Delhi Tribal Cultural Conclave: 24 मई को आयोजित होगा जनजाति सांस्कृतिक समागम, शाह होंगे मुख्य अतिथि!

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Delhi Tribal Cultural Conclave: भगवान बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में यहां के लाल किला मैदान में 24 मई को जनजाति सांस्कृतिक समागम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे।

इस संबंध में सोमवार को यहां स्थित प्रेस क्लब में जनजाति सुरक्षा मंच की ओर से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में वक्ताओं ने सोमवार को कहा कि भगवान बिरसा मुंडा भारत में स्वतंत्रता, सांस्कृतिक अस्मिता और सामुदायिक चेतना के प्रतीक रहे हैं।

यह समागम एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय आयोजन के रूप में परिकल्पित है। इस कार्यक्रम में देशभर की 500 से अधिक जनजातियों के डेढ़ लाख प्रतिभागियों की उपस्थिति संभावित है। उन्होंने बताया कि सभी प्रतिभागी अपने स्वयं के खर्च से दिल्ली पधार रहे है। यह अपने आप में एक अत्यंत व्यापक सांस्कृतिक आयोजन होगा।

अपनी धर्म-संस्कृति, परम्परा के विषय को लेकर जनजाति समाज राजधानी दिल्ली में इतनी बड़ी संख्या में पहली बार एकत्रित हो रहा है। उन्होंने बताया कि भव्य सांस्कृतिक शोभा यात्रा यह कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा। अपनी पारंपरिक वेशभूषा में देश से विभिन्न हिस्सों से आए जनजति महिला-पुरुष इस शोभायात्रा में सम्मिलित होकर संस्कृति-परम्परा का दर्शन दिल्लीवासियों को कराएँगे।

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यह शोभा यात्रा पाँच विभिन्न स्थलों से प्रारंभ होगी, जो जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व करेगी। ये यात्राएँ लाल किले पर आकर एकत्रित होंगी, जहाँ इसके पश्चात एक जनसभा का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि शाह इस भव्य जनसभा में प्रमुख अतिथि के नाते उपस्थित रहेंगे। उन्होंने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।

उन्होंने बताया कि “तू- मैं एक रक्त, वनवासी– ग्रामवासी– नगरवासी, हम सब भारतवासी” यह इस सांस्कृतिक समागम का मुख्य विचार सूत्र रहेगा। उन्होंने इस समागम कार्यक्रम के निमित्त सुदूर वनों-पर्वतों में निवास करनेवाले अपने वनवासी बंधुओं को जानने का, उनका स्वागत करने का अवसर पहली बार दिल्ली के नागरिकों को मिल रहा है, इसलिए विभिन्न राज्यों से लाखों की संख्या में आने वाले अपने जनजाति बंधुओं की सभी प्रकार की व्यवस्थाओं के लिए दिल्लीवासी भी प्रयासरत है।

कई प्रकार की व्यवस्थाओं के लिए 20 विभाग बनाएं है और विभिन्न समितियों का गठन किया है। दिल्ली के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर आवास, भोजन-पानी, यातायात, चिकित्सा, सुरक्षा और स्वच्छता की व्यवस्था की है।

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