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  • IRCTC Tour Package: “भारत गौरव पर्यटक ट्रेन” से 12 दिन की ‘डिवाइन राजस्थान विद उज्जैन यात्रा’ शुरू, 27 मार्च को सोलापुर से रवाना होगी विशेष ट्रेन

    IRCTC Tour Package: “भारत गौरव पर्यटक ट्रेन” से 12 दिन की ‘डिवाइन राजस्थान विद उज्जैन यात्रा’ शुरू, 27 मार्च को सोलापुर से रवाना होगी विशेष ट्रेन

    मुंबई/सोलापुर। Indian Railway Catering and Tourism Corporation (आईआरसीटीसी) ने “भारत गौरव पर्यटक ट्रेन” के तहत एक विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक टूर पैकेज(IRCTC Tour Package) “डिवाइन राजस्थान विद उज्जैन यात्रा” की घोषणा की है। यह यात्रा 11 रात और 12 दिन की होगी, जिसमें यात्रियों को राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत और उज्जैन की आध्यात्मिक आस्था का अनुभव मिलेगा।

    यह विशेष पर्यटक ट्रेन 27 मार्च को Solapur से प्रस्थान करेगी। यात्रियों को Pune, Lonavala, Kalyan, Vasai Road और Surat जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों से भी ट्रेन में चढ़ने की सुविधा दी जाएगी।

    आईआरसीटीसी पश्चिम क्षेत्र (मुंबई) के ग्रुप जनरल मैनेजर Gaurav Jha ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य देश की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को लोगों तक पहुंचाना है। यह टूर भारत सरकार की “देखो अपना देश” और “एक भारत श्रेष्ठ भारत” पहल को भी बढ़ावा देता है।

    इन प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों का मिलेगा दर्शन

    इस विशेष यात्रा के दौरान यात्रियों को राजस्थान और मध्यप्रदेश के कई प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। इसमें Udaipur की झीलें, Nathdwara में श्रीनाथजी मंदिर, Pushkar तीर्थ, Jodhpur और Jaipur के ऐतिहासिक किले और महल, Khatu Shyam Ji Temple तथा Ujjain में स्थित Mahakaleshwar Jyotirlinga के दर्शन शामिल हैं।

    यह यात्रा श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुभव के साथ-साथ राजस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने का अवसर भी देगी।

    यात्रियों के लिए तीन श्रेणियों की सुविधा

    यात्रियों की सुविधा और बजट को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन में तीन अलग-अलग श्रेणियां उपलब्ध कराई गई हैं—

    • इकोनॉमी क्लास (स्लीपर) – ₹19,900 प्रति व्यक्ति
    • स्टैंडर्ड क्लास (3 एसी) – ₹31,920 प्रति व्यक्ति
    • कंफर्ट क्लास (2 एसी) – ₹41,840 प्रति व्यक्ति

    लगभग 750 यात्रियों की क्षमता वाली इस विशेष ट्रेन में प्रमुख स्टेशनों से चढ़ने और उतरने की सुविधा दी जाएगी।

    ऑल-इनक्लूसिव टूर पैकेज

    आईआरसीटीसी पश्चिम क्षेत्र, मुंबई के जनसंपर्क अधिकारी Dr. A. K. Singh ने बताया कि यह यात्रा पूरी तरह ऑल-इनक्लूसिव पैकेज के रूप में तैयार की गई है। इसमें रेल यात्रा, शुद्ध शाकाहारी भोजन, होटल में ठहरने की व्यवस्था, स्थानीय दर्शनीय स्थलों के लिए बस सेवा, टूर एस्कॉर्ट और यात्रा बीमा जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

    आईआरसीटीसी का कहना है कि इस पैकेज के माध्यम से यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और यादगार आध्यात्मिक यात्रा का अनुभव मिलेगा।

    बुकिंग और अधिक जानकारी के लिए इच्छुक यात्री आईआरसीटीसी की आधिकारिक पर्यटन वेबसाइट या नजदीकी आईआरसीटीसी पर्यटन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

  • Bihar Politics:बिहार की जमीन-जंगल पर किसकी नजर? मोदी-शाह की राजनीति पर विपक्ष का वार

    Bihar Politics:बिहार की जमीन-जंगल पर किसकी नजर? मोदी-शाह की राजनीति पर विपक्ष का वार

    पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद विपक्ष ने केंद्र की भाजपा नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। विपक्षी दलों का आरोप है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की रणनीति के तहत बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव किया जा रहा है।

