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  • Mumbai News : मुंबई से बांग्लादेशियों को बाहर करने के बयान पर मचा सियासी घमासान, रितू तावडे के बयान पर संजय राउत का पलटवार

    Mumbai News : मुंबई से बांग्लादेशियों को बाहर करने के बयान पर मचा सियासी घमासान, रितू तावडे के बयान पर संजय राउत का पलटवार

    क्या मोदी सरकार ने बांग्लादेश में टूटे हिंदू मंदिरों के पुनर्निर्माण के लिए करोड़ों की मदद दी?:शिवसेना (यूबीटी)

    मुंबई। मुंबई महानगरपालिका के महापौर (Mumbai Mayor) पद के लिए भाजपा ने रितू तावडे को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। 11 फरवरी को होने वाले महापौर चुनाव में उनके निर्विरोध चुने जाने की संभावना जताई जा रही है। उम्मीदवार घोषित होने के साथ ही रितू तावडे के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, जिस पर शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

    रितू तावडे ने कहा है कि वे मुंबई के हर नागरिक के लिए काम करना चाहती हैं। उनका दावा है कि मुंबईकर टैक्स (Mumbaikar Tax) देने वाला, जागरूक और संवेदनशील नागरिक है, लेकिन आज उसे फुटपाथ और सड़कों पर चलने तक की पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में फुटपाथ और सड़कों पर अतिक्रमण की बड़ी वजह बांग्लादेशी और रोहिंग्या हैं। तावडे के मुताबिक, यदि मुंबई को सुरक्षित रखना है, तो इन लोगों को शहर से बाहर करना उनकी प्राथमिकता होगी।

    इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कटाक्ष किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने बांग्लादेश में तोड़े गए हिंदू मंदिरों को बनाने के लिए सीधे “केंद्र सरकार की तरफ से करोड़ों रुपये की सहायता” देने का कोई आधिकारिक प्रावधान यूनियन बजट 2026-27 में नहीं किया है।

    वास्तव में, इस बजट में भारत ने बांग्लादेश को दी जाने वाली विदेशी मदद की राशि पहले के 120 करोड़ रुपये से घटाकर लगभग 60 करोड़ रुपये कर दी है, जो पिछले साल की तुलना में आधी है। यह बजट प्रावधान बांग्लादेश की सहायता के सामान्य विदेशी विकास सहयोग के रूप में है और उसमें किसी विशिष्ट धार्मिक स्थल की मरम्मत या मंदिर निर्माण जैसे प्रोजेक्ट का उल्लेख नहीं है। इस सहायता कटौती को दोनों देशों के बीच रिश्तों में तनाव और वहां चल रही अन्य परिस्थितियों के बीच एक आर्थिक निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।

    महापौर चुनाव से पहले इस बयानबाज़ी ने मुंबई की राजनीति को गरमा दिया है। जहां भाजपा शहर की सुरक्षा और अतिक्रमण को बड़ा मुद्दा बना रही है, वहीं विपक्ष इस मुद्दे को केंद्र सरकार की नीतियों से जोड़ते हुए भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगा रहा है।

  • Medical Help :हजारों फीट की ऊंचाई पर ‘देवदूत’ बना मेडिकल छात्र, विमान में यात्री की बचाई जान

    Medical Help :हजारों फीट की ऊंचाई पर ‘देवदूत’ बना मेडिकल छात्र, विमान में यात्री की बचाई जान

    नालासोपारा। आसमान में उड़ते विमान(Fight) के भीतर अचानक एक यात्री की तबीयत बिगड़ गई। चक्कर, सांस लेने में दिक्कत और तेजी से गिरती ब्लड शुगर ने हालात को बेहद गंभीर बना दिया। हजारों फीट की ऊंचाई पर जब हर पल कीमती था, तब एक मेडिकल छात्र(Medical Help By Student) यात्री के लिए किसी देवदूत से कम साबित नहीं हुआ। पालघर जिले के वेदांत मेडिकल कॉलेज (Vedant Medical College) के अंतिम वर्ष के छात्र और वसई निवासी डॉ. आर्यन लोलयेकर ने अपनी सूझबूझ और साहस से उस यात्री की जान बचा ली।

