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  • Bhiwandi Municipal Corporation: स्थायी समिति सभापति पद के लिए त्रिकोणीय मुकाबला, तीन प्रभाग समितियों में निर्विरोध चयन तय!

    Bhiwandi Municipal Corporation: स्थायी समिति सभापति पद के लिए त्रिकोणीय मुकाबला, तीन प्रभाग समितियों में निर्विरोध चयन तय!

    Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका में स्थायी समिति सभापति चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आगामी 14 मई को होने वाले चुनाव के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट), शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा की उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।

    वहीं पाँच प्रभाग समितियों में से तीन में सभापति पद पर निर्विरोध चयन लगभग तय माना जा रहा है। स्थायी समिति सभापति पद के लिए तीन महिला उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें ईशा इमरान खान राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट), अस्मिता प्रभुदास नाईक शिवसेना (शिंदे गुट) और गीता विठोबा नाईक भाजपा की ओर से चुनाव लड़ रही हैं।

    16 सदस्यीय स्थायी समिति में आंकड़ों का गणित काफी पेचीदा नजर आ रहा है। वर्तमान दलीय स्थिति में कांग्रेस के 5, भाजपा के 4, राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के 2, शिवसेना शिंदे गुट के 2, समाजवादी पार्टी का 1, कोणार्क विकास आघाड़ी का 1 और भिवंडी विकास आघाड़ी का 1 सदस्य शामिल है। ऐसे में सभापति पद के लिए छोटे दलों और निर्दलीय समर्थन की भूमिका अहम मानी जा रही है।

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    प्रभाग समितियों की बात करें तो प्रभाग समिति क्रमांक 1 में हसनेन इम्तियाज फारूकी, प्रभाग समिति क्रमांक 2 में तबस्सुम जाकिर बेग तथा प्रभाग समिति क्रमांक 4 में समीना मोहम्मद इमरान अंसारी के खिलाफ कोई अन्य नामांकन नहीं आने से उनका निर्विरोध चयन तय माना जा रहा है।

    वहीं प्रभाग समिति क्रमांक 3 में रंजीता मोहन कोंडा और संजय गणपत भोईर के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना है। प्रभाग समिति क्रमांक 5 में त्रिकोणीय संघर्ष देखने को मिल सकता है, जहां वैभव एकनाथ भोईर, रोमा नीलेश आलसी और अनाम तारिक अंसारी ने नामांकन दाखिल किया है। अब राजनीतिक दलों और समर्थकों की निगाहें 14 मई को होने वाले मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हुई हैं।

  • Bhiwandi Fraud: शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म, गर्भवती होने पर कराया गर्भपात, केस दर्ज!

    Bhiwandi Fraud: शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म, गर्भवती होने पर कराया गर्भपात, केस दर्ज!

    Bhiwandi Fraud: भिवंडी के कोनगांव क्षेत्र में शादी का झांसा देकर महिला से आरोपी ने लगातार दुष्कर्म किया। महिला के गर्भवती होने पर आरोप ने जबरन गर्भपात की गोली खिलाकर उसका गर्भपात करा दिया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वही दो महिलाओं ने दहेज के लिए ससुराल वालों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। बढ़ती शोषण व प्रताड़ना की घटना ने शहर में सनसनी फैला दिया है।

    पुलिस के अनुसार कल्याण इलाके में रहने वाली 27 वर्षीय महिला ने कोनगांव पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में बताया है कि उसके पहचान के वीरेन हसमुख पटेल(40) ने पहले महिला को अपने प्रेम जाल में फंसाया, फिर अपनी पत्नी को तलाक देकर उससे शादी करने का झांसा देकर 25 सितंबर 2024 से 21 अप्रैल 2026 के बीच लगातार उसे अपने हवस का शिकार बनाया। जिसके कारण वह गर्भवती हो गई।

