Category: Politics

Politics is the art of looking for trouble, finding it everywhere, diagnosing it incorrectly and applying the wrong remedies.

  • MUSLIM-HINDU: कांग्रेस राम-विरोधी और उबाठा मुस्लिम वोटों के लिए उर्दू में प्रचार कर रही है: संजय निरुपम

    MUSLIM-HINDU: कांग्रेस राम-विरोधी और उबाठा मुस्लिम वोटों के लिए उर्दू में प्रचार कर रही है: संजय निरुपम

    मुंबई। शिवसेना नेता संजय निरुपम(Sanjay Nirupam) ने कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट (उबाठा) (UBT Shiv Sena) पर जोरदार हमला बोला है। नाना पटोले (Nana Patole) द्वारा राहुल गांधी(Rahul Gandhi) की तुलना भगवान राम से किए जाने पर निरुपम ने कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि कांग्रेस की पहचान शुरू से ही राम-विरोधी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और आज तक अयोध्या में बने राम मंदिर में दर्शन तक नहीं किए।

    संजय निरुपम ने कहा, “कांग्रेस के नेता खुद को राम के आदर्शों से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि वे रावण के अनुयायी रहे हैं। अगर नाना पटोले का दावा है कि राहुल गांधी भगवान राम के आदर्शों के अनुसार दबे-कुचले लोगों के लिए काम कर रहे हैं, तो फिर हर दो महीने में वे कोलंबिया, पेरू, इटली, लंदन और थाईलैंड क्यों जाते हैं? आखिर यह किस तरह का जनसेवा कार्य है?”

    निरुपम ने उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिस शिवसेना की स्थापना हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे ने की थी और जो हमेशा हिंदी, हिंदू और हिंदुस्तान के विचारों के साथ मजबूती से खड़ी रही, आज वही पार्टी मुस्लिम वोट बैंक के लिए अपनी मूल पहचान से भटकती नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उबाठा गुट प्रचार में हिंदी और मराठी को छोड़कर उर्दू भाषा का इस्तेमाल कर रहा है।

    संजय निरुपम ने आगे कहा कि उद्धव ठाकरे गुट जिहादी सोच रखने वालों के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है और उन्हें अपनी पार्टी में शामिल कर रहा है। यह इस गुट की असलियत को उजागर करता है और शिवसेना की मूल विचारधारा से पूरी तरह अलग है।

    मुंबई महानगरपालिका (मनपा) चुनाव को लेकर निरुपम ने दावा किया कि मुंबई का अगला मेयर मराठी मानुस होगा और वह छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों से प्रेरित होगा। उन्होंने कहा कि मुंबई की मराठी जनता ही अंतिम फैसला करेगी और किसी भी तरह की तुष्टिकरण की राजनीति को नकार देगी।

    इसके अलावा संजय निरुपम ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को देखते हुए शाहरुख खान को अपनी टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ी शामिल नहीं करने चाहिए। निरुपम के इस बयान ने राजनीतिक के साथ-साथ फिल्मी हलकों में भी चर्चा तेज कर दी है।

    कुल मिलाकर संजय निरुपम के इन बयानों से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया है और आगामी मनपा चुनावों से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

  • भाजपा को मिली ताकत, कांग्रेस को होगा नुकसान: मालाड वार्ड 47 में बदला चुनावी माहौल

    भाजपा को मिली ताकत, कांग्रेस को होगा नुकसान: मालाड वार्ड 47 में बदला चुनावी माहौल

    मुंबई।
    मुंबई महानगरपालिका के आगामी सार्वत्रिक चुनाव 2025–26 की पृष्ठभूमि में मालाड क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हो गई हैं। इसी क्रम में वार्ड क्रमांक 47 में कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के मुंबई अध्यक्ष तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना को वार्ड 47 से भाजपा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।

    स्थानीय, उच्च शिक्षित और लगातार जनसंपर्क में सक्रिय उम्मीदवार के चयन से क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना है। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि युवा नेतृत्व को आगे लाने का पार्टी का यह फैसला आगामी चुनावों में निर्णायक साबित हो सकता है।

    कांग्रेस नेताओं का सामूहिक इस्तीफा, भाजपा में औपचारिक प्रवेश

    इस बीच कांग्रेस को उस समय बड़ा झटका लगा जब उत्तर मुंबई जिला कांग्रेस के महासचिव अरविंद क्वार्डोस तथा कांग्रेस झुग्गी पुनर्विकास प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मुरुगन पिल्लई ने अपने सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।