    यह घटना 3 फरवरी को गोवा से मुंबई जा रहे इंडिगो एयरलाइंस के विमान में हुई। दोपहर 3:50 बजे दाबोली एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद एक सहयात्री को अचानक सांस लेने में तकलीफ होने लगी। जांच में पता चला कि उसके रक्त में शुगर का स्तर तेजी से गिर रहा था। हालात बिगड़ते देख विमान के क्रू मेंबर्स ने तुरंत घोषणा की—“क्या विमान में कोई डॉक्टर है?”

    घोषणा सुनते ही एमबीबीएस के अंतिम वर्ष में पढ़ रहे डॉ. आर्यन लोलयेकर बिना एक पल गंवाए आगे आए। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए विमान में उपलब्ध आपातकालीन(Emergency) ऑक्सीजन सिलेंडर की मदद से यात्री को कृत्रिम श्वसन देना शुरू किया। करीब 45 मिनट बाद विमान मुंबई में सुरक्षित उतरा, जहां इंडिगो के ग्राउंड स्टाफ ने मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।

    डॉ. आर्यन की तत्परता से यात्री की हालत स्थिर हो गई। विमान में मौजूद यात्रियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका आभार जताया। इस अनुभव को साझा करते हुए डॉ. आर्यन ने कहा, “यात्री की हालत देखकर एक पल को डर जरूर लगा, लेकिन मेडिकल शिक्षा ने मुझे हिम्मत दी। अगर समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलता, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। एक जान बचा सका, यही सबसे बड़ा संतोष है।”

    इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सही समय पर लिया गया फैसला और सेवा का जज्बा किसी की जिंदगी बचा सकता है।

  • Bombay High Court: तेज़ न्याय के लिए हाईकोर्ट सख्त, 2,800 न्यायिक अधिकारियों की भर्ती पर मांगा ‘ब्लूप्रिंट’

    Bombay High Court: तेज़ न्याय के लिए हाईकोर्ट सख्त, 2,800 न्यायिक अधिकारियों की भर्ती पर मांगा ‘ब्लूप्रिंट’

    मुंबई। राज्य की निचली अदालतों में न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मंजूर किए गए 2,800 से अधिक नए न्यायिक अधिकारियों की भर्ती को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट(Bombay High Court) ने कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि नागरिकों को तेज़ और प्रभावी न्याय देना है, तो राज्य सरकार के साथ-साथ हाईकोर्ट प्रशासन को भी तत्काल और ठोस कदम उठाने होंगे। इसी क्रम में हाईकोर्ट प्रशासन को भर्ती प्रक्रिया की विस्तृत ‘ब्लूप्रिंट’ योजना अदालत के सामने पेश करने को कहा गया है।

    न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल की खंडपीठ ने कहा कि अदालत को इस बात की पूरी समझ है कि न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया किसी निश्चित समय-सीमा में बांधना आसान नहीं है। लेकिन ‘तेज़ न्याय’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हाईकोर्ट प्रशासन और विधि एवं न्याय विभाग से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरी भर्ती प्रक्रिया हाईकोर्ट और महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) के माध्यम से प्रभावी ढंग से लागू की जानी चाहिए।

    याचिका में क्या है मामला

    ये निर्देश वैजनाथ वझे द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दिए गए। याचिका में राज्य की न्याय व्यवस्था में लंबे समय से खाली पड़े पदों का मुद्दा उठाते हुए उन्हें तत्काल भरने की मांग की गई है। इससे पहले की सुनवाई में अतिरिक्त सरकारी वकील प्रियभूषण काकड़े ने अदालत को 6 फरवरी 2024 के सरकारी निर्णय की जानकारी दी थी। इसके अनुसार राज्य में 2,863 न्यायिक अधिकारियों के पदों को मंजूरी दी गई है। साथ ही 1,164 न्यायालयीन कर्मचारियों और 5,803 संविदा कर्मियों के नए पद भी सृजित किए गए हैं।

