Category: New Delhi

  • Delhi Hospital Bedsheet Scam Allegation: सरकारी अस्पतालों में बेडशीट खरीद में 50 करोड़ के कमीशन का कांग्रेस का आरोप

    Delhi Hospital Bedsheet Scam Allegation: सरकारी अस्पतालों में बेडशीट खरीद में 50 करोड़ के कमीशन का कांग्रेस का आरोप

    Delhi Hospital Bedsheet Scam Allegation: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने राजधानी के 28 सरकारी अस्पतालों में बेडशीट खरीद को लेकर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। पार्टी ने दावा किया है कि खरीद प्रक्रिया में करीब 50 करोड़ रुपये का कमीशन लिया गया और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग उपराज्यपाल से की है।

    दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि जिन बेडशीट की बाजार में कीमत लगभग 150 रुपये प्रति पीस है, उन्हें सरकार ने 450 रुपये प्रति बेडशीट की दर से खरीदा। उनके अनुसार, इस खरीद प्रक्रिया में सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है और इससे स्वास्थ्य विभाग में कथित अनियमितताओं की ओर संकेत मिलता है।

    कांग्रेस का दावा है कि दिल्ली के 28 सरकारी अस्पतालों में लगभग 15,500 बेड हैं, जबकि सरकार ने 16.60 लाख बेडशीट खरीदने पर करीब 75 करोड़ रुपये खर्च किए। पार्टी के अनुसार, यह संख्या वास्तविक आवश्यकता से कहीं अधिक है और औसतन प्रत्येक बेड के लिए 106 बेडशीट खरीदी गईं।

    देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में संदिग्ध खरीद के मामले पिछली आम आदमी पार्टी सरकार और मौजूदा भाजपा सरकार के कार्यकाल से जुड़े हैं। उन्होंने उपराज्यपाल से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

    नोट: ये आरोप दिल्ली प्रदेश कांग्रेस द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित सरकार या स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

  • Major Drug Network Busted: दिल्ली पुलिस ने ड्रग्स के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, दो गिरफ्तार!

    Major Drug Network Busted: दिल्ली पुलिस ने ड्रग्स के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, दो गिरफ्तार!

    Major Drug Network Busted: दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिम जिला नशीले पदार्थ-रोधी दस्ते ने अंतर-राज्यीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए उसकी तस्करी करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 1.525 किलोग्राम चरस और 3.8 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त की गयी चरस की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 50 लाख रुपये आंकी गयी है।

    पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर 11 जून को भलस्वा मेट्रो स्टेशन के पास जाल बिछाया। अधिकारियों ने दोपहर करीब 1:15 बजे नीतीश कुमार (23) नाम के एक संदिग्ध को पकड़ा, जो मूल रूप से बिहार के नवादा जिले का रहने वाला है और फिलहाल भलस्वा डेयरी में रहता है। उसके थैले की तलाशी लेने पर तीन पैकेटों में पैक 1.525 किलोग्राम चरस बरामद हुई।
    जहांगीरपुरी थाना में नशीली दवा एवं नशीले पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम की धारा 20/29 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी और जांच जारी है।

    पुलिस को जांच के दौरान सिंडिकेट के अन्य सदस्यों के बारे में अहम जानकारी मिली। इन सुरागों के आधार पर 16 जून को जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के पास एक और आरोपी सुदामा कुमार (22) को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह अपने साथी को 3.8 किलोग्राम गांजे की खेप पहुंचा रहा था। मौके पर ही नशीले पदार्थ जब्त कर लिए गये। दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि वे बिहार और हरियाणा में मौजूद तस्करों के साथ मिलकर दिल्ली में नशीले पदार्थों की आपूर्ति कर रहे थे।

    उन्होंने जांचकर्ताओं को बताया कि वे जल्दी पैसा कमाने के लालच में इस अवैध धंधे में शामिल हुए थे। पुलिस अब ड्रग सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए काम कर रही है। इसके साथ ही ऊपर के आपूर्तिकर्ताओं और नीचे के वितरण नेटवर्क की भी जांच कर रही है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी में ड्रग्स की तस्करी के खिलाफ अपना विशेष अभियान जारी रखेगी और संगठित नशीले पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

  • Halosulfuron Methyl Herbicide Import: दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, क्रिस्टल क्रॉप का पंजीकरण रद्द

    Halosulfuron Methyl Herbicide Import: दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, क्रिस्टल क्रॉप का पंजीकरण रद्द

    Halosulfuron Methyl Herbicide Import: दिल्ली उच्च न्यायालय ने कृषि रसायनों के आयात और उपयोग से जुड़े मामलों में नियामकीय नियमों के कड़ाई से पालन की आवश्यकता पर जोर देते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने दिल्ली स्थित कंपनी क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन लिमिटेड (सीसीपीएल) को हर्बीसाइड हैलोसल्फ्यूरॉन मिथाइल के आयात और निर्माण के लिए दिया गया पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द कर दिया। यह रसायन मुख्य रूप से गन्ना और मक्का जैसी फसलों में खरपतवार नियंत्रण के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

    न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर और न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने की पूरी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। अदालत ने पाया कि संबंधित अधिकारियों ने आवश्यक दस्तावेजों और तथ्यों की पर्याप्त जांच किए बिना कंपनी को पंजीकरण की अनुमति दे दी थी। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि कृषि रसायनों जैसे संवेदनशील उत्पादों के मामले में नियमों की अनदेखी किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।

    मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया कि सीसीपीएल को वर्ष 2011 में सिंगापुर की कंपनी फर्टीएग्रो द्वारा निर्मित और आपूर्ति किए गए नमूनों के आयात की अनुमति मिली थी। इसके बाद वर्ष 2016 में कंपनी ने चीन की जियांग्सू एग्रोकेमिकल्स द्वारा निर्मित तथा हेबेई बेस्टार द्वारा आपूर्ति किए जाने वाले हैलोसल्फ्यूरॉन मिथाइल 98 प्रतिशत के आयात के लिए पंजीकरण प्रमाणपत्र का आवेदन किया। हालांकि अदालत ने पाया कि उस समय यह साबित करने वाला कोई विश्वसनीय रिकॉर्ड मौजूद नहीं था कि जियांग्सू एग्रोकेमिकल्स को 2011 में इस उत्पाद के निर्माण की अनुमति प्राप्त थी।

    संबंधित ख़बरें: Malviya Nagar Fire Tragedy: दिल्ली सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की

    उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि जियांग्सू एग्रोकेमिकल्स को हैलोसल्फ्यूरॉन मिथाइल 98 प्रतिशत के निर्माण के लिए अस्थायी पंजीकरण अक्टूबर 2018 में प्राप्त हुआ था। इसके बावजूद पंजीकरण समिति ने पहले ही प्रमाणपत्र जारी कर दिया था। अदालत ने कहा कि कीटनाशक अधिनियम की धारा 9(3) के तहत जारी किया गया यह पंजीकरण स्पष्ट रूप से अवैध था। इस निर्णय के बाद सीसीपीएल अब न तो हैलोसल्फ्यूरॉन मिथाइल 98 प्रतिशत का आयात कर सकेगी और न ही हैलोसल्फ्यूरॉन मिथाइल 75 प्रतिशत डब्ल्यूजी का घरेलू स्तर पर निर्माण कर पाएगी।

    अदालत ने अपने विस्तृत फैसले में चेतावनी दी कि बिना पर्याप्त परीक्षण या अनधिकृत निर्माताओं से प्राप्त कीटनाशकों और कृषि रसायनों का आयात एवं उपयोग मानव स्वास्थ्य, पशु जीवन और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। न्यायालय ने कहा कि ऐसे मामलों में नियामकीय प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाना बेहद आवश्यक है। यह फैसला धनुका एग्रीटेक लिमिटेड द्वारा दायर लेटर्स पेटेंट अपील पर सुनवाई के दौरान सुनाया गया, जिसमें कंपनी की ओर से उच्चतम न्यायालय की अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड शोभा राममूर्ति ने पक्ष रखा।

  • Malviya Nagar Fire Tragedy: दिल्ली सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की

    Malviya Nagar Fire Tragedy: दिल्ली सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की

    Malviya Nagar Fire Tragedy: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। साथ ही गंभीर रूप से घायल लोगों को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