    यह भव्य पक्ष प्रवेश कार्यक्रम केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर मुंबई के सांसद पीयूष गोयल की प्रमुख उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता, स्थानीय पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    भाजपा के नेतृत्व और विकास नीति पर जताया भरोसा

    पार्टी में प्रवेश के बाद नवप्रवेशी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा का सशक्त संगठन, विकासोन्मुख नीतियाँ तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का दूरदर्शी नेतृत्व ही उन्हें भाजपा से जुड़ने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा ही आम नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में सक्षम है।

    वार्ड 47 में जीत का भरोसा, मालाड की राजनीति में बदलाव के संकेत

    कार्यक्रम के दौरान उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना वार्ड क्रमांक 47 से भारी बहुमत से विजयी होंगे। चुनाव से पहले कांग्रेस को लगा यह झटका मालाड की राजनीति में निर्णायक मोड़ ला सकता है, ऐसी चर्चा राजनीतिक हलकों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों में भी तेज़ हो गई है।

  • BMC Election 2025-26: मुंबईकरों को प्रशासन और बुनियादी सुविधाएँ देने में भ्रष्ट महायुती पूरी तरह नाकाम: सांसद वर्षा गायकवाड

    BMC Election 2025-26: मुंबईकरों को प्रशासन और बुनियादी सुविधाएँ देने में भ्रष्ट महायुती पूरी तरह नाकाम: सांसद वर्षा गायकवाड

    मुंबई महानगरपालिका में भ्रष्ट युती के कारनामों के खिलाफ कांग्रेस का जोरदार प्रहार, प्रदर्शन का उद्घाटन

    कांग्रेस का ऐलान: भ्रष्टाचारमुक्त, पारदर्शी और जनहितकारी मुंबई देंगे

    मुंबई कांग्रेस का महायुती पर हमला, बीएमसी को खोखला करने और खुली लूट का आरोप

    मुंबई।
    मुंबई कांग्रेस ने महायुती सरकार पर मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को पूरी तरह खोखला करने, बीते तीन वर्षों में मुंबईकरों की गाढ़ी कमाई की खुली लूट करने और नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखने के गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि वर्ष 2017 से 2022 के दौरान बीएमसी की कुल कार्यक्षमता मात्र 38 प्रतिशत रही, जो प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट प्रमाण है।

    राजीव गांधी भवन में ‘युती काला चिट्ठा’ जारी

    इन आरोपों को लेकर राजीव गांधी भवन में कांग्रेस द्वारा बीएमसी के कथित भ्रष्टाचार पर आधारित ‘युती काला चिट्ठा’ जारी किया गया। इस अवसर पर मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा एकनाथ गायकवाड़, मुंबई कांग्रेस प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस तथा पूर्व मंत्री व विधायक असलम शेख प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

    नगर नियोजन और नागरिक सुविधाओं में विफल रही महायुती : वर्षा गायकवाड़

    सभा को संबोधित करते हुए सांसद वर्षा गायकवाड़ ने भाजपा-नेतृत्व वाली महायुती पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि नगर नियोजन, प्रशासन और मूलभूत नागरिक सुविधाएँ देने में यह गठबंधन पूरी तरह असफल रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुंबई को भ्रष्टाचार से मुक्त कर पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है।

    12 हजार करोड़ की जमा राशि घटी, प्रदूषण में अव्वल मुंबई

    सांसद गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि बीते तीन वर्षों में बीएमसी की मुदत जमा राशि में करीब 12 हजार करोड़ रुपये की गिरावट आई है। आज मुंबई देश में वायु प्रदूषण के मामले में पहले स्थान पर पहुंच गई है। निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।

    बेस्ट को कमजोर करने और निजीकरण की साजिश का आरोप

    उन्होंने कहा कि मुंबईकरों की जीवनरेखा मानी जाने वाली बेस्ट को जानबूझकर घाटे में डालकर यात्रियों पर लगातार भाड़ावृद्धि का बोझ डाला जा रहा है। किराए लगभग दोगुने कर दिए गए हैं और सार्वजनिक परिवहन को कमजोर कर बेस्ट डिपो की जमीनें निजी हाथों में देने की साजिश रची जा रही है।

