका असर सीधे पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ता है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी अहम होती है। अगर रुपया कमजोर होता है तो तेल आयात महंगा हो जाता है।

    साथ ही केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों द्वारा लगाया गया वैट भी ईंधन के दाम तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि हर राज्य में पेट्रोल-डीजल की कीमत अलग-अलग होती है।


    SMS से घर बैठे जानें अपने शहर का रेट

    अगर आप अपने शहर का ताजा पेट्रोल-डीजल रेट जानना चाहते हैं तो मोबाइल से SMS भेजकर भी जानकारी ले सकते हैं।

    • इंडियन ऑयल: RSP + शहर का कोड लिखकर 9224992249 पर भेजें
    • भारत पेट्रोलियम: RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें
    • हिंदुस्तान पेट्रोलियम: HP Price लिखकर 9222201122 पर SMS करें

    कुछ ही सेकंड में आपको अपने शहर का ताजा रेट मिल जाएगा।


    लंबे समय से स्थिर हैं ईंधन की कीमतें

    मई 2022 में केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में कटौती किए जाने के बाद से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अपेक्षाकृत स्थिरता बनी हुई है। हालांकि तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए समय-समय पर मामूली बदलाव करती रहती हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भविष्य में कच्चे तेल की कीमतों या रुपये की स्थिति में बड़ा बदलाव होता है तो इसका असर पेट्रोल-डीजल के दामों पर भी देखने को मिल सकता है।

  • Pakistan-Afganistan सीमा पर तनाव बढ़ा: तोरखम बाजार पर गोलाबारी के बाद भीषण आग, 150 से ज्यादा दुकानें जली

    Pakistan-Afganistan सीमा पर तनाव बढ़ा: तोरखम बाजार पर गोलाबारी के बाद भीषण आग, 150 से ज्यादा दुकानें जली

    काबुल/तोरखम: पाकिस्तान और अफगानिस्तान(Pakistan-Afganistan) के बीच सीमा पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार तड़के अफगानिस्तान के तोरखम इलाके में स्थित एक कमर्शियल मार्केट पर कथित गोलाबारी के बाद भीषण आग लग गई, जिसमें 150 से अधिक दुकानें जलकर खाक हो गईं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस घटना में व्यापार और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है।

    स्थानीय समाचार एजेंसियों के हवाले से बताया गया कि तोरखम के मेयर मावलवी अब्दुल्ला मुस्तफा ने कहा कि रविवार सुबह करीब 4 बजे शहर की ओर कई गोले दागे गए, जिनमें से कुछ एक व्यस्त बाजार में गिर गए। इसके बाद बाजार में आग लग गई, जो तेजी से आसपास की दुकानों में फैलती चली गई।

    आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उसे काबू में करने के लिए चार फायर ब्रिगेड ट्रक, नगर पालिका के पानी के टैंकर और स्थानीय लोगों की मदद लेनी पड़ी। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

    300 मिलियन तक के नुकसान का अनुमान

    मार्केट कॉम्प्लेक्स के मालिक के मुताबिक आग में 150 से ज्यादा दुकानें पूरी तरह जल गईं। शुरुआती आकलन के अनुसार इस घटना से अफगानिस्तान को करीब 300 मिलियन (स्थानीय मुद्रा) का आर्थिक नुकसान हुआ है।

    तोरखम बॉर्डर क्रॉसिंग अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सबसे व्यस्त व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है। इस मार्ग से दोनों देशों के बीच रोजाना बड़ी मात्रा में सामान और लोगों की आवाजाही होती है।

    सीमा पर बढ़ रही झड़पें

    हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच सीमा पर झड़पों और गोलीबारी की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे द्विपक्षीय रिश्तों में तनाव बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने सरकार से रिहायशी इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

    व्यापारियों का कहना है कि लगातार हो रही हिंसा और अस्थिरता से पहले से ही संघर्ष कर रहे सीमा क्षेत्र के कारोबार और लोगों की रोजी-रोटी पर गंभीर असर पड़ रहा है।

