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  • Mayor Election 2026: भिवंडी के पूर्व महापौर विलास पाटील को मिली अंतरिम जमानत; महापौर चुनाव में नया मोड़

    Mayor Election 2026: भिवंडी के पूर्व महापौर विलास पाटील को मिली अंतरिम जमानत; महापौर चुनाव में नया मोड़

    भिवंडी: कोणार्क विकास अघाड़ी के पूर्व महापौर विलास पाटील और उनके बेटे पार्षद मयूरेश पाटील को शनिवार को भिवंडी कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। जमानत मिलने के बाद महापौर पद के चुनाव (Mayor Election) में प्रतिस्पर्धा और भी तेज हो गई है।

    भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका चुनाव के बाद कोणार्क विकास अघाड़ी के पूर्व महापौर विलास पाटील और भाजपा विधायक महेश चौगुले के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस मामले में निजामपुरा पुलिस स्टेशन में दोनों गुटों के लगभग 51 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस एफआईआर में विलास पाटील और उनके बेटे मयूरेश पाटील का नाम भी शामिल था।

    शनिवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने विलास पाटील और मयूरेश पाटील को राहत देते हुए उनकी अग्रिम जमानत मंजूर कर ली। इनके साथ ही कोणार्क विकास अघाड़ी के कुल 23 लोगों को जमानत मिली। वहीं, भाजपा विधायक के 3 समर्थकों को भी जमानत मिली। कुल मिलाकर 26 लोगों को भिवंडी कोर्ट से राहत मिली है।

    इस बीच, शुक्रवार को भाजपा की ओर से नारायण चौधरी के नाम की आधिकारिक घोषणा महापौर पद के लिए की गई थी। हालांकि, इस घोषणा के बाद भाजपा पार्षद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल पाटील के भतीजे सुमित पाटील ने अपनी नाराजगी जाहिर की, जिससे पार्टी में दो गुट बन गए हैं।

    विलास पाटील के चुनावी मैदान में सक्रिय होने और भाजपा के आंतरिक मतभेदों के कारण महापौर पद की जंग काफी दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण हो गई है। इससे पहले कोणार्क विकास अघाड़ी ने सिर्फ़ छह सीटें होने के बावजूद कांग्रेस में फूट डालकर महापौर पद पर कब्ज़ा किया था। अब अग्रिम जमानत मिलने के बाद पार्टी की बढ़ती सक्रियता और शहर में मची आपसी कलह का फायदा उठाकर समीकरण बदल सकती है, जो शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • Bhiwandi Haj Yatri: हज यात्रियों के लिए विशेष टीकाकरण अभियान शुरू, 700 से अधिक जायरीन लाभान्वित

    Bhiwandi Haj Yatri: हज यात्रियों के लिए विशेष टीकाकरण अभियान शुरू, 700 से अधिक जायरीन लाभान्वित

    भिवंडी (Bhiwandi)।
    मुस्लिम धर्म की पवित्र हज यात्रा पर जाने वाले जायरीन की सेहत और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका के चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांच अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत अब तक जिले के 700 से अधिक हज यात्रियों (Bhiwandi Haj Yatri) को आवश्यक रोग-प्रतिरोधक टीके लगाए जा चुके हैं।

    भिवंडी ऐसा एकमात्र केंद्र है, जहाँ पिछले चार वर्षों से हज यात्रियों के लिए लगातार यह विशेष टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है। इस सुविधा का लाभ केवल भिवंडी शहर के ही नहीं, बल्कि भिवंडी ग्रामीण, कल्याण, मुंब्रा और ठाणे से आने वाले हज यात्री भी उठा रहे हैं।

    शुक्रवार से शुरू हुए इस अभियान में अब तक कुल 702 हज यात्रियों का टीकाकरण किया जा चुका है। यह अभियान अगले दो दिनों तक जारी रहेगा। फार्मासिस्ट आसिफ अंसारी के अनुसार, आने वाले दिनों में करीब 300 और हज यात्रियों के टीकाकरण की उम्मीद है।

    इस अभियान को सफल बनाने के लिए चिकित्सा अधिकारी डॉ. आयशा, फार्मासिस्ट आसिफ अंसारी, पंकज सिंह, राजश्री दाभाडे सहित नर्सिंग स्टाफ की पूरी टीम विशेष मेहनत कर रही है।

    प्रशासनिक टीम ने बताया कि,

    “हज यात्रियों की सेहत और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले के अलग-अलग हिस्सों से जायरीन यहां आकर टीकाकरण करवा रहे हैं, जो इस केंद्र की विश्वसनीयता और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को दर्शाता है।”

    भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका की ओर से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी हज यात्रियों को समय पर आवश्यक टीके, प्राथमिक स्वास्थ्य जांच और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे सुरक्षित और स्वस्थ हज यात्रा पूरी कर सकें।

  • Open Pathshala: चर्चगेट के गार्डन बने बोर्ड परीक्षा की खुली पाठशाला

    Open Pathshala: चर्चगेट के गार्डन बने बोर्ड परीक्षा की खुली पाठशाला

    Mumbai News: मुंबई के चर्चगेट इलाके में इन दिनों एक अलग ही नज़ारा देखने को मिल रहा है। एसएससी और एचएससी बोर्ड की आगामी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राएं घरों और कोचिंग क्लासेस से बाहर निकलकर गार्डन में पढ़ाई (Open Pathshala) करते नजर आ रहे हैं। किताबें, नोट्स और प्रश्नपत्रों के साथ पेड़ों की छांव में बैठे ये छात्र शांत माहौल में एक-दूसरे के साथ चर्चा करते हुए पढ़ाई कर रहे हैं।

    छात्रों का कहना है कि गार्डन का खुला और शांत वातावरण पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाता है और लंबे समय तक बैठकर पढ़ने में मदद करता है। कई अभिभावक भी इसे सकारात्मक पहल मान रहे हैं, जहां बच्चे मोबाइल और अन्य ध्यान भटकाने वाली चीज़ों से दूर रहकर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं।

    बोर्ड परीक्षाओं का दबाव झेल रहे इन छात्रों के लिए चर्चगेट का गार्डन न केवल पढ़ाई की जगह बन गया है, बल्कि मानसिक तनाव कम करने का भी एक ज़रिया साबित हो रहा है।

  • The Freedom Trail Mumbai: मुंबई का फ्रीडम ट्रेल खुद आज़ादी को तरस रहा, आज़ादी के रास्ते पर हॉकर्स का कब्ज़ा

    The Freedom Trail Mumbai: मुंबई का फ्रीडम ट्रेल खुद आज़ादी को तरस रहा, आज़ादी के रास्ते पर हॉकर्स का कब्ज़ा

    मुंबई। भारत की आज़ादी की कहानी को ज़मीन पर उतारने वाला मुंबई का ‘फ्रीडम ट्रेल’(Mumbai Freedom Trail) आज खुद बेबसी की तस्वीर बन चुका है। जिस ऐतिहासिक पैदल मार्ग को देश के स्वतंत्रता संग्राम, खासकर अगस्त क्रांति मैदान (ग्वालिया टैंक) से जुड़े Quit India Movement की स्मृति को संजोने के लिए विकसित किया गया था, वही ट्रेल आज हॉकर्स, अतिक्रमण और अव्यवस्था का शिकार है।

    आजादी के नायकों की विरासत को दर्शाने वाला यह क्यूरेटेड वॉकिंग रूट आज भी हॉकर्स से आज़ाद नहीं हो पाया है। जगह-जगह ठेले, अस्थायी दुकानें और अवैध कब्ज़े न सिर्फ पैदल यात्रियों की राह रोक रहे हैं, बल्कि इस ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।

    विडंबना यह है कि जिस रास्ते ने देश को “अंग्रेज़ों भारत छोड़ो” का नारा दिया, उसी रास्ते पर आज नागरिकों को चलने की आज़ादी तक नहीं मिल रही। पर्यटक, इतिहास प्रेमी और स्थानीय नागरिक—सभी को संकरे रास्तों, भीड़ और गंदगी से जूझना पड़ता है। सूचना पट्टिकाएं, विरासत चिन्ह और गाइडेड साइनबोर्ड कई जगह हॉकर्स के पीछे छिप चुके हैं।

    नगर निगम और प्रशासन ने फ्रीडम ट्रेल को सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत के रूप में विकसित करने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों को आईना दिखा रही है। सवाल यह है कि जब मुंबई स्मार्ट सिटी, हेरिटेज सिटी और टूरिज़्म हब बनने की बात करती है, तो क्या उसकी आज़ादी की सबसे बड़ी कहानी को यूं ही अतिक्रमण के हवाले छोड़ दिया जाएगा?