    मिठी नदी गाद घोटाले का भी जिक्र

    सांसद गायकवाड़ ने मिठी नदी की सफाई के नाम पर हजारों करोड़ रुपये के गाद घोटाले का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि फर्जी एमओयू के जरिए ठेकेदारों और अधिकारियों द्वारा खुली लूट की गई, जो महायुती सरकार के भ्रष्ट कारभार का उदाहरण है।

    उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा,
    “मुंबईकरों की यह लूट अब बंद होनी चाहिए। इसके लिए भ्रष्ट महायुती को सत्ता से बाहर करना जरूरी है।”

    कांग्रेस सत्ता में आई तो मुंबई के लिए ये वादे

    सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि यदि मुंबई महानगरपालिका में कांग्रेस की सत्ता आती है तो—

    • बेस्ट बेड़े में 6,000 से अधिक नई बसें शामिल की जाएंगी
    • हर मुंबईकर को यूनिवर्सल फ्री हेल्थ कार्ड और मुफ्त दवाइयाँ दी जाएंगी
    • बंद पड़ी मराठी स्कूलों को पुनः शुरू कर उनका नवीनीकरण किया जाएगा
    • मुंबई की पानी आपूर्ति 5,000 एमएलडी तक बढ़ाई जाएगी
    • पथविक्रेता अधिनियम 2014 को सख्ती से लागू किया जाएगा
    • निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगले सप्ताह कांग्रेस और महाआघाड़ी के सहयोगी दल संयुक्त जाहीरनामा जारी करेंगे।

  • Municiple Election2025-26 : नासिक में भाजपा की टिकट नीति पर मचा बवाल, पुराने कार्यकर्ता उतरे सड़कों पर

    Municiple Election2025-26 : नासिक में भाजपा की टिकट नीति पर मचा बवाल, पुराने कार्यकर्ता उतरे सड़कों पर

    नासिक। नासिक महानगरपालिका चुनाव (Municiple Election2025-26) से पहले भारतीय जनता पार्टी के भीतर गहरी असंतोष की लहर सामने आ गई है। पार्टी के पुराने और जमीनी कार्यकर्ता, हाल ही में अन्य दलों से आए नेताओं को प्राथमिकता दिए जाने से नाराज़ होकर खुलकर विरोध में उतर आए हैं। गुरुवार को नासिक रोड स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन हुआ, जहां विधायक राहुल ढिकले के खिलाफ नारेबाजी की गई।

    प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वर्षों से पार्टी के लिए काम करने वालों को दरकिनार कर शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से आए नेताओं को टिकट थमा दिए गए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें लगातार उम्मीदवार बनाए जाने का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन आखिरी वक्त पर उन्हें धोखा मिला।

    स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने भाजपा की शहर इकाई के अध्यक्ष सुनील केदार को घेर लिया। कार्यकर्ताओं ने उनसे सीधे सवाल किया कि टिकट वितरण का आधार क्या था और वफादार कार्यकर्ताओं को बाहर क्यों रखा गया। हालात बिगड़ते देख पार्टी कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई।

    इसी बीच केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले की रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले गुट) के कार्यकर्ता भी भाजपा कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने महायुति गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर नाराजगी जाहिर की और नारेबाजी की। हालात को देखते हुए भाजपा कार्यालय को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा और सुनील केदार को पुलिस सुरक्षा में बाहर निकाला गया।

    पार्टी के भीतर असंतोष का एक और दृश्य बुधवार को देखने को मिला, जब वार्ड क्रमांक 29 से टिकट न मिलने से नाराज़ भाजपा कार्यकर्ता बालासाहेब घुगे ने विधायक सीमा हीराय के खिलाफ नारे लगाए और विरोध दर्ज कराने के लिए सार्वजनिक रूप से खुद को थप्पड़ मारा।

    नामांकन प्रक्रिया के दौरान भी तनाव बना रहा। 30 दिसंबर को एबी फॉर्म बांटे जाने के दौरान नाराज़ कार्यकर्ताओं ने केदार की गाड़ी का पीछा किया था। चुनावी प्रशासन के अनुसार, 31 वार्ड वाली नासिक महानगरपालिका की 122 सीटों के लिए कुल 2,356 नामांकन दाखिल हुए थे, जिनमें से जांच के बाद 2,079 नामांकन वैध पाए गए, जबकि 277 नामांकन विभिन्न कारणों से रद्द कर दिए गए।

    नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 2 जनवरी तय की गई है और अंतिम उम्मीदवार सूची 3 जनवरी को जारी होगी। वहीं, मालेगांव महानगरपालिका में 21 वार्डों की 84 सीटों के लिए कुल 808 नामांकन प्राप्त हुए, जिनमें से 94 नामांकन अमान्य घोषित किए गए हैं, जबकि 714 नामांकन अभी विचाराधीन हैं।

    नासिक की राजनीति में यह घटनाक्रम भाजपा के लिए चुनावी चुनौती बनता दिख रहा है, जहां भीतरघात और असंतोष का असर सीधे चुनावी परिणामों पर पड़ सकता है।

  • KDMC Election: कल्याण में भाजपा तटस्थ कार्यकर्ता संदीप तिवारी के नए कार्यालय का उद्घाटन, पैनल 13 की राजनीति में बढ़ी सरगर्मी

    KDMC Election: कल्याण में भाजपा तटस्थ कार्यकर्ता संदीप तिवारी के नए कार्यालय का उद्घाटन, पैनल 13 की राजनीति में बढ़ी सरगर्मी

    कल्याण। भाजपा के तटस्थ कार्यकर्ता संदीप तिवारी के नए कार्यालय का भव्य उद्घाटन विश्वास अपार्टमेंट, शॉप नंबर–4, शंकर पवासे रोड, राय वैली के सामने संपन्न हुआ। कार्याqलय का उद्घाटन महेश गायकवाड़ के करकमलों से किया गया। इस अवसर पर पैनल क्रमांक 13 के कुछ स्थानीय नगरसेवकों की भी विशेष उपस्थिति रही।
    कार्यालय उद्घाटन के अवसर पर शाम 4 बजे से सुंदरकांड पाठ का भव्य धार्मिक आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक, समर्थक एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। भक्तिमय वातावरण और उमड़ी भारी भीड़ ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
    पैनल 13 में चुनावी हलचल तेज
    कार्यालय उद्घाटन के साथ ही स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। चुनावी दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाने वाले पैनल क्रमांक 13 में संदीप तिवारी द्वारा कार्यालय खोले जाने को आगामी चुनावों की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। जिस परिसर में यह कार्यालय स्थापित हुआ है, वहां पूर्व नगरसेवक मनोज राय का भी लंबे समय तक राजनीतिक प्रभाव रहा है।
    अब तक संदीप तिवारी को पूर्व नगरसेवक मनोज राय का करीबी और उनके दाहिने हाथ के रूप में जाना जाता रहा है। दोनों के बीच लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक समन्वय देखा गया है। ऐसे में तिवारी द्वारा स्वतंत्र रूप से सक्रिय होते हुए इस क्षेत्र में कार्यालय खोलना कई राजनीतिक संकेत दे रहा है।
    नए समीकरणों की संभावना
    स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संदीप तिवारी का यह कदम आने वाले समय में नए राजनीतिक समीकरण बना सकता है। क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि तिवारी का बढ़ता जनसंपर्क और प्रभाव मनोज राय के पारंपरिक वोट बैंक को प्रभावित कर सकता है।
    हालांकि संदीप तिवारी की ओर से अभी तक किसी प्रकार की औपचारिक राजनीतिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन कार्यालय उद्घाटन और धार्मिक आयोजन में उमड़ी भारी भीड़ को उनकी बढ़ती ताकत के रूप में देखा जा रहा है।
    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह कार्यालय स्थानीय राजनीति का नया केंद्र बन सकता है। फिलहाल, इस घटनाक्रम ने राय वैली और आसपास के क्षेत्रों की राजनीति में नई ऊर्जा और सरगर्मी पैदा कर दी है। आगामी चुनावों में इसका क्या असर होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
    कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित
    इस अवसर पर प्रमुख रूप से सुरेश उपाध्याय, राकेश (मुन्ना) मिश्रा, अमित (मोनू) पाठक, शिवा पाण्डेय, शिवम मिश्रा, बिपिन मिश्रा, दयाराम यादव, संदीप सिंह, कपिल चौहान, रामसूरत चौहान, सुभाष गुप्ता, अनिल गुप्ता, ज्ञानसार पाण्डेय, पवन दुबे, मनीष मौर्य, प्रीतम गुप्ता एवं उमेश पाण्डेय सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