    महिला का आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता के गर्भवती होने पर आरोपी ने गर्भपात की गोलियां खिलाकर उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भपात कराया। बाद में शादी की बात करने पर आरोपी ने पीड़िता और उसके परिवार के साथ मारपीट और गाली-गलौज की। जिसके बाद महिला ने 5 मई को कोनगांव पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कराया है जिसके बाद हरकत में आई पुलिस ने तत्काल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

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    वही दूसरी ओर भिवंडी शहर पुलिस स्टेशन में दो अलग-अलग महिलाओं ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। एक मामले में महिला ने आरोप लगाया कि पति और ससुराल वालों ने नई चार पहिया गाड़ी खरीदने के लिए 3 लाख रुपये की मांग की। मांग पूरी न होने पर मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक प्रताड़ना दी गई। साथ ही निकाह में मिले स्त्रीधन को भी अपने पास रख लिया।

    इस मामले में पति सहित छह लोगों पर दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया गया है। इसी तरह दूसरे मामले में महिला ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष ने कम दहेज लाने की बात कहकर 1 लाख रुपये की मांग की। पैसे नहीं देने पर मारपीट कर घर से निकाल दिया गया और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। दोनों मामलों में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • Farhan Azmi Assist Ravi Shirsat: बिस्तर पर पड़े निष्ठावान कार्यकर्ता के लिए फरहान आजमी ने बढ़ाया मदद का हाथ!

    Farhan Azmi Assist Ravi Shirsat: बिस्तर पर पड़े निष्ठावान कार्यकर्ता के लिए फरहान आजमी ने बढ़ाया मदद का हाथ!

    Farhan Azmi Assist Ravi Shirsat: समाजवादी पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता रवि शिरसाट पक्षाघात के कारण पिछले आठ महीनों से बिस्तर पर पड़े हैं। अचेत अवस्था में रवि का फिलहाल घर पर ही इलाज चल रहा है। इलाज का खर्च इतना अधिक हो गया कि उनके परिवार को अपना घर और टेम्पो तक बेचना पड़ा। हालांकि, आगे के इलाज के लिए अभी भी लाखों रुपयों की आवश्यकता है।

    जैसे ही यह बात समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव फरहान आजमी को पता चली, वे भैय्यासाहेब अंबेडकर नगर स्थित रवि शिरसाट के घर पहुँचे और उनके स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना। फरहान आजमी यहीं नहीं रुके, बल्कि उन्होंने रवि के आगे के इलाज के लिए मदद का हाथ भी आगे बढ़ाया है।

    इस दौरान उन्होंने कहा कि “पार्टी के काम और हर चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले कार्यकर्ता को पार्टी कभी अकेला नहीं छोड़ेगी। उनके इस कठिन समय में हम पूरी तरह उनके साथ हैं।” इसके साथ ही फरहान आजमी ने रवि शिरसाट के परिवार से भी आत्मीयता से बातचीत कर उनका ढांढस बँधाया।

  • BNCMC General Body Meeting: नाला सफाई और अवैध निर्माण पर कार्रवाई को लेकर भिवंडी नगर निगम की महासभा में भारी हंगामा!

    BNCMC General Body Meeting: नाला सफाई और अवैध निर्माण पर कार्रवाई को लेकर भिवंडी नगर निगम की महासभा में भारी हंगामा!

    BNCMC General Body Meeting: मानसून में अब केवल बीस दिन शेष हैं, लेकिन भिवंडी शहर में अभी तक नालों की सफाई का काम शुरू नहीं हो सका है। इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार (7 मई) को हुई भिवंडी महानगरपालिका की महासभा में नाला सफाई और अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के दौरान अधिकारियों की मिलीभगत के विषयों पर जमकर हंगामा हुआ। महासभा में नाला सफाई की निविदा प्रक्रिया को मंजूरी देने के साथ-साथ प्रभाग अधिकारियों की मनमानी, भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण पर कार्रवाई के बदले आर्थिक लेन-देन जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई।