    मुख्यमंत्री गुरुवार को साकेत स्थित मैक्स अस्पताल पहुंचीं, जहां उन्होंने हादसे में घायल लोगों का हालचाल जाना और उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों और अस्पताल प्रशासन के साथ बैठक कर घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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    रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार इस दुख की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और इलाज में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि अस्पताल प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर घायलों के उपचार और चिकित्सा खर्च की समुचित व्यवस्था की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि मृतकों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक निवास तक पहुंचाने की व्यवस्था भी सरकार की ओर से की जा रही है। उन्होंने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि सरकार हर प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • Supreme Court New Judges: सुप्रीम कोर्ट को मिले पांच नए जज, कुल संख्या बढ़कर होगी 37

    Supreme Court New Judges: सुप्रीम कोर्ट को मिले पांच नए जज, कुल संख्या बढ़कर होगी 37

    Supreme Court New Judges: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इन न्यायाधीशों के शपथ लेने के बाद मुख्य न्यायाधीश सहित सुप्रीम कोर्ट के जजों की कुल संख्या 37 हो जाएगी।

    विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकिटा सुब्रमणि मोहना तथा चार उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों/न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने की मंजूरी दी है।

    नियुक्त किए गए न्यायाधीशों में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति चंद्रशेखर, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अरुण पल्ली शामिल हैं।

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    सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, इन सभी की नियुक्ति उनके पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी मानी जाएगी। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पिछले महीने इन नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी, जिसके बाद नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की गई।

    वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकिटा सुब्रमणि मोहना की नियुक्ति के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में महिला न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर दो हो जाएगी। फिलहाल केवल B. V. Nagarathna महिला न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं। अगस्त 2021 के बाद पहली बार किसी महिला न्यायाधीश की नियुक्ति हुई है।

    हाल ही में केंद्र सरकार ने एक अध्यादेश के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी थी। वर्तमान में शीर्ष अदालत में 32 न्यायाधीश कार्यरत हैं। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम Court की स्थापना के समय इसमें केवल आठ न्यायाधीश थे।

  • New LPG Rules Come Into Effect From 1st June: 1 जून से LPG-PNG उपभोक्ताओं के लिए नए नियम लागू, एक घर में नहीं रख सकेंगे दो गैस कनेक्शन

    New LPG Rules Come Into Effect From 1st June: 1 जून से LPG-PNG उपभोक्ताओं के लिए नए नियम लागू, एक घर में नहीं रख सकेंगे दो गैस कनेक्शन

    नई दिल्ली | प्रतिनिधि
    देश में एलपीजी गैस वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने गैस कनेक्शन से जुड़े कई नए नियम लागू किए हैं। 1 जून 2026 से लागू हो रहे इन नियमों का असर लाखों एलपीजी और पीएनजी उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है।
    New LPG Rules Come Into Effect From June:

    नए नियमों के तहत अब “एक घर-एक गैस कनेक्शन” नीति को और सख्ती से लागू किया जाएगा। जिन परिवारों के घर में पहले से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन उपलब्ध है, उन्हें घरेलू एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। सरकार का कहना है कि इससे गैस की अनावश्यक खपत, जमाखोरी और अवैध बिक्री पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
    सरकार द्वारा जारी संशोधित प्रावधानों के अनुसार, PNG कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ता घरेलू LPG कनेक्शन न तो रख सकेंगे और न ही नया कनेक्शन प्राप्त कर सकेंगे। जिन उपभोक्ताओं के पास दोनों सुविधाएं हैं, उन्हें एलपीजी कनेक्शन वापस करना होगा।
    हालांकि सरकार ने ऐसे उपभोक्ताओं को राहत भी दी है। यदि कोई उपभोक्ता PNG अपनाने के बाद LPG कनेक्शन सरेंडर करता है, तो उसे एक विशेष वाउचर सुविधा दी जाएगी। भविष्य में यदि वह ऐसे क्षेत्र में स्थानांतरित होता है जहां PNG उपलब्ध नहीं है, तो उसी वाउचर के आधार पर दोबारा LPG कनेक्शन आसानी से प्राप्त कर सकेगा।
    इसके अलावा गैस सिलेंडर की उपलब्धता को संतुलित रखने के लिए रिफिल बुकिंग के नियम भी लागू हैं। मौजूदा व्यवस्था के अनुसार शहरी क्षेत्रों में अगले सिलेंडर की बुकिंग के लिए कम से कम 25 दिन का अंतर आवश्यक है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि 45 दिन निर्धारित की गई है। सरकार ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि इन समय सीमाओं में फिलहाल कोई नया बदलाव नहीं किया गया है।
    विशेषज्ञों का मानना है कि इन नियमों से वास्तविक जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी, हालांकि महानगरों और PNG सुविधायुक्त क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं को नई व्यवस्था के अनुसार अपने कनेक्शन अपडेट करने होंगे।