    आज ज़रूरत इस बात की है कि फ्रीडम ट्रेल को सिर्फ इतिहास की निशानी नहीं, बल्कि सच में ‘फ्री’ बनाया जाए।

    अगर यही हाल रहा, तो आने वाली पीढ़ियां आज़ादी की कहानी किताबों में पढ़ेंगी—और मुंबई में उसका रास्ता तलाशती रह जाएंगी।

  • PM E-Bus Service Scheme:महाराष्ट्र में पीएम-ई-बस सेवा योजना कागज़ों तक सीमित, एक भी ई-बस सड़क पर नहीं उतरी: सांसद वर्षा गायकवाड़

    PM E-Bus Service Scheme:महाराष्ट्र में पीएम-ई-बस सेवा योजना कागज़ों तक सीमित, एक भी ई-बस सड़क पर नहीं उतरी: सांसद वर्षा गायकवाड़

    मुंबई। केंद्र की मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना (PM E-Bus Service Scheme) महाराष्ट्र में अब तक केवल कागज़ों तक ही सीमित दिखाई दे रही है। इस योजना के तहत राज्य के 22 शहरों के लिए 1,609 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 1,411 बसों के लिए टेंडर भी जारी हो चुके हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक एक भी ई-बस प्रत्यक्ष सेवा में शामिल नहीं हुई है।

    यह जानकारी कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ द्वारा लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने दी है। सांसद वर्षा गायकवाड़ ने महाराष्ट्र में पीएम-ई-बस सेवा योजना के वास्तविक क्रियान्वयन को लेकर सरकार को घेरा और योजना की प्रगति पर गंभीर सवाल उठाए।

    उन्होंने पूछा कि महाराष्ट्र में इस योजना के अंतर्गत कितने शहर शामिल हैं, कितनी इलेक्ट्रिक बसों को अब तक मंजूरी दी गई है, कितनी बसों के लिए निविदाएं निकाली गई हैं और कितनी बसें वास्तव में सेवा में आई हैं। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या केंद्र सरकार ने राज्य में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बस डिपो की तैयारी और बिजली की उपलब्धता की पर्याप्त समीक्षा की है या नहीं, और इस योजना से यात्रियों को वास्तविक रूप से क्या लाभ मिलने वाला है।

    केंद्र सरकार की ओर से नगर विकास मंत्रालय ने लिखित जवाब में बताया कि पीएम-ई-बस सेवा योजना के तहत ‘बिहाइंड-द-मीटर’ (BTM) इलेक्ट्रिकल और सिविल डिपो इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 370.49 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इनमें से अब तक 200.18 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

    मंत्रालय के अनुसार, इस योजना के तहत प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन कमेटी (PMEC) और सेंट्रल स्टियरिंग एंड अप्रूवल कमेटी (CSAC) के माध्यम से राज्यों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जाता है। पीएम-ई-बस सेवा योजना का उद्देश्य देश के 100 से अधिक शहरों में 10,000 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें शुरू करना है, ताकि शहरी परिवहन को स्वच्छ, स्मार्ट और समावेशी बनाया जा सके।

    इस योजना में 3 से 40 लाख आबादी वाले शहरों, 3 लाख से कम आबादी वाले राज्यों की राजधानियों तथा पूर्वोत्तर और पर्वतीय क्षेत्रों की राजधानियों को शामिल किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे छोटे शहरों और उन इलाकों में रहने वाले यात्रियों को बड़ा लाभ मिलेगा, जहां संगठित बस सेवा उपलब्ध नहीं है।

    हालांकि, सांसद वर्षा गायकवाड़ ने महाराष्ट्र में अब तक एक भी ई-बस के सेवा में न आने को लेकर योजना के जमीनी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े किए हैं और इसे सरकार की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न बताया है।

  • Mahatma Jyotiba Phule : तेलंगाना में महात्मा फुले की प्रतिमा तोड़ने की कोशिश निंदनीय, मनुवादी भाजपा का कड़ा विरोध: सचिन सावंत

    Mahatma Jyotiba Phule : तेलंगाना में महात्मा फुले की प्रतिमा तोड़ने की कोशिश निंदनीय, मनुवादी भाजपा का कड़ा विरोध: सचिन सावंत

    हैदराबाद/मुंबई।
    कांग्रेस नेता और तेलंगाना प्रभारी सचिन सावंत ने तेलंगाना के तेल्लापूर इलाके में महात्मा ज्योतिबा फुले(Mahatma Jyotiba Phule) की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे भाजपा की “अत्यंत विषाक्त राजनीति” करार देते हुए इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की है।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर जारी बयान में सचिन सावंत ने कहा कि जिस तरह भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा महात्मा फुले की प्रतिमा तोड़ने का प्रयास किया गया, वह पूरी तरह से निषेधार्ह और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले वही महान समाज सुधारक हैं जिन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज को ‘कुळवाडी भूषण’ की उपाधि दी और उनकी ऐतिहासिक समाधि की खोज का कार्य किया।