  • मंत्रिमंडल में हलचल, गिरफ्तारी और दल-बदल के बीच महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल

    मंत्रिमंडल में हलचल, गिरफ्तारी और दल-बदल के बीच महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल

    महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल, 19 दिसंबर पर टिकी निगाहें; मंत्री, गिरफ्तारी और दल-बदल से गरमाई सियासत

    MUMBAI: महाराष्ट्र की राजनीति में शुक्रवार को दिनभर तेज़ हलचल देखने को मिली। 19 दिसंबर को संभावित “राजनीतिक भूकंप” के दावों से लेकर मंत्रिमंडल में फेरबदल, एक मंत्री की संभावित गिरफ्तारी, दल-बदल और गंभीर आरोपों ने राज्य की सियासत को गरमा दिया है। इन घटनाक्रमों के चलते आने वाले दिनों में बड़े बदलाव की अटकलें तेज़ हो गई हैं।

    शिवसेना सांसद संजय राउत ने पत्रकार परिषद में पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने 19 दिसंबर को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होने की बात कही थी। राउत ने दावा किया कि उस दिन ऐसा खुलासा हो सकता है, जिसका असर भारत की राजनीति पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सामने आने वाली जानकारी कुछ बड़े नेताओं के लिए असहज साबित हो सकती है। इससे पहले पृथ्वीराज चव्हाण ने संकेत दिया था कि अमेरिका की संसद में एफस्टीन से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक हो सकती है, जिसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ भारत पर भी पड़ सकता है।

    इसी बीच राज्य के क्रीड़ा मंत्री एडवोकेट माणिकराव कोकाटे की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी आवास का लाभ लेने के मामले में उन्हें दो साल की सजा सुनाई जा चुकी है। अदालत ने उनके और उनके भाई विजय कोकाटे के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। मेडिकल कारणों से मांगी गई मोहलत को भी अदालत ने खारिज कर दिया, जिससे कोकाटे की गिरफ्तारी लगभग तय मानी जा रही है। यदि ऐसा होता है तो उनका मंत्रिपद और विधायकी दोनों खतरे में पड़ सकते हैं।

    कोकाटे के पद से हटने की संभावना के बीच पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे की मंत्रिमंडल में वापसी को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज़ हो गई है। संतोष देशमुख हत्या मामले में लगे आरोपों के बाद मुंडे को इस्तीफा देना पड़ा था। उनके पास रहा कृषि विभाग बाद में कोकाटे को सौंपा गया था। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि कोकाटे की गिरफ्तारी की स्थिति में मुंडे की वापसी हो सकती है। हाल ही में धनंजय मुंडे की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में हुई मुलाकात ने इन अटकलों को और हवा दी है।

    नगरपालिका चुनावों की घोषणा के बाद पिंपरी-चिंचवड़ में भी राजनीतिक समीकरण बदलते दिख रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया था कि यहां राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के साथ गठबंधन नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद अजित पवार ने भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना के कई पूर्व नगरसेवकों को अपनी पार्टी में शामिल कर महायुति को बड़ा झटका दिया है। इससे आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।

    वहीं मुख्यमंत्री फडणवीस के मंत्रिमंडल के एक और मंत्री विवादों में घिर गए हैं। राज्य के आदिवासी विकास मंत्री प्रो. अशोक उईके पर एक सामाजिक कार्यकर्ता और वकील ने आदिवासी समुदाय की जमीन हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। आरोप है कि रालेगांव तालुका के दवेधरी गांव में एक आदिवासी किसान परिवार की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया और परिवार को आज भी धमकियां दी जा रही हैं। इस आरोप के बाद आगामी चुनावों से पहले मंत्री उईके की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

    इन सभी घटनाओं ने महाराष्ट्र की राजनीति को एक बार फिर उबाल पर ला दिया है। अब सभी की नजरें 19 दिसंबर पर टिकी हैं कि क्या वाकई उस दिन कोई बड़ा राजनीतिक मोड़ देखने को मिलेगा या नहीं।

  • Pune Land Deal: क्या पुलिसअजित पवारके बेटे पार्थ पवार को पुणे भूमि सौदे मेंबचा रही है?:बॉम्बे हाई कोर्ट ने जांच पर उठाए तीखे सवाल

