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  • Bhiwandi Drain Cleaning: 51 प्रतिशत नाला सफाई के दावे पर उठे सवाल, महापौर समेत पार्षदों ने जताई नाराजगी

    Bhiwandi Drain Cleaning: 51 प्रतिशत नाला सफाई के दावे पर उठे सवाल, महापौर समेत पार्षदों ने जताई नाराजगी

    Bhiwandi Drain Cleaning: मानसून पूर्व तैयारियों के तहत भिवंडी महानगरपालिका द्वारा शहर में नाला सफाई का कार्य युद्धस्तर पर किए जाने का दावा किया जा रहा है। निगम प्रशासन के अनुसार अब तक 51 प्रतिशत नालों की सफाई पूरी कर ली गई है, जबकि इस कार्य पर करीब 2 करोड़ 40 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। हालांकि, महापौर नारायण चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधियों ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कार्य की गुणवत्ता और प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया है।

    महापौर नारायण चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नाला सफाई का कार्य कागजों पर अधिक और जमीनी स्तर पर कम दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह उन्होंने स्वयं विभिन्न क्षेत्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया था, जिसमें कई स्थानों पर कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया। इस दौरान संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों को फटकार भी लगाई गई थी, लेकिन उसके बावजूद अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है।

    महापौर ने कहा कि निगम अधिकारियों को ठेकेदारों से गुणवत्तापूर्ण तरीके से नाला सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि मानसून के दौरान शहर में जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसके लिए लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि शहर की स्वच्छता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नागरिकों का सहयोग भी आवश्यक है।

    कागजों पर आंकड़ेबाजी का आरोप
    स्थायी समिति के सदस्य एडवोकेट मयूरेश विलास पाटिल ने निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों द्वारा केवल कागजों पर प्रतिशत दिखाकर ठेकेदारों के हितों की रक्षा की जा रही है। उनका दावा है कि वास्तविकता में 20 प्रतिशत नाला सफाई भी पूरी नहीं हुई है।

    उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मात्र बीस दिनों में इतने बड़े पैमाने पर नाला सफाई का कार्य पूरा किया जा सकता है? उनके अनुसार स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विभाग के कुछ कर्मचारी केवल आंकड़े प्रस्तुत कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य की स्थिति अलग है। पाटिल ने मांग की कि प्रशासन को वास्तविक निरीक्षण और सत्यापन के बिना ठेकेदारों के बिलों का भुगतान नहीं करना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान यदि नागरिकों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ा, तो लोग ठेकेदारों को नहीं बल्कि अपने जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराएंगे। इसलिए आयुक्त और महापौर की जिम्मेदारी है कि वे ठेकेदारों से गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध कार्य सुनिश्चित कराएं।

  • Bhiwandi Municipal Corporation: अगर गरीबों के घरों पर बुलडोजर चला, तो हम चुप नहीं बैठेंगे; सुरेश म्हात्रे की चेतावनी!

    Bhiwandi Municipal Corporation: अगर गरीबों के घरों पर बुलडोजर चला, तो हम चुप नहीं बैठेंगे; सुरेश म्हात्रे की चेतावनी!

    Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी महानगरपालिका ने विकास प्राधिकरण बनाते समय अमीर और रसूखदार लोगों को फायदा पहुँचाने का काम जानबूझकर किया है। लेकिन, अगर इसकी वजह से आम जनता के घरों पर बुलडोजर चलाया जाएगा, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। यह तीखी प्रतिक्रिया सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाळ्या मामा ने दी है।

    शहर के टेमघर इलाके के रहने वाले राजेश म्हात्रे के घर के पास की सड़क पहले विकास प्राधिकरण के नक्शे में छोटी थी। लेकिन, बिल्डरों को फायदा पहुँचाने के लिए जानबूझकर उस सड़क को राजेश म्हात्रे के घर की तरफ खिसका दिया गया है, जिससे उनका घर इसकी चपेट में आ रहा है।

    इस संबंध में राजेश म्हात्रे ने सांसद सुरेश म्हात्रे से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई। इसके तुरंत बाद, सांसद ने सीधे नगर निगम के नगर रचना विभाग के सहायक निदेशक नितिन जाधव को फोन किया और मिलने का समय लिया। परंतु, शुक्रवार को जब सांसद सुरेश म्हात्रे नगर निगम मुख्यालय पहुँचे, तो अधिकारी नितिन जाधव वहाँ मौजूद नहीं थे।

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    उनकी अनुपस्थिति में सांसद ने अजय साबले से चर्चा की। उस समय भड़के सांसद सुरेश म्हात्रे ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “भिवंडी शहर का विकास प्राधिकरण किसे फायदा पहुँचाने के लिए बनाया गया है, इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है।

    यह विकास प्राधिकरण दो बार बदला गया है। अगर किसी को बचाना है, तो शौक से बचाइए; लेकिन अगर उसकी वजह से किसी गरीब का घर तबाह होगा, तो हम हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठेंगे।” सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाळ्या मामा ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि अधिकारियों को फोन करके मिलने का समय तय करने के बाद भी वे अनुपस्थित रहे।

    ठीक है, वे कभी न कभी तो दफ्तर आएँगे ही तब उनसे यह जवाब ज़रूर माँगा जाएगा कि एक सीधी सड़क को जानबूझकर क्यों मोड़ा गया? यह बड़े और अमीर लोगों के साथ सांठगांठ करके आम जनता को परेशान करने का सीधा मामला है।

  • Tribute Paid to Swatantryaveer Savarkar: भिवंडी महानगरपालिका में स्वातंत्र्यवीर सावरकर को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि!

    Tribute Paid to Swatantryaveer Savarkar: भिवंडी महानगरपालिका में स्वातंत्र्यवीर सावरकर को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि!

    Tribute Paid to Swatantryaveer Savarkar: भिवंडी निजामपूर शहर महानगरपालिका मुख्यालय में स्वातंत्र्यवीर की जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर सहायक आयुक्त (पर्यावरण) नितिन पाटिल तथा पूर्व नगरसेविका रोमा निलेश आलशी की उपस्थिति में स्वातंत्र्यवीर सावरकर की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।

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    कार्यक्रम में महानगरपालिका के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से उपायुक्त (सामान्य प्रशासन) शैलेश दोंदे, समाज कल्याण विभाग प्रमुख मिलिंद पलसुले तथा मार्केट विभाग प्रमुख स्नेहल पुण्यार्थी शामिल थे।

    इसके अलावा महानगरपालिका के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने स्वातंत्र्यवीर सावरकर के राष्ट्र और समाज के प्रति योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • Bhiwandi Municipal Corporation: नालासफाई के कार्यों का महापौर ने किया निरिक्षण; बेहतर सफाई कार्य करने वाले ठेकेदार को 1 लाख रुपये इनाम की घोषणा!

    Bhiwandi Municipal Corporation: नालासफाई के कार्यों का महापौर ने किया निरिक्षण; बेहतर सफाई कार्य करने वाले ठेकेदार को 1 लाख रुपये इनाम की घोषणा!

    Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी मनपा के महापौर नारायण रतन चौधरी ने मानसून से पहले शहर में शुरू किए गए नाला सफाई कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को समय पर तथा गुणवत्तापूर्ण तरीके से सफाई कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। महापौर ने घोषणा की कि सबसे बेहतर तरीके से नाला सफाई करने वाले ठेकेदार को नकद 1 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।

    महापौर चौधरी ने रतन टॉकीज, भंडारी परिसर, काकूबाई चाल, दरगाह दीवान शाह नगर, देव नगर और कारिवली समेत कई क्षेत्रों में चल रहे सफाई कार्य का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान महापौर ने नाला सफाई में लगे मजदूरों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को गम बूट और हाथों के लिए दस्ताने उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

    हालांकि मजदूरों ने बताया कि कुछ स्थानों पर अधिक फिसलन होने के कारण सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने में परेशानी होती है। भिवंडी मनपा के आरोग्य एवं स्वच्छता विभाग द्वारा विभिन्न प्रभाग समितियों में करोड़ों रुपये के ठेके जारी किए गए हैं। प्रभाग समिति क्रमांक-01 और 03 के नालों की सफाई का कार्य मैसर्स सुजित बालासाहेब खरात कंपनी को सौंपा गया है, जबकि प्रभाग समिति क्रमांक-02 और 05 का कार्य चंडिका कन्स्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है।

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    इसके अलावा प्रभाग समिति क्रमांक-04 तथा मुख्य सड़कों के नालों की सफाई के लिए भी अलग-अलग कंपनियों को ठेके जारी किए गए हैं। वहीं मनपा के आंकड़ों को लेकर अब सवाल भी उठने लगे हैं। वर्ष 2025 में जहां 135 नालों की सफाई पर 2.27 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, वहीं वर्ष 2026 में नालों की संख्या बढ़ाकर 235 कर दी गई और खर्च भी 2.44 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया।

    ऐसे में शहर में चर्चा है कि आखिर अतिरिक्त नाले कहां से आए और क्या कागजों में संख्या बढ़ाकर करोड़ों रुपये के ठेके जारी किए गए हैं। महापौर के साथ निरीक्षण के दौरान आरोग्य एवं स्वच्छता अधिकारी फैसल तातली, जे.एम. सोनवणे, वार्ड अधिकारी अरविंद घुगरे सहित अन्य मनपा अधिकारी मौजूद रहे। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि वसीम अंसारी, इरफान अंसारी और शकील पापा भी उपस्थित थे।

  • Bhiwandi Vegetable Market: भिवंडी सब्जी मार्केट में नगर निगम की बड़ी अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई!

    Bhiwandi Vegetable Market: भिवंडी सब्जी मार्केट में नगर निगम की बड़ी अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई!

    Bhiwandi Vegetable Market: भिवंडी शहर के सब्जी मार्केट इलाके में बढ़े हुए अतिक्रमण और हाथगाड़ियों के कारण नागरिकों का सड़क पर चलना भी दूभर हो गया था। बाजार क्षेत्र में भारी भीड़ होने की वजह से यातायात पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा था। इसी के चलते भिवंडी नगर निगम के अतिक्रमण विभाग द्वारा प्रभाग समिति के प्रभाग अधिकारी गिरीश गोश्तेकर के नेतृत्व में एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की गई।

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    पुराने निजामपुर पुलिस स्टेशन के सामने और आसपास की सड़कों पर फल व सब्जी विक्रेताओं द्वारा लगाई गई अनधिकृत दुकानें, हाथगाड़ियाँ और अन्य अतिक्रमणों को जेसीबी की मदद से हटा दिया गया। अतिक्रमण हटाते समय कुछ दुकानदारों और नगर निगम के अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई।

    हालांकि, कड़े पुलिस बंदोबस्त के बीच कार्रवाई को लगातार जारी रखा गया। बाजार क्षेत्र की सड़कों को खाली कराने के लिए हाथगाड़ियों, अस्थायी शेड और सड़कों पर रखे गए सामान को हटा दिया गया। प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई है कि नगर निगम के अतिक्रमण विभाग द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों में चलाई जा रही मुहिम के तहत यह कार्रवाई की गई है।

  • Bhiwandi Municipal Corporation: स्थायी समिति सभापति पद के लिए त्रिकोणीय मुकाबला, तीन प्रभाग समितियों में निर्विरोध चयन तय!

    Bhiwandi Municipal Corporation: स्थायी समिति सभापति पद के लिए त्रिकोणीय मुकाबला, तीन प्रभाग समितियों में निर्विरोध चयन तय!

    Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका में स्थायी समिति सभापति चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आगामी 14 मई को होने वाले चुनाव के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट), शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा की उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।

    वहीं पाँच प्रभाग समितियों में से तीन में सभापति पद पर निर्विरोध चयन लगभग तय माना जा रहा है। स्थायी समिति सभापति पद के लिए तीन महिला उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें ईशा इमरान खान राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट), अस्मिता प्रभुदास नाईक शिवसेना (शिंदे गुट) और गीता विठोबा नाईक भाजपा की ओर से चुनाव लड़ रही हैं।

    16 सदस्यीय स्थायी समिति में आंकड़ों का गणित काफी पेचीदा नजर आ रहा है। वर्तमान दलीय स्थिति में कांग्रेस के 5, भाजपा के 4, राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के 2, शिवसेना शिंदे गुट के 2, समाजवादी पार्टी का 1, कोणार्क विकास आघाड़ी का 1 और भिवंडी विकास आघाड़ी का 1 सदस्य शामिल है। ऐसे में सभापति पद के लिए छोटे दलों और निर्दलीय समर्थन की भूमिका अहम मानी जा रही है।

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    प्रभाग समितियों की बात करें तो प्रभाग समिति क्रमांक 1 में हसनेन इम्तियाज फारूकी, प्रभाग समिति क्रमांक 2 में तबस्सुम जाकिर बेग तथा प्रभाग समिति क्रमांक 4 में समीना मोहम्मद इमरान अंसारी के खिलाफ कोई अन्य नामांकन नहीं आने से उनका निर्विरोध चयन तय माना जा रहा है।

    वहीं प्रभाग समिति क्रमांक 3 में रंजीता मोहन कोंडा और संजय गणपत भोईर के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना है। प्रभाग समिति क्रमांक 5 में त्रिकोणीय संघर्ष देखने को मिल सकता है, जहां वैभव एकनाथ भोईर, रोमा नीलेश आलसी और अनाम तारिक अंसारी ने नामांकन दाखिल किया है। अब राजनीतिक दलों और समर्थकों की निगाहें 14 मई को होने वाले मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हुई हैं।

  • BNCMC General Body Meeting: नाला सफाई और अवैध निर्माण पर कार्रवाई को लेकर भिवंडी नगर निगम की महासभा में भारी हंगामा!

    BNCMC General Body Meeting: नाला सफाई और अवैध निर्माण पर कार्रवाई को लेकर भिवंडी नगर निगम की महासभा में भारी हंगामा!

    BNCMC General Body Meeting: मानसून में अब केवल बीस दिन शेष हैं, लेकिन भिवंडी शहर में अभी तक नालों की सफाई का काम शुरू नहीं हो सका है। इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार (7 मई) को हुई भिवंडी महानगरपालिका की महासभा में नाला सफाई और अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के दौरान अधिकारियों की मिलीभगत के विषयों पर जमकर हंगामा हुआ। महासभा में नाला सफाई की निविदा प्रक्रिया को मंजूरी देने के साथ-साथ प्रभाग अधिकारियों की मनमानी, भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण पर कार्रवाई के बदले आर्थिक लेन-देन जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई।

    नाला सफाई में देरी पर प्रशासन को घेरा
    भाजपा पार्षद सुमित पाटिल ने प्रश्न उठाया कि जब मानसून सिर पर है, तो प्रशासन हर बार नाला सफाई में देरी क्यों करता है? क्या यह देरी ठेकेदारों को फायदा पहुँचाने के लिए की जा रही है? उन्होंने प्रशासन से इस विलंब का स्पष्टीकरण मांगा। वहीं, यशवंत टावरे ने सुझाव दिया कि नाला सफाई पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद स्थिति वैसी ही बनी रहती है।

