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  • Nagpur Winter Session:आखिर सदन से क्यों गायब हो रहें हैं मंत्री?: विधायक भास्कर जाधव का सवाल

    Nagpur Winter Session:आखिर सदन से क्यों गायब हो रहें हैं मंत्री?: विधायक भास्कर जाधव का सवाल

    Nagpur Winter Session:नागपुर। महाराष्ट्र विधानसभा में बुधवार को विपक्ष ने मंत्रियों की अनुपस्थिति और ध्यानाकर्षण नोटिसों पर जवाब न मिलने को लेकर तीखा विरोध दर्ज किया। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक भास्कर जाधव(Bhaskar Jadhav) ने सदन में खड़े होकर कहा कि मंत्रियों की अनुपस्थिति अब आम बात हो गई है और सदस्यों को पहले से कोई जानकारी नहीं दी जाती।

    सदन में दो नोटिस सूचीबद्ध थे —
    1️⃣ राज्यभर में मानसून की भारी बारिश से हुई क्षति
    2️⃣ नासिक के जलाशयों व जयकवाड़ी बांध से गोदावरी नदी में छोड़े गए पानी से नुकसान

    चर्चा की शुरुआत होते ही जाधव ने नाराज़गी जताई:

    “मंत्री अक्सर अनुपलब्ध रहते हैं। पहले से मुद्रित उत्तर भी नहीं मिलते। यह अध्यक्ष का अपमान है। अगर मंत्री उपस्थित नहीं रह सकते तो पूर्व सूचना देना अनिवार्य है।”

    जाधव ने कहा कि अब सदन की प्रक्रियाओं का पालन नहीं हो रहा:

    “आजकल तो कुछ भी सूचित नहीं किया जाता। आखिर हो क्या रहा है?”

    उन्होंने अध्यक्ष से सख़्त कदम उठाने की मांग की और पूछा कि अधिकारी इतने उदासीन क्यों हो गए हैं।


    जवाब क्यों नहीं मिला? विपक्ष ने सवाल उठाए

    कृषि मंत्री मकरंद पाटिल ने दावा किया कि उन्हें उत्तर मिल गया है, लेकिन यह नहीं बता सके कि सदस्यों को जवाब क्यों नहीं मिला। विपक्ष ने इसे जानबूझकर देरी का तरीका बताया।

    दूसरे नोटिस पर चर्चा के दौरान स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, जब गोदावरी नदी से संबंधित क्षति पर जवाब देने के लिए विखे पाटिल अनुपस्थित रहे।


    रात में सूचना मिलती है: उद्योग मंत्री

    उद्योग मंत्री उदय सामंत ने बताया कि कभी-कभी सूचना इतनी देर से मिलती है कि तैयारी मुश्किल हो जाती है:

    “हमें रात के एक बजे या डेढ़ बजे सूचना मिलती है। हम जानकारी लेते हैं और तैयारी करते हैं। कभी-कभी सूचना आधी रात तक नहीं मिलती।”

    उन्होंने कहा कि प्रक्रियात्मक समस्याएँ हैं और इन्हें सुधारने की जरूरत है।


    निष्कर्ष

    विधानसभा की चर्चा में यह साफ़ हुआ कि:

    प्रक्रियाओं में सुधार की मांग तेज़ हो रही है

    मंत्रियों की अनुपस्थिति पर विपक्ष बेहद नाराज़ है

    जवाब देरी से मिलने पर कार्यवाही प्रभावित हो रही है

  • INDIGO FLIGHT: इंडिगो संकट पर कोर्ट नाराज़: “जिम्मेदारी कौन लेगा?”

    INDIGO FLIGHT: इंडिगो संकट पर कोर्ट नाराज़: “जिम्मेदारी कौन लेगा?”

    नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को इंडिगो एयरलाइन द्वारा बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द किए जाने पर केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई, जिसे अदालत ने “संकट” करार दिया। अदालत ने कहा कि न केवल यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, बल्कि इससे अर्थव्यवस्था पर भी सीधा असर पड़ता है।

    मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने केंद्र से पूछा कि जब हज़ारों यात्री हवाई अड्डों पर फंसे हुए थे, तो अन्य एयरलाइंस टिकटों की कीमतें बढ़ाकर इस स्थिति का फायदा कैसे उठा सकती हैं?