  • Yavatmal Nomination Sparks Mahayuti Tension in Maharashtra:सीट बंटवारे के बाद भी महायुति में तनाव, यवतमाल से भाजपा नेता के नामांकन ने बढ़ाई अटकलें

    Yavatmal Nomination Sparks Mahayuti Tension in Maharashtra:सीट बंटवारे के बाद भी महायुति में तनाव, यवतमाल से भाजपा नेता के नामांकन ने बढ़ाई अटकलें

    मुंबई | प्रतिनिधि
    महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख से ठीक पहले महायुति में सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हो गया है, लेकिन इसके बावजूद गठबंधन के भीतर खींचतान की चर्चा तेज हो गई है। सीटों के बंटवारे के बाद यवतमाल सीट से भाजपा नेता नितिन भुतडा के नामांकन दाखिल करने की तैयारी ने राजनीतिक गलियारों में नई अटकलों (Yavatmal Nomination Sparks Mahayuti Tension) को जन्म दे दिया है।
    लंबी बातचीत और मंथन के बाद महायुति में सीटों का बंटवारा तय हुआ है। इसके तहत भाजपा 11 सीटों, शिवसेना (शिंदे गुट) 4 सीटों और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) 2 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बताया जा रहा है कि शिवसेना शिंदे गुट छह सीटों की मांग पर अड़ा हुआ था, जबकि अजित पवार गुट ने तीन सीटों की मांग की थी। इसी वजह से सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने में देरी हुई।
    सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय स्वराज संस्थाओं में मजबूत जनाधार होने के कारण भाजपा के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की मांग थी कि पार्टी 14 सीटों पर चुनाव लड़े। हालांकि गठबंधन धर्म का पालन करते हुए भाजपा ने अपने सहयोगी दलों के लिए सीटें छोड़ीं।
    इस बीच यवतमाल विधान परिषद सीट को लेकर नया राजनीतिक मोड़ सामने आया है। महायुति के फार्मूले के अनुसार यह सीट शिवसेना (शिंदे गुट) के हिस्से में बताई जा रही है, लेकिन भाजपा के जिला समन्वयक नितिन भुतडा ने इस सीट से नामांकन दाखिल करने की घोषणा कर दी है।
    नितिन भुतडा ने स्पष्ट किया है कि वह किसी प्रकार की बगावत नहीं कर रहे हैं, बल्कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर नामांकन दाखिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी नेतृत्व उन्हें नाम वापस लेने का निर्देश देगा तो वे तुरंत नामांकन वापस ले लेंगे।
    भुतडा के इस कदम के बाद यवतमाल में भाजपा और शिवसेना के बीच मतभेद की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि समय रहते मामला नहीं सुलझा तो महायुति के भीतर असहज स्थिति पैदा हो सकती है।
    फिलहाल सभी की निगाहें नामांकन की अंतिम प्रक्रिया और महायुति नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

  • NIA Raid: चार राज्यों में बड़ी छापेमारी, हथियार और IED तस्करी नेटवर्क पर कसा शिकंजा!

    NIA Raid: चार राज्यों में बड़ी छापेमारी, हथियार और IED तस्करी नेटवर्क पर कसा शिकंजा!