    30 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा

    इससे पहले शुक्रवार को अफगान अधिकारियों ने दावा किया था कि डूरंड लाइन सीमा पर हुई झड़पों में तालिबान सेनाओं ने 30 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। यह झड़प कंधार प्रांत के शोराबक जिले में हुई बताई जा रही है।

    तालिबान रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इनायतुल्लाह ख्वारजमी के अनुसार, तालिबान लड़ाकों ने एक पाकिस्तानी सैन्य चौकी पर कब्जा कर लिया और बाद में उसे विस्फोटकों से उड़ा दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पक्तिया प्रांत के दंड पाटन इलाके में पांच पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर भी तालिबान का कब्जा हो गया।

    कैसे शुरू हुआ मौजूदा संघर्ष

    बताया जा रहा है कि मौजूदा तनाव की शुरुआत तब हुई जब 21 फरवरी को पाकिस्तान ने अफगान क्षेत्र में आतंकवादियों को निशाना बनाने के लिए कार्रवाई की थी। इसके जवाब में 27 फरवरी को तालिबान के नेतृत्व वाली अफगान सेना ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले शुरू किए।

    इसके बाद पाकिस्तान ने कई बॉर्डर सेक्टरों में अफगान सेना की गोलीबारी के जवाब में “ऑपरेशन गजब लिल-हक” शुरू किया, जिससे सीमा पर हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं।

  • GST के दबाव में टूटा व्यापारी: वाराणसी में तंबाकू कारोबारी राजेश चौरसिया ने की आत्महत्या, परिवार ने टैक्स कार्रवाई को बताया वजह

    GST के दबाव में टूटा व्यापारी: वाराणसी में तंबाकू कारोबारी राजेश चौरसिया ने की आत्महत्या, परिवार ने टैक्स कार्रवाई को बताया वजह

    वाराणसी में कारोबारी की आत्महत्या के बाद जीएसटी नीति पर सवाल

    वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी के चेतगंज थाना क्षेत्र में एक तंबाकू कारोबारी की आत्महत्या के बाद जीएसटी की कार्यप्रणाली और छोटे व्यापारियों पर बढ़ते दबाव को लेकर बहस छिड़ गई है। लहंगपुरा इलाके में रहने वाले 53 वर्षीय कारोबारी राजेश चौरसिया ने शनिवार सुबह अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी।

    परिजनों का आरोप है कि जीएसटी(GST) विभाग की कार्रवाई, भारी जुर्माना और आर्थिक दबाव के कारण वह लंबे समय से मानसिक तनाव में थे।

    परिवार के अनुसार राजेश चौरसिया सिगरेट और पान-मसाले के थोक व्यापारी थे। साल 2024 में जीएसटी विभाग ने उनके प्रतिष्ठान पर छापेमारी की थी, जिसमें करीब 30 लाख रुपये की कर चोरी का मामला बताया गया था।

    परिजनों का कहना है कि यह गड़बड़ी जानबूझकर नहीं हुई थी, बल्कि उनके अकाउंटेंट की कथित लापरवाही और कागजी हेरफेर के कारण हुई। इसके बावजूद उन पर भारी जुर्माना लगाया गया, जिसे जमा करने का दबाव लगातार बढ़ रहा था।

    बताया जा रहा है कि आर्थिक संकट और सामाजिक प्रतिष्ठा पर पड़े असर के कारण राजेश चौरसिया गहरे तनाव में थे। शनिवार सुबह तक घर का माहौल सामान्य था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उनका शव कमरे में फंदे से लटका मिला।

    परिवार के लोग उन्हें तुरंत नीचे उतारकर डॉक्टर के पास ले गए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    चेतगंज थाना प्रभारी विजय कुमार शुक्ला के अनुसार प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    शनिवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुंबई में नौकरी करने वाले उनके बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी।

    इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में रोष देखने को मिला है। कई व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी की जटिल प्रक्रिया, भारी जुर्माने और छापेमारी के दबाव से छोटे व्यापारी मानसिक और आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि छोटे व्यापारियों के लिए जीएसटी व्यवस्था को सरल बनाया जाए और दंडात्मक कार्रवाई की जगह सहयोगात्मक रवैया अपनाया जाए।

  • LPG Price Hike: गैस सिलेंडर महंगा होने पर कांग्रेस का हमला, पीएम मोदी को बताया “महंगाई मैन”

    LPG Price Hike: गैस सिलेंडर महंगा होने पर कांग्रेस का हमला, पीएम मोदी को बताया “महंगाई मैन”

    नई दिल्ली। घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी (LPG Price Hike) के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने सरकार पर आरोप लगाया कि महंगाई का बोझ सीधे आम लोगों पर डाला जा रहा है और इसे लेकर प्रधानमंत्री की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

    कांग्रेस ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये और 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम परिवारों और छोटे व्यवसायों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ेगा।

    कांग्रेस का आरोप: जनता के बजट पर सीधा हमला

    कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाकर आम परिवारों के मासिक बजट पर सीधा असर डाला है। पार्टी के अनुसार, पिछले तीन महीनों में व्यावसायिक सिलेंडर की कीमतों में कुल 307 रुपये तक की बढ़ोतरी हो चुकी है।

    कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मंत्री ने हाल ही में दावा किया था कि सरकार की प्राथमिकता नागरिकों को सस्ता और टिकाऊ ईंधन उपलब्ध कराना है, लेकिन अगले ही दिन गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए।

    खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा कि जो बातें मंत्री कहते हैं, उन पर भरोसा करना मुश्किल हो गया है।

    सरकार का पक्ष: ऊर्जा आपूर्ति में कोई कमी नहीं

    इस बीच पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर किसी तरह की कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार का लक्ष्य नागरिकों को किफायती और टिकाऊ ईंधन उपलब्ध कराना है।

    सूत्रों के अनुसार, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 7 मार्च से देशभर में 60 रुपये बढ़ा दी गई है, जबकि होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के व्यावसायिक सिलेंडर के दाम में 115 रुपये की बढ़ोतरी लागू की गई है।

    पहले अप्रैल 2025 से स्थिर थे दाम

    इससे पहले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अप्रैल 2025 से स्थिर थी। उस समय दिल्ली में गैर-सब्सिडी वाला घरेलू सिलेंडर लगभग 853 रुपये में मिल रहा था। नई बढ़ोतरी के बाद अब घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ एलपीजी पर निर्भर छोटे व्यवसायों की लागत भी बढ़ने की संभावना है।

    अफवाहों पर न दें ध्यान: इंडियन ऑयल

    इसी बीच Indian Oil Corporation ने सोशल मीडिया के माध्यम से पेट्रोल और डीजल की कमी से जुड़ी खबरों को खारिज किया है। कंपनी ने कहा कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। साथ ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई है।

  • धर्मयुद्ध का शंखनाद: काशी से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शुरू, गोमाता को राज्यमाता घोषित करने की मांग, 11 मार्च को पहुंचेंगे लखनऊ

    धर्मयुद्ध का शंखनाद: काशी से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शुरू, गोमाता को राज्यमाता घोषित करने की मांग, 11 मार्च को पहुंचेंगे लखनऊ

    वाराणसी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शनिवार सुबह वाराणसी के प्रसिद्ध संकटमोचन हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर अपनी “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा” की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान का आशीर्वाद लेकर वे लखनऊ के लिए यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य गो रक्षा के प्रति जनजागरण करना है।

    शंकराचार्य ने बताया कि यह यात्रा चार दिनों तक चलेगी, जिसमें वे छह जिलों में दर्जनभर से अधिक स्थानों पर सभाएं और जनसंवाद कार्यक्रम करेंगे। यात्रा के दौरान वे जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, उन्नाव और लखीमपुर खीरी से होते हुए 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेंगे।