    अदालत ने कहा कि यह सिर्फ असुविधा का मामला नहीं, बल्कि यात्रियों के अधिकारों और आर्थिक नुकसान का मुद्दा भी है।


    कारण बताओ नोटिस जारी – सरकार का दावा

    केंद्र और निदेशालय महानिदेशक नागर विमानन (DGCA) की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि:

    • इंडिगो को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है
    • एयरलाइन ने लिखित रूप से खेद जताया है
    • संकट की स्थिति कई दिशानिर्देशों के उल्लंघन के कारण पैदा हुई
    • इसमें कर्मियों की उड़ान ड्यूटी घंटों से जुड़े नियम भी शामिल हैं

    सरकारी वकील ने कहा कि वर्तमान में कानूनी प्रावधान लागू किए जा रहे हैं और जांच जारी है।


    यात्रियों की मदद और रिफंड पर सुनवाई

    अदालत एक ऐसी जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें मांग की गई है कि:

    • फंसे यात्रियों को तुरंत सहायता दी जाए
    • रद्द उड़ानों का पूरा रिफंड(Refund) मिले
    • भविष्य में इस तरह का संकट न हो इसके लिए नीति तैयार की जाए

    अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसी स्थिति में सरकार की जिम्मेदारी(Responsibility) बढ़ जाती है, क्योंकि आम यात्री इस संकट का सबसे बड़ा शिकार बनते हैं।


    आगे क्या?

    दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से विस्तृत जवाब मांगते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय की। अदालत ने स्पष्ट कहा:

    “यह जानना ज़रूरी है कि इस स्थिति से निपटने की जिम्मेदारी कौन लेगा।”

  • वाराणसी कफ सिरप केस में नया मोड़: भाजपा नेता अम्बरीश सिंह भोला पर गंभीर आरोप, पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने जांच की मांग

    वाराणसी कफ सिरप केस में नया मोड़: भाजपा नेता अम्बरीश सिंह भोला पर गंभीर आरोप, पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने जांच की मांग

    वाराणसी। वाराणसी में कफ सिरप किंगपिन शुभम जायसवाल प्रकरण में अब भाजपा नेता अम्बरीश सिंह भोला का नाम सुर्खियों में है। पूर्व IPS और आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने दावा किया कि भोला का संबंध शुभम जायसवाल से काफी नजदीकी था और उनसे हर महीने मोटी रकम मिलती थी।

    अमिताभ ठाकुर ने इस संबंध में दो वीडियो जारी करते हुए यूपी पुलिस के डीजीपी को पत्र भेजा है। ठाकुर ने कहा कि:

    “पहला मामला लीपापोती के साथ बंद कर दिया गया। अब नए तथ्य सामने आ रहे हैं, इसलिए तत्काल जांच जरूरी है।”

    उनका आरोप है कि जब कफ सिरप घोटाले की बात उठी, तब कुछ लोगों ने हाई-प्रोफाइल पब्लिसिटी हासिल करके केस को सस्पेंस स्टोरी जैसा बना दिया।
    लेकिन अब जांच की मांग तेज हो गई है।

    ठाकुर ने कहा कि पूरा मामला केवल कहानी नहीं, बल्कि बड़े नेटवर्क का संकेत देता है, जिसकी तहकीकात होना आवश्यक है।इस ताजा मांग के बाद कफ सिरप केस फिर से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर रहा है।

  • श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में सुगम दर्शन के नाम पर वसूली, 12 गिरफ्तार

    श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में सुगम दर्शन के नाम पर वसूली, 12 गिरफ्तार

    वाराणसी। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं से रुपये लेकर सुगम दर्शन कराने के आरोप में पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई दो जगहों पर की गई — मंदिर के गेट नंबर-4 से पाँच लोगों को और बांसफाटक के पास से सात लोगों को हिरासत में लिया गया।

    सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई
    एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि शिकायतों के बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। संदिग्ध गतिविधियाँ सामने आने पर टीम ने मौके पर पहुँचकर इन लोगों को पकड़ा। पूछताछ में सभी ने पैसे लेकर सुगम दर्शन कराने की बात स्वीकार की, जिसके बाद उनका चालान कर दिया गया।