    नाला सफाई में देरी पर प्रशासन को घेरा
    भाजपा पार्षद सुमित पाटिल ने प्रश्न उठाया कि जब मानसून सिर पर है, तो प्रशासन हर बार नाला सफाई में देरी क्यों करता है? क्या यह देरी ठेकेदारों को फायदा पहुँचाने के लिए की जा रही है? उन्होंने प्रशासन से इस विलंब का स्पष्टीकरण मांगा। वहीं, यशवंत टावरे ने सुझाव दिया कि नाला सफाई पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद स्थिति वैसी ही बनी रहती है।

    इसके बजाय यदि नगर निगम खुद के जेसीबी, पोकलेन और डंपर खरीद ले और साल भर नालों की सफाई करे, तो करोड़ों रुपये बचाए जा सकते हैं। पार्षद रोहित चौधरी ने कहा कि केवल बीस दिनों में ठेकेदार क्या काम कर पाएंगे, इसलिए ठेकेदारों को स्थानीय पार्षदों के निर्देशों के अनुसार काम करना चाहिए। कमलाकर पाटिल ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों के प्रशासक काल में देरी से हुई सफाई का खामियाजा जनता ने भुगता है, क्या इस बार भी वही गलतियाँ दोहराई जाएंगी? उन्होंने प्रभाग स्तर पर निगरानी समिति बनाने का सुझाव दिया।

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    अवैध निर्माण कार्रवाई के नाम पर वसूली का आरोप
    राष्ट्रवादी (शरद पवार) कांग्रेस के पार्षद फराज बाबा बहाउद्दीन ने महासभा में सनसनीखेज आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “शहर में अवैध निर्माण बड़े पैमाने पर बढ़ गए हैं। प्रभाग समिति क्रमांक 5 के प्रभाग अधिकारी सईद चिवणे, खतरनाक और अवैध इमारतों के बिल्डरों से 2 लाख रुपये, मरम्मत के नाम पर 3 लाख रुपये और गालाधारकों से 10 हजार रुपये की फिरौती वसूल रहे हैं।”

    पार्षद फराज के आरोपों पर प्रभाग अधिकारी सईद चिवणे ने जवाब देने की कोशिश की, लेकिन महासभा में कई पार्षदों ने उनके जवाबों को असंतोषजनक और टालमटोल वाला बताया। इस बहस से यह बात सार्वजनिक हो गई कि नगर निगम के अधिकारी अवैध निर्माणों की आड़ में किस तरह वसूली कर रहे हैं। फराज ने यह मांग भी की कि प्रभाग अधिकारियों को दी गई सरकारी गाड़ियाँ वापस ले लेनी चाहिए।

    जमीन खाली कराने का ‘उद्योग’
    शिवसेना (शिंदे गुट) के गुट नेता मनोज काटेकर ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के चलते किसी भी इमारत को ‘अति खतरनाक’ घोषित कर तुरंत गिरा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम अब भू-मालिकों को जमीन खाली करा के देने का “उद्योग” चला रहा है। काटेकर ने मांग की कि ऐसी इमारतों में ‘पगड़ी’ पर रहने वाले किरायेदारों को सुरक्षा देने के लिए उनका विधिवत पंचनामा किया जाना चाहिए।

  • Shikshan Kranti Sanghatan: जनगणना और बीएलओ कार्यों से परेशान शिक्षकों को ‘शिक्षण क्रांति संगठन’ की मांग से मिलेगी राहत!

    Shikshan Kranti Sanghatan: जनगणना और बीएलओ कार्यों से परेशान शिक्षकों को ‘शिक्षण क्रांति संगठन’ की मांग से मिलेगी राहत!