    इसके बजाय यदि नगर निगम खुद के जेसीबी, पोकलेन और डंपर खरीद ले और साल भर नालों की सफाई करे, तो करोड़ों रुपये बचाए जा सकते हैं। पार्षद रोहित चौधरी ने कहा कि केवल बीस दिनों में ठेकेदार क्या काम कर पाएंगे, इसलिए ठेकेदारों को स्थानीय पार्षदों के निर्देशों के अनुसार काम करना चाहिए। कमलाकर पाटिल ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों के प्रशासक काल में देरी से हुई सफाई का खामियाजा जनता ने भुगता है, क्या इस बार भी वही गलतियाँ दोहराई जाएंगी? उन्होंने प्रभाग स्तर पर निगरानी समिति बनाने का सुझाव दिया।

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    अवैध निर्माण कार्रवाई के नाम पर वसूली का आरोप
    राष्ट्रवादी (शरद पवार) कांग्रेस के पार्षद फराज बाबा बहाउद्दीन ने महासभा में सनसनीखेज आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “शहर में अवैध निर्माण बड़े पैमाने पर बढ़ गए हैं। प्रभाग समिति क्रमांक 5 के प्रभाग अधिकारी सईद चिवणे, खतरनाक और अवैध इमारतों के बिल्डरों से 2 लाख रुपये, मरम्मत के नाम पर 3 लाख रुपये और गालाधारकों से 10 हजार रुपये की फिरौती वसूल रहे हैं।”

    पार्षद फराज के आरोपों पर प्रभाग अधिकारी सईद चिवणे ने जवाब देने की कोशिश की, लेकिन महासभा में कई पार्षदों ने उनके जवाबों को असंतोषजनक और टालमटोल वाला बताया। इस बहस से यह बात सार्वजनिक हो गई कि नगर निगम के अधिकारी अवैध निर्माणों की आड़ में किस तरह वसूली कर रहे हैं। फराज ने यह मांग भी की कि प्रभाग अधिकारियों को दी गई सरकारी गाड़ियाँ वापस ले लेनी चाहिए।

    जमीन खाली कराने का ‘उद्योग’
    शिवसेना (शिंदे गुट) के गुट नेता मनोज काटेकर ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के चलते किसी भी इमारत को ‘अति खतरनाक’ घोषित कर तुरंत गिरा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम अब भू-मालिकों को जमीन खाली करा के देने का “उद्योग” चला रहा है। काटेकर ने मांग की कि ऐसी इमारतों में ‘पगड़ी’ पर रहने वाले किरायेदारों को सुरक्षा देने के लिए उनका विधिवत पंचनामा किया जाना चाहिए।

  • Bhiwandi Municipal Corporation: बकरीद पर बली दिए गए जानवरों के अवयवों को नही उठायेंगे मनपा सफाईकर्मी!

    Bhiwandi Municipal Corporation: बकरीद पर बली दिए गए जानवरों के अवयवों को नही उठायेंगे मनपा सफाईकर्मी!

    Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी मनपा के सफाई कर्मचारी इस वर्ष बकरीद पर दिए जाने वाले जानवरों की कुर्बानी के बाद निकलने वाले बेस्टेज को नही हटायेंगे। उक्त घोषणा मनपा के सभी मजदूर यूनियनों ने महापौर व उपमहापौर के साथ हुए बैठक के दौरान हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर यूनियनों ने कहा है कि जो लोग जानवरों की बली देंगे,वही अब जानवरों के बेस्टेज को भी हटाए।इतना ही नही यूनियनों का कहना है हर दिन की तरह साफ सफाई का अन्य कार्य सफाई कर्मचारी ही करेंगे।मजदूर यूनियनों के इस निर्णय से मनपा प्रशासन के हाथ पाव फूल गए है।

    भिवंडी मनपा महापौर नारायण चौधरी व उपमहापौर तारिक मोमीन के साथ आगामी बकरीद को लेकर मनपा के 18 मजदूर यूनियनों के प्रतिनिधियों ने 5 मई को दोपहर एक बैठक का आयोजन किया गया था।जिसमें मनपा यूनियनों के प्रतिनिधियों ने सयुक्त रूप से बताया है कि आगामी 27 मई को बकरीद का त्यौहार शुरू हो रहा है।जो लगातार 29 तक चलेगा।जिसके मद्देनजर भिवंडी में बड़े पैमाने पर जानवरों की बली दी जानी है।जिसके बेस्टेज को मनपा सफाई कर्मचारियों द्वारा हटाया जाता है।हर वर्ष मनपा प्रशासन अतिसंवेदनशील शहर में लॉ एंड आर्डर का हवाला देकर उक्त कार्य सफाई कर्मचारियों से करवाती आ रही है।

