Tag: Civic Issues

  • Allegations of Illegal Construction: खेती की जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप, परिवर्तन संघटना ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग!

    Allegations of Illegal Construction: खेती की जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप, परिवर्तन संघटना ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग!

    Allegations of Illegal Construction: सामाजिक संगठन परिवर्तन संघटना ने खेती के लिए आरक्षित जमीन पर किए गए कथित अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। संगठन की ओर से पालघर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर संबंधित भूमि के सातबारा (7/12) की जांच कराने तथा नियमों के तहत कार्रवाई करने की अपील की गई है।

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    परिवर्तन संघटना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह के नेतृत्व में महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष मंगेश कांबळे द्वारा दिए गए निवेदन में बताया गया है कि वरसई तालुका अंतर्गत गावठण पर्डी नंबर 2, तुलिंज स्थित कृषि भूमि पर कथित रूप से अवैध निर्माण कर जमीन के उपयोग में बदलाव किया गया है। संगठन का आरोप है कि जमीन पर कब्जेदार ही अवैध चांदी बनाकर बेच रहा है, जो शासन के नियमों के विपरीत है और प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप कर कार्रवाई करनी चाहिए।

    ज्ञापन में कहा गया है कि कृषि भूमि का गैरकानूनी उपयोग किसानों के हितों के खिलाफ है तथा इससे शासन की नीतियों का उल्लंघन हो रहा है। संगठन ने संबंधित जमीन की प्रत्यक्ष जांच कर अवैध निर्माण दर्ज करने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में ज्ञापन की प्रतिलिपि तहसीलदार कार्यालय, वरसई जिला पालघर को भी भेजी गई है। परिवर्तन संघटना ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की अपेक्षा जताई है।

  • Waste Disposal Plant: कचरा निस्तारण संयंत्र लगाए जाने के प्रस्ताव का विरोध जारी!

    Waste Disposal Plant: कचरा निस्तारण संयंत्र लगाए जाने के प्रस्ताव का विरोध जारी!

    Waste Disposal Plant: राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर विधानसभा क्षेत्र के नरसिंहपुरा बारानी गांव में सरकार द्वारा श्री गंगानगर शहर के लिए ठोस कचरा निस्तारण संयंत्र लगाये जाने के प्रस्ताव को लेकर स्थानीय लोगों में तीव्र विरोध अब भी जारी है। यह पूरा इलाका वन्यजीवों से समृद्ध है और यहां के लोग गौ रक्षा और वन्यजीव संरक्षण के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं।

    नरसिंहपुरा गौ रक्षा दल के संयोजक मैसी चौधरी ने सोमवार को बताया कि जहां एक ओर उनके गौ रक्षा दल के युवा पिछले चार-पांच वर्षों से दिन-रात बेजुबान जीवों की सेवा में लगे हुए हैं, वहीं उसी स्थान पर कचरा संयंत्र लगाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि नरसिंहपुरा की गोविंद गौ धाम केवल एक गौशाला नहीं बल्कि लाखों बेजुबान जीवों की आशा का केंद्र है।

    यहां घायल, बीमार और बेसहारा पशुओं का इलाज किया जाता है। सड़क पर छोड़े गये कई जानवरों को यहां नई जिंदगी मिलती है। गौ रक्षा दल 70-80 किलोमीटर तक फ्री एम्बुलेंस सेवा प्रदान करके सैकड़ों वन्यजीवों की जान बचा चुका है। युवा दल बिना किसी स्वार्थ के दिन-रात, गर्मी-सर्दी में घायल जानवरों की मदद के लिए तैयार रहते हैं।

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    चौधरी ने कहा कि ठोस कचरा निस्तारण संयंत्र के खिलाफ स्थानीय लोग पिछले 40 दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। वे प्रशासन से आग्रह कर रहे हैं कि इस संवेदनशील क्षेत्र में संयंत्र न लगाया जाये। सबसे बड़ी चिंता एलएनपी नहर को लेकर है, जो इस जगह के पास से बहती है और 50-60 गांवों की सिंचाई एवं पेयजल व्यवस्था इससे जुड़ी हुई है।