    NIA Raid: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हथियारों और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) की तस्करी से जुड़े एक संदिग्ध नेटवर्क के खिलाफ चार राज्यों में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई का उद्देश्य देश में सक्रिय उन तत्वों तक पहुंचना है जो अवैध हथियारों और विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति में शामिल होने के संदेह के घेरे में हैं।

    अधिकारियों के अनुसार, NIA की टीमों ने विभिन्न राज्यों में कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच एजेंसी को इन स्थानों से महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है। एजेंसी का मानना है कि इन सबूतों से नेटवर्क के अन्य सदस्यों और उनके संपर्कों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।

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    प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क अवैध हथियारों और IED से संबंधित सामग्री की आवाजाही में भूमिका निभा रहा था। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि कहीं इसके तार किसी आतंकी संगठन या देश विरोधी गतिविधियों से तो नहीं जुड़े हैं।

    NIA के अधिकारियों ने बताया कि हाल के महीनों में मिली खुफिया जानकारी और पहले दर्ज मामलों की जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। एजेंसी का उद्देश्य देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाले नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है।

    सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। डिजिटल साक्ष्यों और जब्त दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

    फिलहाल NIA ने मामले की जांच तेज कर दी है और संदिग्धों के संपर्कों, वित्तीय लेन-देन तथा नेटवर्क के विस्तार की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि जांच के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां या कार्रवाई हो सकती है।

  • युवाओं की आवाज से डरी BJP?: Cockroach Janta Party के संस्थापक Abhijeet Dipke का भाजपा पर हमला

    युवाओं की आवाज से डरी BJP?: Cockroach Janta Party के संस्थापक Abhijeet Dipke का भाजपा पर हमला

    नई दिल्ली / मुंबई

    देश में बेरोजगारी, युवाओं की नाराज़गी और सोशल मीडिया की राजनीति के बीच “काॅकरोच जनता पार्टी (CJP)” अचानक राष्ट्रीय बहस का विषय बन गई है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) के कथित “कॉकरोच” बयान के बाद शुरू हुए ऑनलाइन विरोध ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। इस अभियान के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि युवाओं की आवाज दबाने के लिए उनकी पार्टी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वेबसाइट को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं सोशल मीडिया पर BJP और CJP समर्थकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। लाखों युवाओं के डिजिटल समर्थन के बीच “Cockroach Janta Party” अब केवल एक मीम या व्यंग्य नहीं, बल्कि व्यवस्था के खिलाफ उभरते युवा असंतोष का प्रतीक बनती दिखाई दे रही है।

    CJI के बयान से शुरू हुआ विवाद

    देश में मुख्य न्यायाधीश (CJI) के उस कथित बयान को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया, जिसमें बेरोजगार युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से किए जाने का आरोप लगा। इस बयान के वायरल होने के बाद युवाओं में नाराज़गी बढ़ी और इंटरनेट पर विरोध शुरू हो गया।

    विरोध से बनी “Cockroach Janta Party”

    इसी विवाद के बीच युवा डिजिटल रणनीतिकार Abhijeet Dipke ने “Cockroach Janta Party (CJP)” नाम से एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक अभियान शुरू किया। देखते ही देखते यह अभियान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लाखों युवा इससे जुड़ने लगे।

    “युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश”

    Abhijeet Dipke ने दावा किया कि CJP के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वेबसाइट को हैक करने की कोशिशें की जा रही हैं। एक वायरल वीडियो संदेश में उन्होंने कहा:“दुनिया की इतनी बड़ी पार्टी को इतने निम्न स्तर पर आना पड़ रहा है कि वह युवाओं की आवाज दबाने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट हैक करने की कोशिश कर रही है।”हालांकि Dipke ने किसी पार्टी का सीधा नाम नहीं लिया, लेकिन सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इसे BJP से जोड़कर देख रहे हैं।

    “मीम्स और सवालों से डर रही सत्ता”

    Dipke ने कहा कि अगर युवा मीम्स, व्यंग्य और सोशल मीडिया के जरिए सवाल उठा रहे हैं और उससे सत्ता घबराने लगी है, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उनका दावा है कि CJP अब केवल मजाक या ट्रेंड नहीं, बल्कि बेरोजगार और नाराज़ युवाओं की आवाज बन चुकी है।

    जाति और राजनीतिक पृष्ठभूमि पर भी बहस

    सोशल मीडिया पर Abhijeet Dipke की जाति और राजनीतिक संबंधों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। विभिन्न प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    लाखों युवाओं का डिजिटल समर्थन