    भर्ती प्रक्रिया समय लेने वाली

    28 जनवरी की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने रिक्त पदों की ओर ध्यान दिलाते हुए तत्काल भर्ती की मांग की थी। इस पर खंडपीठ ने कहा कि भले ही पदों को मंजूरी मिल चुकी हो, लेकिन उनकी भर्ती महाराष्ट्र न्यायिक सेवा नियम, 2008 के अनुसार ही करनी होगी। नियुक्ति और पदोन्नति की प्रक्रिया में उम्मीदवारों की पात्रता और योग्यता का मूल्यांकन जरूरी होता है, जिससे यह प्रक्रिया स्वाभाविक रूप से समय लेने वाली बन जाती है।

    हालांकि, अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि नई मंजूरियों के बाद भर्ती को किस तरह अंजाम दिया जाएगा, इसका विस्तृत और व्यावहारिक ब्लूप्रिंट पेश करना अनिवार्य है। हाईकोर्ट के इस सख्त रुख को न्यायिक व्यवस्था में लंबित मामलों के बोझ को कम करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

  • Maharashtra Politics: विधान परिषद की जंग में उद्धव ठाकरे की अग्निपरीक्षा, महायुति के आगे MVA की रणनीति होगी निर्णायक

    Maharashtra Politics: विधान परिषद की जंग में उद्धव ठाकरे की अग्निपरीक्षा, महायुति के आगे MVA की रणनीति होगी निर्णायक

    मुंबई(Mumbai) में एक बार फिर सत्ता संतुलन की लड़ाई तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सहित विधान परिषद के नौ सदस्यों का कार्यकाल समाप्ति की ओर है। ऐसे में सबसे बड़ा राजनीतिक(Political) सवाल यही है कि क्या उद्धव ठाकरे दोबारा विधान परिषद का टिकट हासिल कर पाएंगे या नहीं। बदले हुए संख्याबल ने महाविकास आघाड़ी (MVA) के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं, जबकि भाजपा-महायुति मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है।

    मई 2020 में जिन नौ नेताओं को निर्विरोध(unopposed) विधान परिषद में भेजा गया था, उस समय राजनीतिक समीकरण अलग थे। तब MVA को पांच और भाजपा को चार सीटें मिली थीं। अब तस्वीर उलट है। विधानसभा में महायुति के पास करीब 235 विधायकों का संख्याबल है, जबकि MVA के पास माकपा और शेकाप को मिलाकर मात्र 48 विधायक हैं। दो सीटें रिक्त हैं और यदि मई से पहले इन पर उपचुनाव हो जाता है, तो सभी 288 विधायक विधान परिषद चुनाव में वोट डालेंगे।

    विधान परिषद चुनाव से पहले सात सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव होना है। संख्याबल के हिसाब से MVA को एक ही राज्यसभा सीट मिलने की संभावना है। ऐसे में तय माना जा रहा है कि गठबंधन के भीतर सीटों को लेकर समझौता करना पड़ेगा—एक दल को राज्यसभा और दूसरे को विधान परिषद से संतोष करना होगा।

    भाजपा के लिए भी यह चुनाव आसान नहीं है। मौजूदा चार विधान परिषद सदस्यों में से तीन अब विधानसभा में पहुंच चुके हैं, जिससे नए चेहरों को मौका देने का दबाव बढ़ेगा। वहीं, सोलापुर की राजनीति में हुए हालिया घटनाक्रम के बाद रणजीतसिंह मोहिते पाटील को लेकर भाजपा का फैसला राजनीतिक संकेत देने वाला होगा।

    उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद छोड़ते समय विधान परिषद से इस्तीफा देने की घोषणा जरूर की थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। अब सवाल यह है कि क्या वे स्वयं फिर से विधान परिषद जाने के इच्छुक हैं और क्या MVA उनके नाम पर सहमति बना पाएगी। यदि उद्धवसेना राज्यसभा की सीट पर कांग्रेस या शरद पवार गुट के उम्मीदवार को समर्थन देती है, तो इसे उद्धव ठाकरे के विधान परिषद जाने का स्पष्ट संकेत माना जाएगा।

    आने वाले दिनों में राज्यसभा और विधान परिषद दोनों चुनावों ने महाराष्ट्र की राजनीति को निर्णायक मोड़ पर ला खड़ा किया है। समझौते, रणनीति और उम्मीदवार चयन—तीनों मोर्चों पर फैसले तय करेंगे कि सत्ता संतुलन किसके पक्ष में झुकेगा।

  • Railway News: बेंगलुरु–मुंबई प्रीमियम ट्रेन सेवा जल्द शुरू, कर्नाटक को रेलवे बजट में रिकॉर्ड निवेश

    Railway News: बेंगलुरु–मुंबई प्रीमियम ट्रेन सेवा जल्द शुरू, कर्नाटक को रेलवे बजट में रिकॉर्ड निवेश

    बेंगलुरु: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को बताया कि बेंगलुरु से मुंबई के लिए प्रीमियम ट्रेन(Premium Train) सेवा बहुत जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक को इस वर्ष के रेलवे बजट में 7,748 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जो कांग्रेस नेतृत्व वाली पिछली सरकार के आवंटन से लगभग नौ गुना अधिक है।

    रेल मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य में रेलवे का कुल निवेश अब 52,950 करोड़ रुपए तक पहुँच गया है। बड़े पैमाने पर इस निवेश में रेल पटरियों का दोहरीकरण, स्टेशन पुनर्विकास, सुरक्षा, घोषणाएं, बेंगलुरु उपनगरीय क्षेत्र और कई नई परियोजनाएं शामिल हैं।

    अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कई खंडों का दोहरीकरण किया जा रहा है, और जल्द ही नई ट्रेन सेवाएँ भी उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विद्युतीकरण के लिए परीक्षण और प्रमाणन प्रक्रिया चल रही है, और जैसे ही यह पूरी होगी, विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।

    भूमि अधिग्रहण को लेकर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकार की सहमति लेने का प्रयास लगातार कर रही है, क्योंकि भूमि का अधिकार राज्य सरकार के पास है। उन्होंने सभी परियोजनाओं में सहकारी संघवाद की भूमिका पर जोर दिया और कहा कि उनका उद्देश्य जनता और राज्यों के हित में काम करना है।

    रेल मंत्री ने यह भी कहा कि के-राइड के प्रबंध निदेशक नियुक्त होने के बाद बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना में प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि अब डिजाइन तैयार हैं और निविदा दस्तावेज़ भी तैयार कर लिए गए हैं।

    यशवंतपुर-कोलार लाइन को लेकर उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पहले अपनी सहमति वापस ले ली थी, लेकिन बेंगलुरु के विकास और बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार राज्य से पुनः सहमति लेने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु की क्षमता को दोगुना करना आवश्यक है और इसके लिए अधिक रेलवे लाइनें बनाना जरूरी हैं।

  • Business News: स्टैंडर्ड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी लिमिटेड का मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, तीसरी तिमाही में शानदार ग्रोथ

    Business News: स्टैंडर्ड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी लिमिटेड का मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, तीसरी तिमाही में शानदार ग्रोथ

    मुंबई: स्टैंडर्ड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी लिमिटेड, पूर्व में स्टैंडर्ड ग्लास लाइनिंग टेक्नोलॉजी लिमिटेड, ने वित्त वर्ष(Financial Year) 2026 की तीसरी तिमाही(Quarter) और नौ महीने के नतीजे घोषित किए, जो कंपनी के स्ट्रेटेजिक ग्रोथ, वित्तीय मजबूती और लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएशन को दर्शाते हैं।

