UP Nageeta Murder Case: भाभी की हत्या में दोषी देवर व उसकी पत्नी को उम्रकैद की सजा!

Murder Case

Written by

in

,

सोनभद्र: करीब ढाई वर्ष पूर्व हुए नगीता हत्याकांड के मामले में वृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए सोनभद्र में सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने दोष सिद्ध पाकर दोषी दंपती को सश्रम आजीवन कारावास और 11-11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक राम सुदीन धरिकार ने चोपन थाने में तहरीर दी थी कि 28 नवंबर 2023 को उसका छोटा भाई चिनीलाल धरिकार हाथ में कुल्हाड़ी लेकर अपनी पत्नी रेशमी के साथ आया। (UP Nageeta Murder Case)

घर पर उसकी पत्नी नगीता बच्चों के साथ घर का कामकाज कर रही थी। आवाज देकर उसकी पत्नी को भाई ने बुलाया और अपने साथ चलने को कहा तो नगीता ने साथ जाने से इनकार कर दिया। इसपर उसका छोटा भाई कुल्हाड़ी से नगीता के सिर पर प्रहार कर दिया और वह गिर गई। उसे सिर में गम्भीर चोटें आईं हैं। जब बचाने के लिए उसका बड़ा बेटा दौड़ा तो उसके सिर पर भी कुल्हाड़ी से प्रहार कर दिया। उसके बाद धमकी देते हुए छोटा भाई अपनी पत्नी के साथ भाग गया।

जब वह बाजार से घर लौट रहा था तो उसका छोटा भाई चिनीलाल अपनी पत्नी रेशमी के साथ हाथ मे कुल्हाड़ी लेकर जा रहा था और उसकी पत्नी नगीता व बड़ा बेटा उत्तम जमीन पर गिरे पड़े थे। दोनों को दवा इलाज के लिए जिला अस्पताल लोढ़ी लेकर आया जहां पत्नी नगीता (40) की सिर में कुल्हाड़ी से गम्भीर चोट लगने से मौत हो गई। जबकि बेटे उत्तम (13) का दवा इलाज चल रहा है। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर दंपती के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था।

मामले की सुनवाई के दौरान जहां अभियुक्तगणों के अधिवक्ता ने पहला अपराध बताते हुए कम से कम दंड दिए जाने की याचना की, वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने हत्या का मामला बताते हुए अधिक से अधिक दंड देने की याचना की। अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दोषसिद्ध पाकर दोषी दंपती चिनीलाल धरिकार व रेशमी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इनके ऊपर 11-11 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *