मुंबई। प्रजा फाउंडेशन ने 2 दिसंबर, 2025 को महाराष्ट्र नगरपालिकाओं के आगामी चुनाव 2025 के लिए नागरिक घोषणापत्र का जारी किया। यह घोषणापत्र सेवा वितरण में सुधार, पारदर्शी शासन, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक भागीदारी और नगरपालिका क्षमता को मजबूत करने पर केंद्रित है।
घोषणापत्र में नगर निगमों को पूर्ण अधिकार देने, सेवा मानक तय करने, वास्तविक पारदर्शिता सुनिश्चित करने, नागरिकों की आवाज़ को सक्षम बनाने और डिजिटल रूप से सशक्त वार्ड समितियों के साथ प्रशासनिक सुधार लागू करने जैसी पांच प्रमुख प्राथमिकताओं को रेखांकित किया गया है।
प्रजा फाउंडेशन के संस्थापक निताई मेहता और सी.ई.ओ. मिलिंद म्हस्के ने बताया कि यह घोषणापत्र पारदर्शी और जिम्मेदार स्थानीय शासन को बढ़ावा देने के लिए राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए एक प्रतिज्ञा है। अनुसंधान प्रबंधक आसिफ खान ने कहा कि इसमें सेवा स्तर, त्रैमासिक रिपोर्ट, अपशिष्ट प्रबंधन और मानसून भेद्यता मानचित्रण जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से शहरी जीवन की गुणवत्ता सुधारने की रूपरेखा दी गई है।
भिवंडी: भिवंडी-कल्याण रोड पर स्थित सरवली गोवा एम.आई.डी.सी. परिसर में शुक्रवार सुबह एक भीषण आग लगने की घटना सामने आई। यह आग मंगलमूर्ति डाइंग नामक कपड़ा रंगाई कंपनी में सुबह करीब 9 बजे लगी, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया।
तीन मंजिला इस डाइंग कंपनी की दूसरी और तीसरी मंजिल पर बड़ी मात्रा में कच्चा माल और रंगा हुआ कपड़ा रखा हुआ था। आग लगते ही यह सामग्री भयंकर रूप से सुलग उठी और पूरी इमारत लपटों से घिर गई।
सूचना मिलते ही भिवंडी अग्निशमन दल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। हालांकि, सुरक्षा कारणों से पूरे एम.आई.डी.सी. क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई, जिसके कारण पानी की भारी कमी उत्पन्न हो गई।
स्थानीय एम.आई.डी.सी. की फायर फाइटिंग सिस्टम भी निष्क्रिय साबित हुई। बताया जा रहा है कि जनरेटर से वैकल्पिक बिजली आपूर्ति की कोई व्यवस्था नहीं थी, जिससे आग बुझाने के प्रयासों में गंभीर बाधा आई।
आग की तीव्रता को देखते हुए, कल्याण, उल्हासनगर और ठाणे अग्निशमन दलों की अतिरिक्त गाड़ियां भी मौके पर बुलाई गईं। इस बीच, कोनगांव पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से भिवंडी-कल्याण रोड को यातायात के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया।
हालांकि, इस हादसे में किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन कंपनी को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग लगने के कारणों की जांच फिलहाल जारी है।
भिवंडी: ‘वंदे मातरम्’ गीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भिवंडी के छत्रपति शिवाजी महाराज मैदान पर एक भव्य सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसीलदार अभिजीत खोले ने की, जिसमें संत कबीर औद्योगिक विद्यालय और नगर पालिका विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक रुपेश म्हात्रे, स्वामी स्वरूपानंद, पूर्व शिक्षा समिति सभापति सुंदर नाईक, नायब तहसीलदार आदेश म्हात्रे, पंचायत समिति गटशिक्षणाधिकारी संजय अस्वले, समाज कल्याण विभाग प्रमुख मिलिंद पळसूले, मनपा शिक्षा प्रशासनाधिकारी सौदागर शिखरे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस अवसर पर एडवोकेट प्रबोध जयवंत ने कहा कि “वंदे मातरम् गीत में कश्मीर से कन्याकुमारी तक की अखंड भारत की छवि दिखाई देती है। 1905 के वंगभंग आंदोलन के समय इस गीत ने देश को एक सूत्र में बांधा था, और आज भी यह राष्ट्र की एकता और रक्षा के लिए प्रेरणा देता है।” उन्होंने बताया कि अंग्रेज शासन के दौरान भी ‘वंदे मातरम्’ शब्द का खौफ था, क्योंकि यह शब्द देशभक्ति की अग्नि को प्रज्वलित करता था।