    विपक्ष का कहना है कि राज्य की सत्ता संरचना को इस तरह बदला जा रहा है जिससे केंद्र का प्रभाव और मजबूत हो सके। इसी संदर्भ में कुछ नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि आने वाले समय में बिहार के प्राकृतिक संसाधनों—जंगल, जमीन और कृषि उत्पादन—को बड़े कॉरपोरेट निवेश के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है।

    “बिहार के संसाधनों पर नजर” का आरोप

    विपक्षी नेताओं का दावा है कि जिस तरह अन्य राज्यों में बड़े औद्योगिक निवेश के नाम पर जमीन और संसाधनों को लेकर विवाद हुए हैं, उसी तरह बिहार में भी भविष्य में ऐसी स्थिति बन सकती है। उनका कहना है कि अगर राज्य की नीतियां स्थानीय हितों के बजाय बड़े आर्थिक समूहों के पक्ष में गईं तो किसानों और ग्रामीण समुदायों को नुकसान हो सकता है।

    कुछ नेताओं ने उद्योगपति Gautam Adani के नेतृत्व वाले Adani Group का नाम लेते हुए यह आशंका जताई कि बिहार में बड़े कॉरपोरेट निवेश की तैयारी की जा रही है। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में अभी तक कोई आधिकारिक दस्तावेज सामने नहीं आए हैं।

    भाजपा और एनडीए का पलटवार

    इन आरोपों पर भाजपा और एनडीए के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि विपक्ष बिना तथ्यों के केवल राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।

    एनडीए का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार के विकास को तेज करना, निवेश बढ़ाना और रोजगार के अवसर पैदा करना है। भाजपा नेताओं के अनुसार, बड़े निवेश से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और बुनियादी ढांचे में सुधार होगा।

    सियासत और तेज होने के संकेत

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद बिहार में नेतृत्व और विकास मॉडल को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। विपक्ष इस मुद्दे को केंद्र बनाकर भाजपा नेतृत्व पर हमला तेज कर रहा है, जबकि एनडीए इसे विकास की राजनीति बता रहा है।

    फिलहाल बिहार की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल सकती है।

  • Axis Bank Tesla Preferred financer India EV-Loan:भारत में टेस्ला खरीदना होगा आसान, एक्सिस बैंक बना ‘पसंदीदा फाइनेंसर’

    Axis Bank Tesla Preferred financer India EV-Loan:भारत में टेस्ला खरीदना होगा आसान, एक्सिस बैंक बना ‘पसंदीदा फाइनेंसर’

    नई दिल्ली। भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में एक बड़ी हलचल देखने को मिली है। देश के प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंक Axis Bank ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह दुनिया की अग्रणी इलेक्ट्रिक कार कंपनी Tesla के लिए भारत में ‘पसंदीदा फाइनेंसर’ बन गया है।

    इस साझेदारी का सीधा मतलब है कि अब भारतीय ग्राहकों के लिए टेस्ला कार खरीदना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। बैंक ग्राहकों को लचीले और लंबे समय के लोन विकल्प उपलब्ध कराएगा, जिससे प्रीमियम इलेक्ट्रिक कार खरीदने का सपना पूरा करना सरल हो सकेगा।

    ग्राहकों को मिलेंगे कई खास फायदे

    एक्सिस बैंक और टेस्ला के बीच हुआ यह करार पूरी तरह से ग्राहक-केंद्रित बताया जा रहा है। बैंक ने प्रीमियम इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले ग्राहकों के लिए कई खास सुविधाएं पेश की हैं।

    सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टेस्ला कार के लिए 10 साल तक का लंबा लोन कार्यकाल उपलब्ध कराया जाएगा। आमतौर पर कार लोन 5 से 7 साल के लिए मिलता है, लेकिन इस योजना में लंबी अवधि के कारण मासिक किस्त (EMI) काफी कम हो सकती है।

    इसके अलावा, कार बुकिंग से लेकर लोन मंजूरी तक की पूरी प्रक्रिया 100 प्रतिशत डिजिटल होगी। यानी ग्राहकों को बैंक शाखा के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और सभी औपचारिकताएं ऑनलाइन पूरी की जा सकेंगी।

    बैंक ग्राहकों की आय और नकदी प्रवाह को ध्यान में रखते हुए कस्टमाइज्ड पेमेंट प्लान भी तैयार करेगा। इससे हर ग्राहक को अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार पुनर्भुगतान की सुविधा मिल सकेगी।

