Category: Politics

Politics is the art of looking for trouble, finding it everywhere, diagnosing it incorrectly and applying the wrong remedies.

  • Varsha Gaikwad targets BJP: वर्षा का भाजपा पर निशाना; मुंबई में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई तो भाजपा होगी जिम्मेदार!

    Varsha Gaikwad targets BJP: वर्षा का भाजपा पर निशाना; मुंबई में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई तो भाजपा होगी जिम्मेदार!

    Varsha Gaikwad targets BJP: मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कहा है कि यदि आगामी मानसून में मुंबई में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा और उसके नेतृत्व वाली व्यवस्था की होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन पर जिम्मेदारी डालकर सरकार अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकती।

    राजीव गांधी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में वर्षा गायकवाड़ ने मुंबई कांग्रेस के सभी जिला अध्यक्षों, पूर्व नगरसेवकों, फ्रंटल संगठनों, विभागों, सेल पदाधिकारियों, बीएलए-1 तथा ब्लॉक समन्वयकों के साथ संगठनात्मक और नागरिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में पूर्व मंत्री असलम शेख, विधायक अमीन पटेल, कांग्रेस प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।

    वर्षा गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचारमुक्त शासन और स्वच्छ मुंबई का वादा कर सत्ता में आई भाजपा कुछ ही महीनों में अपने दावों पर खरी नहीं उतर सकी है। उन्होंने कहा कि मानसून शुरू होने से पहले नालों की सफाई पूरी नहीं हो सकी और मामूली बारिश में ही कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति सामने आ गई, जिससे मुंबई महानगरपालिका प्रशासन और भाजपा की तैयारियों की पोल खुल गई है।

    उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद मुंबई के फिर से जलमग्न होने की आशंका दिखाई दे रही है। ऐसे में यदि नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है तो सरकार को इसकी जवाबदेही स्वीकार करनी होगी।

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    बैठक में वर्षा गायकवाड़ ने कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया में नागरिकों की सहायता करनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि यदि सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होने के बावजूद किसी नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाया जाता है, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उसकी दखल लेकर नाम पुनः दर्ज कराने के लिए प्रयास करना चाहिए।

    सांसद गायकवाड़ ने भाजपा-महायुति सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार विभिन्न स्तरों पर विफल साबित हुई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों, स्कूल बस शुल्क में वृद्धि तथा अन्य जनसरोकारों के मुद्दों पर जनता के बीच जाकर आवाज उठाने का आह्वान किया।

    उन्होंने कहा कि मुंबई महानगरपालिका के कामकाज की वास्तविकता जनता के सामने लाने और कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों को पूरी ताकत के साथ काम करना चाहिए।

  • Congress Protests: पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की बढ़ी कीमतों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन!

    Congress Protests: पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की बढ़ी कीमतों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन!

    Congress Protests: पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल वापस लेने की मांग को लेकर मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड़ के मार्गदर्शन में दक्षिण मुंबई जिला कांग्रेस ने जोरदार आंदोलन किया। यह प्रदर्शन दक्षिण जिला कांग्रेस अध्यक्ष रविकांत बावकर के नेतृत्व में गोल देऊल मंदिर के पास, मोती टॉकीज चौक, कुंभारवाड़ा, मुंबई में आयोजित किया गया।

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    “जनता की लूट बंद करो, पेट्रोल-डीजल-सीएनजी की मूल्यवृद्धि वापस लो” की मांग को लेकर ईशान्य मुंबई जिला कांग्रेस की ओर से जिला अध्यक्ष केतन शाह के नेतृत्व में आज जोरदार आंदोलन किया गया। आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़ती ईंधन कीमतों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आम जनता पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को उजागर किया।

    नेताओं ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के लगातार बढ़ते दामों से महंगाई बढ़ रही है, जिससे आम नागरिकों, मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस अवसर पर जिले के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आंदोलनकारियों ने सरकार से ईंधन की बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल वापस लेने और जनता को राहत देने की मांग की।