कार्यक्रम के अध्यक्ष अभिजीत खोले ने बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह शासकीय उपक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा, “‘वंदे मातरम्’ के ये दो शब्द हमारी विविधता में एकता और राष्ट्र निर्माण की भावना का प्रतीक हैं।”
इस मौके पर भादवड आईटीआई के छात्रों ने ‘वंदे मातरम्’ विषय पर प्रभावी पथनाट्य प्रस्तुत कर समा बाँध दिया।
इसी क्रम में, भिवंडी महानगरपालिका मुख्यालय में भी गुरुवार को सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गायन संपन्न हुआ। महाराष्ट्र शासन के पर्यटन एवं सांस्कृतिक विभाग के आदेशानुसार, तथा मनपा प्रशासक व आयुक्त अनमोल सागर के निर्देशों के तहत यह आयोजन उपायुक्त विक्रम दराडे की अध्यक्षता में हुआ।
इस अवसर पर उपायुक्त (कर) बालकृष्ण क्षीरसागर, शहर अभियंता जमील पटेल, मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संदीप गाडेकर, सहायक आयुक्त अजित महाडी, अतिरिक्त अभियंता सचिन नाइक सहित सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। शहर के सभी प्रभाग समिति कार्यालयों और स्कूलों में भी सामूहिक गायन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
मुंबई। भक्ति और आध्यात्मिकता के महासागर में डूबो देने वाला श्रीमद्भागवत कथा का पंचम दिवस मुंबई के भायंदर (पूर्व) स्थित बालासाहेब ठाकरे मैदान में बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के दिव्य सानिध्य में चल रही यह कथा 2 नवंबर से आरंभ होकर 8 नवंबर 2025 तक आयोजित की जा रही है।
भव्य स्वागत : 21 फीट लंबी पुष्पमाला से किया अभिनंदन
कथा के पंचम दिवस पर मुंबई आयोजक समिति ने पूज्य महाराज श्री का विशेष स्वागत किया। महाराज श्री को 21 फीट लंबी और 35 किलो वज़न की पुष्पमाला पहनाकर भव्य रूप से अभिनंदन किया गया। समूचा पंडाल “जय श्री राधे-कृष्णा” के जयकारों से गूंज उठा।
विशेष अतिथियों की उपस्थिति
कथा में प्रसिद्ध अभिनेता राज प्रेमी पधारे और उन्होंने व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त कर कथा श्रवण किया। इसके साथ ही सुप्रसिद्ध भजन गायक रूहानी जी ने अपने सुरीले भजनों से उपस्थित भक्तों को भावविभोर कर दिया।
पूज्य ठाकुर जी महाराज का दिव्य संदेश
पूज्य श्री ठाकुर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा —
“जब-जब इस संसार में अधर्म, अन्याय और अंधकार का विस्तार होता है, तब-तब भगवान स्वयं अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। भगवान श्रीराम ने रावण का अंत किया और श्रीकृष्ण ने कंस का — क्योंकि ईश्वर सदा धर्म की रक्षा के लिए आते हैं।”
उन्होंने कहा कि —
“मनुष्य का जीवन केवल भोग और मोह-माया के लिए नहीं, बल्कि ईश्वर की भक्ति और धर्म की स्थापना के लिए है। जो संतान अपने माता-पिता का सम्मान करती है, वही सच्चा भक्त कहलाता है।”
महाराज श्री ने भक्तों को सत्य, सेवा और सद्गुणों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि —
“सत्य कठिन अवश्य है, पर वही हमें ईश्वर के निकट ले जाता है। जो ज्ञान दूसरों के जीवन में प्रकाश फैलाए, वही सच्चा ज्ञान है।”