    महाराजा गंगासिंह द्वारा बनायी गयी इस नहर को प्रदूषण से बचाने की मांग की जा रही है। इस मामले पर जिला कलेक्टर डॉ अमित यादव ने आज स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार कचरा निस्तारण केंद्र नरसिंहपुर बारानी में ही लगाया जाएगा और जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पास वाली गौशाला को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

    यादव ने यह भी बताया कि संयंत्र शहर से करीब 32 किलोमीटर दूर है, लेकिन फिलहाल इस क्षेत्र के अलावा कोई अन्य उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं है। कहीं और भूमि मिलती तो वहां संयंत्र स्थापित किया जाता। स्थानीय लोग विकास का समर्थन करते हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि यह विकास पर्यावरण, वन्यजीवों और गौशालाओं की कीमत पर न हो। इस मुद्दे पर प्रशासन से वैकल्पिक स्थान की तलाश करने का आग्रह किया जा रहा है।

  • Shramjeevi Sanghatana Protest: भिवंडी तहसीलदार कार्यालय के सामने श्रमजीवी संगठन का धरना आंदोलन!

    Shramjeevi Sanghatana Protest: भिवंडी तहसीलदार कार्यालय के सामने श्रमजीवी संगठन का धरना आंदोलन!

    Shramjeevi Sanghatana Protest: आजादी के इतने वर्षों बाद भी आदिवासी समाज के कई परिवार आधार कार्ड, राशन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र और जाति प्रमाणपत्र जैसी मूलभूत दस्तावेजी सुविधाओं से वंचित हैं। इसी मुद्दे को लेकर श्रमजीवी संगठन की ओर से भिवंडी तहसीलदार कार्यालय के बाहर जोरदार धरना आंदोलन किया गया।

    लगातार पत्र-व्यवहार और शिकायतों के बावजूद प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई न किए जाने से नाराज कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने तहसील कार्यालय के बाहर कड़कती धूप में बैठकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। आंदोलन का नेतृत्व जिला उपाध्यक्ष सागर देसक ने किया।

    धरने में प्रकाश राउत, जया पारधी, गुलाब म्हसकर, जयेश पाटिल, विश्वनाथ पासारी और तानाजी लहांगे सहित बड़ी संख्या में श्रमजीवी संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों को आवश्यक प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराए जाते, तब तक वे आंदोलन जारी रखेंगे।

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    जिला उपाध्यक्ष सागर दसक ने आरोप लगाया कि कई आदिवासी और कातकरी परिवारों के पास जन्म प्रमाणपत्र तक उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में आधार कार्ड और राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती, जिसके कारण ये परिवार सरकारी योजनाओं और नागरिक सुविधाओं से पूरी तरह वंचित रह जाते हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रशासन को ऐसे परिवारों के लिए विशेष शिविर आयोजित कर तत्काल पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए, ताकि जरूरतमंद लोगों को उनके मूलभूत अधिकार मिल सकें। आंदोलनकारियों का कहना था कि दस्तावेजों के अभाव में गरीब और आदिवासी परिवार शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं के लाभ से लगातार दूर होते जा रहे हैं।

    धरना प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित परिवारों को आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य आवश्यक प्रमाणपत्र नहीं सौंपे जाते, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

  • Bhiwandi Road Repair: बरसात से पहले भिवंडी की सड़कों के गड्ढों की मरम्मत, नालों और शहर में इकट्ठा कचरे की हो सफाई!

    Bhiwandi Road Repair: बरसात से पहले भिवंडी की सड़कों के गड्ढों की मरम्मत, नालों और शहर में इकट्ठा कचरे की हो सफाई!