    गोमाता को “राज्यमाता” घोषित करने की मांग

    शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि 40 दिनों के भीतर गोमाता को “राज्यमाता” घोषित किया जाए और पूरे प्रदेश में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर पहले भी सरकार को समय दिया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

    शिवाजी जयंती के बाद आंदोलन तेज

    शंकराचार्य ने बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के दिन से सरकार को 40 दिन का समय दिया गया था। शुक्रवार को इस अवधि के 35 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण अब गो रक्षा के लिए व्यापक जनआंदोलन शुरू किया गया है।

    गंगा पूजन के साथ यात्रा का शुभारंभ

    यात्रा शुरू करने से पहले शंकराचार्य ने साधु-संतों के साथ केदार घाट पर विधिवत गंगा पूजन किया। इसके बाद उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्र पर तिलक कर पुष्प अर्पित किए और काशी से “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध” के शंखनाद की औपचारिक घोषणा की।

    इस दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु मौजूद रहे। शंकराचार्य ने कहा कि गो रक्षा केवल धार्मिक विषय नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा की रक्षा का प्रश्न है, इसलिए इसके लिए जनजागरण आवश्यक है।

  • Mumbai Rail Neer Contractor :रेल नीर ठेकेदार पर रंगदारी का आरोप: टिळक नगर में कैंटीन संचालक से मांगे 2 लाख, महीनों तक वसूले 30-30 हजार

    Mumbai Rail Neer Contractor :रेल नीर ठेकेदार पर रंगदारी का आरोप: टिळक नगर में कैंटीन संचालक से मांगे 2 लाख, महीनों तक वसूले 30-30 हजार

    टिळक नगर में कैंटीन संचालक से रंगदारी, गैंग बनाकर करता रहा वसूली फिलहाल दो पर मामला दर्ज

    “प्रोटेक्शन मनी” के नाम पर 2 लाख की मांग, महीनों तक वसूले 30-30 हजार रुपये
    शिकायत के बाद कई कंप्लेनर आए सामने

    मुंबई | प्रतिनिधि

    मुंबई के टिळक नगर इलाके में रेल नीर(Rail Neer) ठेकेदारी से जुड़े एक व्यक्ति पर कैंटीन संचालक से रंगदारी मांगने और मारपीट करने का गंभीर मामला सामने आया है। टिळक नगर पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता शिवप्रकाश रामलखन यादव (37) टिळक नगर रेलवे स्टेशन के पास एक कैंटीन चलाते हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि सितंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच दो स्थानीय लोगों ने उनसे “प्रोटेक्शन मनी” के नाम पर लगातार पैसों की मांग की और डराकर उनसे रकम वसूली।

    2 लाख रुपये की मांग, हर महीने हफ्ता

    शिकायत के मुताबिक आरोपी सेतुरामानंद पिल्लई उर्फ सेतुभाई और सुभाष कांदर उर्फ सुभाषभाई ने कैंटीन चलाने के बदले पहले 2 लाख रुपये प्रोटेक्शन मनी और हर महीने 40 हजार रुपये देने का दबाव बनाया।

    पीड़ित ने आरोप लगाया कि डर के कारण उसने पहले 1 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए और इसके बाद कई महीनों तक हर महीने करीब 30 हजार रुपये आरोपियों को देता रहा।

    पैसे देने से मना करने पर मारपीट

    पीड़ित के अनुसार फरवरी 2026 में जब उसने और पैसे देने से इनकार किया तो आरोपियों ने उसे टिळक नगर इलाके में बुलाकर कथित रूप से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद उसने टिळक नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत के बाद सामने आ रहे अन्य मामले

    सूत्रों के अनुसार शिकायत सामने आने के बाद इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भी शिकायतें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि रेल नीर व्यवसाय में पार्टनर रहे मुकेश मिश्रा के साथ भी आरोपियों द्वारा मारपीट और धोखाधड़ी की घटना हुई थी।