    तुरंत लोन मंजूरी का दावा

    बैंक का कहना है कि पात्र ग्राहकों को ऑनबोर्डिंग के दौरान इंस्टेंट लोन अप्रूवल भी मिल सकता है। इससे वाहन खरीदने की प्रक्रिया काफी तेज और आसान हो जाएगी।

    इस साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए एक्सिस बैंक के कार्यकारी निदेशक Munish Sharda ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तेजी से बढ़ रही है और टेस्ला के साथ यह साझेदारी वैश्विक स्तर की इलेक्ट्रिक कारों को भारतीय ग्राहकों के लिए ज्यादा सुलभ बनाएगी।

    उन्होंने कहा कि बैंक भविष्य को ध्यान में रखते हुए आधुनिक और जिम्मेदार बैंकिंग समाधानों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

    देशभर में मिलेगा लाभ

    यह पहल केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देश के उभरते हुए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी हब में भी लागू की जाएगी। इस साझेदारी का उद्देश्य वाहन खरीदने की शुरुआती वित्तीय बाधाओं को कम करना और प्रीमियम इलेक्ट्रिक वाहनों के अनुभव को अधिक से अधिक ग्राहकों तक पहुंचाना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि टेस्ला और एक्सिस बैंक की यह साझेदारी भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को नई गति दे सकती है और प्रीमियम ईवी सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ा सकती है।

  • Atomic Attack:अमेरिका-इज़रायल को ईरान की खुली चेतावनी: शासन गिराने की कोशिश हुई तो परमाणु जवाब मिलेगा

    Atomic Attack:अमेरिका-इज़रायल को ईरान की खुली चेतावनी: शासन गिराने की कोशिश हुई तो परमाणु जवाब मिलेगा

    तेहरान/वॉशिंगटन। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका और इज़रायल को कड़ी चेतावनी दी है। तेहरान का कहना है कि यदि उसकी सरकार को अस्थिर करने या शासन परिवर्तन की कोई भी कोशिश की गई तो उसका जवाब बेहद खौफनाक होगा। हाल के दिनों में अमेरिका और इज़रायल द्वारा किए गए अचानक सैन्य हमलों के बाद ईरान की नई नेतृत्व व्यवस्था ने संकेत दिया है कि हालात बिगड़ने पर परमाणु हथियारों (Atomic Attack) के इस्तेमाल तक की नौबत आ सकती है।

    मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हालिया संघर्ष में ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों के बाद देश में भारी जनहानि हुई है और हजारों लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं। इसी बीच ईरान के सर्वोच्च नेता के निधन के बाद देश अभी शोक से उबर भी नहीं पाया था कि युद्ध की स्थिति और गंभीर हो गई।

    सत्ता परिवर्तन की आशंका पर सख्त चेतावनी

    ईरान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि अमेरिका और इज़रायल अगर वहां की मौजूदा व्यवस्था को गिराने की कोशिश करेंगे तो इसका अंजाम पूरे क्षेत्र के लिए विनाशकारी हो सकता है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर वह इज़रायल के परमाणु ठिकानों को सीधे निशाना बनाने से भी पीछे नहीं हटेगा।

    ईरान का कहना है कि यह उसके आंतरिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप है और वह किसी भी कीमत पर अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा।

    अमेरिका और इज़रायल की रणनीति

    इज़रायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के हालिया बयानों ने इस तनाव को और बढ़ा दिया है। इन नेताओं का मानना है कि सैन्य दबाव बढ़ाकर ईरान में ऐसी स्थिति पैदा की जा सकती है, जिससे वहां की जनता खुद शासन के खिलाफ खड़ी हो जाए।

    रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी और इज़रायली हमले अब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहे हैं। पुलिस चौकियों, अर्धसैनिक संगठनों और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े ठिकानों को भी निशाना बनाया जा रहा है। तेहरान में कई पुलिस स्टेशनों पर हुए हमलों ने ईरान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर भारी दबाव डाल दिया है।

    प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर करने की कोशिश

    रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों का मकसद केवल सैन्य ताकत को कमजोर करना नहीं है, बल्कि ईरान के प्रशासनिक नियंत्रण को भी कमजोर करना है। मिडिल लेवल कमांडरों और फील्ड यूनिट्स को निशाना बनाकर शासन तंत्र को पंगु बनाने की रणनीति अपनाई जा रही है।