मुंबई: मुंबई में यातायात जाम की पुरानी समस्या को दूर करने और शहर के उत्तर-दक्षिण संपर्क को सुदृढ़ बनाने के लिए एक बड़ी घोषणा की गई है। उत्तन-विरार समुद्री पुल परियोजना को अब वधावन बंदरगाह तक विस्तारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई बुनियादी ढाँचा कैबिनेट समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
🌉 मुंबई के उत्तर-दक्षिण संपर्क को नई दिशा
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि उत्तन-विरार समुद्री पुल परियोजना की कुल लंबाई 55.12 किलोमीटर होगी। इसमें मुख्य समुद्री पुल 24.35 किलोमीटर लंबा होगा। इसके साथ ही,
9.32 किमी उत्तन लिंक रोड,
2.5 किमी वसई लिंक रोड, और
18.95 किमी विरार लिंक रोड का भी निर्माण किया जाएगा।
इसके अलावा, इस सड़क को वधावन बंदरगाह तक जोड़ने के लिए एक नई संपर्क सड़क विकसित की जाएगी, जिससे यह परियोजना न केवल मुंबई बल्कि पालघर ज़िले के तटीय इलाकों के लिए भी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी।
🛣️ मुंबई का ट्रैफिक नेटवर्क होगा सुगम
फडणवीस ने कहा कि वर्तमान में मुंबई की प्रमुख सड़कें — वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, एस.वी. रोड और लिंक रोड — अपनी क्षमता से अधिक यातायात वहन कर रही हैं। इस समुद्री पुल और लिंक रोड के निर्माण से शहर के उत्तर से दक्षिण तक आवागमन आसान होगा और दैनिक ट्रैफ़िक जाम में बड़ी राहत मिलेगी।
🏗️ मुंबई के अन्य प्रमुख प्रोजेक्ट्स भी गति पर
बैठक में बताया गया कि मुंबई में उत्तर-दक्षिण सड़क संपर्क परियोजना का कार्य तीव्र गति से चल रहा है।
साउथ कोस्ट रोड,
बांद्रा-वर्ली सी लिंक, और
अटल सेतु (मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक) का कार्य पूर्ण हो चुका है।
वहीं,
ऑरेंज गेट सुरंग,
वर्सोवा-बांद्रा सी ब्रिज,
नॉर्थ कोस्ट रोड,
सेवरी-वर्ली एलिवेटेड रोड, और
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कनेक्शन का कार्य प्रगति पर है।
🌆 यातायात सुधार और विकास की नई दिशा
उत्तन-विरार सी ब्रिज और विरार-अलीबाग बहुउद्देशीय कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स के पूरा होने पर मुंबई महानगर क्षेत्र का संपूर्ण यातायात नेटवर्क आधुनिक और कुशल बनेगा। इन परियोजनाओं से न केवल यात्रा समय घटेगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
मुंबई: महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने गुरुवार को 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायत चुनावों की घोषणा करते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि बार-बार मतदान करने वाले मतदाता अब वोट नहीं डाल सकेंगे। ऐसे मतदाताओं की पहचान के लिए एक विशेष टूल और नई प्रणाली लागू की गई है।
बार-बार मतदान करने वालों की पहचान
चुनाव आयोग ने बताया कि इस बार मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए बार-बार वोट देने वालों की पहचान की जाएगी। इसके लिए आयोग ने एक नया डिजिटल टूल तैयार किया है, जो मतदाता सूची में दोहराए गए नामों को स्वतः पहचान लेगा।
मतदाताओं के लिए मोबाइल ऐप
मतदाताओं की सुविधा के लिए आयोग ने एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है। इस ऐप पर मतदाता अपने नाम, मतदान केंद्र, क्षेत्रवार उम्मीदवारों की सूची, और उम्मीदवारों की आपराधिक, शैक्षिक व वित्तीय जानकारी देख सकेंगे।
डबल स्टार से होगी पहचान