    सचिन सावंत ने आरोप लगाया कि भाजपा एक तरफ छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर राजनीति करती है, वहीं दूसरी तरफ महात्मा फुले के विचारों और प्रतीकों का विरोध कर रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “ज्योतिबा फुले को शिवरायों से अलग नहीं किया जा सकता। जो लोग यह कोशिश कर रहे हैं, उन्हें न तो शिवराय समझ आए हैं और न ही फुले का विचार।”

    कांग्रेस नेता ने भाजपा को मनुवादी सोच वाली पार्टी बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक समरसता और महापुरुषों के सम्मान पर सीधा हमला हैं। उन्होंने भाजपा की इस मानसिकता का खुला और सार्वजनिक विरोध करने का आह्वान किया।

  • Thane News: तुर्भे में युवती से छेड़छाड़, आदतन आरोपी संदीप तीर्थे गिरफ्तार

    Thane News: तुर्भे में युवती से छेड़छाड़, आदतन आरोपी संदीप तीर्थे गिरफ्तार

    नवी मुंबई (Thane News)।
    तुर्भे इलाके में एक युवती से छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। तुर्भे स्टोर परिसर में रहने वाले संदीप तीर्थे पर आरोप है कि उसने जनवरी 2026 में तुर्भे रेलवे स्टेशन परिसर में युवती का पीछा करते हुए अश्लील हरकतें कीं और उसकी मर्यादा को ठेस पहुंचाई।

    पीड़िता जब घर जाने के लिए शेयरिंग ऑटोरिक्शा का इंतजार कर रही थी, तब आरोपी ने उसका पीछा करते हुए “मैं तुम्हें पसंद करता हूं” जैसे आपत्तिजनक शब्द कहे। इसके बाद 5 फरवरी 2026 की शाम करीब 7:30 बजे आरोपी ने दोबारा युवती को परेशान किया। ऑटोरिक्शा में अन्य कोई यात्री मौजूद न होने का फायदा उठाकर आरोपी ने “शुभांगी, तुम मेरे पास आकर बैठो” कहते हुए जबरन नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश की, जिससे युवती भयभीत हो गई।

    घटना के बाद युवती ने पूरी जानकारी अपने पिता को दी। जब परिजन आरोपी से पूछताछ करने के लिए पावणे नाका परिसर पहुंचे, तो आरोपी ने युवती के भाई के साथ हाथापाई कर मारपीट भी की।

    इस मामले में तुर्भे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी संदीप तीर्थे को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से ही एपीएमसी पुलिस स्टेशन और तुर्भे पुलिस स्टेशन में कई मामले दर्ज हैं।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आरोपी की दहशत के कारण इलाके में भय का माहौल बना हुआ है। उस पर फर्जी शिकायतें दर्ज कर लोगों को ब्लैकमेल करने के भी आरोप हैं। फिलहाल तुर्भे पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि उसने इससे पहले और कितनी युवतियों को इसी तरह परेशान किया है।

  • (Thane News)ठाणे में 11वें संस्कृति आर्ट फेस्टिवल का भव्य उद्घाटन, ढोल-मृदंग की थाप पर निकली शोभायात्रा और कला-संगीत के रंग में रंगा शहर

    (Thane News)ठाणे में 11वें संस्कृति आर्ट फेस्टिवल का भव्य उद्घाटन, ढोल-मृदंग की थाप पर निकली शोभायात्रा और कला-संगीत के रंग में रंगा शहर

    ठाणे (Thane News)। ठाणे शहर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को समर्पित 11वें संस्कृति आर्ट फेस्टिवल का भव्य उद्घाटन उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। फेस्टिवल की शुरुआत छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। उद्घाटन समारोह में ठाणे की महापौर शर्मिला पिंपलोलकर, उपमहापौर कृष्णा पाटिल, ठाणे पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे और ठाणे मनपा आयुक्त सौरभ राव सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

    इस वर्ष संस्कृति आर्ट फेस्टिवल का थीम ‘कला संगमाची विट्ठलवारी’ रखा गया है। ढोल की थाप और मृदंग की मधुर धुनों के बीच विठ्ठल भक्ति से ओत-प्रोत भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसने पूरे शहर को भक्तिरस में डुबो दिया। शोभायात्रा के दौरान प्रस्तुत किए गए पारंपरिक मर्दानी खेल दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। इस भव्य आयोजन को ठाणेकरों से जबरदस्त प्रतिसाद मिला।

    उपवन तालाब परिसर की ठंडी हवा और विठुमौली की भक्तिमय वातावरण के बीच प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित आनंद भाटे की मधुर आवाज़ ने संध्या को और भी यादगार बना दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पंढरपुर की अनुभूति ठाणे में साकार हो गई हो।