  • Yavatmal Nomination Sparks Mahayuti Tension in Maharashtra:सीट बंटवारे के बाद भी महायुति में तनाव, यवतमाल से भाजपा नेता के नामांकन ने बढ़ाई अटकलें

    Yavatmal Nomination Sparks Mahayuti Tension in Maharashtra:सीट बंटवारे के बाद भी महायुति में तनाव, यवतमाल से भाजपा नेता के नामांकन ने बढ़ाई अटकलें

    मुंबई | प्रतिनिधि
    महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख से ठीक पहले महायुति में सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हो गया है, लेकिन इसके बावजूद गठबंधन के भीतर खींचतान की चर्चा तेज हो गई है। सीटों के बंटवारे के बाद यवतमाल सीट से भाजपा नेता नितिन भुतडा के नामांकन दाखिल करने की तैयारी ने राजनीतिक गलियारों में नई अटकलों (Yavatmal Nomination Sparks Mahayuti Tension) को जन्म दे दिया है।
    लंबी बातचीत और मंथन के बाद महायुति में सीटों का बंटवारा तय हुआ है। इसके तहत भाजपा 11 सीटों, शिवसेना (शिंदे गुट) 4 सीटों और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) 2 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बताया जा रहा है कि शिवसेना शिंदे गुट छह सीटों की मांग पर अड़ा हुआ था, जबकि अजित पवार गुट ने तीन सीटों की मांग की थी। इसी वजह से सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने में देरी हुई।
    सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय स्वराज संस्थाओं में मजबूत जनाधार होने के कारण भाजपा के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की मांग थी कि पार्टी 14 सीटों पर चुनाव लड़े। हालांकि गठबंधन धर्म का पालन करते हुए भाजपा ने अपने सहयोगी दलों के लिए सीटें छोड़ीं।
    इस बीच यवतमाल विधान परिषद सीट को लेकर नया राजनीतिक मोड़ सामने आया है। महायुति के फार्मूले के अनुसार यह सीट शिवसेना (शिंदे गुट) के हिस्से में बताई जा रही है, लेकिन भाजपा के जिला समन्वयक नितिन भुतडा ने इस सीट से नामांकन दाखिल करने की घोषणा कर दी है।
    नितिन भुतडा ने स्पष्ट किया है कि वह किसी प्रकार की बगावत नहीं कर रहे हैं, बल्कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर नामांकन दाखिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी नेतृत्व उन्हें नाम वापस लेने का निर्देश देगा तो वे तुरंत नामांकन वापस ले लेंगे।
    भुतडा के इस कदम के बाद यवतमाल में भाजपा और शिवसेना के बीच मतभेद की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि समय रहते मामला नहीं सुलझा तो महायुति के भीतर असहज स्थिति पैदा हो सकती है।
    फिलहाल सभी की निगाहें नामांकन की अंतिम प्रक्रिया और महायुति नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

  • TMC MP Kalyan Banerjee Alleges Attack in Hooghly: चंडीतला थाने के बाहर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी पर हमले का आरोप, बीजेपी बोली- ‘सिर्फ ड्रामा’

    TMC MP Kalyan Banerjee Alleges Attack in Hooghly: चंडीतला थाने के बाहर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी पर हमले का आरोप, बीजेपी बोली- ‘सिर्फ ड्रामा’

    कोलकाता/हुगली: पश्चिम बंगाल के हुगली जिले स्थित चंडीतला पुलिस स्टेशन के सामने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नारेबाजी के दौरान टीएमसी सांसद Kalyan Banerjee के घायल होने का मामला सामने आया है। सांसद ने आरोप लगाया है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला करते हुए उनके सिर पर पत्थर या गेंद जैसी किसी वस्तु से वार किया, जिससे उन्हें चोट लगी।जानकारी के अनुसार, कल्याण बनर्जी कथित तौर पर Abhishek Banerjee पर हुए हमले के विरोध और गिरफ्तार टीएमसी नेताओं व कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर चंडीतला थाने में ज्ञापन देने पहुंचे थे। ज्ञापन सौंपने से पहले ही टीएमसी और भाजपा समर्थकों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    बताया जा रहा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने टीएमसी समर्थकों के खिलाफ “चोर-चोर” के नारे लगाए, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात था।इसी दौरान कल्याण बनर्जी के सिर पर किसी वस्तु के लगने की बात सामने आई। सिर पर भीगा हुआ रूमाल रखे सांसद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने जा रहे लोगों पर हमला किया गया, जो लोकतंत्र पर हमला है।

    हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कल्याण बनर्जी को कोई चोट नहीं लगी है और वह केवल राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने के लिए नाटक कर रहे हैं। भाजपा का आरोप है कि टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़े विवादों से जनता का ध्यान हटाने का प्रयास कर रहे हैं।घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

  • Cockroach Janata Party: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ सोशल मीडिया पर चर्चा में, जानिए क्या है पूरा मामला!

    Cockroach Janata Party: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ सोशल मीडिया पर चर्चा में, जानिए क्या है पूरा मामला!

    Cockroach Janata Party: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की युवाओं को लेकर की गई टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) नाम का व्यंग्यात्मक अभियान तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, जस्टिस सूर्यकांत ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया गया।

    इस अभियान की शुरुआत महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के अभिजीत दीपके ने की। उनका कहना है कि युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ से किए जाने के बाद उन्होंने विरोध के तौर पर यह पैरोडी प्लेटफॉर्म बनाया। देखते ही देखते यह सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हो गया।

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    कॉकरोच जनता पार्टी की वेबसाइट और इंस्टाग्राम पेज तेजी से वायरल हुए हैं। पार्टी के इंस्टाग्राम पर 40 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं, जबकि दो लाख से अधिक लोग इसकी सदस्यता के लिए रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं।

    अभिजीत दीपके पहले आम आदमी पार्टी की कम्युनिकेशन टीम के साथ काम कर चुके हैं और फिलहाल अमेरिका में पढ़ाई पूरी कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह अभियान युवाओं की बेरोजगारी, निराशा और मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ व्यंग्यात्मक आवाज बनकर उभरा है।

    उन्होंने कहा कि भारतीय जेन ज़ी हिंसा नहीं, बल्कि व्यंग्य और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना चाहता है। अभिजीत के मुताबिक, यह सिर्फ सोशल मीडिया मजाक नहीं बल्कि युवाओं की नई राजनीतिक सोच की शुरुआत है।

  • US Iran Tension 2026: ट्रंप का ईरान को आखिरी अल्टीमेटम, बोले- “समझौता करो या कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहो”

    US Iran Tension 2026: ट्रंप का ईरान को आखिरी अल्टीमेटम, बोले- “समझौता करो या कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहो”

    अमेरिका-ईरान वार्ता अंतिम चरण में, ट्रंप बोले- जरूरत पड़ी तो उठाएंगे “कठोर कदम”; ईरान ने कहा- दबाव में नहीं झुकेंगे

    वॉशिंगटन / तेहरान: अमेरका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि या तो तेहरान अमेरिका के साथ समझौता कर ले, या फिर “कठोर कदमों” के लिए तैयार रहे। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बातचीत अंतिम चरण में बताई जा रही है।बुधवार को जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा, “हम ईरान के साथ बातचीत के अंतिम चरण में हैं। देखते हैं क्या होता है। या तो वे समझौता कर लेंगे या हम कुछ ऐसे कदम उठाएंगे जो थोड़े कठोर होंगे।”हालांकि ट्रंप ने उम्मीद जताई कि मामला युद्ध तक नहीं पहुंचेगा, लेकिन उनके बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

    नेतन्याहू की खुलकर तारीफ

    इस दौरान ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू वही करेंगे जो वे उनसे करवाना चाहेंगे और इजरायल में उनके साथ उचित व्यवहार नहीं हो रहा है।ट्रंप ने कहा, “वे बहुत अच्छे इंसान हैं। यह मत भूलिए कि वे युद्धकालीन प्रधानमंत्री रह चुके हैं।” उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि इजरायल में उनका समर्थन इतना ज्यादा है कि वे वहां प्रधानमंत्री पद का चुनाव भी लड़ सकते हैं।