आयोग ने बताया कि बार-बार मतदान करने वाले मतदाता के नाम के आगे “डबल स्टार ( ** )” लगाया जाएगा। इससे ऐसे मतदाताओं की पहचान आसानी से की जा सकेगी। जिन मतदाताओं के नाम के आगे यह चिन्ह होगा, वे वोट नहीं दे पाएंगे।
एक नाम रद्द किया जाएगा
राज्य चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में अधिकारी मतदाता से संपर्क करेंगे। यदि मतदाता संतोषजनक जवाब नहीं देता, तो उसका एक नाम मतदाता सूची से रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही, बार-बार वोट देने वालों से एक घोषणापत्र (Declaration Form) भरवाया जाएगा, जिसमें उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे सिर्फ एक ही मतदान केंद्र पर वोट देंगे।
⚖️ पारदर्शिता की दिशा में कदम
आयोग का यह कदम दोहरी प्रविष्टि और फर्जी मतदान पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इससे मतदान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी तथा एक व्यक्ति द्वारा कई बार वोट देने की संभावना समाप्त होगी।
ठाणे, 30 अक्टूबर: ठाणे का कोपरी इलाका इन दिनों कीचड़, मिट्टी और अव्यवस्था से जूझ रहा है। जहाँ एक ओर पुनर्विकास परियोजनाओं के नाम पर इमारतों की खुदाई का काम दिन-रात चल रहा है, वहीं सड़क पर फैली मिट्टी और बारिश के पानी ने पूरे इलाके को कीचड़ के दलदल में बदल दिया है।
पैदल चलना, स्कूल के बच्चों का आना-जाना, और दोपहिया वाहनों का आवागमन — सब एक “जोखिम भरा सफ़र” बन गया है। हर दिन किसी न किसी के फिसलने, कपड़े गंदे होने या मामूली चोट लगने की घटनाएँ सामने आ रही हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह से देर रात तक खुदाई और डंपरों के आने-जाने से सड़कों पर मिट्टी की परत जम जाती है। जैसे ही बारिश होती है, सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं। “डंपर चालक मिट्टी को ढककर नहीं ले जाते, जिससे पूरी सड़क पर गाद फैल जाती है,” एक निवासी ने कहा।
कोपरी में बड़े पैमाने पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों की उचित निगरानी न होने से नागरिकों का जीवन दूभर हो गया है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी परेशान हैं। “पैर रखने की जगह नहीं मिलती,” एक महिला निवासी ने नाराज़गी जताई।
स्थानीय नागरिकों ने ठाणे नगर निगम से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। “हर दिन लाखों रुपये वसूलने वाला नगर निगम नागरिकों की दुर्दशा पर चुप क्यों है?” — यह सवाल गुस्साए नागरिकों ने उठाया। उन्होंने प्रशासन से मिट्टी हटाने और सड़कों की सफाई के लिए विशेष टीम तैनात करने की अपील की है।
स्कूल और दफ़्तर के समय में यहाँ भीषण भीड़ रहती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना और बढ़ जाती है। कई रिक्शा और दोपहिया वाहन चालक अब इन सड़कों से गुजरने से बचने लगे हैं।
सुनील नाइक, ठाणे पूर्व ने बताया कि निवासियों को उम्मीद है कि ठाणे नगर निगम इस “कीचड़ मार्च” को गंभीरता से लेगा और पुनर्विकास के नाम पर फैले इस अव्यवस्था पर जल्द नियंत्रण करेगा।
ठाणे: ठाणे जिला परिषद (Zilla Parishad) के सामान्य प्रशासन विभाग में सहायक प्रशासन अधिकारी के पद पर कार्यरत कल्पना तोरावणे शुक्रवार को सेवानिवृत्त हुईं। इस अवसर पर जिला परिषद मुख्यालय (Head office) में आयोजित सम्मान समारोह में उनके उल्लेखनीय कार्यों को याद करते हुए उन्हें भावपूर्ण विदाई दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानाडे, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजिंक्य पवार और उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सामान्य प्रशासन) अविनाश फड़तारे उपस्थित रहे। सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने तोरावणे के अनुशासित, परिश्रमी और ईमानदार कार्यशैली की सराहना की।