    गिरफ़्तार किए गए लोगों के नाम
    दशाश्वमेध पुलिस द्वारा गिरफ्तार:

    • गणेश जयसवाल
    • अमन कुमार
    • कैलाशनाथ पांडेय
    • रितेश पांडेय
    • वहीद अहमद
    • रामबली बिन्द
    • रवि पांडेय

    चौक पुलिस द्वारा गिरफ्तार:

    • प्रदीप कुमार पटेल
    • किशन श्रीवास्तव
    • शैलेन्द्र नारायण पाठक
    • प्रवीन ठाकुर
    • प्रिंश चौहान

    पुलिस ने चेतावनी दी है कि मंदिर परिसर में किसी भी तरह की दलाली या वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • रामदास आठवले ने उल्हासनगर महानगर पालिका चुनाव में महागठबंधन का सुझाव, आरपीआई के लिए 15 सीटों की मांग

    रामदास आठवले ने उल्हासनगर महानगर पालिका चुनाव में महागठबंधन का सुझाव, आरपीआई के लिए 15 सीटों की मांग

    उल्हासनगर। केंद्रीय राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के अध्यक्ष रामदास आठवले ने रविवार रात उल्हासनगर में आयोजित पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में आगामी नगर निगम चुनाव के लिए महागठबंधन बनाने का सुझाव दिया। आठवले ने शिवसेना, भाजपा, राकांपा और आरपीआई को एकजुट होकर चुनाव लड़ने की सलाह देते हुए कहा कि यदि महायुति साथ आती है तो उल्हासनगर नगर निगम का महापौर निश्चित रूप से महायुति का ही होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरपीआई को कम से कम 15 सीटें मिलनी चाहिए।

    आठवले ने उल्हासनगर की सामाजिक और राजनीतिक भूमिका पर बोलते हुए कहा कि यह शहर कभी दलित आंदोलन का प्रमुख केंद्र रहा है, लेकिन अब आरपीआई सभी समुदायों के साथ चल रही है। उन्होंने सिंधी, मुस्लिम, उत्तर भारतीय, दक्षिण भारतीय सहित विभिन्न समुदायों के सहअस्तित्व का उल्लेख किया। आठवले ने यह भी याद दिलाया कि विधानसभा चुनाव में आरपीआई ने सिंधी समुदाय से पप्पू कलानी को टिकट दिया था और वे विधायक निर्वाचित हुए थे।

    बैठक के दौरान उन्होंने कोंकण के हापुस आम की गुणवत्ता से संबंधित मुद्दा उठाते हुए कहा कि बलसाड में उगाए जाने वाले आमों को हापुस नाम देने का प्रयास गलत है और कोंकण का हापुस आम नंबर वन है और वही रहना चाहिए। राजनीतिक टिप्पणियों के बीच आठवले ने कांग्रेस द्वारा “संविधान खतरे में है” कहे जाने को दुष्प्रचार बताते हुए कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा लिखित संविधान अभी भी सुरक्षित है। उन्होंने दलित समुदाय के अत्याचार के मामलों पर चिंता जताई और कहा कि उनकी पार्टी ऐसे मामलों के खिलाफ हमेशा लड़ती रहेगी।

    कार्यक्रम में आरपीआई नगर अध्यक्ष नाना बागुल, शिवसेना कल्याण ज़िला अध्यक्ष गोपाल लांडगे, विधायक कुमार अयलानी, महानगर अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, भाजपा नगर अध्यक्ष राजेश वधारिया, आरपीआई नेता शांताराम निकम समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

  • मुंब्रा में करोड़ों की चरस बरामद, आरोपी गिरफ्तार; सहायक पुलिस आयुक्त प्रिया डामले ने किया बड़ा खुलासा

    मुंब्रा में करोड़ों की चरस बरामद, आरोपी गिरफ्तार; सहायक पुलिस आयुक्त प्रिया डामले ने किया बड़ा खुलासा