    वित्त वर्ष 2026 के नौ महीनों में कंपनी की कुल आय 562 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 23.6% अधिक है। एबिटडा 102 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 11.9% की बढ़ोतरी हुई और एबिटडा मार्जिन 18.2% दर्ज किया गया। प्रॉफिट बिफ़ोर टैक्स (पीबीटी) 83 करोड़ रुपये और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 62 करोड़ रुपये रहा।

    तीसरी तिमाही के दौरान कुल आय 196 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 37.1% अधिक है। एबिटडा 34 करोड़ रुपये और PAT 20 करोड़ रुपये रहा, जिसमें क्रमशः 17.0% और 28.3% की बढ़ोतरी हुई।

    कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर नागेश्वर राव कंदुला ने कहा, “हमने सफलतापूर्वक इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग प्लेटफॉर्म में खुद को विकसित किया है और अपने ग्लास-लाइनिंग व्यवसाय को भी तेजी से आगे बढ़ाया है। हमारा ध्यान तकनीकी नेतृत्व और शेयरधारकों के लिए निरंतर मूल्य सृजन पर केंद्रित है।”

    स्टैंडर्ड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी लिमिटेड ने इस तिमाही में औपचारिक रूप से अपना नाम बदलकर वर्तमान नाम अपनाया। कंपनी अब उच्च-प्रिसिशन, इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य कर रही है, जो जटिल और मल्टी-डिसिप्लिनरी प्रोजेक्ट्स को अवधारणा से लेकर संचालन तक पूरा करने में सक्षम है।

    कंपनी का मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और रणनीतिक विस्तार इसे लंबी अवधि में सतत मूल्य सृजन के लिए तैयार करता है।

  • Chain Snaching: ‘धूम’ स्टाइल में महिला के गले से सोने की चेन छीनी, फरार हुए आरोपी

    Chain Snaching: ‘धूम’ स्टाइल में महिला के गले से सोने की चेन छीनी, फरार हुए आरोपी

    भिवंडी: ठाणे-नाशिक हाईवे पर एक चौंकाने वाली घटना हुई, जिसमें दो अज्ञात बाइक सवारों ने महिला के गले से सोने की चेन छीनी((Chain snaching)) और फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, आर्या आशीष पातकर (34, निवासी कल्याण) 5 फरवरी की रात करीब पौने दस बजे अपने पति के साथ बाइक से ठाणे-नाशिक हाईवे होकर घर लौट रही थीं।

    इसी दौरान, पीछे से आए दो अज्ञात बाइक सवारों में से एक ने आर्या पातकर के गले से 1 लाख 50 हजार रुपये मूल्य की सोने की चेन जबरन छीनी और नाशिक की ओर भाग निकले।

    इस मामले में कोनगांव पुलिस स्टेशन में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और स्थानीय लोगों से भी किसी जानकारी के लिए संपर्क करने का अनुरोध किया गया है।

  • ATM Fraud: बुजुर्ग मजदूर से 56 हजार रुपये की ठगी, पुलिस जांच में जुटी

    ATM Fraud: बुजुर्ग मजदूर से 56 हजार रुपये की ठगी, पुलिस जांच में जुटी

    भिवंडी(Bhiwandi): शहर में एटीएम धोखाधड़ी(ATM Fraud) का एक और मामला सामने आया है। 65 वर्षीय बुजुर्ग मजदूर मंगला राम माने के खाते से अज्ञात आरोपी ने चालाकी से 56 हजार रुपये निकाल लिए। घटना की जानकारी मिलने पर भिवंडी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, मंगला राम माने रात करीब 8:05 बजे अपनी बेटी रेखा के साथ ताडाली-कामतघर रोड स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम में पैसे निकालने गए थे। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने मशीन में छेड़छाड़ कर उनका कार्ड फंसा दिया। बाद में आरोपी ने किसी तरह पिन नंबर हासिल कर कार्ड अपने कब्जे में ले लिया और खाते से कुल 56 हजार रुपये निकाल लिए। घटना हनुमान नगर गेट के पास रघुवंश देशी बार के सामने स्थित एटीएम की बताई जा रही है।