    “Cockroach Janta Party” के इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से 90 लाख फॉलोअर्स बढ़े हैं। कई युवा इसे पारंपरिक राजनीति के खिलाफ डिजिटल विरोध का नया प्रतीक बता रहे हैं।

    CJI की सफाई भी आई सामने

    विवाद बढ़ने के बाद CJI की ओर से सफाई दी गई कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी बेरोजगार युवाओं के लिए नहीं, बल्कि फर्जी डिग्री और व्यवस्था के दुरुपयोग के संदर्भ में थी।

    सोशल मीडिया से सड़क तक पहुंची बहस

    अब यह मामला केवल इंटरनेट ट्रेंड तक सीमित नहीं रहा। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी “Cockroach Janta Party” और युवाओं के गुस्से को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और BJP को घेरने की कोशिश कर रहे हैं।

  • Delhi Tribal Cultural Conclave: 24 मई को आयोजित होगा जनजाति सांस्कृतिक समागम, शाह होंगे मुख्य अतिथि!

    Delhi Tribal Cultural Conclave: 24 मई को आयोजित होगा जनजाति सांस्कृतिक समागम, शाह होंगे मुख्य अतिथि!

    Delhi Tribal Cultural Conclave: भगवान बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में यहां के लाल किला मैदान में 24 मई को जनजाति सांस्कृतिक समागम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे।

    इस संबंध में सोमवार को यहां स्थित प्रेस क्लब में जनजाति सुरक्षा मंच की ओर से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में वक्ताओं ने सोमवार को कहा कि भगवान बिरसा मुंडा भारत में स्वतंत्रता, सांस्कृतिक अस्मिता और सामुदायिक चेतना के प्रतीक रहे हैं।

    यह समागम एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय आयोजन के रूप में परिकल्पित है। इस कार्यक्रम में देशभर की 500 से अधिक जनजातियों के डेढ़ लाख प्रतिभागियों की उपस्थिति संभावित है। उन्होंने बताया कि सभी प्रतिभागी अपने स्वयं के खर्च से दिल्ली पधार रहे है। यह अपने आप में एक अत्यंत व्यापक सांस्कृतिक आयोजन होगा।

    अपनी धर्म-संस्कृति, परम्परा के विषय को लेकर जनजाति समाज राजधानी दिल्ली में इतनी बड़ी संख्या में पहली बार एकत्रित हो रहा है। उन्होंने बताया कि भव्य सांस्कृतिक शोभा यात्रा यह कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा। अपनी पारंपरिक वेशभूषा में देश से विभिन्न हिस्सों से आए जनजति महिला-पुरुष इस शोभायात्रा में सम्मिलित होकर संस्कृति-परम्परा का दर्शन दिल्लीवासियों को कराएँगे।

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    यह शोभा यात्रा पाँच विभिन्न स्थलों से प्रारंभ होगी, जो जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व करेगी। ये यात्राएँ लाल किले पर आकर एकत्रित होंगी, जहाँ इसके पश्चात एक जनसभा का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि शाह इस भव्य जनसभा में प्रमुख अतिथि के नाते उपस्थित रहेंगे। उन्होंने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।

    उन्होंने बताया कि “तू- मैं एक रक्त, वनवासी– ग्रामवासी– नगरवासी, हम सब भारतवासी” यह इस सांस्कृतिक समागम का मुख्य विचार सूत्र रहेगा। उन्होंने इस समागम कार्यक्रम के निमित्त सुदूर वनों-पर्वतों में निवास करनेवाले अपने वनवासी बंधुओं को जानने का, उनका स्वागत करने का अवसर पहली बार दिल्ली के नागरिकों को मिल रहा है, इसलिए विभिन्न राज्यों से लाखों की संख्या में आने वाले अपने जनजाति बंधुओं की सभी प्रकार की व्यवस्थाओं के लिए दिल्लीवासी भी प्रयासरत है।

    कई प्रकार की व्यवस्थाओं के लिए 20 विभाग बनाएं है और विभिन्न समितियों का गठन किया है। दिल्ली के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर आवास, भोजन-पानी, यातायात, चिकित्सा, सुरक्षा और स्वच्छता की व्यवस्था की है।