    ठाणे। मुंब्रा पुलिस स्टेशन के एनडीपीएस पथक को नशा विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है, जहां 2 किलो 205 ग्राम चरस बरामद की गई जिसकी कीमत लगभग 1 करोड़ 10 लाख 25 हजार रुपये आंकी जा रही है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल शिंदे के निर्देश पर सपोनि रोहित केदार और सपोनि गणेश जाधव की टीम क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रही थी, तभी कौसा, एरोली–मुंब्रा ब्रिज टनेल के पास एक व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधि करते देखा गया। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा, लेकिन पीछा कर उसे पकड़ लिया गया। पंचों की मौजूदगी में तलाशी के दौरान पिशवी में छिपाकर रखी गई चरस बरामद हुई, जिसके बाद आरोपी मोहम्मद हारून हसरत अली सिद्दीकी (42), निवासी मुंब्रा को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(क), 20 (ब) II (क), 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है और न्यायालय ने उसे 8 दिसंबर 2025 तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पूछताछ में सामने आया कि वह चरस जम्मू-कश्मीर से मंगवाकर ठाणे और आसपास के इलाकों में बेचता था और उसके खिलाफ अजमेर में भी एक मामला दर्ज है। पुलिस अब उसके नेटवर्क, सप्लाई चैन और संपर्कों की जांच कर रही है। मुंब्रा एनडीपीएस टीम की लगातार कार्रवाई में अब तक 324 नशा सेवनकर्ताओं पर कार्रवाई और 27 तस्करों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जबकि कुल ₹3.41 करोड़ मूल्य का माल बरामद किया गया है। सहायक पुलिस आयुक्त प्रिया डामले ने स्पष्ट किया कि नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी। कार्रवाई को सफल बनाने में पुलिस अधिकारी और कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

  • ठाणे शहर में तीन दिन तक पानी की सप्लाई में कटौती

    ठाणे शहर में तीन दिन तक पानी की सप्लाई में कटौती

    ठाणे। पिसे बंधारा से ठाणे शहर को पानी सप्लाई करने वाली 1000 मिमी डायमीटर की पाइपलाइन, जो टेमघर वॉटर प्लांट तक जाती है, शनिवार सुबह कल्याण फाटा पर महानगर गैस के काम के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई। पिछले दो दिनों से वॉटर सप्लाई विभाग की ओर से पाइपलाइन की मरम्मत का काम जारी है, लेकिन पाइपलाइन पुरानी और प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट प्रकार की होने के कारण मरम्मत में तीन दिन और लगने का अनुमान है। इस वजह से शहर में पानी की सप्लाई में कमी आई है और फिलहाल केवल 30 प्रतिशत पानी ही सप्लाई किया जा रहा है। कम और अनियमित पानी के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वॉटर सप्लाई विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि पानी का उपयोग सोच-समझकर करें और मरम्मत कार्य में नगरपालिका का सहयोग दें।

  • घणसोली की ऑरम सोसायटी में कमर्शियल पानी दर के खिलाफ आमरण अनशन, 720 परिवार प्रभावित

    घणसोली की ऑरम सोसायटी में कमर्शियल पानी दर के खिलाफ आमरण अनशन, 720 परिवार प्रभावित

    नवी मुंबई। घणसोली स्थित ऑरम सोसायटी में रहने वाले 720 परिवारों पर कमर्शियल पानी दर लागू किए जाने से नागरिकों में भारी रोष है। रिहायशी क्षेत्र में व्यावसायिक दर से बिल वसूलने को अवैध और अन्यायपूर्ण बताते हुए सोसायटी के अध्यक्ष योगेश चव्हाण ने एमआईडीसी कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। चव्हाण का कहना है कि जब तक पानी की दर रिहायशी श्रेणी में नहीं लाई जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कमर्शियल दर के कारण हर महीने हजारों रुपए का अतिरिक्त बोझ परिवारों पर पड़ रहा है और कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कदम न उठाए जाने से नागरिकों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। अनशन स्थल पर सोसायटी के रहवासियों के साथ-साथ शहर की सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों का भी सक्रिय समर्थन मिल रहा है। नारेबाजी कर लोग प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, जबकि एमआईडीसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सूत्रों का कहना है कि अनशन शुरू होने के बाद इस मुद्दे के समाधान के लिए आंतरिक बैठकों की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन निर्णय का इंतजार जारी है। इस विवाद ने घणसोली क्षेत्र में पानी दर निर्धारण की नीति, नागरिकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर व्यापक सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्रों को रिहायशी दर पर पानी मिलना उनका मूल अधिकार है और इस अधिकार को हासिल करने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