    भिवंडी पुलिस ने मजदूर की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 2023 की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। जांच सहायक पुलिस निरीक्षक विशाल पवार कर रहे हैं।

  • Crime News:भिवंडी के शांतीनगर में चुनावी रंजिश ने हिंसक मोड़ लिया, युवक पर चाकू से हमला

    Crime News:भिवंडी के शांतीनगर में चुनावी रंजिश ने हिंसक मोड़ लिया, युवक पर चाकू से हमला

    भिवंडी (Bhiwandi): शहर में चुनावी रंजिश ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया। शांतीनगर इलाके में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुए विवाद में 27 वर्षीय सैवाज साजीद अंसारी पर चाकू से हमला किया गया। पुलिस ने इस घटना के संबंध में सात नामजद आरोपियों और दो अज्ञात महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है, लेकिन फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

    पुलिस के अनुसार, 5 फरवरी की शाम करीब 5:30 बजे सैवाज साजीद अंसारी गौसिया मस्जिद के पास आयाज सैलून के सामने खड़ा था। इसी दौरान चुनाव से जुड़ी किसी खबर को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया।

    आरोप है कि रिहान सुलतान अंसारी ने सैवाज के सिर के पिछले हिस्से पर चाकू से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, रिजवान अंसारी और गुफरान अंसारी ने उसे पकड़कर रखा। इब्राहिम अंसारी पर जान से मारने के लिए उकसाने का आरोप है, जबकि फरहान अंसारी ने लकड़ी के डंडे से पीठ और पैरों पर हमला किया।

    सुलतान अंसारी पर गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप है। इसके अलावा कमरूनिशा कासिमअली अंसारी और दो अज्ञात महिलाओं ने शिकायतकर्ता के परिजनों—काका चुड्डूम अंसारी और चचेरी बहनों नायमा व इनम्मा अंसारी—के साथ मारपीट की।

    पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक विक्रम उदमले कर रहे हैं।

  • Sadak Suraksha Abhiyan:  सड़क सुरक्षा अभियान के तहत नारपोली यातायात विभाग ने दुपहिया चालकों को बांटे हेलमेट

    Sadak Suraksha Abhiyan: सड़क सुरक्षा अभियान के तहत नारपोली यातायात विभाग ने दुपहिया चालकों को बांटे हेलमेट

    भिवंडी।
    सड़क दुर्घटनाओं में हो रही लगातार बढ़ोतरी और दुपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नारपोली यातायात विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा अभियान (Sadak Suraksha Abhiyan) के तहत हेलमेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान के अंतर्गत 50 दुपहिया वाहन चालकों को निःशुल्क हेलमेट वितरित किए गए।

    कार्यक्रम का आयोजन नारपोली यातायात शाखा के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ज्ञानेश्वर साबले के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान सहायक पुलिस निरीक्षक शैलेंद्र म्हात्रे और पुलिस उपनिरीक्षक एस.बी. महाले ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने और सुरक्षित ड्राइविंग के महत्व के बारे में जागरूक किया।

    पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में दुपहिया वाहन चालकों की मौत का प्रमुख कारण हेलमेट न पहनना है। यदि समय पर सुरक्षा उपाय अपनाए जाएं, तो कई जानें बचाई जा सकती हैं।

    इस अवसर पर किसान संगठन के राजू पाटिल, टेम्पो एवं रिक्शा चालक संगठन के प्रतिनिधि, विभिन्न परिवहन संस्थाओं के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

    कार्यक्रम को सफल बनाने में यातायात शाखा के पुलिस कर्मी नितिन लहारे और उनके सहयोगियों ने विशेष भूमिका निभाई। यातायात विभाग ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।