    यदि ऐसा होता है तो ईरान की सरकार के लिए देश के भीतर संभावित जनविद्रोह को नियंत्रित करना बेहद मुश्किल हो सकता है।

    ‘डूम्सडे’ मिसाइल परीक्षण और तीसरे विश्व युद्ध की आशंका

    इसी बीच अमेरिका ने कैलिफोर्निया के पास अपनी ‘डूम्सडे’ मिसाइल का परीक्षण किया है, जिसे अत्यधिक विनाशकारी माना जाता है। इस परीक्षण और मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध ने पूरी दुनिया को चिंतित कर दिया है। कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष और बढ़ा तो दुनिया तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर पहुंच सकती है।

    आम लोगों पर भी पड़ रहा असर

    युद्ध की आशंका का असर आम नागरिकों के जीवन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कई देशों ने मध्य पूर्व के ऊपर से उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स को रद्द कर दिया है। केवल भारत में ही सुरक्षा कारणों से करीब 180 उड़ानों को रद्द किया गया है, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।

    उधर, अमेरिकी हमले में एक ईरानी युद्धपोत के डूबने और उसमें सवार 80 से अधिक लोगों की मौत की खबरों ने इस संघर्ष को और दर्दनाक बना दिया है।

    शांति की अपील

    इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते कूटनीतिक प्रयास नहीं किए गए तो यह संघर्ष पूरे विश्व की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

  • Rajyasabha: राज्यसभा पहुंचे नीतीश कुमार, बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर तेज हुई सियासी हलचल

    Rajyasabha: राज्यसभा पहुंचे नीतीश कुमार, बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर तेज हुई सियासी हलचल

    पटना। बिहार में राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। गुरुवार (5 मार्च) को राज्यसभा (Rajyasabha) की सीटों के लिए कई नेताओं ने नामांकन दाखिल किया। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar के नामांकन को लेकर रही, जिन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना पर्चा दाखिल कर सभी को चौंका दिया।

    नामांकन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पटना में हुए इस कार्यक्रम को एनडीए ने शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी पेश किया।

    एनडीए की ओर से ये प्रमुख उम्मीदवार

    राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ओर से राज्यसभा के लिए कई प्रमुख नेताओं को मैदान में उतारा गया है।

    • जनता दल (यू) की ओर से मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने नामांकन दाखिल किया।
    • भारतीय जनता पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता और बिहार के मंत्री Nitin Nabin को भी उम्मीदवार बनाया है, जिन्होंने राज्यसभा के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया।
    • भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष Samrat Choudhary और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Sanjay Jaiswal के नाम भी उम्मीदवारों की सूची में प्रमुखता से शामिल बताए जा रहे हैं।

    एनडीए नेताओं का कहना है कि बिहार विधानसभा में गठबंधन के पास पर्याप्त बहुमत है, इसलिए उनके उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

    विपक्ष ने भी उतारे उम्मीदवार

    विपक्षी दलों ने भी राज्यसभा चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। राष्ट्रीय जनता दल की ओर से वरिष्ठ नेता Manoj Jha ने नामांकन दाखिल किया है, जबकि कांग्रेस ने अपने प्रदेश अध्यक्ष Akhilesh Prasad Singh को उम्मीदवार बनाया है।

    नीतीश के फैसले से बढ़ी राजनीतिक चर्चा

    सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर हो रही है। पिछले साल ही उन्होंने रिकॉर्ड दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। ऐसे में उनके इस फैसले के बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से बिहार की राजनीति में नई दिशा तय हो सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि राज्य में मुख्यमंत्री की कुर्सी किस नेता को सौंपी जाएगी और एनडीए आगे क्या रणनीति अपनाता है।

  • Rajya Sabha Election: महाराष्ट्र की राज्यसभा सीटों के लिए बीजेपी ने घोषित की नई सूची: पुराने वफादार और जातीय संतुलन पर फोकस

    Rajya Sabha Election: महाराष्ट्र की राज्यसभा सीटों के लिए बीजेपी ने घोषित की नई सूची: पुराने वफादार और जातीय संतुलन पर फोकस