    युद्धों का जिक्र कर ट्रंप ने दिया संदेश

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने बयान में वियतनाम, अफगानिस्तान, इराक और कोरिया युद्धों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका लंबे समय तक कई युद्धों में शामिल रहा है, लेकिन ईरान के खिलाफ मौजूदा स्थिति को केवल तीन महीने हुए हैं और अधिकतर समय युद्धविराम जैसी स्थिति बनी रही।

    ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने पुराने युद्धों में लाखों सैनिक खोए हैं और वे नहीं चाहते कि हालात फिर उसी दिशा में जाएं।

    ईरान ने कहा- दबाव में नहीं झुकेंगेवहीं दूसरी ओर ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने ट्रंप के बयान के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कूटनीति और आपसी सम्मान युद्ध से कहीं अधिक टिकाऊ और सुरक्षित रास्ता है।

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “ईरान ने हमेशा अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान किया है और युद्ध टालने के लिए हर संभव प्रयास किया है। हमारी ओर से सभी रास्ते खुले हैं। दबाव डालकर ईरान को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करना केवल एक भ्रम है।”

    (US Iran Tension 2026)मध्य पूर्व में बढ़ सकती है चिंता

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत विफल होती है, तो मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती बयानबाजी से वैश्विक राजनीति और तेल बाजार पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

  • Maha Vikas Aghadi Demand: विशेष पुनरीक्षण अभियान निष्पक्ष व पारदर्शी हो… महाविकास आघाड़ी ने चुनाव आयोग से की मांग!

    Maha Vikas Aghadi Demand: विशेष पुनरीक्षण अभियान निष्पक्ष व पारदर्शी हो… महाविकास आघाड़ी ने चुनाव आयोग से की मांग!

    Maha Vikas Aghadi Demand: महा विकास अघाडी के प्रमुख नेताओं ने बुधवार को इलेक्शन कमिशन ऑफ इंडिया के राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम से मुलाकात कर राज्य में चल रहे विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से लागू करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

    शिष्टमंडल में हर्षवर्धन सपकाल, जयंत पाटिल, शशिकांत शिंदे, सतेज पाटिल, आदित्य ठाकरे, अनिल परब, राजेश टोपे, विश्वजीत कदम, धैर्यशील पाटिल, अंबादास दानवे दानवे, रईस शेख, सचिन सावंत और अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

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    महाविकास आघाड़ी ने मांग की कि मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए और पात्र मतदाताओं के नाम बिना कारण सूची से हटाए न जाएं। साथ ही फर्जी और दोहरी प्रविष्टियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ग्रामीण, आदिवासी, प्रवासी, वंचित और कमजोर वर्गों के मतदाता किसी तकनीकी कारण से मतदान अधिकार से वंचित न हों, इसके लिए विशेष सावधानी बरती जाए।

    नेताओं ने मतदान केंद्रों की योजना, मतदाता सूची की त्रुटियों में सुधार, बूथ लेवल अधिकारियों की कार्यप्रणाली और मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे मुद्दे भी उठाए। महाविकास आघाड़ी ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग को निष्पक्ष भूमिका निभानी चाहिए।

  • Anand Paranjpe Joined Shiv Sena: राष्ट्रवादी नेताओं से चर्चा के बाद ही आनंद परांजपे शिवसेना में शामिल, विवाद की खबरें निराधार!

    Anand Paranjpe Joined Shiv Sena: राष्ट्रवादी नेताओं से चर्चा के बाद ही आनंद परांजपे शिवसेना में शामिल, विवाद की खबरें निराधार!