अजिंक्य पवार ने अपने संबोधन में कहा कि, “कल्पना तोरावणे ने प्रशासनिक अनुशासन और सेवा भावना (RespectAndHonor)का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनका कार्य आगामी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।” वहीं अविनाश फड़तारे ने उनके सकारात्मक दृष्टिकोण और कार्यकुशलता को ठाणे जिला परिषद की संपत्ति बताया।
कल्पना तोरावणे ने वर्ष 1998 में जिला परिषद सेवा जॉइन की थी। अपने 27 वर्ष के सेवाकाल में उन्होंने विभिन्न पदों पर रहकर प्रशासनिक कार्यों को कुशलतापूर्वक संपादित किया। कार्य के साथ उन्होंने कानून की डिग्री और पत्रकारिता में डिप्लोमा प्राप्त कर यह सिद्ध किया कि “सीखने की कोई उम्र नहीं होती।”
उनके समर्पण और दक्षता के चलते उन्हें “जिला परिषद कर्मचारी ऑफ द ईयर” पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
सेवानिवृत्ति के अवसर पर उनके परिवार और सहकर्मियों ने उन्हें भावनात्मक विदाई दी। कार्यक्रम के अंत में ठाणे जिला परिषद परिवार की ओर से उन्हें स्वस्थ, सुखद और संतोषपूर्ण जीवन की शुभकामनाएँ दी गईं।
अंबरनाथ (Ambernath News): आगामी नगर परिषद और स्थानीय निकाय चुनावों से पहले अंबरनाथ की राजनीति में बड़ा हड़कंप मच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता और नगर परिषद चुनाव के इच्छुक उम्मीदवार प्रवीण गोसावी ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि अंबरनाथ नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 26 (महालक्ष्मी नगर–संतोषी माता नगर क्षेत्र) की मतदाता सूची में करीब “100 मुस्लिम फ़र्ज़ी मतदाता”(Fake Voters) शामिल किए गए हैं। उनके इस दावे ने पूरे शहर में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है।
गोसावी ने राज्य चुनाव आयोग (Election Commission)को दिए अपने लिखित बयान में कहा है कि 2009 से इस वार्ड की मतदाता सूची में एक ही पते पर लगभग 100 मतदाता दर्ज हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाता है। उन्होंने चुनाव आयोग से इस पूरे प्रकरण की गहन जांच की मांग की है ताकि पता चल सके कि ये मतदाता वास्तव में उसी पते पर रहते भी हैं या नहीं।
प्रवीण गोसावी(PravinGosavi) ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका आरोप किसी धर्म या समाज के खिलाफ नहीं, बल्कि फर्जी पंजीकरण की व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने कहा, “अगर ये सभी मतदाता असली साबित होते हैं और वास्तव में मौजूद हैं, तो मैं व्यक्तिगत रूप से 5 लाख रुपये का इनाम दूँगा।”
उन्होंने राज्य चुनाव आयोग (ElectionCommission) को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आयोग बिना संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित किए चुनाव कराता है, तो इससे लोकतंत्र की नींव कमजोर होगी। गोसावी ने कहा, “अगर फर्जी मतदाताओं के ज़रिए मतदान हुआ तो मैं खुद ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की पहल करूंगा। यदि इससे क़ानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होगी।”
