Ulhasnagar News: गुरुद्वारे में उपदेशक रिंकू भाई पर बुजुर्ग महिला को धक्का देने का आरोप, सोशल मीडिया पर विवाद भड़का

गुरुद्वारे में उपदेशक रिंकू भाई पर बुजुर्ग महिला को धक्का देने का आरोप, सोशल मीडिया पर विवाद भड़का

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Ulhasnagar News:उल्हासनगर के गुरु अर्जुन देव गुरुद्वारे में उपदेशक रिंकू भाई द्वारा एक बुजुर्ग महिला श्रद्धालु को धक्का देने की घटना ने विवाद खड़ा कर दिया है। वीडियो वायरल (Viral Video) होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। अनुयायियों ने इसे सिख मर्यादा का मामला बताते हुए बचाव किया।

उल्हासनगर। विनम्रता, संयम और अहंकार पर नियंत्रण के अपने उपदेशों के लिए प्रसिद्ध उपदेशक रिंकू भाई (Rinku Bhai) एक विवाद में घिर गए हैं। उल्हासनगर के गुरु अर्जुन देव गुरुद्वारे (Gurudwara News) में एक बुजुर्ग महिला श्रद्धालु को धक्का देने की कथित घटना के बाद धार्मिक समुदाय में आक्रोश फैल गया है। यह घटना कुछ दिन पहले अमृतवेला प्रभात फेरी(ReligiousNews) के बाद हुई, जब रिंकू भाई गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेकने पहुंचे थे।

गवाहों के अनुसार, श्रद्धा से भावविभोर एक बुजुर्ग महिला (Old Women) ने उन पर फूल बरसाकर स्वागत किया, लेकिन यह कृत्य उपदेशक को नागवार गुज़रा। उन्होंने कथित तौर पर महिला को धक्का देकर अपनी नाराज़गी जताई। यह पूरी घटना गुरुद्वारे के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया।

स्थानीय श्रद्धालुओं और नागरिकों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जो व्यक्ति अहंकार त्यागने और विनम्रता का संदेश देता है, उसे अपने आचरण में भी वही गुण दिखाने चाहिए। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने रिंकू भाई की आलोचना की और उन्हें माफ़ी मांगने की सलाह दी। वहीं, कुछ लोगों ने इस विवाद को समुदाय की एकता पर प्रहार बताकर शांतिपूर्ण समाधान की अपील की।

रिंकू भाई के अनुयायियों ने उनका बचाव करते हुए दावा किया कि उन्होंने किसी को धक्का नहीं दिया। उनके मुताबिक, गुरुद्वारे के अंदर किसी व्यक्ति पर फूल बरसाना सिख धार्मिक मर्यादा के विरुद्ध है। मर्यादा के अनुसार, फूल केवल गुरु ग्रंथ साहिब की शोभायात्रा या सजावट के लिए प्रयोग किए जा सकते हैं, किसी उपदेशक पर नहीं।

अनुयायियों ने बताया कि महिला ने इस बात के लिए माफी भी मांगी थी, जिसके बाद मामला वहीं शांत हो गया था। हालांकि वीडियो के वायरल होने से सोशल मीडिया पर फिर बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने इसे धार्मिक मर्यादा बनाम मानवीय संवेदना का मुद्दा बताया।

फिलहाल गुरुद्वारे के प्रबंधन समिति ने इस प्रकरण पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, जबकि स्थानीय पुलिस ने कहा है कि अब तक किसी पक्ष ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। समुदाय के वरिष्ठ सदस्यों ने दोनों पक्षों से संवाद के ज़रिए मामले को शांतिपूर्वक निपटाने की अपील की है।

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