    आरोप है कि प्रोटेक्शन मनी नहीं देने पर दबाव बनाकर उनका धंधा हथिया लिया गया, जिसके बाद मुकेश मिश्रा अपने गांव लौट गए। डर के कारण उन्होंने उस समय पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई।

    इन धाराओं में मामला दर्ज

    टिळक नगर पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 352, 351(3), 308(5), 3(5) और 115(2) के तहत मामला दर्ज किया है।

    मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक मयूर सुलेपाटिल को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

  • Unmesh Patil joins Shiv Sena:संपत्ति से ज्यादा लोगों का प्यार हमारे लिए मायने रखता है: एकनाथ शिंदे ने उबाठा पर कसा तंज

    खानदेश में उबाठा को लगा बड़ा झटका, सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने थामा शिवसेना का भगवा

    मुंबई: शिवसेना आम लोगों के साथ खड़े रहने वाली, अन्याय के खिलाफ लड़ने वाली और भगवा विचारों को आगे बढ़ाने वाली पार्टी है। इसलिए हर दिन बड़ी संख्या में लोग शिवसेना में शामिल हो रहे हैं। संपत्ति कितनी कमाई यह महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि आपने कितने लोगों का दिल जीता और लोगों का कितना प्यार हासिल किया, यही सबसे ज्यादा मायने रखता है। यह बात शिवसेना के मुख्य नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उबाठा पर तंज कसते हुए कही। उद्धव ठाकरे गुट के नेता और पूर्व सांसद उन्मेष पाटील ने आज सैकड़ों समर्थकों के साथ उपमुख्यमंत्री शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में प्रवेश किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री शिंदे कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस प्रवेश कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव, मंत्री गुलाबराव पाटील, सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे, सांसद मिलिंद देवरा, विधायक किशोर पाटील के साथ कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

    उन्मेष पाटील(Unmesh Patil joins Shiv Sena) के साथ आज कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी शिवसेना में प्रवेश किया। इनमें पंचायत समिति के पूर्व सभापति दिनेश बोरसे पूर्व अध्यक्ष, बीजेपी युवा मोर्चा , पंचायत समिति के उपसभापति भाऊसाहेब पाटील, बीजेपी के पूर्व सभापति लीलाभाई पाटील, राष्ट्रवादी कांग्रेस के रवि चौधरी, बीजेपी के पूर्व नगरसेवक चंदू तायडे, पूर्व नगरसेवक चिरागउद्दीन शेख, पूर्व नगरसेवक गणेश महाले, दिपक देशमुख, सुबोध वाघमारे, गवली समाज के प्रमुख विजू गवली, ओबीसी समाज के संजय चौधरी, बाळासाहेब पाटील, अनिल चव्हाण, रोहित खैरनार, मंगेश साबळे, सोमनाथ पाटील, चंद्रकांत पाटील, रमेश पाटील, योगेश मोरे, राजेंद्र सोनावणे, महादेव गायकवाड, विलास गवली, सुनीता पवार, रत्ना पाटील सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने आज शिवसेना का भगवा थाम लिया।

    उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि आज तिथि के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती है। महाराज कहा करते थे कि प्रजा की सब्जी के डंठल को भी हाथ नहीं लगाना चाहिए। आज राज्य सरकार ने राज्य के किसानों का दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने का फैसला लिया है। जब हम मुख्यमंत्री थे, तब राज्य में लाड़ली बहन योजना शुरू की गई थी। विधानसभा चुनाव में इन लाड़ली बहनों ने विपक्ष को करारा जवाब दिया। चुनाव के समय कर्ज माफी का जो वादा किया गया था, उसे आज महायुति सरकार ने पूरा कर दिखाया है। शिवसेना वह पार्टी है जो जो कहती है, वह करके भी दिखाती है। पिछले ढाई साल में किए गए कामों की वजह से इतिहास में पहली बार महायुति के २३२ विधायक चुनकर आए हैं।

    उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह पार्टी बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे के विचारों पर आगे बढ़ रही है। इसी वजह से सोलापुर के एक गरीब परिवार की लाड़ली बहन को पार्टी ने राज्यसभा की उम्मीदवारी दी है। शिवसेना कार्यकर्ताओं की पार्टी है और कार्यकर्ताओं का सम्मान बढ़ाने वाली पार्टी है। यहां कोई मालिक या नौकर नहीं है, हम सभी साथी हैं। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के समय महाराष्ट्र के लोगों को सुरक्षित वापस लाया गया था। इसी तरह ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण दुबई में फंसे सैकड़ों भारतीयों को भी दो विशेष विमानों के जरिए सुरक्षित भारत लाया गया।

    उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि आज नारपार योजना के लिए ७००० करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। चालीसगांव में किसानों को सबसे ज्यादा पशु शेड उपलब्ध कराने, सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और किसानों के मुद्दों को उठाने का काम उन्मेष पाटील कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने गिरणा परिक्रमा भी की है। उन्होंने उन्मेष पाटील और उनके कार्यकर्ताओं से अपील की कि खानदेश में शिवसेना को घर-घर तक पहुंचाएं।

    इस मौके पर पूर्व सांसद उन्मेष पाटील ने कहा कि जब उपमुख्यमंत्री शिंदे दरे गांव में खेतों में काम करते नजर आते हैं, तो राज्य के किसानों को विश्वास होता है कि एक ऐसा नेता है जो खेती और मिट्टी से जुड़ा है और किसानों के दुख-दर्द को समझता है। उन्होंने कहा कि वे सरदार बनने के लिए नहीं, बल्कि एक सैनिक के रूप में काम करने के लिए शिवसेना में आए हैं।

  • Shankaracharya Avimukteshwaranand Saraswat: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सान्निध्य में शिवाजी जयंती पर ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा’ का शुभारंभ

    Shankaracharya Avimukteshwaranand Saraswat: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सान्निध्य में शिवाजी जयंती पर ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा’ का शुभारंभ

    राष्ट्रीय स्वाभिमान। प्रेम चौबे

    वाराणसी। छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर काशी के Shankaracharya Ghat पर विशेष कार्यक्रम आयोजित कर ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा’ का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम Shankaracharya Avimukteshwaranand Saraswati के सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गौभक्त शामिल हुए।

    कार्यक्रम की शुरुआत गंगा पूजन से हुई। इसके बाद Chhatrapati Shivaji Maharaj के चित्र पर तिलक लगाकर पुष्प अर्पित किए गए और उपस्थित लोगों को गौरक्षा का संकल्प दिलाया गया। अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि शिवाजी महाराज हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक थे और उन्होंने गौ, ब्राह्मण तथा धर्म की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

    उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के ग्रंथों में राजा का कर्तव्य गौ, ब्राह्मण और देवालयों की रक्षा करना बताया गया है। भगवान राम से लेकर भगवान कृष्ण, आदि शंकराचार्य, महाराणा प्रताप और शिवाजी महाराज तक सभी ने इसी परंपरा का पालन किया। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि गौ, ब्राह्मण और मंदिरों की रक्षा के लिए समाज को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।

    कार्यक्रम के दौरान कलाकारों द्वारा शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित लघु नाटिका भी प्रस्तुत की गई, जिसमें गौरक्षा से जुड़े प्रसंगों को दर्शाया गया।

    इस अवसर पर अखिल भारतीय सारस्वत परिषद की ओर से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को गौरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के लिए ‘करपात्र गौभक्त सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान संस्था की ओर से गिरीश चंद्र तिवारी और प्रो. विवेकानंद तिवारी ने प्रदान किया।

    मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शनिवार सुबह काशी स्थित श्रीविद्यामठ से लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां 11 मार्च को ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रस्थान से पहले वे चिंतामणि गणेश मंदिर में पूजन-अर्चन करेंगे और इसके बाद संकट मोचन मंदिर में सामूहिक हनुमान चालीसा, हनुमानाष्टक और बजरंगबाण का पाठ किया जाएगा।