    Bhiwandi Road Repair: समाजवादी पार्टी भिवंडी जिला अध्यक्ष अनस अंसारी ने भिवंडी मनपा महापौर नारायण चौधरी को एक लिखित निवेदन पत्र देकर मांग करते हुए बताया है कि बरसात का मौसम आने वाला है और भिवंडी शहर के पुराना आगरा रोड और साई बाबा से लेकर कल्यान रोड, आगरा रोड कल्यान नाका से अंजूर फाटा रोड, बंजार पट्टी से लेकर चाबिंन्द्रा रोड, बंजार पट्टी नाका से लेकर शिवाजी चौक , तीन बत्ती , दीवान शाह रोड, दर्गाह रोड, आदि क्षेत्रों में रोड पर बडे बडे जान लेवा गड्ढे है इन गड्डों के कारण तमाम जान लेवा ऐक्सीडेन्ट होते रहते है।

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    रोड पर गड्ढे होने के कारण बारिश में जल जमाव होता है। रास्ता चलने वाले राह गीरों के उपर कीचड ऊडता है । रोड पर आने जाने वाले लोगों को भारी कठिनाई का सामना करना पडता है । इसी तरह भिवंडी शहर में फलाई ओबर ब्रिज पर जल निकासी के लिए तमाम जगहों  पर पाईप टूट गया है। उन सभी पाईप को तत्काल प्रभाव से बारिश से पहले ठीक कराया जाय।

    जिससे बारिश में नागरिकों को आने जाने में रास्ते पर गंदा पानी व कीचड किसी के उपर ना गिरे । राहगीरो को बारिश में रोड पर चलने में कोई कठिनाई न हो। भिवंडी शहर के सभी क्षेत्रों के नालों की साफ सफाई कराई जाय , जो भी गटर टूटे हुये है उनकी मरम्मत कराई जाय और साफ सफाई कराई जाय।

  • Bhayandarpada Illegal mini-mall: घोडबंदर रोड के भायंदरपाड़ा में खड़ा हुआ अवैध मिनी मॉल; “इसका आका कौन?” — पूछ रही है ठाणे की जनता!

    Bhayandarpada Illegal mini-mall: घोडबंदर रोड के भायंदरपाड़ा में खड़ा हुआ अवैध मिनी मॉल; “इसका आका कौन?” — पूछ रही है ठाणे की जनता!

    Bhayandarpada Illegal mini-mall: ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र में अवैध निर्माणों का जाल फैलने का गंभीर आरोप लगाया जा रहा है। घोडबंदर रोड स्थित भायंदरपाड़ा इलाके में खड़े किए गए कथित अवैध मिनी मॉल को लेकर सूचना के अधिकार के तहत चौंकाने वाली जानकारी सामने आने का दावा किया जा है। “पालिका प्रशासन आखिर किसके दबाव में चुप बैठा है? इस अवैध मिनी मॉल का आका कौन है?” ऐसा सीधा सवाल ठाणे करो ने उठाया है।

    ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र की सरकारी जमीनें, वन विभाग की जमीनें, गुरुचरण भूमि तथा नागरिक सुविधाओं के लिए आरक्षित भूखंड भू-माफियाओं, बिल्डरों और कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से गायब किए जा रहे हैं। कई स्थानों पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध इमारतें, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और मिनी मॉल खड़े किए गए हैं, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

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    जनता दावा किया कि ठाणे शहर, कळवा, मुंब्रा, दिवा, घोडबंदर, कासार वडवली, वागळे इस्टेट, माजिवडा और मानपाडा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सरकारी और वन विभाग की जमीनों पर कब्जे किए गए हैं। कुछ राजनीतिक नेताओं ने खुद जमीनों पर कब्जा किया, जबकि कुछ जगहों पर अपने करीबी लोगों को इमारतें बनाने के लिए संरक्षण दिया गया।