    मुंबई। भारतीय जनता पार्टी ने महाराष्ट्र से खाली होने वाली राज्यसभा(Rajya sabha Election) सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची सार्वजनिक कर दी है। इस बार पार्टी ने “पुराने वफादार” और “जातीय संतुलन” को ध्यान में रखते हुए चार प्रमुख चेहरों को सूचीबद्ध किया है, जिनमें केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, माया ईवनाते और रामराव वडकुते शामिल हैं। इस चयन ने राजनीतिक विश्लेषकों को भी चौंका दिया है।

    1. विनोद तावड़े: संगठन के भरोसेमंद ‘संकटमोचक’
    कोंकण क्षेत्र के गिरगांव से आने वाले तावड़े का राजनीतिक सफर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से शुरू हुआ। महाराष्ट्र में शिक्षा और सांस्कृतिक मंत्री रहे तावड़े 2019 में विधानसभा टिकट कटने के बाद कुछ समय हाशिए पर दिखे, लेकिन संगठन में उनके काम को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया। तावड़े को राज्यसभा भेजकर बीजेपी का लक्ष्य मराठा और शहरी मध्यम वर्ग को साधना है।

    2. रामदास आठवले: दलित राजनीति का मजबूत चेहरा
    केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) के प्रमुख आठवले बीजेपी के पुराने और वफादार सहयोगियों में गिने जाते हैं। दलित पैंथर आंदोलन से जुड़े आठवले तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। राज्यसभा में उनकी वापसी महाराष्ट्र के दलित, विशेषकर बौद्ध वोट बैंक को पार्टी से जोड़ने का संदेश देती है।

    3. माया चिंतामण ईवनाते: महिला और आदिवासी नेतृत्व का प्रतिनिधित्व
    माया ईवनाते का नाम इस सूची का ‘सरप्राइज एलिमेंट’ है। नागपुर की पूर्व मेयर और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य रह चुकी माया ईवनाते को बीजेपी ने महिला नेतृत्व, आदिवासी प्रतिनिधित्व और विदर्भ क्षेत्र के लिए चुना है। आदिवासी समुदाय में उनका प्रभाव और दिल्ली में मंत्रालय का अनुभव उन्हें राज्यसभा के लिए उपयुक्त बनाता है।

    4. रामराव वडकुते: एनसीपी छोड़ भाजपा में शामिल हुए सक्रिय नेता
    मराठवाड़ा के धनगर समुदाय से आने वाले रामराव वडकुते पहले एनसीपी में सक्रिय थे, लेकिन 2019 में विधानसभा टिकट न मिलने के बाद उन्होंने भाजपा जॉइन किया। वडकुते महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी माने जाते हैं। उनकी राज्यसभा नॉमिनेशन से बीजेपी को मराठवाड़ा क्षेत्र में आरक्षण और सामाजिक संतुलन का लाभ मिलेगा।

    इस सूची के माध्यम से बीजेपी ने पुराने वफादारों को सम्मानित करने के साथ-साथ जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का संतुलन बनाए रखने की रणनीति अपनाई है।

  • Women Security: विधानभवन में महिला सुरक्षा पर उच्चस्तरीय बैठक, पैनिक बटन को व्हॉट्सऐप से जोड़ने के निर्देश

    Women Security: विधानभवन में महिला सुरक्षा पर उच्चस्तरीय बैठक, पैनिक बटन को व्हॉट्सऐप से जोड़ने के निर्देश

    मुंबई। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में महिलाओं की सुरक्षा(Women Security) को लेकर विधानभवन में उपसभापति डॉ. नीलम गोऱ्हे की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। राज्यव्यापी सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट की समीक्षा के लिए बुलाई गई इस बैठक में प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि रिपोर्ट में सुझाए गए सभी उपाय निश्चित समयसीमा में लागू किए जाएं।

    बदलापुर में नाबालिग बालिका से दुष्कर्म की घटना और स्वारगेट बस स्टेशन प्रकरण की पृष्ठभूमि में यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से राज्य के 242 स्थानों पर किए गए सेफ्टी ऑडिट में बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े स्थलों का निरीक्षण कर सीसीटीवी, प्रकाश व्यवस्था, महिला पुलिस गश्त, हेल्पलाइन, पैनिक बटन, शौचालय, शिकायत प्रणाली और ‘हिरकणी कक्ष’ जैसी सुविधाओं की स्थिति की जांच की गई।

    रिपोर्ट में सामने आया कि कई स्थानों पर सुविधाएं मौजूद होने के बावजूद उनका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। विशेष रूप से पैनिक बटन प्रणाली के निष्क्रिय पाए जाने पर डॉ. गोऱ्हे ने इसे नियंत्रण कक्ष और व्हॉट्सऐप नंबर से सीधे जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में महिलाओं को तुरंत सहायता मिल सके।

    बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि स्कूल बसों को स्कूल परिसर के भीतर ही खड़ा किया जाए और बस चालकों व कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। बस स्टेशनों पर सीसीटीवी संबंधी स्पष्ट सूचना पट्ट लगाए जाएं तथा पैनिक बटन के उपयोग को लेकर जनजागरूकता बढ़ाई जाए।

    डॉ. गोऱ्हे ने यह भी कहा कि पीड़ित बालिकाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं, इसकी समीक्षा की जाए और आवश्यकता पड़ने पर परामर्श (काउंसलिंग) सुविधा उपलब्ध कराई जाए। असंगठित क्षेत्र की महिला कामगारों की सुरक्षा के लिए अलग योजना तैयार करने और उनके पंजीकरण हेतु विशेष ऐप विकसित करने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया।

    परिवहन विभाग ने जानकारी दी कि 633 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं और प्रत्येक बस स्टेशन पर सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति की गई है। स्कूल बसों में महिला सहायकों की नियुक्ति अनिवार्य की गई है तथा जल्द ही सभी बसों में सीसीटीवी, जीपीएस और पैनिक बटन प्रणाली अनिवार्य कर उसे पुलिस विभाग से जोड़ा जाएगा।

    पुलिस विभाग ने बताया कि स्कूल छुट्टी के समय गश्त बढ़ा दी गई है और प्रत्येक पुलिस चौकी में ‘भरोसा सेल’ सक्रिय है। साथ ही वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर की नियमित समीक्षा कर वास्तविक लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।

    बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक अश्वती दोर्जे, परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर, उपसचिव (स्कूली शिक्षा) तुषार महाजन, कामगार कल्याण आयुक्त भास्कर मोराडे, उपायुक्त (महिला एवं बाल कल्याण) राहुल मोरे, एसटी महामंडल के सुरक्षा एवं सतर्कता अधिकारी श्री तिकोटकर, शारदा साठे तथा स्त्री मुक्ती परिषद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    बैठक के अंत में प्रत्येक बस स्टेशन पर महिला कर्मचारियों की नियुक्ति कर अलग सहायता केंद्र शुरू करने, रेलवे और एसटी के लिए पृथक सतर्कता समितियां गठित करने तथा शौचालय और ‘हिरकणी कक्ष’ की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उपसभापति कार्यालय के माध्यम से स्वतंत्र महिला सुरक्षा समिति गठित कर सेफ्टी ऑडिट की सभी सिफारिशों को चरणबद्ध और कड़ाई से लागू किया जाएगा, ऐसा आश्वासन डॉ. गोऱ्हे ने दिया।

  • Holi Festival: कांदिवली की होली में महकी अवधी संस्कृति की खुश्बू

    Holi Festival: कांदिवली की होली में महकी अवधी संस्कृति की खुश्बू

    मुंबई: कांदिवली स्थित ठाकुर कॉम्प्लेक्स के एवेन्यू होटल प्रांगण में बुधवार को होली के पावन अवसर पर अवधी संस्कृति की अनूठी छटा देखने को मिली। आनंद जनसेवा संस्था द्वारा आयोजित होली (Holi Festival) स्नेह सम्मेलन मिलन समारोह में पारंपरिक फाग, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को रंगों और रस से सराबोर कर दिया।

    कार्यक्रम का संयोजन आनंद दुबे ने किया। इस अवसर पर फिल्म, कला, राजनीति, शिक्षा, चिकित्सा और व्यवसाय जगत की हस्तियों के साथ प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कई पत्रकार भी मौजूद रहे।

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    भोजपुरी के सुप्रसिद्ध लोकगायक सुरेश शुक्ला और उनकी टीम ने फागुन के अवधी गीतों से समां बांध दिया। लोकनृत्य और संगीत की रंगारंग प्रस्तुतियों ने होली के उत्सव को नई ऊंचाई दी। बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार दिलीप सेन की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।

    इस आयोजन में फ्रांस और दुबई से आए मेहमानों ने भी भारतीय संस्कृति और परंपराओं से सजी होली का भरपूर आनंद लिया। वरिष्ठ लेखक-पत्रकार शैलेंद्र श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया।