    Pune Land Deal: क्या पुलिसअजित पवारके बेटे पार्थ पवार को पुणे भूमि सौदे मेंबचा रही है?:बॉम्बे हाई कोर्ट ने जांच पर उठाए तीखे सवाल

    Mumbai/Pune:बॉम्बे हाई कोर्ट(Bombay High Court) ने बुधवार (10 दिसंबर) को पुणे के विवादास्पद भूमि सौदे(Pune Land Deal) की पुलिस जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। अदालत ने पूछा कि क्या पुलिस उपमुख्यमंत्री अजित पवार(Ajit Pawar) के बेटे पार्थ पवार को प्राथमिकी में नाम न जोड़कर उन्हें संरक्षण दे रही है?

    जस्टिस माधव जामदार की सिंगल बेंच शीतल तेजवानी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, इसी दौरान अदालत ने कहा कि कंपनी में अधिकतम साझेदारी पार्थ पवार की होने के बावजूद उन्हें एफआईआर(FIR Investigation) में नामजद नहीं किया गया है।

    न्यायाधीश ने सख्त सवाल किया —

    “क्या पुलिस उपमुख्यमंत्री के बेटे को बचा रही है और सिर्फ दूसरों की जांच कर रही है?”


    सरकारी वकील का जवाब

    लोक अभियोजक मनकुंवर देशमुख ने कहा कि पुलिस कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करेगी।

    जिस जमीन का सौदा हुआ वह पुणे के मुंधवा इलाके की 40 एकड़ भूमि है, जिसे 300 करोड़ रुपये में अमाडिया एंटरप्राइजेज LLP को बेचा गया था। इस कंपनी में पार्थ पवार(Parth Pawar) मुख्य भागीदार हैं।

    जांच तब शुरू हुई जब सामने आया कि यह जमीन सरकार की थी और बेची नहीं जा सकती थी।


    21 करोड़ स्टांप ड्यूटी से भी मिली छूट

    आरोप है कि कंपनी को 21 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी से भी छूट दी गई।
    एक समिति ने तीन लोगों को आरोपी बताया:

    • दिग्विजय पाटिल – पार्थ पवार के व्यावसायिक साझेदार व रिश्ते के भाई
    • शीतल तेजवानी – पावर ऑफ अटॉर्नी धारक
    • रविंद्र तारू – उप-पंजीयक

    क्यों नहीं जोड़ा गया पार्थ का नाम?

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पार्थ पवार का नाम किसी भी दस्तावेज़ में नहीं था, इसलिए उन्हें एफआईआर में शामिल नहीं किया गया।

    ईओडब्ल्यू ने शीतल तेजवानी को 3 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। वह 11 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में हैं।

    उसी भूमि सौदे पर बावधान थाने में दूसरी एफआईआर दर्ज होने के बाद तेजवानी ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की, लेकिन बाद में वापस ले ली।


    विपक्ष का आरोप: जमीन की कीमत 300 करोड़ से कई गुना ज्यादा

    विपक्ष ने दावा किया कि जमीन ‘महार वतन’ श्रेणी की थी और बिना सरकारी अनुमति उसके सौदे पर रोक होती है।
    वास्तविक कीमत 300 करोड़ से कहीं अधिक बताई जा रही है।


    CM देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा:

    “सरकार की शुरू से ही किसी को संरक्षण देने की नीति नहीं है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।”

    उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट की टिप्पणी पर उचित जवाब अदालत में दाखिल किया जाएगा और अब तक की तथा आगे की कार्रवाई की पूरी जानकारी कोर्ट को दी जाएगी।

  • पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर गिरफ्तार: शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से दिल्ली की यात्रा के लिए रुके थे

    पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर गिरफ्तार: शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से दिल्ली की यात्रा के लिए रुके थे

    लखनऊ / देवरिया। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी अमिताभ ठाकुर को लखनऊ क्राइम ब्रांच और देवरिया पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार देर रात शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर देवरिया ले जाया है। ठाकुर उस समय लखनऊ–दिल्ली जा रही ट्रेन में सवार थे जब उन्हें हिरासत में लिया गया।

    गिरफ्तारी का विवरण

    स्थानीय पुलिस सूत्रों के अनुसार, ठाकुर को ट्रेन रुकने पर सादे कपड़ों में उपस्थित पुलिसकर्मियों ने उठाकर हिरासत में लिया और उन्हें देवरिया ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ शुरू की गई। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि गिरफ्तारी योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई।

    आरोप क्या हैं?