    Anand Paranjpe Joined Shiv Sena: पूर्व सांसद और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता आनंद परांजपे का शिवसेना में प्रवेश राष्ट्रवादी कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से चर्चा के बाद ही हुआ है। यह जानकारी उदय सामंत ने बालासाहेब भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में दी।

    उदय सामंत ने कहा कि परांजपे के प्रवेश को लेकर शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस के बीच विवाद की खबरें पूरी तरह गलत हैं। महायुति के सभी सहयोगी दल गठबंधन धर्म का पालन कर रहे हैं और आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि आनंद परांजपे के राष्ट्रवादी कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने उन्हें शिवसेना में लौटने का निमंत्रण दिया था। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और डॉ. श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व से प्रभावित होकर उन्होंने यह निर्णय लिया।

    संबंधित ख़बरें: Konkan Kisan Morcha: कोकण के आम-काजू किसानों को राहत दो, आंदोलन दबाने की कोशिश बंद करे सरकार: हर्षवर्धन सपकाळ

    उदय सामंत ने कहा कि आनंद परांजपे का राजनीतिक डीएनए शिवसेना का है, इसलिए वे अपने मूल घर में वापस आए हैं। कुछ लोग इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसमें कोई विवाद नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परांजपे के प्रवेश से पहले सुनेत्रा पवार, सुनील तटकरे और जय पवार से चर्चा की गई थी। सभी की सहमति के बाद ही यह प्रवेश हुआ।

    ईंधन बचत के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर
    उदय सामंत ने कहा कि नरेंद्र मोदी के खर्चों में कटौती के आह्वान के बाद उद्योग विभाग ने ईंधन बचाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देना शुरू किया है। उन्होंने बताया कि यह कदम ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण है।

  • Konkan Kisan Morcha: कोकण के आम-काजू किसानों को राहत दो, आंदोलन दबाने की कोशिश बंद करे सरकार: हर्षवर्धन सपकाळ

    Konkan Kisan Morcha: कोकण के आम-काजू किसानों को राहत दो, आंदोलन दबाने की कोशिश बंद करे सरकार: हर्षवर्धन सपकाळ

    Konkan Kisan Morcha: महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने कोकण के आम और काजू उत्पादक किसानों को त्वरित आर्थिक सहायता देने की मांग करते हुए राज्य सरकार पर आंदोलन दबाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

    कांग्रेस ने किसानों के समर्थन में गिरगांव चौपाटी से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी निवास वर्षा बंगले तक मोर्चा निकालने की घोषणा की थी। लेकिन मोर्चा शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

    हिरासत में लिए गए नेताओं में राजू शेट्टी, महादेव जानकर, विनायक राऊत और अरविंद सावंत शामिल रहे। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया है। हर्षवर्धन सपकाळ ने कहा कि कोकण के आम उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 5 लाख रुपये और काजू उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 3 लाख रुपये की सहायता दी जानी चाहिए।

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    उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, मजदूरों और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा। ईंधन मूल्य वृद्धि पर केंद्र सरकार को घेरते हुए सपकाळ ने कहा कि भारत सरकार के पास कोई स्पष्ट ईंधन नीति नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव में काम कर रही है, जिसका सीधा असर आम जनता पर महंगाई के रूप में पड़ रहा है।

    NEET परीक्षा में लगातार पेपर लीक मामलों पर उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों में 71 बार पेपर लीक होना गंभीर चिंता का विषय है। लाखों छात्र कठिन मेहनत करते हैं, लेकिन व्यवस्था भ्रष्ट हो चुकी है और केंद्र सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही।

    पंतप्रधान नरेंद्र मोदी की सुरक्षा व्यवस्था पर चल रही चर्चा पर उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन भाजपा सुरक्षा जैसे गंभीर विषय पर भी राजनीति कर रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा विपक्ष को ‘बिनडोक’ कहे जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए सपकाळ ने कहा कि भाजपा नेताओं का यह अहंकार दर्शाता है कि वे खुद को ही सर्वज्ञ समझते हैं, जबकि जनता सब देख रही है।

  • Samik Bhattacharya Clarification: कलकत्ता उच्च न्यायालय परिसर में ममता के खिलाफ हुए प्रदर्शन में भाजपा का कोई हाथ नहीं; शमिक ने दी सफाई!