    Shikshan Kranti Sanghatan: मतदाता सूची पुनरीक्षण और जनगणना कार्यों के कारण शिक्षा पर अतिरिक्त काम का बोझ पड़ने से शिक्षक काफी परेशान हैं। उन्हें राहत दिलाने के लिए ‘शिक्षण क्रांति संगठन’ द्वारा दिए गए ज्ञापन के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारी के कक्ष में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जनगणना और बीएलओ ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

    इस बैठक में शिक्षण क्रांति संगठन के राज्य अध्यक्ष सुधीर देवराम घागस , राज्य संगठक आर.डी. पाटिल, महानगर जिला अध्यक्ष गजानन पाटिल जिला सचिव थॉमस शिनगारे और प्रशासन की ओर से प्रशासनिक अधिकारी भारत बोरनारे, विलास नंदनवार, विलास लिखारे सहित प्रभावित कर्मचारी उपस्थित थे।

    शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने के बाद प्रशासनिक अधिकारी भारत बोरनारे ने कहा कि कुछ मांगों को स्वीकार कर लिया गया है और शेष मांगों को नगर निगम आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत कर राहत देने का निर्णय लिया जाएगा। संगठन की मांग के अनुसार, मुख्याध्यापकों को जनगणना और बीएलओ कार्यों से मुक्त कर दिया गया है।

    संबंधित खबरें: Bhiwandi Municipal Corporation: बकरीद पर बली दिए गए जानवरों के अवयवों को नही उठायेंगे मनपा सफाईकर्मी!

    गंभीर बीमारियों से ग्रस्त और सेवानिवृत्ति में 6 महीने से कम समय शेष रहने वाले कर्मचारियों को इस काम से छूट दी जाएगी। कर्मचारियों को बीएलओ या जनगणना में से केवल एक ही काम दिया जाएगा। इस कार्य के लिए कर्मचारियों की कमी को देखते हुए स्व-सहायता स्कूलों के कर्मचारियों से भी यह कार्य करने का आह्वान किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी विभागों के कर्मचारियों को समान अनुपात में लिया जाएगा।

    संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा मानसिक प्रताड़ना दी गई या केस दर्ज करने की धमकी दी गई, तो धमकी देने वाले अधिकारियों के खिलाफ ही मामला दर्ज कराया जाएगा और काम का बहिष्कार किया जाएगा। संगठन ने मांग की है कि इन कार्यों में लगे सभी कर्मचारियों का 1 करोड़ रुपये का बीमा कराने के लिए जिलाधिकारी और सरकार से संपर्क किया जाए। साथ ही, इस कार्य के बदले मिलने वाला मानदेय सीधे कर्मचारियों के बैंक खाते में जमा किया जाना चाहिए।

  • Bhiwandi Municipal Corporation: बकरीद पर बली दिए गए जानवरों के अवयवों को नही उठायेंगे मनपा सफाईकर्मी!

    Bhiwandi Municipal Corporation: बकरीद पर बली दिए गए जानवरों के अवयवों को नही उठायेंगे मनपा सफाईकर्मी!

    Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी मनपा के सफाई कर्मचारी इस वर्ष बकरीद पर दिए जाने वाले जानवरों की कुर्बानी के बाद निकलने वाले बेस्टेज को नही हटायेंगे। उक्त घोषणा मनपा के सभी मजदूर यूनियनों ने महापौर व उपमहापौर के साथ हुए बैठक के दौरान हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर यूनियनों ने कहा है कि जो लोग जानवरों की बली देंगे,वही अब जानवरों के बेस्टेज को भी हटाए।इतना ही नही यूनियनों का कहना है हर दिन की तरह साफ सफाई का अन्य कार्य सफाई कर्मचारी ही करेंगे।मजदूर यूनियनों के इस निर्णय से मनपा प्रशासन के हाथ पाव फूल गए है।

    भिवंडी मनपा महापौर नारायण चौधरी व उपमहापौर तारिक मोमीन के साथ आगामी बकरीद को लेकर मनपा के 18 मजदूर यूनियनों के प्रतिनिधियों ने 5 मई को दोपहर एक बैठक का आयोजन किया गया था।जिसमें मनपा यूनियनों के प्रतिनिधियों ने सयुक्त रूप से बताया है कि आगामी 27 मई को बकरीद का त्यौहार शुरू हो रहा है।जो लगातार 29 तक चलेगा।जिसके मद्देनजर भिवंडी में बड़े पैमाने पर जानवरों की बली दी जानी है।जिसके बेस्टेज को मनपा सफाई कर्मचारियों द्वारा हटाया जाता है।हर वर्ष मनपा प्रशासन अतिसंवेदनशील शहर में लॉ एंड आर्डर का हवाला देकर उक्त कार्य सफाई कर्मचारियों से करवाती आ रही है।