    “अवैध निर्माण करने वालों, सरकारी जमीन हड़पने वालों, उन्हें संरक्षण देने वाले राजनीतिक नेताओं, पालिका अधिकारियों और बिल्डरों के खिलाफ सबूतों के साथ कड़ी कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी,” ऐसा इशारा भी ठाणे की जनता ने दिया। सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर बड़ा खुलासा होने की संभावना से संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है।

    इस बीच, नागरिकों की जान जोखिम में डालने वाले अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करने में प्रशासन विफल साबित हो रहा है। नागरिकों द्वारा यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि “पालिका प्रशासन के आखिर किन लोगों से आर्थिक संबंध हैं?” अब इन गंभीर आरोपों के बाद महाराष्ट्र शासन और संबंधित एजेंसियां क्या कार्रवाई करती हैं, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

  • Mumbra Water Reservoirs: मुंब्रा के जलकुंभ बदहाल, पानी बचाने के नारों के बीच रिसाव और गंदगी से लोग परेशान!

    Mumbra Water Reservoirs: मुंब्रा के जलकुंभ बदहाल, पानी बचाने के नारों के बीच रिसाव और गंदगी से लोग परेशान!

    Mumbra Water Reservoirs: मुंब्रा पाणी पुरवठा विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर, टूटी टंकियां और फटी पाइप लाइन से हजारों लीटर पानी बर्बाद। मुंब्रा में पानी संकट को लेकर समय-समय पर आंदोलन और राजनीति करने वाले नेताओं के दावों के बीच पाणी पुरवठा विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। जिस जल भंडारण केंद्र से हजारों नागरिकों के घरों तक पानी पहुंचाया जाता है, वहीं की टंकियों की हालत बेहद खराब और चिंताजनक दिखाई दे रही है। स्थानीय निरीक्षण के दौरान देखा गया कि पानी स्टोर करने वाली बड़ी टंकियों के लोहे के ढक्कन पूरी तरह जर्जर और सड़े हुए हैं।

    कई जगहों पर ढक्कन टूट चुके हैं, जिससे टंकी के अंदर सीधे धूल-मिट्टी और गंदगी जा रही है। सबसे हैरानी की बात यह है कि टंकियों के आसपास किसी प्रकार का सुरक्षा कवच या जाली तक मौजूद नहीं है, जिससे चूहे या छोटे जानवर आसानी से अंदर गिर सकते हैं। आसपास फैली गंदगी को देखकर यह आशंका भी जताई जा रही है कि अब तक कई चूहे या अन्य जानवर टंकियों में गिर चुके होंगे। सवाल यह उठता है कि क्या इसी गंदे और असुरक्षित सिस्टम का पानी मुंब्रा की जनता पीने को मजबूर है? इतना ही नहीं, पाणी पुरवठा विभाग के कार्यालय परिसर में भी भारी गंदगी देखी गई।

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    विभाग की सफाई व्यवस्था पूरी तरह लचर नजर आई, जबकि यही विभाग जनता को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने का दावा करता है। वहीं दूसरी ओर, विभाग के बाहर मुख्य पाइप लाइन पिछले कई महीनों से टूटी हुई बताई जा रही है। पाइप लाइन से लगातार बड़ी मात्रा में पानी बहकर बर्बाद हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक इसकी मरम्मत करना जरूरी नहीं समझा। विडंबना यह है कि शहर में पानी को लेकर आंदोलन करने वाले कई नेता और सामाजिक कार्यकर्ता इस टूटे पाइप लाइन और हजारों लीटर बर्बाद हो रहे पानी को शायद देख नहीं पा रहे हैं।

    जनता सवाल पूछ रही है कि आखिर आंदोलन सिर्फ कैमरों तक सीमित हैं या वास्तव में पानी बचाने की कोई गंभीर चिंता भी है? मुंब्रा के नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की तत्काल जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और जल भंडारण केंद्र की सफाई, सुरक्षा तथा टूटी पाइप लाइन की मरम्मत जल्द से जल्द कराई जाए।