    सफाई न करने पर कार्रवाई का धौंस देकर डराती है। लेकिन इस वर्ष भी मनपा सफाई कर्मचारी जानवरों की बली के बाद निकलने वाले बेस्तेज को नही हटाएंगे।यूनियनों का कहना है कि जो लोग जानवरों की बलि देंगे वही लोग उनके अवशेष को गोनी में भरकर कचरा गाड़ी में डाले,जिसके बाद मनपा सफाई कर्मी उसे उठाकर ले जायेगे।

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    साथ ही कुर्बानी सेंटर की पानी डालकर सफाई करने के साथ दवा का छिड़काव को करेंगे। यूनियनों ने हाईकोर्ट का हवाला देते हुए बताया है कि बकरीद को लेकर दायर जनहित याचिका के बाद 5 जुलाई 2022 को न्यायधीश एस के मेमन व एम एस कार्णिक ने कुर्बानी संबंधित निर्देश में बली देने वाले को बेस्टेज़ भी खुद हटाने का निर्देश दिया था।

    इधर महापौर नारायण चौधरी ने यूनियनों की बात सुनने के बाद भरोसा दिलाया कि यूनियनों द्वारा सफाई कर्मचारियों के हित में किए जा रहे मांग पर विचार किया जाएगा।उन्होंने कहा कि बकरीद से पहले मनपा आयुक्त के साथ बैठक कर इसको अमल में लाया जाएगा।इस दौरान भिवंडी म्युनिसिपल कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष राजेंद्र कबाड़ी,लेबर फ्रंट के अध्यक्ष संतोष चौहान,विकास निकम,चंद्रकांत सोनवाने,दीपक राव,भारत तांबे ,रविन्द्र गायकवाड़ व श्याम गायकवाड़,सुनील बांगर सहित सभी यूनियनों अध्यक्ष व सचिव इस बैठक में मौजूद थे।

  • Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी में अवैध मोबाइल टावरों के सामने लाचार मनपा प्रशासन, वसूली फिसड्डी!

    Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी में अवैध मोबाइल टावरों के सामने लाचार मनपा प्रशासन, वसूली फिसड्डी!

    Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी मनपा अंतर्गत लगे अवैध मोबाइल टॉवरों से टैक्स वसूली को लेकर प्रशासन लाचार साबित हो रहा है। शहर में विभिन्न कंपनियों के लगे 284 मोबाइल टावरों पर मनपा प्रशासन का तकरीबन 40 करोड़ रुपया टैक्स बकाया है।जिनसे प्रशासन न बकाया टैक्स की वसूली कर पा रही है न ही उन पर कार्रवाई कर पा रही है। क्योंकि मनपा नोटिस के बाद भी इस पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। जबकि मनपा आर्थिक कंगाली से जूझ रही है।

    भिवंडी मनपा करमूल्यांकन अधिकारी गिरीश घोष्टेकर ने बताया कि मनपा अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में प्रसिद्ध मोबाइल कंपनियों के कुल 284 मोबाइल टॉवर्स शहर की गगनचुंबी इमारतों पर लगे हैं। जिसमे बीएसएनल के 17, एटीसी के 57, जिटीएल के चार,इंडस के 63, रिलायंस कंपनी के 27,जिओ के 102, यूनिटी के 2,एयरटेल के 1,वोडाफोन के 1, मोबाइल कंपनियो के टॉवर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन मोबाइल टॉवरों में से रिलायंस जिओ के 70 मोबाइल टॉवर को छोड़कर बाकी सभी 214 टॉवर अबैध तरीके से बिना मनपा से किसी प्रकार परमिशन लेकर लगाए गए है।