    सफाई न करने पर कार्रवाई का धौंस देकर डराती है। लेकिन इस वर्ष भी मनपा सफाई कर्मचारी जानवरों की बली के बाद निकलने वाले बेस्तेज को नही हटाएंगे।यूनियनों का कहना है कि जो लोग जानवरों की बलि देंगे वही लोग उनके अवशेष को गोनी में भरकर कचरा गाड़ी में डाले,जिसके बाद मनपा सफाई कर्मी उसे उठाकर ले जायेगे।

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    साथ ही कुर्बानी सेंटर की पानी डालकर सफाई करने के साथ दवा का छिड़काव को करेंगे। यूनियनों ने हाईकोर्ट का हवाला देते हुए बताया है कि बकरीद को लेकर दायर जनहित याचिका के बाद 5 जुलाई 2022 को न्यायधीश एस के मेमन व एम एस कार्णिक ने कुर्बानी संबंधित निर्देश में बली देने वाले को बेस्टेज़ भी खुद हटाने का निर्देश दिया था।

    इधर महापौर नारायण चौधरी ने यूनियनों की बात सुनने के बाद भरोसा दिलाया कि यूनियनों द्वारा सफाई कर्मचारियों के हित में किए जा रहे मांग पर विचार किया जाएगा।उन्होंने कहा कि बकरीद से पहले मनपा आयुक्त के साथ बैठक कर इसको अमल में लाया जाएगा।इस दौरान भिवंडी म्युनिसिपल कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष राजेंद्र कबाड़ी,लेबर फ्रंट के अध्यक्ष संतोष चौहान,विकास निकम,चंद्रकांत सोनवाने,दीपक राव,भारत तांबे ,रविन्द्र गायकवाड़ व श्याम गायकवाड़,सुनील बांगर सहित सभी यूनियनों अध्यक्ष व सचिव इस बैठक में मौजूद थे।

  • Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी में अवैध मोबाइल टावरों के सामने लाचार मनपा प्रशासन, वसूली फिसड्डी!

    Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी में अवैध मोबाइल टावरों के सामने लाचार मनपा प्रशासन, वसूली फिसड्डी!

    Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी मनपा अंतर्गत लगे अवैध मोबाइल टॉवरों से टैक्स वसूली को लेकर प्रशासन लाचार साबित हो रहा है। शहर में विभिन्न कंपनियों के लगे 284 मोबाइल टावरों पर मनपा प्रशासन का तकरीबन 40 करोड़ रुपया टैक्स बकाया है।जिनसे प्रशासन न बकाया टैक्स की वसूली कर पा रही है न ही उन पर कार्रवाई कर पा रही है। क्योंकि मनपा नोटिस के बाद भी इस पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। जबकि मनपा आर्थिक कंगाली से जूझ रही है।

    भिवंडी मनपा करमूल्यांकन अधिकारी गिरीश घोष्टेकर ने बताया कि मनपा अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में प्रसिद्ध मोबाइल कंपनियों के कुल 284 मोबाइल टॉवर्स शहर की गगनचुंबी इमारतों पर लगे हैं। जिसमे बीएसएनल के 17, एटीसी के 57, जिटीएल के चार,इंडस के 63, रिलायंस कंपनी के 27,जिओ के 102, यूनिटी के 2,एयरटेल के 1,वोडाफोन के 1, मोबाइल कंपनियो के टॉवर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन मोबाइल टॉवरों में से रिलायंस जिओ के 70 मोबाइल टॉवर को छोड़कर बाकी सभी 214 टॉवर अबैध तरीके से बिना मनपा से किसी प्रकार परमिशन लेकर लगाए गए है।