    Samik Bhattacharya Clarification: कलकत्ता उच्च न्यायालय परिसर में ममता के खिलाफ हुए प्रदर्शन में भाजपा का कोई हाथ नहीं; शमिक ने दी सफाई!

    Samik Bhattacharya Clarification: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने कलकत्ता उच्च न्यायालय परिसर के भीतर गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी में अपनी पार्टी की किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है।

    अदालत में बनर्जी के खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगने और कथित अपमानजनक टिप्पणी किए जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भट्टाचार्य ने कहा, “यह भाजपा की संस्कृति नहीं है। वह पूर्व मुख्यमंत्री और एक महिला हैं। भाजपा उनके खिलाफ ‘चोर-चोर’ जैसे नारे लगाने में विश्वास नहीं रखती।”

    यह घटना आज उस समय हुई जब सुश्री बनर्जी राज्य में चुनाव बाद हुई हिंसा का आरोप लगाते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय पहुंची थीं। खुद वकील के तौर पर पेश होते हुए उन्होंने मुख्य न्यायाधीश टी एस शिवगणनम की पीठ के सामने दलील दी कि चुनाव के बाद हुई हिंसा में तृणमूल के कई कार्यकर्ताओं पर हमले हुए हैं।

    बनर्जी के अनुसार, लगभग 160 पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ या आगजनी की गई और राज्य भर में हिंसा की लगभग 2,000 घटनाएं हुईं। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि वह खुद अपने निर्वाचन क्षेत्र के थानों में सीधे शिकायत दर्ज नहीं करा पा रही थीं और उन्हें ऑनलाइन शिकायतों का सहारा लेना पड़ा।

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    उन्होंने आरोप लगाया कि एक 12 साल की बच्ची को दुष्कर्म की धमकी दी गई जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही। राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता कथित 2,000 घटनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी देने में विफल रहे हैं। सुनवाई खत्म होने के बाद जब वह अदालत कक्ष से बाहर आ रही थीं, तब वकीलों के एक समूह ने कथित तौर पर उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

    इसके तुरंत बाद पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इस हंगामे के बीच सुश्री बनर्जी ने कुछ वकीलों द्वारा उनके साथ मारपीट किये जाने का भी आरोप लगाया। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने कहा, “अगर उच्च न्यायालय के भीतर सुरक्षा की यह स्थिति है, तो समझा जा सकता है कि पूरे राज्य में क्या हो रहा होगा।”

    कल्याण बनर्जी के बयान पर पलटवार करते हुए भट्टाचार्य ने कहा, “भाजपा ने यह स्थिति पैदा नहीं की है। अगर इसके लिए कोई जिम्मेदार है, तो वह खुद तृणमूल कांग्रेस है।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कोई भी अपने कर्मों के फल से नहीं बच सकता, फिर भी हम नहीं चाहते कि ऐसी घटनाएं हों। उन्होंने दावा किया कि विरोध करने वाले और जिनका विरोध हो रहा है, दोनों ही तृणमूल कांग्रेस के ही लोग हैं।

    चुनाव बाद की हिंसा के सवाल पर भाजपा नेता ने कहा, “यहाँ भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है। यह तृणमूल के भीतर ‘संपन्न’ और ‘वंचित’ लोगों के बीच की लड़ाई है। जिन लोगों को तृणमूल के शासन में लाभ नहीं मिला, वे अब उनके खिलाफ बोल रहे हैं जिन्हें लाभ मिला।” राजनीतिक हिंसा पर उन्होंने कहा कि भाजपा के भी तीन कार्यकर्ता मारे गए हैं और इसे रोकने के लिए लोगों को आगे आना होगा।

    एक तीखी टिप्पणी में भट्टाचार्य ने कहा, “आप इसलिए जीवित हैं क्योंकि भाजपा सत्ता में है। हमारे कार्यकर्ता जरूरत पड़ने पर जवाब दे सकते हैं। अन्यथा, जनता के स्वाभाविक गुस्से ने सब कुछ खत्म कर दिया होता। हम इस तरह की राजनीति का अंत देखना चाहते हैं।”