  • Dhurandher Movie Review : धुरंधर एक देशभक्ति, हिम्मत और जज़्बे से भरपूर एक दमदार फ़िल्म

    Dhurandher Movie Review : धुरंधर एक देशभक्ति, हिम्मत और जज़्बे से भरपूर एक दमदार फ़िल्म

    निर्देशक/लेखक: आदित्य धर

    कलाकार: रणवीर सिंह, संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन, राकेश बेदी

    अवधि: 196 मिनट

    रेटिंग: ****_

    मुंबई। लोकेश चंद्रा

    कई महीनों से दर्शकों के दिलों में एक बेचैनी थी, धुरंधर कब आएगी? पोस्टर से लेकर ट्रेलर तक, हर झलक ने ऐसा भरोसा जगाया था कि यह फ़िल्म कुछ असाधारण होने वाली है। और जब पर्दा उठा, तो साफ़ हो गया कि इंतज़ार पूरी तरह सफल रहा। आदित्य धर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे उन चुनिंदा निर्देशकों में से हैं जो कहानी को सिर्फ दिखाते नहीं, उसे महसूस करा देते हैं। उनका विज़न बड़ा है, पर पकड़ बेहद बारीक।फ़िल्म की नींव उन दो घटनाओं पर रखी गई है जिन्होंने भारत की सुरक्षा व्यवस्था को हिला दिया था 1999 का IC-814 हाईजैक और 2001 का भारतीय संसद हमला। इन घटनाओं को फ़िल्म में महज़ पृष्ठभूमि की तरह नहीं रखा गया, बल्कि इन्हीं से कहानी में वह तीखापन और संवेदनशीलता आती है जो दर्शकों को भीतर तक छू जाती है। शुरुआत से ही माहौल ऐसा बनता है मानो देश का इतिहास आँखों के सामने जीवंत हो उठा हो। आदित्य धर दिखाते हैं कि उस दौर में खुफ़िया एजेंसियों पर किस स्तर का दबाव था और देश के राजनीतिक गलियारों में कैसी घुटन भरी रणनीतियाँ चल रही थीं।

    फ़िल्म में अंतरराष्ट्रीय आतंकी हमलों, 9/11 और भारत को निशाना बनाने की साज़िशों से जुड़ी ऑडियो-क्लिप्स और वास्तविक फुटेज का उपयोग बेहद असरदार अंदाज़ में हुआ है। ये दृश्य दर्शक को रोमांच से ज्यादा एक जागरूकता की अवस्था में ले जाते हैं, कि दुनिया कितनी अस्थिर है और भारत को किस स्तर पर अपनी ढाल मज़बूत रखनी पड़ती है। कहानी और असल घटनाओं का यह मिश्रण फ़िल्म को एक भयंकर वास्तविकता देता है, जो इसे आम एक्शन फ़िल्मों से कहीं ऊपर ले जाता है।

    रणवीर सिंह इस फ़िल्म की धड़कन हैं। उनका हमज़ा दो हिस्सों में बँटा किरदार है, एक तरफ भावनात्मक घावों से भरा इंसान और दूसरी तरफ एक ऐसा ऑपरेटिव जो हर सांस में खतरा समेटे हुए चलता है।उनका तीखापन, गुस्सा, टूटा हुआ मन सब कुछ इतना स्वाभाविक है कि दर्शक उनसे दूर नहीं हो पाता। दूसरे हाफ़ में उनका रूप और भी खतरनाक, सधा हुआ और बिजली की तरह दमदार दिखता है।

    अक्षय खन्ना एक ऐसे विलेन के रूप में उभरते हैं जो चीखता नहीं, लेकिन उसकी खामोशी ही डर पैदा करती है। संजय दत्त की स्क्रीन पर मौजूदगी बम के धमाके जैसी है, कच्ची ताकत, कच्चा असर।आर. माधवन कहानी का संतुलन हैं, गंभीर, गहरे और अनुभवी।अर्जुन रामपाल का शांत लेकिन खतरनाक एप्रोच कहानी को और रहस्यमयी बनाता है। सारा अर्जुन अपनी पहली ही फिल्म में बेहद परिपक्व दिखाई देती हैं।