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    मनपा अधिकारी का आरोप है कि उक्त मोबाइल कंपनियों द्वारा बिना मनपा प्रशासन से कोई एनओसी लिए इमारत मालिकों को लालच देकर मनपा द्वारा घोषित धोकादायक इमारतों पर भी मोबाईल टावर लगाए गए हैं।उन्होंने बताया कि इमारतों पर मोबाइल टॉवर लगानें वाली नामचीन कम्पनियां इमारत मालिकों व सोसाइटी को प्रतिमाह भाड़ा स्वरुप करीब 15 से 25 हजार रूपया अदा करती हैं। इन मोबाइल टॉवरों पर मनपा का कुल 39 करोड़,52 लाख 92 हजार302 करोड़ रूपया बतौर टैक्स राजस्व बकाया है।

    जिस में से नियमित टैक्स 9 करोड़ 32 लाख 72 हजार 476 रुपया ही टैक्स है। जबकि 11 करोड़, 51 लाख, 83 हजार 450 रुपया दंड तथा 18 करोड़ 68 लाख 37 लाख 378 रुपया ब्याज है। उन्होंने बताया कि सबसे ज्याद टैक्स इंडस कंपनी पर 14 करोड़ 30 लाख,42 हजार 816 रुपया तथा टाटा इंडिकॉम पर 9 करोड़ 77 लाख 60 हजार रुपया बकाया है। उन्होंने बताया कि टैक्स न भरने के कारण बिल्डिंगों पर लगे कई टावरों पर मनपा द्वारा पिछले दिनों कार्रवाई की गई थी।

    जिसके बाद कई मोबाइल टॉवर कंपनियां मनपा कार्यवाई के खिलाफ कोर्ट में गई थी। जिसके बाद अदालत ने जन सुविधा के मद्देनजर टॉवरों को सील करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दिया था।इस कारण मनपा प्रशासन मोबाइल टावरों से बकाया राशि वसूलने के लिए चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रही है।इतना ही नहीं पिछले वर्ष से तो सरकार ने इन टावरों पर टैक्स लगाने पर ही रोक लगा दिया है।

  • Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी मनपा के 9 कर्मचारियों का निलंबन रद्द, यूनियन के प्रयास रंग लाए!

    Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी मनपा के 9 कर्मचारियों का निलंबन रद्द, यूनियन के प्रयास रंग लाए!

    Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका के संपत्ति कर वसूली विभाग के नौ कर्मचारियों का निलंबन आखिरकार रद्द कर दिया गया है। आयुक्त अनमोल सागर ने वसूली कम होने के आरोप में इन कर्मचारियों को निलंबित किया था, जिसके बाद यह मामला गरमा गया था।

    इस कार्रवाई के विरोध में भारतीय कामगार कर्मचारी महासंघ यूनियन के अध्यक्ष भानुदास भसाले और सचिव श्रीपत तांबे ने प्रशासन के साथ-साथ महापौर नारायण चौधरी से लगातार संपर्क बनाए रखा। यूनियन के निरंतर प्रयासों के चलते महापौर नारायण चौधरी ने आयुक्त को पत्र लिखकर कर्मचारियों का निलंबन वापस लेने की मांग की।

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    महापौर की पहल के बाद सोमवार शाम को सभी नौ कर्मचारियों का निलंबन रद्द कर दिया गया और उन्हें पुनः कार्य पर बहाल कर दिया गया। इस निर्णय से कर्मचारियों में राहत की भावना देखी गई।

    कर्मचारियों की बहाली के बाद यूनियन के अध्यक्ष भानुदास भसाले और सचिव श्रीपत तांबे ने महापौर नारायण चौधरी को पुष्पगुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्य सलाहकार व नगरसेवक प्रशांत लाड सहित संगठन के पदाधिकारी शेखर जाधव, रवींद्र वारघडे और चंद्रकांत भोईर भी उपस्थित रहे।

  • Bhiwandi Electricity Theft: भिवंडी में एक साल में किए 5 लाख की बिजली चोरी का भंडाफोड़, 2 पर केस दर्ज!

    Bhiwandi Electricity Theft: भिवंडी में एक साल में किए 5 लाख की बिजली चोरी का भंडाफोड़, 2 पर केस दर्ज!