    पुलिस का दावा है कि वर्ष 1999 में देवरिया में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनाती के दौरान ठाकुर ने अपने पद का दुरुपयोग कर जिला उद्योग केंद्र, देवरिया के औद्योगिक प्लॉट संख्या B-2 का आवंटन अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम पर कराया। आरोप है कि आवंटन के लिए कूट रचित (जाली) दस्तावेज तैयार किए गए — जिसमें छद्म नाम, झूठे पते और परिवर्तित अभिलेख शामिल थे — और बाद में प्लॉट को लाभ के लिए बेचा गया। पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता संजय शर्मा ने यह प्रार्थना-पत्र/शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई।

    दर्ज धाराएँ और सजा की जानकारी

    • धारा 419 — किसी अन्य की पहचान धारण कर धोखाधड़ी: सजा तक 3 वर्ष या जुर्माना या दोनों।
    • धारा 420 — धोखाधड़ी व संपत्ति हानि: सजा तक 7 वर्ष व जुर्माना।
    • धारा 467 — मूल्यवान दस्तावेजों की जालसाजी: आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक की सजा व जुर्माना।
    • धारा 468 — जाली दस्तावेज बनाना धोखाधड़ी के उद्देश्य से: सजा तक 7 वर्ष व जुर्माना (अक्सर जमानत पर संकुल)।
    • धारा 471, 34, 120B भी आरोपपत्र में शामिल हैं। (नोट: सजा का निर्धारण अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगा।)

    पुलिस का बयान और वर्तमान स्थिति

    लखनऊ क्राइम ब्रांच और देवरिया पुलिस ने मामले की जांच और सत्यापन शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ठाकुर को देवरिया सदर कोतवाली में रखा गया और उनसे पूछताछ जारी है; आगे की कानूनी कार्यवाही—रिमांड, पेशी या जमानत—आगामी सुनवाई के अनुसार तय होगी।


    ठाकुर के प्रति प्रतिक्रिया

    पूर्व आईपीएस और सामाजिक सक्रियता में जुड़े ठाकुर ने इससे पहले कुछ रिपोर्ट्स में आरोपों को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ या ‘मंसूबाबद्ध’ बताकर खारिज किया था; इस गिरफ्तारी से जुड़े उनके हालिया बयान उपलब्ध होते ही उसे जोड़ा जाएगा। पहले भी इस प्रकरण पर मीडिया पर और सोशल प्लेटफॉर्म पर ठाकुर व उनके वकील की प्रतिक्रिया दर्ज रही है।


    निष्कर्ष — आगे क्या होने की सम्भावना है

    • पुलिस के बयान, दर्ज धाराओं और गिरफ्तारी के बाद प्राथमिकी के आधार पर जांच तेज़ कर दी गई है।
    • अगला कदम़: पुलिस द्वारा पूछताछ, सम्भवतः रिमांड के लिए अदालत में पेशी, और यदि आवश्यक हुआ तो जमानत याचिका/जमानत सुनवाई।
    • कोर्ट(Delhi High Court) और जांच एजेंसियों के आधिकारिक प्रवक्ताओं से प्राप्त बयानों के बाद ही केस की कानूनी दिशा स्पष्ट होगी।
  • Nagpur Winter Session:आखिर सदन से क्यों गायब हो रहें हैं मंत्री?: विधायक भास्कर जाधव का सवाल

    Nagpur Winter Session:आखिर सदन से क्यों गायब हो रहें हैं मंत्री?: विधायक भास्कर जाधव का सवाल

    Nagpur Winter Session:नागपुर। महाराष्ट्र विधानसभा में बुधवार को विपक्ष ने मंत्रियों की अनुपस्थिति और ध्यानाकर्षण नोटिसों पर जवाब न मिलने को लेकर तीखा विरोध दर्ज किया। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक भास्कर जाधव(Bhaskar Jadhav) ने सदन में खड़े होकर कहा कि मंत्रियों की अनुपस्थिति अब आम बात हो गई है और सदस्यों को पहले से कोई जानकारी नहीं दी जाती।