    गमछा लपेटे होली प्रेमियों ने फूलों की होली खेलकर उत्सव को पारंपरिक रंग दिया। अवधी और भोजपुरी संगीत की महफिल देर तक सजी रही। संयोजक आनंद दुबे ने स्वयं भक्ति गीत, लोकगीत, नृत्य और मिमिक्री प्रस्तुत कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। पश्चिमी मुंबई उपनगर में आयोजित यह सांस्कृतिक उत्सव आकर्षण का केंद्र रहा और अवधी संस्कृति की महक से कांदिवली की होली खास बन गई।

  • Patrakar Vikas Sangh: रंग, रिश्ते और राग में डूबा ‘पत्रकार विकास संघ’ का 18वां लिट्टी-चोखा स्नेह मिलन

    Patrakar Vikas Sangh: रंग, रिश्ते और राग में डूबा ‘पत्रकार विकास संघ’ का 18वां लिट्टी-चोखा स्नेह मिलन

    मुंबई। होली (Holi Festival) रंग, रिश्ते और राग में डूबा ‘पत्रकार विकास संघ’ का 18वां लिट्टी-चोखा स्नेह मिलन) की पूर्व संध्या पर रविवार को मालाड पश्चिम स्थित ब्रह्मा महेश ग्राउंड के विशाल प्रांगण में ‘पत्रकार विकास संघ’(Patrakar Vikas Sangh) का 18वां लिट्टी-चोखा एवं स्नेह मिलन समारोह पूरे शबाब पर नजर आया। रंगों के पर्व से ठीक पहले आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल स्वाद का रंग जमाया, बल्कि संवाद, सौहार्द और सांस्कृतिक एकता की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसकी गूंज देर तक सुनाई देती रही।

    संघ के प्रमुख सलाहकार सुनील कुमार सिंह, अध्यक्ष आनंद मिश्र और महासचिव अजय सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस आयोजन में राजनीति, कला, साहित्य, पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक विशिष्ट अतिथियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। अन्य प्रमुख सलाहकार अमरजीत मिश्र, अभय मिश्र और शैलेंद्र श्रीवास्तव ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

    कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धांजलि से हुई। संघ के प्रमुख सलाहकार सुनील सिंह की माताजी श्रीमती चंपादेवी मंगलाप्रसाद सिंह के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद श्री गणेश की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।

    सांस्कृतिक संध्या में सुप्रसिद्ध लोकगायक सोनू सिंह सुरीला और लोकगायिका रीना अग्रवाल ने सुमधुर लोकगीतों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। भजन, लोकगीत और होली के पारंपरिक गीतों पर श्रोताओं ने तालियों की गूंज से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। कवि रवि यादव, अल्हड़ असरदार और कमलेश पांडे ‘तरुण’ ने अपनी काव्य रचनाओं से माहौल को साहित्यिक रंग भी दिया। भोज की बात करें तो ठेठ सात्विक उत्तर भारतीय व्यंजन लिट्टी-चोखा ने सबका मन मोह लिया। ताजे मटर से बने निमोना-भात और गर्मागर्म जलेबी का स्वाद लोगों ने बड़े चाव से लिया। पारंपरिक स्वाद और आत्मीय आतिथ्य ने इस स्नेह मिलन को खास बना दिया।

    इस अवसर पर विद्या ठाकुर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकार समाज को जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं और ऐसे आयोजन आपसी समन्वय को मजबूत करते हैं। संजय उपाध्याय ने कहा कि पत्रकार विकास संघ के नियमित कार्यक्रम सामाजिक समरसता को बल देते हैं। पूर्व सांसद संजय निरुपम ने अपने पत्रकारिता अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन करना आसान नहीं होता, इसके लिए अथक परिश्रम की आवश्यकता होती है, और संघ के पदाधिकारियों ने सराहनीय कार्य किया है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वाभिमान के संपादक अश्विनी कुमार दुबे, कानूनी सलाहकार गिरीश मिश्रा, मुरारी सिंह, समीउल्लाह खान, शिवलाल यादव, विपुल मीनावाला, देवांश मिश्रा, भानुप्रकाश मिश्र, अरविंद सिंह, श्रीश उपाध्याय, आलम पठान, प्रदीप धीवार, इकबाल ममदानी, गौरी टेंबकर, रंजीत सिंह श्रीनेत, विशाल सिंह, विक्रम जाधव, अर्जुन कांबळे, धर्मेंद्र पांडेय, राजेश उपाध्याय, वसीम हैदर, संदीप आशर, सईद अहमद खान, मनीष पाठक, संतोष पांडेय, राजीव सिंह, अभिषेक पांडेय, चेतन महोबिया, सचिन शर्मा, अब्दुल चौधरी के अलावा तुफैल खान, वसंत रसीवासिया, रविन्द्र द्विवेदी, रजनीकांत उपाध्याय, जगजीत सिंह, सय्यद इरफान, प्रशांत मिश्र, सीजू पाण्डेय, दिनेश गुप्ता, निशांत सिंह, युवराज सिंह, राकेश द्विवेदी, सुनील तिवारी, सगीर सलमानी, शिवलाल यादव, दुर्गा यादव आदि विशेष सहयोगी थे। कवि रवि यादव, अल्हड़ असरदार, कमलेश पांडे ‘तरुण’ आदि ने अपनी रचनाएं सुनाईं। यह स्नेह मिलन समारोह पत्रकारों के आपसी संवाद, एकता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने वाला एक यादगार आयोजन साबित हुआ।