    हर कलाकार कहानी के तनाव को और मजबूत करता है, जैसे हर मोहरा किसी बड़े खेल का हिस्सा हो।196 मिनट लंबी इस फ़िल्म का हर सेकेंड मायने रखता है।एडिटिंग इतनी कसी हुई कि समय का एहसास नहीं होता।बैकग्राउंड स्कोर कहानी का इंजन है, धड़कनें तेज़ करता है, तनाव बढ़ाता है, और सीनों को नई ऊँचाई देता है।

    सिनेमेटोग्राफी बड़े कैनवास को इतने प्रभावशाली तरीक़े से पेश करती है कि कई दृश्य सीधे आंखों में बस जाते हैं। हिंसा दिखाई जाती है, पर उतनी ही जितनी कहानी की ज़रूरत है। असली हिंसा है भावनाओं, चालों और विश्वासघात में।फ़िल्म का अंत ऐसा है जो दर्शक को खामोश छोड़ देता है और मन में सिर्फ एक सवाल उठता है, अब आगे क्या?फ़िल्म वहीं खत्म होती है जहाँ कहानी का दांव सबसे बड़ा लगता है, और यही जगह पार्ट टू के लिए परफ़ेक्ट बिल्ड-अप तैयार करती है।

    ज्योति देशपांडे, लोकेश धर और आदित्य धर ने B62 स्टूडियो व जियो स्टूडियोज के साथ मिलकर एक ऐसी दुनिया रची है जिसमें धमाका भी है, रिसर्च भी है, भावनाएँ भी हैं और तकनीकी कौशल भी। बड़े सेट्स हों या लोकेशंस हर फ्रेम दिखाता है कि यह फ़िल्म दिल से बनाई गई है। यदि आप एक्शन, राजनीति, इतिहास, इमोशन और बड़े पर्दे पर धमाके की तलाश में हैं धुरंधर आपका जवाब है। यह फ़िल्म न सिर्फ उम्मीदों पर खरी उतरती है, बल्कि और भी ऊपर उठ जाती है।

  • Uttar Bhartiya Mahasammelan: उत्तर भारतीय महासम्मेलन में रविवार को होगा बिरहा का जंगी मुकाबला

    Uttar Bhartiya Mahasammelan: उत्तर भारतीय महासम्मेलन में रविवार को होगा बिरहा का जंगी मुकाबला

    मुंबई: शैलेश यादव

    मुंबई। हिंदी भाषी महासंघ मुंबई के तत्वाधान में कालवा देवी रोड, मुंबा देवी कंपाउंड में दिनांक 7 दिसंबर 2025, रविवार, सायं 4.30 बजे उत्तर भारतीय समाज की मांग पर “उत्तर भारतीय महासम्मेलन” का आयोजन किया जाएगा।

    इस अवसर पर सांस्कृतिक विरासत और लोककला को समर्पित बिरहा का जंगी मुकाबला भी आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में गंगा चैनल के सुपरस्टार पप्पू यादव (वाराणसी) और प्रसिद्ध बिरहा गायिका तथा रेडियो कलाकार सरोज त्यागी (मिर्जापुर) के बीच रोमांचक बिरहा मुकाबला प्रस्तुत किया जाएगा।

    उत्तर भारतीय समाज की एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में आगंतुकों के लिए जलपान और खिचड़ी की विशेष व्यवस्था की गई है।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा उपाध्यक्ष राज के. पुरोहित तथा भाजपा नेता एवं पूर्व राज्य मंत्री अमरजीत मिश्रा होंगे। विशेष अतिथि के रूप में पूर्व नगरसेवक आकाश राजपुरोहित सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रहेगी।

    मुख्य आयोजक एवं वरिष्ठ समाजसेवक नत्थू लाल चौरसिया ने कहा कि यह आयोजन हिंदी भाषी समाज की पहचान और सम्मान को सुदृढ़ करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।