    सदन में दो नोटिस सूचीबद्ध थे —
    1️⃣ राज्यभर में मानसून की भारी बारिश से हुई क्षति
    2️⃣ नासिक के जलाशयों व जयकवाड़ी बांध से गोदावरी नदी में छोड़े गए पानी से नुकसान

    चर्चा की शुरुआत होते ही जाधव ने नाराज़गी जताई:

    “मंत्री अक्सर अनुपलब्ध रहते हैं। पहले से मुद्रित उत्तर भी नहीं मिलते। यह अध्यक्ष का अपमान है। अगर मंत्री उपस्थित नहीं रह सकते तो पूर्व सूचना देना अनिवार्य है।”

    जाधव ने कहा कि अब सदन की प्रक्रियाओं का पालन नहीं हो रहा:

    “आजकल तो कुछ भी सूचित नहीं किया जाता। आखिर हो क्या रहा है?”

    उन्होंने अध्यक्ष से सख़्त कदम उठाने की मांग की और पूछा कि अधिकारी इतने उदासीन क्यों हो गए हैं।


    जवाब क्यों नहीं मिला? विपक्ष ने सवाल उठाए

    कृषि मंत्री मकरंद पाटिल ने दावा किया कि उन्हें उत्तर मिल गया है, लेकिन यह नहीं बता सके कि सदस्यों को जवाब क्यों नहीं मिला। विपक्ष ने इसे जानबूझकर देरी का तरीका बताया।

    दूसरे नोटिस पर चर्चा के दौरान स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, जब गोदावरी नदी से संबंधित क्षति पर जवाब देने के लिए विखे पाटिल अनुपस्थित रहे।


    रात में सूचना मिलती है: उद्योग मंत्री

    उद्योग मंत्री उदय सामंत ने बताया कि कभी-कभी सूचना इतनी देर से मिलती है कि तैयारी मुश्किल हो जाती है:

    “हमें रात के एक बजे या डेढ़ बजे सूचना मिलती है। हम जानकारी लेते हैं और तैयारी करते हैं। कभी-कभी सूचना आधी रात तक नहीं मिलती।”

    उन्होंने कहा कि प्रक्रियात्मक समस्याएँ हैं और इन्हें सुधारने की जरूरत है।


    निष्कर्ष

    विधानसभा की चर्चा में यह साफ़ हुआ कि:

    प्रक्रियाओं में सुधार की मांग तेज़ हो रही है

    मंत्रियों की अनुपस्थिति पर विपक्ष बेहद नाराज़ है

    जवाब देरी से मिलने पर कार्यवाही प्रभावित हो रही है

  • वाराणसी कफ सिरप केस में नया मोड़: भाजपा नेता अम्बरीश सिंह भोला पर गंभीर आरोप, पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने जांच की मांग

    वाराणसी कफ सिरप केस में नया मोड़: भाजपा नेता अम्बरीश सिंह भोला पर गंभीर आरोप, पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने जांच की मांग

    वाराणसी। वाराणसी में कफ सिरप किंगपिन शुभम जायसवाल प्रकरण में अब भाजपा नेता अम्बरीश सिंह भोला का नाम सुर्खियों में है। पूर्व IPS और आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने दावा किया कि भोला का संबंध शुभम जायसवाल से काफी नजदीकी था और उनसे हर महीने मोटी रकम मिलती थी।

    अमिताभ ठाकुर ने इस संबंध में दो वीडियो जारी करते हुए यूपी पुलिस के डीजीपी को पत्र भेजा है। ठाकुर ने कहा कि:

    “पहला मामला लीपापोती के साथ बंद कर दिया गया। अब नए तथ्य सामने आ रहे हैं, इसलिए तत्काल जांच जरूरी है।”

    उनका आरोप है कि जब कफ सिरप घोटाले की बात उठी, तब कुछ लोगों ने हाई-प्रोफाइल पब्लिसिटी हासिल करके केस को सस्पेंस स्टोरी जैसा बना दिया।
    लेकिन अब जांच की मांग तेज हो गई है।

    ठाकुर ने कहा कि पूरा मामला केवल कहानी नहीं, बल्कि बड़े नेटवर्क का संकेत देता है, जिसकी तहकीकात होना आवश्यक है।इस ताजा मांग के बाद कफ सिरप केस फिर से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर रहा है।