    इस अवसर पर दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजितदादा पवार की स्मृति को सम्मान देते हुए फेस्टिवल के आर्ट हॉल का नाम उनके नाम पर रखा गया और उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

    फेस्टिवल के दौरान देश-विदेश में ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। इनमें मशहूर कथक नृत्यांगना मंजरी देव, प्रसिद्ध अभिनेत्री और भरतनाट्यम कलाकार सुधा चंद्रन, ओडिसी नृत्यांगना सुजाता महापात्रा और भरतनाट्यम कलाकार दीपक मजूमदार प्रमुख रूप से शामिल हैं।

    संस्कृति आर्ट फेस्टिवल न केवल कला, नृत्य और संगीत का संगम है, बल्कि यह ठाणे की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त मंच भी बन चुका है।

  • Thane News:ज़िला परिषद ठाणे में ‘सप्तरंग महोत्सव 2026’ का आयोजन, GPF ऐप लॉन्च

    Thane News:ज़िला परिषद ठाणे में ‘सप्तरंग महोत्सव 2026’ का आयोजन, GPF ऐप लॉन्च

    ठाणे(Thane News)। ज़िला परिषद ठाणे के अधिकारियों और कर्मचारियों की छिपी प्रतिभा को मंच देने के उद्देश्य से ‘सप्तरंग महोत्सव 2026’ का आयोजन किया गया। यह सांस्कृतिक कार्यक्रम तलावपाली स्थित गडकरी रंगायतन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन ज़िला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रंजीत यादव ने किया। इस अवसर पर GPF ऐप का भी शुभारंभ किया गया।

    मुख्य कार्यकारी अधिकारी रंजीत यादव ने कहा कि ‘सप्तरंग महोत्सव’ अधिकारियों और कर्मचारियों की रचनात्मक प्रतिभा को सामने लाने का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। उन्होंने सभी से उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल बनाने में सहायक होते हैं।

    कार्यक्रम के दौरान ज़िला परिषद के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कला, संस्कृति और मनोरंजन से जुड़ी अपनी प्रतिभा प्रस्तुत की। रंजीत यादव ने उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी अविनाश फड़तरे सहित इस कार्यक्रम की संकल्पना और सफल आयोजन के लिए सभी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई दी।

    ‘सप्तरंग महोत्सव 2026’(Saptrang Mahotsav 2026) के माध्यम से ज़िला परिषद ने यह संदेश दिया कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ रचनात्मकता और सांस्कृतिक गतिविधियां भी कर्मचारियों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाती हैं।

  • Thane News-बालकुम में ट्रैफिक दबाव 80% तक बढ़ा, सिस्टम सीमित: विधायक संजय केलकर

    Thane News-बालकुम में ट्रैफिक दबाव 80% तक बढ़ा, सिस्टम सीमित: विधायक संजय केलकर

    ठाणे(Thane)। बालकुम इलाके में तेजी से बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के मुकाबले ट्रैफिक व्यवस्था सीमित रहने से नागरिकों की परेशानियां और दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। इसी को लेकर ठाणे के विधायक संजय केलकर ने पुराने मुंबई–आगरा रोड का निरीक्षण कर ट्रैफिक विभाग, मनपा और एमएमआरडीए अधिकारियों के साथ मौके पर चर्चा की और जरूरी सुधारों को समयबद्ध तरीके से लागू करने के सख्त निर्देश दिए।

    बालकुम में पीरामल वैकुंठ, दोस्ती वेस्ट काउंटी, रुनवाल गार्डन सिटी, कल्पतरु और लोढ़ा अमारा जैसे बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के कारण आबादी और वाहनों में करीब 80 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है, लेकिन ट्रैफिक सिस्टम में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इससे पैदल यात्रियों, वाहन चालकों और खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों व गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    विधायक केलकर ने बताया कि सड़क के दोनों ओर स्कूल, मनपा का स्वास्थ्य केंद्र और प्रसूति अस्पताल होने के बावजूद सुरक्षित क्रॉसिंग की व्यवस्था नहीं है। भारी वाहनों की आवाजाही से जाम और हादसों की आशंका बनी रहती है। उन्होंने चौक पर सिग्नल प्रणाली लगाने और सड़क चौड़ीकरण जैसे उपायों पर तुरंत अमल करने का सुझाव दिया।

    निरीक्षण के दौरान ट्रैफिक विभाग(Traffic Department) के वरिष्ठ निरीक्षक सोंडे, मनपा के अधिशासी अभियंता संजय कदम और एमएमआरडीए के अभियंता रितेश पाटिल सहित अन्य अधिकारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।