गोसावी के इस दावे के बाद महालक्ष्मी नगर और आसपास के क्षेत्रों में इस मुद्दे पर तीखी चर्चा शुरू हो गई है। उन्होंने इलाके में एक बड़ा बैनर भी लगाया है, जिसमें कथित ‘100 फर्जी मतदाताओं’ की तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। इससे स्थानीय नागरिकों में उत्सुकता और बहस दोनों बढ़ गई हैं। कुछ लोग तो अब मज़ाक में कहने लगे हैं कि “कौन है वो सौ लोग?” ताकि 5 लाख रुपये का इनाम पा सकें।
राज्य भर में मतदाता सूचियों में फर्जी प्रविष्टियों और त्रुटियों को लेकर विवाद पहले से ही चल रहा है। ऐसे में अंबरनाथ का यह मामला न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि राज्य चुनाव आयोग के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। अब सबकी निगाहें आयोग की जांच पर टिकी हैं , क्या ये 100 मतदाता वास्तव में मौजूद हैं या यह एक राजनीतिक दांव है? आने वाले दिनों में यह मामला अंबरनाथ की राजनीति का सबसे चर्चित मुद्दा बन सकता है।
Ulhasnagar News:उल्हासनगर के गुरु अर्जुन देव गुरुद्वारे में उपदेशक रिंकू भाई द्वारा एक बुजुर्ग महिला श्रद्धालु को धक्का देने की घटना ने विवाद खड़ा कर दिया है। वीडियो वायरल (Viral Video) होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। अनुयायियों ने इसे सिख मर्यादा का मामला बताते हुए बचाव किया।
उल्हासनगर। विनम्रता, संयम और अहंकार पर नियंत्रण के अपने उपदेशों के लिए प्रसिद्ध उपदेशक रिंकू भाई (Rinku Bhai) एक विवाद में घिर गए हैं। उल्हासनगर के गुरु अर्जुन देव गुरुद्वारे (Gurudwara News) में एक बुजुर्ग महिला श्रद्धालु को धक्का देने की कथित घटना के बाद धार्मिक समुदाय में आक्रोश फैल गया है। यह घटना कुछ दिन पहले अमृतवेला प्रभात फेरी(ReligiousNews) के बाद हुई, जब रिंकू भाई गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेकने पहुंचे थे।
गवाहों के अनुसार, श्रद्धा से भावविभोर एक बुजुर्ग महिला (Old Women) ने उन पर फूल बरसाकर स्वागत किया, लेकिन यह कृत्य उपदेशक को नागवार गुज़रा। उन्होंने कथित तौर पर महिला को धक्का देकर अपनी नाराज़गी जताई। यह पूरी घटना गुरुद्वारे के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया।
स्थानीय श्रद्धालुओं और नागरिकों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जो व्यक्ति अहंकार त्यागने और विनम्रता का संदेश देता है, उसे अपने आचरण में भी वही गुण दिखाने चाहिए। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने रिंकू भाई की आलोचना की और उन्हें माफ़ी मांगने की सलाह दी। वहीं, कुछ लोगों ने इस विवाद को समुदाय की एकता पर प्रहार बताकर शांतिपूर्ण समाधान की अपील की।
रिंकू भाई के अनुयायियों ने उनका बचाव करते हुए दावा किया कि उन्होंने किसी को धक्का नहीं दिया। उनके मुताबिक, गुरुद्वारे के अंदर किसी व्यक्ति पर फूल बरसाना सिख धार्मिक मर्यादा के विरुद्ध है। मर्यादा के अनुसार, फूल केवल गुरु ग्रंथ साहिब की शोभायात्रा या सजावट के लिए प्रयोग किए जा सकते हैं, किसी उपदेशक पर नहीं।
अनुयायियों ने बताया कि महिला ने इस बात के लिए माफी भी मांगी थी, जिसके बाद मामला वहीं शांत हो गया था। हालांकि वीडियो के वायरल होने से सोशल मीडिया पर फिर बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने इसे धार्मिक मर्यादा बनाम मानवीय संवेदना का मुद्दा बताया।
फिलहाल गुरुद्वारे के प्रबंधन समिति ने इस प्रकरण पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, जबकि स्थानीय पुलिस ने कहा है कि अब तक किसी पक्ष ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। समुदाय के वरिष्ठ सदस्यों ने दोनों पक्षों से संवाद के ज़रिए मामले को शांतिपूर्वक निपटाने की अपील की है।