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    मनपा अधिकारी का आरोप है कि उक्त मोबाइल कंपनियों द्वारा बिना मनपा प्रशासन से कोई एनओसी लिए इमारत मालिकों को लालच देकर मनपा द्वारा घोषित धोकादायक इमारतों पर भी मोबाईल टावर लगाए गए हैं।उन्होंने बताया कि इमारतों पर मोबाइल टॉवर लगानें वाली नामचीन कम्पनियां इमारत मालिकों व सोसाइटी को प्रतिमाह भाड़ा स्वरुप करीब 15 से 25 हजार रूपया अदा करती हैं। इन मोबाइल टॉवरों पर मनपा का कुल 39 करोड़,52 लाख 92 हजार302 करोड़ रूपया बतौर टैक्स राजस्व बकाया है।

    जिस में से नियमित टैक्स 9 करोड़ 32 लाख 72 हजार 476 रुपया ही टैक्स है। जबकि 11 करोड़, 51 लाख, 83 हजार 450 रुपया दंड तथा 18 करोड़ 68 लाख 37 लाख 378 रुपया ब्याज है। उन्होंने बताया कि सबसे ज्याद टैक्स इंडस कंपनी पर 14 करोड़ 30 लाख,42 हजार 816 रुपया तथा टाटा इंडिकॉम पर 9 करोड़ 77 लाख 60 हजार रुपया बकाया है। उन्होंने बताया कि टैक्स न भरने के कारण बिल्डिंगों पर लगे कई टावरों पर मनपा द्वारा पिछले दिनों कार्रवाई की गई थी।

    जिसके बाद कई मोबाइल टॉवर कंपनियां मनपा कार्यवाई के खिलाफ कोर्ट में गई थी। जिसके बाद अदालत ने जन सुविधा के मद्देनजर टॉवरों को सील करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दिया था।इस कारण मनपा प्रशासन मोबाइल टावरों से बकाया राशि वसूलने के लिए चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रही है।इतना ही नहीं पिछले वर्ष से तो सरकार ने इन टावरों पर टैक्स लगाने पर ही रोक लगा दिया है।

  • Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी मनपा के 9 कर्मचारियों का निलंबन रद्द, यूनियन के प्रयास रंग लाए!

    Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी मनपा के 9 कर्मचारियों का निलंबन रद्द, यूनियन के प्रयास रंग लाए!

    Bhiwandi Municipal Corporation: भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका के संपत्ति कर वसूली विभाग के नौ कर्मचारियों का निलंबन आखिरकार रद्द कर दिया गया है। आयुक्त अनमोल सागर ने वसूली कम होने के आरोप में इन कर्मचारियों को निलंबित किया था, जिसके बाद यह मामला गरमा गया था।

    इस कार्रवाई के विरोध में भारतीय कामगार कर्मचारी महासंघ यूनियन के अध्यक्ष भानुदास भसाले और सचिव श्रीपत तांबे ने प्रशासन के साथ-साथ महापौर नारायण चौधरी से लगातार संपर्क बनाए रखा। यूनियन के निरंतर प्रयासों के चलते महापौर नारायण चौधरी ने आयुक्त को पत्र लिखकर कर्मचारियों का निलंबन वापस लेने की मांग की।

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    महापौर की पहल के बाद सोमवार शाम को सभी नौ कर्मचारियों का निलंबन रद्द कर दिया गया और उन्हें पुनः कार्य पर बहाल कर दिया गया। इस निर्णय से कर्मचारियों में राहत की भावना देखी गई।

    कर्मचारियों की बहाली के बाद यूनियन के अध्यक्ष भानुदास भसाले और सचिव श्रीपत तांबे ने महापौर नारायण चौधरी को पुष्पगुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्य सलाहकार व नगरसेवक प्रशांत लाड सहित संगठन के पदाधिकारी शेखर जाधव, रवींद्र वारघडे और चंद्रकांत भोईर भी उपस्थित रहे।