Mathura News Update: मथुरा में बाढ़ का कहर, यमुना ने तोड़ा रेकॉर्ड, 45 गांव बने टापू, 9 हजार लोग रेस्क्यू

जलस्तर खतरे के पार, 45 गांव डूबे, 9 हजार लोग रेस्क्यू

मथुरा। यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर ने जिले की स्थिति को बेकाबू बना दिया है। रविवार को नदी का जलस्तर 167.55 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.55 मीटर ऊपर है। तेज बहाव से लक्ष्मीनगर की कॉलोनियों में पानी एक-एक मंजिल तक घुस गया, जबकि वृंदावन, सदर बाजार और जयसिंहपुरा समेत दर्जनों कॉलोनियां जलमग्न हो गईं। जिले के 45 गांव पूरी तरह टापू में तब्दील हो चुके हैं। प्रशासन ने अब तक नौ हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में भेजा है।

हथिनीकुंड और ओखला से छोड़ा गया पानी

सिंचाई विभाग के अनुसार रविवार शाम हथिनीकुंड से 44,016 क्यूसेक और ओखला से 1.6 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं, गोकुल बैराज से 1.56 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। अधिकारी मानते हैं कि यदि बारिश नहीं हुई तो सोमवार से जलस्तर में गिरावट आनी शुरू हो सकती है।

डीएम-एसएसपी ने संभाला मोर्चा

लक्ष्मीनगर में हालात बिगड़ने के बाद जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार खुद मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारी ट्रैक्टर से बाढ़ग्रस्त कॉलोनियों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनीं और राहत सामग्री वितरित की। डीएम ने शेल्टर होम का निरीक्षण कर साफ-सफाई, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

रेड अलर्ट, घाटों की राह बंद

केंद्रीय जल आयोग ने यमुना का जलस्तर खतरे से ऊपर जाने पर मथुरा में रेड अलर्ट घोषित कर दिया है। प्रशासन ने सभी घाटों और निचले इलाकों को खाली कराने का आदेश दिया है। विश्राम घाट समेत कई मार्ग बंद कर दिए गए हैं। दुकानों पर भी बाढ़ का असर पड़ा है और आसपास के बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।

200 मकान डूबे, दीवारें गिरीं

नौहझील क्षेत्र के 9 गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहां करीब 200 मकान पानी में डूब गए हैं। 5-6 फीट तक घरों में पानी भर चुका है, जिससे लाखों का सामान नष्ट हो गया। दर्जनों मकानों की दीवारें गिर गईं और किसानों पर आर्थिक संकट गहरा गया।

मंदिरों में दर्शन पर रोक

पानीगांव मार्ग पर चार फीट तक पानी भरने से सड़क बंद कर दी गई है। वहीं, राधारानी मानसरोवर मंदिर परिसर में भी जलस्तर बढ़ने पर श्रद्धालुओं के दर्शन रोक दिए गए हैं। केवल सेवायतों को पूजा की अनुमति दी गई है।

कांग्रेस भी उतरी मदद को

प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता भी मदद के लिए आगे आए। जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने रांची बांगर और गणेश पुरम में राहत सामग्री वितरित कर बाढ़ प्रभावितों को भरोसा दिलाया कि संकट की घड़ी में पार्टी उनके साथ खड़ी है।

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