    इसके अलावा भाजपा, शिवसेना (उबाठा), राकांपा, कांग्रेस सहित विभिन्न दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, कलाकार और पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार शैलेंद्र श्रीवास्तव और अमर त्रिपाठी ने प्रभावशाली अंदाज में किया। अध्यक्ष आनंद मिश्र और महासचिव अजय सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संघ की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।

  • Gulf Tension:खाड़ी में जंग की आहट: अमेरिका-इजराइल को सख्त संदेश, हिंद महासागर में भारत की गर्जना

    Gulf Tension:खाड़ी में जंग की आहट: अमेरिका-इजराइल को सख्त संदेश, हिंद महासागर में भारत की गर्जना

    नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में भड़की जंग की आंच अब सीधे समुद्र की लहरों तक पहुंच चुकी है। अमेरिका और इजराइल की आक्रामक रणनीतियों के बीच ईरान के साथ बढ़ते टकराव ने पूरे क्षेत्र को बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है। लेकिन इस बार भारत ने साफ संकेत दे दिया है—उसके नागरिकों और उसके समुद्री हितों को कोई आंख उठाकर नहीं देख सकता।

    ओमान की खाड़ी में भारतीय नौसेना का अत्याधुनिक युद्धपोत INS Surat तैनात है। यह महज एक जहाज नहीं, बल्कि हिंद महासागर में भारत की बढ़ती सामरिक ताकत का ऐलान है। हालात बिगड़ते ही यह पोत सीधे राहत और निकासी अभियान में कूद सकता है—और जरूरत पड़ी तो जवाबी ताकत दिखाने में भी सक्षम है।

    https://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/0/0e/INS_Surat%2C_INS_Nilgiri_and_INS_Vaghsheer_at_the_Naval_Dockyard_in_Mumbai.jpg
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    https://iasgyan.sgp1.digitaloceanspaces.com/images/INS_SURAT.jpg

    करीब 163 मीटर लंबा और 7400 टन वजनी आईएनएस सूरत 30 नॉटिकल मील प्रति घंटे की रफ्तार से समुद्र चीर सकता है। इसमें 32 मीडियम रेंज सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और 16 ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइलें तैनात हैं। आधुनिक रडार, पनडुब्बी रोधी रॉकेट और टॉरपीडो सिस्टम इसे किसी भी चुनौती के लिए तैयार रखते हैं।

    भारतीय नौसेना की ‘मिशन डेप्लॉयमेंट’ रणनीति के तहत Strait of Hormuz, Gulf of Aden और Suez Canal से जुड़े अहम समुद्री मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ये वही रास्ते हैं जिनसे भारत का बड़ा समुद्री व्यापार गुजरता है। अगर इन पर खतरा(tension) मंडराया, तो उसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।

    साफ है—भारत इस बार मूकदर्शक नहीं है। अगर क्षेत्रीय तनाव की आड़ में कोई ताकत भारतीय हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करती है, तो जवाब सिर्फ कूटनीतिक नहीं, सामरिक भी हो सकता है। संदेश स्पष्ट है: भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और समुद्री व्यापार से समझौता नहीं होगा।

    मध्य-पूर्व में बढ़ती सियासी और सैन्य हलचल के बीच हिंद महासागर में भारत की मौजूदगी अब सिर्फ रणनीति नहीं, बल्कि एक स्पष्ट चेतावनी भी है।