    भिवंडी: भिवंडी में बिजली चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। टोरेंट पावर कंपनी की शिकायत पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिन्होंने कथित रूप से एक साल तक अवैध कनेक्शन के जरिए बिजली का इस्तेमाल कर कंपनी को 5 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया।(Bhiwandi Electricity Theft)

    पुलिस के अनुसार, आरोपी सैफ सोहर खान और कैफ सोहर खान, निवासी रसूलाबाद क्षेत्र, ने 10 अप्रैल 2025 से 9 अप्रैल 2026 के बीच अपने घर में बिना मीटर के अवैध रूप से बिजली का उपयोग किया। जिन्होंने सिंटेक्स बॉक्स से सीधे केबल जोड़कर टोरेंट पावर की लाइन से अनधिकृत कनेक्शन लिया हुआ था।

    इस अवधि में आरोपियों ने करीब 15,013 यूनिट बिजली की चोरी की, जिससे कंपनी को लगभग 5,07,139 रुपये का नुकसान हुआ है।इस मामले में टोरेंट पावर की शिकायत पर शांतीनगर पुलिस ने विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं।

  • Municipal Corporation: आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की बड़ी कार्रवाई; कई चालें ध्वस्त, सैकड़ों परिवार सड़क पर..

    Municipal Corporation: आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की बड़ी कार्रवाई; कई चालें ध्वस्त, सैकड़ों परिवार सड़क पर..

    Municipal Corporation : भिवंडी शहर के टेमघरइलाके में नगर निगम की आरक्षित भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण (Illegal Encroachment) के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। प्रभाग समिति क्रमांक 2 के सहायक आयुक्त विनोद मनोरे ने अतिक्रमण विरोधी दस्ते और जेसीबी की मदद से अवैध रूप से बनाई गई चालों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। टेमघर स्थित (Temghar area of ​​Bhiwandi) सर्वे नंबर 19 की चरागाह भूमि नगर निगम के विकास योजना में स्कूल और खेल के मैदान के लिए आरक्षित थी। इस जमीन पर पिछले कई वर्षों से स्थानीय लोगों ने अतिक्रमण कर चालें बना ली थीं। नगर नियोजन विभाग (Town Planning Department) द्वारा जमीन की पैमाइश पूरी होने के बाद, संबंधित निवासियों को नोटिस जारी किया गया था और मंगलवार को यह कार्रवाई की गई। (Municipal Corporation)

    सहायक आयुक्त विनोद मनोरे ने जानकारी दी कि इस अभियान के दौरान लगभग 100 घरों को तोड़ दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा देखा गया (Major Action by the Municipal Corporation)। निवासियों ने नगर निगम पर जानबूझकर उन्हें बर्बाद करने का आरोप लगाया है। स्थानीय निवासी विल्सन ठाकुर का कहना है कि “यह जमीन हमारे परिवार की निजी संपत्ति है। नगर निगम ने हमें नोटिस तो दिया, लेकिन नियमानुसार जमीन की पैमाइश हमारे सामने होनी चाहिए थी। प्रशासन ने हमें अंधेरे में रखकर गुपचुप तरीके से मैपिंग की और कार्रवाई कर दी।”

    कुंता पाटिल नमक महिला का आरोप है कि “हम पिछले 10 वर्षों से यहां अपने घरों में रह रहे हैं। अगर यह जमीन आरक्षित थी, तो नगर निगम ने हमें निर्माण के समय क्यों नहीं रोका? आज अचानक प्रशासन को कैसे याद आया कि यह गुरुचरण जमीन है?

    स्थानीय जनप्रतिनिधियों के दबाव में हमारी जमीन हड़पने के लिए यह जबरन कार्रवाई की गई है।” पिछले एक दशक से यहाँ रह रहे कई परिवारों का संसार इस कार्रवाई के कारण उजाड़ हो गया है। सामान सड़क पर पड़ा होने के कारण लोग बेबस नजर आए। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।